वडोदरा हादसा: मानवाधिकार कार्यकर्ता का दावा, 'बिना लाइफ जैकेट के नाव पर क्षमता से ज़्यादा लोग सवार थे'
गुजरात के वडोदरा की हरणी झील में गुरुवार को एक नाव डूबने से 12 बच्चों समेत 14 लोगों की मौत हो गई.
इसमें दो शिक्षक भी शामिल थे. ये बच्चे स्कूल से पिकनिक के लिए आए थे.
वडोदरा के एक समाजिक कार्यकर्ता ने कहा है कि नगर निगम और ठेकेदार की मिलीभगत के कारण ये हादसा हुआ.
उन्होंने कहा कि नाव में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे और उनके पास लाइफ़ जैकट थी.
समाजिक कार्यकर्ता अतुल गमची ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “वडोदरा की हरणी झील में जो हादसा हुआ उसमें 22 लोगों की मौत हुई है. इस नाव की क्षमता 14 लोगों की थी लेकिन इसमें 27 लोग सवार थे.”
“नाव पर दो रेस्क्यू करने वाले होने चाहिए थे लेकिन वो थे ही नहीं. लोगों को लाइफ़ जैकेट नहीं दी गई. यहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है. इस घोटाले में वडोदरा नगर निगम और ठेकेदार शामिल हैं.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गुरुवार को शोक ज़ाहिर किया और घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना की है.
प्रधानमंत्री नेशनल रिलीफ़ फ़ंड से हर मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने का भी एलान किया गया है.