ग़ज़ा युद्धः यूनएन की रिपोर्ट में इसराइल पर मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप

सेंट्रल ग़ज़ा के मग़ाजी शरणार्थी कैंप पर क्रिसमस की पूर्व संध्या पर बमबारी को लेकर इसराइली सेना ने ग़लती मानी.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and संदीप राय

  1. ईडी की चार्जशीट में प्रियंका गांधी के नाम की ख़बरों पर कांग्रेस के नेता क्या बोले?

    प्रियंका गांधी

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    कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी का नाम ईडी की पीएमएलए केस की चार्जशीट में शामिल किए जाने पर कांग्रेस के नेताओं ने केंद्र पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया है.

    कांग्रेस की रैली के लिए नागपुर पहुंचे लोकसभा में विपक्ष के अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "सरकार बदले की राजनीति में अंधी हो गई है. ये राजनीतिक प्रतिशोध के कारण हो रहा है."

    मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि ज़मीन ख़रीद बिक्री के मामले में ईडी ने अपनी चार्जशीट में प्रियंका गांधी का नाम पहली बार शामिल किया है.

    कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “अभी चुनाव से पहले देखिए ये क्या क्या करते हैं. अभी तो ये शुरुआत है. वो आज पहली बार थोड़े ही कर रहे हैं. जब भी चुनाव आता है वे इसी तरह के षड्यंत्र रचते हैं, रचने दीजिए."

    कर्नाटक के कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार ने कहा, “उन्हें(भाजपा) लगता है कि हम जेल जाने से डरते हैं. किसी को कोई डर नहीं है. हमें क़ानून पता है. वे संस्थाओं का इस्तेमाल हमें डराने के लिए नहीं कर सकते. भारत और लोकतंत्र को बचाने के लिए हम संघर्ष कर रहे हैं.”

    कांग्रेस के नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने राहुल गांधी की भारत न्याय यात्रा की घोषणा के बाद ही ईडी की कार्यवाही पर सवाल उठाए हैं.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "चुनावों से पहले बीजेपी सरकार की धमकाने और बदले की राजनीति के नए निशाने पर प्रियंका गांधी हैं. भारत न्याय यात्रा की घोषणा के तुरंत बाद ईडी की कार्यवाही सिर्फ संयोग नहीं है."

    रॉबर्ट वाड्रा

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    क्या है मामला

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा के फ़रीदाबाद में एक ज़मीन खरीद बिक्री के मामले में दायर चार्जशीट में प्रियंका गांधी का नाम शामिल किया है.

    चार्जशीट के अनुसार, 2006 में एक रीयल इस्टेट एजेंट एचएल पाहवा से फ़रीदाबाद में पांच एकड़ कृषि ज़मीन खरीदी गई और 2010 में उसे उन्हीं को बेच दिया गया.

    एएनआई ने ईडी के हवाले से कहा है कि फ़रीदाबाद के अमीपुर गांव में पहवा से ज़मीन ख़रीदी गई थी. इसी रीयल इस्टेट एजेंट से प्रियंका के पति रॉबर्ट वाड्रा ने अमीरपुर गांव में 2005-2006 के दौरान 40.08 एकड़ के क़रीब तीन ज़मीन ख़रीदी और दिसम्बर 2010 में उन्हें ही बेच दिया.

    ईडी ने अपने पहले की चार्जशीट में रॉबर्ट वाड्रा का नाम शामिल किया था.

  2. इसराइली मंत्री ने हिज़बुल्लाह को क्यों दी चेतावनी?

      • Author, जेम्स ग्रैगरी
      • पदनाम, बीबीसी न्यूज़
    बेनी गैंट्ज़

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    इसराइल के एक मंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर हिज़बुल्लाह के हमले जारी रहे तो इसराइल की सेना लेबनान की सीमा से हिज़बुल्लाह को हटाने के लिए कार्रवाई करेगी.

    बेनी गैंट्ज़ ने कहा कि यदि दुनिया और लेबनान की सरकार ने उत्तरी इसराइल पर चरमपंथियों की गोलीबारी को नहीं रोका तो इसराइल की सेना हस्तक्षेप करेगी.

    उन्होंने कहा कि कूटनीतिक हल निकालने के लिए समय अब निकलता जा रहा है.

    हमास और इसराइल के बीच सात अक्टूबर से जारी युद्ध के बाद से ही इसराइल और लेबनान की सीमा पर गोलीबारी तेज़ हुई है.

    इससे ये चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं कि ग़ज़ा का युद्ध पूरे क्षेत्र में फैल सकता है.

    गैंट्ज़ ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "इसराइल की उत्तरी सीमा पर हालात बदलने ज़रूरी हैं."

    “राजनयिक समाधान के लिए समय खत्म हो रहा है, अगर दुनिया और लेबनान की सरकार इसराइल के उत्तरी हिस्से पर गोलीबारी को रोकने और हिज़बुल्लाह को सीमा से दूर करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं करती है, तो आईडीएफ़ (इसराइली सेना) ये काम करेगा."

    इस सप्ताह हिज़बुल्लाह की ओर से रॉकेट हमले और हथियारबंद ड्रोन हमले में बढ़ोतरी हुई है, इसराइल भी इन हमलों का जवाब दे रहा है.

    लेबनान के सरकारी मीडिया ने बुधवार को बताया कि इसराइली हवाई हमले में हिज़बुल्लाह के एक लड़ाके और उनके दो रिश्तेदार मारे गए.

    हिज़बुल्लाह ने अपने एक बयान में कहा है कि पीड़ितों में से एक, इब्राहिम बाज़ी ऑस्ट्रेलियाई नागरिक थे जो अपने परिवार से मिलने आया थे.

    इस संघर्ष में लेबनान में 100 से अधिक लोग मारे गए हैं. उनमें से ज़्यादातर हिज़बुल्लाह के लड़ाके हैं. लेकिन मरने वालों में तीन पत्रकारों सहित आम नागरिक भी शामिल हैं.

  3. ललन सिंह ने इस्तीफ़े की ख़बरों के बीच दिया ये बयान, नीतीश कुमार को लेकर क्या कहा?

    ललन सिंह

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    ललन सिंह ने जेडीयू अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने की चर्चा के बीच कहा है कि नीतीश कुमार पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं और कितनी भी कोशिश कर ली जाए जनता दल यूनाइटेड एक है और एक रहेगा.

    शुक्रवार को दिल्ली में जेडीयू ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है इसके लिए पार्टी के नेता दिल्ली पहुंच रहे हैं.

    मीडिया से बात करते हुए ललन सिंह ने कहा, “इस्तीफ़ा जब देना होगा तो आप लोगों को बुला लेंगे और आप लोगों को बुला कर परामर्श कर लेंगे, इस्तीफ़ा में क्या क्या लिखना है वो भी आपसे पूछ लेंगे ताकि आप लोग बीजेपी दफ्तर जा कर उसका ड्राफ्ट वहां से ले लीजिएगा.”

    “आप लोगों का दोष नहीं है लेकिन आपके मैनेजर बीजेपी के नियंत्रण में हैं. बीजेपी जो नैरेटिव देती है आपका मैनेजमेंट आपको वो करने के निर्देश देता है और आप लोग वही फॉलो करते हैं क्योंकि आपकी मजबूरी है. कल होने वाली पार्टी बैठक राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है, जो होती है. लेकिन उसके लिए आप नैरेटिव सेट कर रहे हैं.”

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    पिछले कुछ दिनों से ललन सिंह के जेडीयू अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने की चर्चाएं ज़ोरों पर है.

    इससे पहले नीतीश कुमार ने कहा था कि “सबकुछ सामान्य है, हर साल एक बैठक करने का प्रावधान है. वही बैठक है. पार्टी में सब कुछ नॉर्मल है. ”

    बिहार सरकार में मंत्री विजय चौधरी को भी बीते दिनों सामने आना पड़ा.

    विजय चौधरी ने पत्रकारों से कहा, “ऐसी ख़बर आप लोगों को भले ही मिल रही हो, लेकिन हम लोंगों या पार्टी कार्यालय को ऐसी सूचना नहीं है. अटकलें आपलोग ख़ुद पैदा करते हैं और मार देते हैं. जेडीयू में अंदरूनी खाई की बात छोड़ दीजिए, कोई खरोंच तक नहीं है.”

  4. राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा में न जाने से कोई 'हिंदू-विरोधी' नहीं बन जाता: शशि थरूर

    शशि थरूर

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    कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि राम मंदिर के आयोजन में जाना या न जाना किसी की व्यक्तिगत राय हो सकती है, इसके आधार पर किसी को एंटी-हिंदू कहना सरासर बेवकूफ़ी है.

    उन्होंने ये भी बताया कि कांग्रेस के तीन-चार वरिष्ठ नेताओं को आयोजन में बुलाया गया है और उन्हें न्योता नहीं मिला है.

    मीडिया से बातचीत के दौरान शशि थरूर ने कहा, “मेरा मानना है कि मंदिर राजनीतिक मंच नहीं है. मंदिर प्रार्थना की जगह है. मंदिर जाना या न जाना किसी का भी व्यक्तिगत फ़ैसला है और जिन लोगों को बुलाया गया है वो तय करेंगे.”

    “जहां तक मेरी बात है मुझे बुलाया नहीं गया है तो मुझे इसे लेकर कोई फैसला नहीं करना है. अगर मंदिर के आयोजन को राजनीतिक बनाया जा रहा है तो वह मंदिर जाना नहीं है, फिर वो कुछ और है. हमारी विचारधारा सीपीआईएम से अलग है न ही हम उनकी तरह नास्तिक हैं और ना ही हम बीजेपी के हिंदुत्व से सहमत हैं. हम (कांग्रेस) लोगों की निजी मान्यताओं का सम्मान करते हैं.”

    “पार्टी के तीन-चार वरिष्ठ नेताओं को न्योता मिला है वो ज़ाहिर तौर पर तय कर रहे होंगे कि उन्हें जाना है या नहीं. लोग इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं, क्या ये सही है? एक राजनीतिक आयोजन में न जाने से आप हिंदू-विरोधी नहीं बन जाते. ठीक ऐसे ही मंदिर जाने से आप किसी के विरोधी नहीं बन जाते.”

    “कांग्रेस पर ये दबाव डालना कि अगर आप जाते हैं तो आप बीजेपी के हाथों खेलेंगे और नहीं जाएंगे तो हिंदू विरोधी बन जाएंगे, ये बेवकूफ़ी है. लोगों को तय करने दें कि वो क्या चाहते हैं.”

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    राम मंदिर में रामलला की प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 22 जनवरी को किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित 6,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है.

  5. गिरिराज सिंह ने कहा- नीतीश कुमार कुछ दिनों के मेहमान, तेजस्वी बनेंगे बिहार के सीएम

    गिरिराज सिंह

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    जेडीयू में अंदरूनी कलह की ख़बरों को लेकर बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि अब नीतीश कुमार ज़्यादा दिनों तक बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि लालू यादव ने नीतीश कुमार के खिलाफ़ चक्रव्यूह रचा है.

    गिरिराज सिंह ने कहा, "नीतीश कुमार जी अब कुछ ही दिनों के मेहमान हैं. ज़्यादा दिन मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे. लालू यादव ने पूरा चक्रव्यूह रच दिया है. उसमें पहला कदम था अवध बिहारी को बिहार विधानसभा का स्पीकर बनाना. नीतीश कुमार तेजस्वी को मुख्यमंत्री नहीं बना रहे हैं. लालू जी अब उनको (नीतीश) मुख्यमंत्री नहीं रहने देंगे."

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    गिरिराज सिंह ने ये भी कहा कि नीतीश कुमार के पास अब सिर्फ़ दो रास्ते बचे हैं. या तो वह तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री मान लें या फिर जदयू का आरजेडी में विलय करा दें.

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    उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का जाना तय है, वह ज़्यादा दिनों तक सीएम नहीं रहने वाले.

    केंद्रीय मंत्री ने कहा, "जदयू और नीतीश कुमार एक दूसरे के पर्यायवाची हैं. अब वह मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे. अविश्वास प्रस्ताव आएगा और तेजस्वी मुख्यमंत्री बनेंगे."

  6. संजय राउत ने कहा- बीजेपी सरकार ने रामलला को किडनैप कर रखा है

    संजय राउत

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    शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा है कि ऐसा लग रहा है जैसे यूपी की बीजेपी सरकार और केंद्र की बीजेपी सरकार ने रामलला को किडनैप कर रखा है.

    राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा आयोजन का आमंत्रण ना मिलने पर संजय राउत ने कहा, “यूपी में बीजेपी की सरकार है और केंद्र में बीजेपी की सरकार है. ऐसा लगता है कि उन्होंने भगवान श्रीराम को किडनैप कर रखा है. हम क्या उनके बुलावे का इंतज़ार कर रहे हैं?”

    “जब बीजेपी का कार्यक्रम ख़त्म हो जाएगा तो हम रामलला के दर्शन के लिए जाएंगे. बीजेपी कौन होती है राम लला का बुलावा देने वाली. भगवान खुद अपने भक्तों को बुलाता है और भक्त उनके दरबार में खुद पहुंच जाते हैं.”

    बीते दिन शिवसेना (यूबीटी) ने बताया कि 22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में उसे बुलाया नहीं गया है.

    शरद पवार ने भी बुधवार को कहा कि उन्हें भी आमंत्रित नहीं किया गया है.

    इस आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित 6,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है.

  7. जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले नीतीश कुमार का आया बयान

    नीतीश कुमार

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    शुक्रवार को जेडीयू ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है. चर्चा है कि जेडीयू में सबकुछ ठीक नहीं है.

    इस बैठक को लेकर पूछे गए सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा- “सबकुछ सामान्य है, हर साल एक बैठक करने का प्रावधान है. वही बैठक है. सब कुछ नॉर्मल है. ”

    इसका बाद तेजस्वी यादव ने भी कहा कि “लोग बिहार में हो रहे विकास से ध्यान भटकाना चाहते हैं. लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है.”

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    दरअसल बीते दिनों इस बात की चर्चा तेज़ हो गयी कि ललन सिंह जेडीयू अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे सकते हैं.

    चर्चा तेज़ हुई तो बिहार सरकार में मंत्री विजय चौधरी को सामने आना पड़ा.

    विजय चौधरी ने पत्रकारों से कहा, “ऐसी ख़बर आप लोगों को भले ही मिल रही हो, लेकिन हम लोंगों या पार्टी कार्यालय को ऐसी सूचना नहीं है. अटकलें आपलोग ख़ुद पैदा करते हैं और मार देते हैं. जेडीयू में अंदरूनी खाई की बात छोड़ दीजिए, कोई खरोंच तक नहीं है.”

  8. डीएमडीके के संस्थापक और जाने-माने तमिल अभिनेता विजयकांत का निधन

    विजयकांत

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    डीएमडीके के संस्थापक और जाने-माने तमिल अभिनेता विजयकांत का गुरुवार को निधन हो गया.

    चेन्नई के अस्पताल के मुताबिक़, 71 साल के विजयकांत कोविड19 से संक्रमित थे.

    अस्पताल की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़, “विजयकांत निमोनिया के कारण भर्ती हुए थे और उनको वेंटिलेटरी सपोर्ट पर रखा गया था. मेडिकल स्टाफ की कई कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका, 28 दिसंबर 2023 की सुबह उनका निधन हो गया. ”

    इससे पहले डीएमडीके ने बयान जारी कर कहा था कि विजयकांत कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं. सांस लेने में तकलीफ़ के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है.

  9. केएल राहुल ने शतक ने बाद कहा, 3-4 महीने पहले सभी मुझे गाली दे रहे थे...

    केएल राहुल

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    साउथ अफ्रीका के सेंचुरियन में लगातार दूसरा शतक लगाने वाले टीम इंडिया के बल्लेबाज केएल राहुल ने सोशल मीडिया पर ट्रोल्स और स्क्रूटनी पर बात की है.

    टेस्ट मैच के दूसरे दिन के खेल के बाद मीडिया ने केएल राहुल से उनकी फॉर्म को लेकर अतीत में हुई आलोचनाओं पर सवाल पूछा.

    इसके जवाब में केएल ने कहा- “एक इंसान के रूप में, एक क्रिकेटर के रूप में आपको हर दिन, हर पल चुनौती मिलती है. सोशल मीडिया के ज़रिए दबाव बनाया जाता है.”

    “आज मैंने शतक बनाया है तो लोग तारीफ़ कर रहे हैं. तीन, चार महीने पहले, हर कोई मुझे गाली दे रहा था. यह खेल का हिस्सा है, लेकिन मैं यह नहीं कह सकता कि इसका आप पर असर नहीं पड़ता. असर पड़ता है.”

    “जितना जल्दी आप इन सब से दूर हो जाएगे आपके गेम और सोच के लिए वो अच्छा होगा. ”

    “हर इंसान को अपना तरीका खोजना पड़ता है. और मेरे लिए, जब मैं चोटिल हो गया था और इतने लंबे समय तक खेल से दूर था तो मैंने खुद पर काम किया. मैंने पूरी कोशिश की कि इन चीजों से प्रभावित होकर मैं खुद को नहीं बदलूं. जब इतना कुछ आपके साथ हो रहा हो तो खुद को ना बदलने देना एक मुश्किल काम है.”

    केएल राहुल इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान बीच में ही बाहर हो गए थे.

    वो आईपीएल के दौरान भी चोटिल हो गए थे, और फिर कई महीनों तक क्रिकेट नहीं खेल पाए थे.वह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप टीम का भी हिस्सा नहीं थे.

    केएल राहुल ने अब टेस्ट फॉर्मेट में वापसी की है, और करते ही एक शानदार शतक लगा दिया.

  10. शरद पवार ने कहा- राम मंदिर के कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया

    शरद पवार

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    इमेज कैप्शन, शरद पवार

    एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को कहा कि उन्हें राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है.

    राम मंदिर में रामलला की प्रतिमा में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 22 जनवरी को किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित 6,000 से अधिक शामिल होने की उम्मीद है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए शरद पवार ने कहा- “मुझे नहीं पता कि बीजेपी इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक या व्यावसायिक उद्देश्य के लिए कर रही है. हमें खुशी है कि मंदिर बन रहा है जिसके लिए कई लोगों ने योगदान दिया है. ”

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार पवार ने कहा है, “मुझे राम मंदिर के उद्घाटन में आमंत्रित नहीं किया गया है.बीजेपी राम मंदिर के नाम पर राजनीति कर रही है...सत्तारूढ़ दल के पास लोगों का समर्थन हासिल करने के लिए कोई ठोस कार्यक्रम नहीं है, इसलिए ऐसा लगता है कि वे एक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं.”

    एनसीपी के अलायंस दल शिवसेना (यूबीटी) का भी कहना है कि उन्हें भी राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा आयोजन में नहीं बुलाया गया है.

  11. जम्मू पहुंचे राजनाथ सिंह ने सेना को दी नसीहत, कहा- लोगों का दिल जीतें

    राजनाथ सिंह

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    पिछले हफ्ते जम्मू-कश्मीर के पुंछ में तीन लोगों को आर्मी कैंप में पूछताछ के लिए बुलाया गया और उनकी मौत हो गयी.

    बुधवार को मृतकों के परिवारों को न्याय का आश्वासन देते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैनिकों से कहा कि वो लोगों का 'दिल जीते और ऐसी गलतियां ना करें जो आम लोगों को नुकसान पहुंचा सकती हैं.'

    इसके अलावा उन्होंने सेना के बलिदान और उनकी दृढ़ता की तारीफ़ की.

    21 दिसंबर को पुंछ में सेना के दो वाहनों पर घात लगाकर हमला किया गया था जिसमें सेना के चार जवान मारे गए थे और दो घायल हुए.

    इसके बाद 22 दिसंबर को पुंछ के एक आर्मी कैंप में आठ लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था. इस पूछताछ में कथित टॉर्चर के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई. इन सब के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को जम्मू पहुंचे थे.

    सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ राजनाथ सिंह जम्मू पहुंचने के तुरंत बाद सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए राजौरी के लिए रवाना हुए.

    राजौरी और पुंछ जिलों में इस साल चरमरपंथी हमले बढ़े हैं.

    उन्होंने मारे गए लोगों के परिवारों से भी मुलाकात की, सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अस्पताल में भर्ती "टॉर्चर" के पीड़ितों से मुलाकात की.

    सेना के जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा- “भारतीय सेना को दुनिया में कोई आम ताकत नहीं माना जाता है. लोग स्वीकार करते हैं कि सेना पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली है. आप देश के संरक्षक हैं लेकिन देश की रक्षा के साथ-साथ आपको नागरिकों का दिल भी जीतना है. यह आपके कंधों पर ये जिम्मेदारी एक बड़ी है.”

  12. मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) को गृह मंत्रालय ने घोषित किया ग़ैरक़ानूनी संगठन

    अमित शाह

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    मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) को गृह मंत्रालय ने प्रतिबंधित संगठन घोषित किया है.

    मंत्रालय का कहना है कि ‘संगठन राष्ट्र विरोधी, अलगाववादी गतिविधियों और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहता है इसलिए इसे बैन किया जा रहा है.’

    मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) पर प्रतिबंध की घोषणा करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश बिलकुल स्पष्ट है कि राष्ट्र की एकता, संप्रभुता और अखंडता के ख़िलाफ़ काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसे कड़े कानून का सामना करना पड़ेगा.

    एक्स पर गृह मंत्री ने लिखा- “मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) को ग़ैर-कानूनी संगठन घोषित किया जा रहा है.संगठन और इसके सदस्य जम्मू-कश्मीर में देश विरोधी और अलगाववादी गतिविधियों का समर्थन करते हैं और लोगों को जम्मू-कश्मीर में इस्लामिक नियम स्थापित करने के लिए उकसाते हैं."

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    पीआईबी पर जारी गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस संगठन के ख़िलाफ़ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 1967 (यूएपीए), आईपीसी 1860, आर्म्स एक्ट 1959 और रणबीर दंड संहिता 1932 की कई धाराओं के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.

  13. नमस्कार!

    आपका दिन शुभ हो.

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