अमेरिका ने यमन में हूती विद्रोहियों
के ठिकानों पर शनिवार को भी हवाई हमले किए हैं. अमेरिकी सेना ने बताया है कि शनिवार को
स्थानीय समयानुसार सुबह 3:45 बजे ये हमले किए गए.
सेना के अनुसार, लाल सागर में मौजूद अमेरिकी नौसेना के
युद्धक जहाज़ यूएसएस कार्नी से टोमाहॉक मिसाइलों से हमले किए गए.
इससे पहले हूती विद्रोहियों के टीवी चैनल
अल-मसीरा ने आज तड़के बताया कि यमन की राजधानी सना पर हवाई हमले हुए हैं.
बाइडन ने हूती को कहा 'आतंकवादी'
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने हूती विद्रोहियों को 'आतंकवादी' संगठन कहा है.
उनका ये बयान इसलिए अहम है कि राष्ट्रपति बनने के महीने भर के भीतर ही जो बाइडन ने ट्रंप सरकार फ़ैसला पलट दिया था. उनकी पूर्ववर्ती ट्रंप सरकार ने हूती विद्रोहियों को 'विदेशी आतंकवादी संगठन' के तौर पर चिह्नित किया था.
बाइडन ने चेतावनी दी है कि हूती विद्रोही अगर ऐसा क्रूर रवैया (जहाज़ों पर हमले) जारी रखेंगे, तो अमेरिका उन्हें जवाब देता रहेगा.
उन्होंने मध्य पूर्व में कच्चे तेल की क़ीमतों के बारे में कहा कि वे इसे लेकर बहुत चिंतित हैं.
पेन्सिलवेनिया के दौरे पर गए बाइडन ने पत्रकारों से बातचीत में यमन में किए गए हमलों को 'सफल' बताया है. उन्होंने दावा किया है कि अब तक इस हमले में किसी आम इंसान की जान नहीं गई है.
हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता ने मीडिया को बताया है कि अमेरिका और ब्रिटेन की इस संयुक्त कार्रवाई में अब तक कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है और छह घायल हुए हैं. लेकिन उन्होंने ये नहीं बताया कि ये कौन लोग हैं.
अमेरिकी सेना के सीनियर अधिकारी ने बताया है कि यमन में 30 से कम जगहों पर हवाई हमले किए गए.
वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा है कि वो इलाक़े में टकराव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन हूती विद्रोहियों को हमले करने की इजाज़त भी नहीं दे सकता.
उधर हूती विद्रोहियों ने कहा है कि वे लाल सागर में जहाज़ों पर हमले करना जारी रखेंगे.