बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए आज
(रविवार को) पूरे देश में वोट डाले जा रहे हैं.
देश की नेशनल असेंबली (जातीय संसद)
के 300 निर्वाचन क्षेत्रों में से 299 में आज मतदान हो रहा है. एक उम्मीदवार की मृत्यु
के कारण नौगांव-2 सीट पर मतदान टाल दिया गया है.
प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के नेतृत्व
में सत्तारूढ़ अवामी लीग के चौथी बार भी जीत दर्ज करने
की संभावना जताई जा रही है.
दूसरी ओर, देश की मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी और उसकी विचारधारा से सहमत कई दलों ने इस चुनाव का बहिष्कार किया है.
इन दलों ने चुनाव की पूर्व संध्या और चुनाव के दिन हड़ताल करने की अपील की है. रविवार सुबह बीएनपी के कुछ समर्थकों को हड़ताल के पक्ष में कई जगहों पर मार्च करते देखा गया.
पीएम शेख़ हसीना ने कुछ देर पहले ढाका के सिटी कॉलेज सेंटर जाकर अपना वोट डाला. वैसे वो गोपालगंज-3 सीट से चुनाव मैदान में हैं. उनके साथ वोट डालने उनकी बेटी साइमा वाजेद और बहन शेख़ रेहाना भी पहुंचीं.
प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने मतदान
करने के बाद सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान केंद्र जाकर मतदान करें.
मुख्य विपक्षी दल बीएनपी के चुनाव
बहिष्कार की अपील पर शेख़ हसीना ने वोट डालने के बाद पत्रकारों से कहा, "मैं किसे अपनी स्वीकार्यता साबित करूं, आतंकवादी संगठन को? ये ज़रूरी नहीं है. मैं इसे लोगों
के सामने साबित करूंगी. देखते हैं कि लोग इसे स्वीकार करते हैं या नहीं."
"मुझे इसकी परवाह नहीं कि उन्होंने (विपक्षी दलों ने) क्या कहा. मैं ये तय करने की पूरी कोशिश करूंगी कि देश में लोकतंत्र कायम रहे. मैं हमेशा आश्वस्त रहती हूं, क्योंकि मैं जानती हूं कि लोग मेरे साथ हैं. इंशाअल्लाह, हम चुनाव जीतेंगे, इसमें कोई संदेह नहीं है."
उन्होंने कहा, "हमारा देश संप्रभु और स्वतंत्र है. हमारी आबादी बड़ी है. हमने लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार स्थापित किए हैं. मैं ये तय करना चाहती हूं कि इस देश में लोकतंत्र कायम रहे."
भारत के बारे में शेख़ हसीना ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "आपका हार्दिक स्वागत है. हम बहुत भाग्यशाली हैं. भारत हमारा भरोसेमंद दोस्त है. हमारे मुक्ति संग्राम के दौरान, उन्होंने हमारा समर्थन किया."
अपनी बहन की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, "1975 के बाद, जब हमने अपना पूरा परिवार खो दिया, हम केवल दो बची थीं, तब उन्होंने हमें आश्रय दिया. इसलिए भारत के लोगों को हमारी शुभकामनाएं.”
देश में क़रीब 12 करोड़ मतदाता
इस बार के चुनाव में मतदाताओं की कुल संख्या 11.93 करोड़ है. इस बार 27 राजनीतिक दलों के कुल 1,969 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.
बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने 15 नवंबर को 12वें संसदीय चुनाव के कार्यक्रमों का एलान किया था. नामांकन जमा करने की आख़िरी तारीख़ 30 नवंबर थी.
चुनाव में हिंसा को रोकने के लिए बीजीबी, आरएबी और पुलिस के 40 हज़ार से अधिक लोगों को तैनात किया गया है.
स्थानीय मीडिया के अनुसार, 18 दिसंबर को चुनाव प्रचार शुरू होने से 5 जनवरी के बीच चुनावी हिंसा की 156 घटनाएं हुईं. शुक्रवार की रात ढाका में ट्रेन में आग लगा दी गई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई.