You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

रूस का दौरा करेंगे विदेश मंत्री एस जयशंकर, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

इस यात्रा के दौरान एस जयशंकर अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव और रूस के उप प्रधानमंत्री डेनिस मांटूरोव से मुलाकात करेंगे.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and राजेश आर्य

  1. हिंदी बोलने वालों पर दयानिधि मारन के बयान से बवाल, गिरिराज सिंह ने पूछा- हिंदी से इतनी नफ़रत क्यों?

    पिछले कुछ महीनों में तमिलनाडु के नेताओं के विवादास्पद बयानों की कड़ी में अब डीएमके नेता दयानिधि मारन का नाम भी शामिल हो गया है.

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उन्होंने हिंदी भाषी लोगों के बारे में बयान दिया है. उनके इस बयान की आलोचना करते हुए बीजेपी के नेताओं ने इंडिया गठबंधन पर निशाना साधा है.

    दयानिधि मारन ने एक कार्यक्रम में कहा, ''आप हिंदी बहुत बढ़िया जानते हैं. लेकिन आज कंस्ट्रक्शन के काम में कौन है? यूपी और बिहार के जो लोग केवल हिंदी सीखते हैं, यहां आकर तमिल सीखते हैं और फिर कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं या रोड और टॉयलेट साफ करने जैसे छोटे छोटे-मोटे काम करते हैं. यदि आप हिंदी सीखेंगे तो ये होगा.''

    दयानिधि मारन के इस बयान की वीडियो क्लिप साझा करते हुए बीजेपी के प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने ट्वीट किया है.

    उन्होंने लिखा, ''एक बार फिर 'फूट डालो और राज करो' का कार्ड खेलने की कोशिश हुई. पहले राहुल गांधी ने उत्तर भारतीय मतदाताओं का अपमान किया. उसके बाद रेवंत रेड्डी ने बिहार के डीएनए को गाली दी. फिर डीएमके सांसद सेंथिल कुमार ने 'गोमूत्र राज्य' कहा. अब दयानिधि मारन ने हिंदी भाषी लोगों और उत्तर भारत का अपमान किया है.''

    उन्होंने लिखा, ''हिंदुओं/सनातन धर्म को गाली देना, फिर 'फूट डालो और राज करो' का कार्ड खेलना इंडी का डीएनए है. क्या नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव, लालू यादव, कांग्रेस, सपा, अखिलेश यादव क्या सब दिखावा करेंगे कि ऐसा नहीं हो रहा है? वे कब स्टैंड लेंगे?''

    वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने एक्स एकाउंट पर लिखा, ''क्या बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लालू यादव हिंदी भाषी लोगों पर अपने गठबंधन सहयोगी की राय से सहमत हैं? उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि डीएमके और इंडी गठबंधन को हिंदी भाषी बिहारी भाइयों और बहनों से इतनी नफ़रत क्यों है?''

  2. अमेरिका ने कैलिफोर्निया के मंदिर पर भारत विरोधी नारे लिखे जाने की निंदा की, कहा- जांच जारी

    अमेरिका ने कैलिफोर्निया के स्वामीनारायण संप्रदाय के एक मंदिर पर भिंडरावाले के समर्थन और प्रधानमंत्री मोदी के विरोध में नारे लिखे जाने के मामले की निंदा की है.

    उसने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए स्थानीय पुलिस के प्रयासों का स्वागत भी किया है.

    अमेरिकी विदेश विभाग के दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "हम कैलिफोर्निया में श्री स्वामीनारायण हिंदू मंदिर में हुई छेड़छाड़ की निंदा करते हैं. जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए नेवार्क पुलिस विभाग के प्रयासों का हम स्वागत करते हैं.''

    इससे पहले भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को गुजरात के एक यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में कहा, ''मैंने ये ख़बर देखी है. हम इसके बारे में चिंतित हैं. भारत के बाहर चरमपंथियों और अलगाववादी ताकतों को जगह नहीं मिलनी चाहिए. हमारे वाणिज्य दूतावास ने जो कुछ भी हुआ उस पर (अमेरिकी) सरकार और वहां की पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई है. इस मामले की जांच की जा रही है.''

    क्या है मामला

    नेवार्क में श्री स्वामीनारायण मंदिर की दीवार और साइन बोर्ड पर ऑपरेशन ब्लूस्टार में मारे गए जरनैल सिंह भिंडरावाले के समर्थन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में नारे लिखे हुए मिले.

    इस बारे में अमेरिका की संस्था हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, "कैलिफोर्निया के नेवार्क में स्वामीनारायण मंदिर को खालिस्तान समर्थक नारों से ​बिगाड़ दिया गया."

    "नेवार्क पुलिस और न्याय विभाग के नागरिक अधिकार डिवीज़न को इस बारे में बता दिया गया है और मामले की पूरी जांच की जाएगी. हम ज़ोर दे रहे हैं कि इस मामले को हेट क्राइम मानकर जांच की जाए."

    भिंडरावाले के पक्ष में नारे लिखने पर संस्था ने लिखा, "हिंदुओं की हत्या करने वाले खालिस्तानी आतंकवादी सरगना भिंडरावाले का उल्लेख मंदिर जाने वालों को आघात पहुंचाने और हिंसा का भय पैदा करने के लिए किया गया है, हेट क्राइम की परिभाषा को पूरा करता है."

  3. पहलवान साक्षी मलिक बोलीं- मैंने कुश्ती छोड़ दी है, पर कल रात से परेशान हूं...

    कई महीनों के विवाद के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के चुनाव में बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के क़रीबी संजय सिंह की जीत के बाद गुरुवार को साक्षी मलिक ने यह खेल छोड़ने का एलान किया था.

    उसके बाद से विरोध करने वाले तीनों पहलवान चर्चा में बने हुए हैं. शुक्रवार को उनसे मिलने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी पहुंची थी.

    इस बीच शनिवार को साक्षी मलिक ने एक ट्वीट करके डब्ल्यूएफआई के एक फ़ैसले पर आपत्ति दर्ज की.

    शनिवार की शाम उन्होंने सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर लिखा, "मैंने कुश्ती छोड़ दी है, पर कल रात से परेशान हूँ. वे जूनियर महिला पहलवान क्या करें जो मुझे फ़ोन करके बता रही हैं कि दीदी इस 28 तारीख़ से जूनियर नेशनल होने हैं और वो नए कुश्ती फेडरेशन ने नंदनी नगर, गोंडा में करवाने का फ़ैसला लिया है."

    अपनी आपत्ति का कारण समझाते हुए उन्होंने लिखा, "गोंडा बृजभूषण का इलाक़ा है. अब आप सोचिए कि जूनियर महिला पहलवान किस माहौल में कुश्ती लड़ने वहाँ जाएँगी. क्या इस देश में नंदनी नगर के अलावा कहीं पर भी नेशनल करवाने की जगह नहीं है क्या? समझ नहीं आ रहा कि क्या करूँ."

    क्या है मामला?

    इससे पहले शुक्रवार को डब्ल्यूएफआई के नए चुने गए अध्यक्ष संजय सिंह ने घोषणा की थी कि U-15 और U-20 नेशनल कंप्टीशन 28 से 30 दिसंबर के बीच गोंडा में आयोजित किए जाएंगे.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इस फ़ैसले के बाद साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया के समर्थक और डब्ल्यूएफआई के नवनिर्वाचित महासचिव प्रेम चंद लोचाब ने फेडरेशन से ये कंप्टीशन स्थगित करने की मांग की.

    लेकिन लोचाब के हाथों इस चुनाव में हारे दर्शन लाल ने विरोध करने वालों को आड़े हाथों लिया है.

    पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, "लोचब जी शायद कुश्ती के बारे में नहीं जानते, क्योंकि अध्यक्ष नहीं चाहते कि इन पहलवानों का समय बर्बाद हो, क्योंकि 2023 कई पहलवानों का आख़िरी साल होगा. 1 जनवरी, 2024 से ये पहलवान इन आयु समूहों में भाग लेने के योग्य नहीं होंगे."

  4. नमस्कार!

    आपका दिन शुभ हो.

    23 दिसंबर की लाइव अपडेट्स पढ़ने के लिए यहां क्लिककरें.