फ्रांस में उतारा गया 300 भारतीयों को ले जा रहा विमान, मानव तस्करी का संदेह
इसराइल की सेना ने मध्य ग़जा़ के अल-बुरेजी रिफ्यूज़ी कैंप के लोगों को चेतावनी दी है कि वे यहां से दक्षिण की तरफ़ बढ़ें.
लाइव कवरेज
चंदन शर्मा and स्नेहा
फ्रांस में उतारा गया 300 भारतीयों को ले जा रहा विमान, मानव तस्करी का संदेह
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क़रीब 300 भारतीय यात्रियों को लेकर निकारागुआ जा रहे एक विमान को फ्रांस में उतारा गया है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी ने पेरिस के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि विमान के यात्रियों को हिरासत में लिया है और ये 'मानव तस्करी के पीड़ित' हो सकते हैं.
ये विमान संयुक्त अरब अमीरात से रवाना हुआ था और अभी भी वैट्री हवाइअड्डे पर है. ये यहां ईंधन भरने के लिए उतरा था.
जानकारी में बताया गया है कि इस ए340 विमान का संचालन रोमानिया की कंपनी लेजेंड एयरलाइंस करती है.
एएफ़पी के अनुसार, इस ख़बर के बारे में जानकारी रखने वाले एक सूत्र के मुताबिक़, इन भारतीय यात्रियों की योजना सेंट्रल अमेरिका जाकर अवैध तौर पर अमेरिका या कनाडा में प्रवेश करने की थी.
इसराइल ने ग़ज़ा में अपने जमीनी अभियान बढ़ाने के संकेत दिए
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इसराइल की सेना ने मध्य ग़जा़ के अल-बुरेजी रिफ्यूज़ी कैंप के लोगों को चेतावनी दी है कि वे यहां से दक्षिण की तरफ़ बढ़ें.
इससे ऐसा प्रतीत होता है कि इसराइल की सेना ग़ज़ा में अपने जमीनी अभियान का विस्तार कर रही है.
इसराइली सेना ने कहा है कि लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए तत्काल डेयर अल-बलाह में तत्काल शरण लेनी चाहिए. डेयर अल-बलाह ग़ज़ा पट्टी के मध्य में है लेकिन ये बुरेजी की तुलना में दक्षिण की तरफ़ पड़ता है.
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूएनआरडब्ल्यूए के आकलन के अनुसार ग़ज़ा में 19 लाख लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हैं, जो कि ग़ज़ा की कुल 85 प्रतिशत आबादी है.
दक्षिण अफ़्रीका वनडे सिरीज़: ये साबित हुए भारत के हीरो
प्रियंका गांधी ने पहलवान साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया से की मुलाक़ात
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कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने पहलवान बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक से मुलाकात की.
साक्षी मलिक के घर से निकलने के बाद प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से कहा, "मैं यहां एक महिला होने के नाते आई हूं."कांग्रेस ने एक्स (पहले ट्विटर) पर किए गए एक पोस्ट में कहा, "मोदी सरकार में अत्याचार झेल रहे देश के होनहार पहलवान साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया से मिलने प्रियंका गांधी जी उनके घर पहुंची. मोदी सरकार के तानाशाही रवैये से देश का हर वर्ग परेशान है."
इससे पहले पूनिया ने शुक्रवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर पद्मश्री सम्मान वापस करने का एलान किया था.वो पीएम को पुरस्कार वापस करने भी निकले थे लेकिन दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें कर्तव्य पथ पर ही रोक दिया. इसके बाद पूनिया पद्मश्री सम्मान को फ़ुटपाथ पर ही रखकर लौट गए.
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ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक ने 21 दिसंबर को कुश्ती छोड़ने की घोषणा की थी. उन्होंने ये क़दम भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनावों के नतीजे आने के बाद उठाया था.इन चुनावों में संजय सिंह को कुश्ती महासंघ का अध्यक्ष चुना गया है. संजय सिंह को कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह का क़रीबी बताया जाता है.साक्षी मलिक, विनेश फोगाट समेत कई महिला पहलवानों ने बृज भूषण शरण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे.
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बाइडन की जगह अब इमैनुएल मैक्रों होंगे गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को भारत के 75वें गणतंत्र दिवस
का मुख्य अतिथि बनने के लिए आमंत्रित किया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, भारत की ओर से फ्रांस के राष्ट्रपति को इसके लिए औपचारिक तौर पर आमंत्रण पत्र भेजा गया है.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन 2024 के गणतंत्र के मुख्य अतिथि के रूप में आने वाले थे.
लेकिन कुछ दिन पहले उनके इस दौरे के रद्द होने की ख़बर आई थी.
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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई में फ्रांस के दौरे पर गए थे, जहां वे बैस्टिल डे परेड के मुख्य मेहमान बने थे.
26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ पर होने वाले मुख्य समारोह में हर साल दुनिया के किसी राष्ट्राध्यक्ष को बुलाया जाता है.
इससे पहले साल 2023 में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि थे.
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए ट्विटर पर लिखा, "गणतंत्र दिवस पर आपके निमंत्रण के लिए शुक्रिया, मेरे अज़ीज़ मित्र नरेंद्र मोदी. मैं इस उत्सव में आपके साथ मौजूद रहूंगा."
इस बीच राजधानी नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस की तैयारियां शुरू हो गई हैं.
सेना के जवानों ने कर्तव्य पथ पर रिहर्सल करना शुरू कर दिया है.
हाथी सफारी के टिकट के लिए एसपी ने किया कुछ ऐसा, डीजीपी को मांगनी पड़ी माफ़ी
....में
Author, दिलीप कुमार शर्मा
पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए
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असम के गोलाघाट ज़िले के पुलिस अधीक्षक राजेन सिंह पर काजीरंगा नेशनल पार्क में कथित तौर पर अपने व्यक्तिगत फ़ायदे के लिए एक वन अधिकारी को अनुचित तौर पर हिरासत में लेने के आरोप लगे है.
एसपी पर लगे आरोपों के बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक जी.पी. सिंह ने वन अधिकारी तरुण गोगोई को फ़ोन कर खेद जताया है.
पुलिस अधीक्षक पर लगे आरोप में बताया जा रहा है कि उन्होंने काजीरंगा नेशनल पार्क में हाथी सफारी की सवारी के लिए वन अधिकारी तरुण गोगोई से पांच टिकटों की मांग की थी.
वन अधिकारी उन्हें टिकट नहीं दे पाए क्योंकि इस समय काजीरंगा में हाथी सफारी के लिए बहुत ज़्यादा भीड़ होती है.
इसके बाद एसपी ने कथित तौर पर गुस्से में वन अधिकारी गोगोई को पास के थाने में बुला लिया और सुबह तक वहीं रखा.
ये घटना गुरुवार की है.
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इमेज कैप्शन, काजीरंगा नेशनल पार्क में इन दिनों हाथी सफारी के लिए काफ़ी लोग जुटते हैं.
इस घटना पर मीडिया से बात करते हुए वन अधिकारी तरुण गोगोई ने कहा, "कोहरा थाने के प्रभारी ने मुझे रात क़रीब 11 बजे फोन किया. रात को मुझे थाने बुलाया गया. इसके बाद सुबह करीब 4 बजे तक मानसिक तौर पर परेशान किया गया."
वन अधिकारी गोगोई ने एसपी पर भद्दी गालियां और धमकी देने के भी आरोप लगाए हैं. वन अधिकारी गोगोई को इस तरह हिरासत में लेने की जानकारी जब वन विभाग के अन्य अधिकारियों को मिली तो वे सभी उन्हें छुड़ाने थाने पहुंच गए.
इस घटना के मीडिया में आने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा,"मैंने गोलाघाट के पुलिस अधीक्षक से जुड़ी घटना के संबंध में असम के पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह से बात की है. हम अहंकार का समर्थन नहीं करते हैं. लोक सेवकों के लिए अपने विचारों और कार्यों में विनम्र रहना महत्वपूर्ण है."
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असम के पुलिस महानिदेशक जी.पी. सिंह ने भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा,"मुझे पिछली शाम गोलाघाट पुलिस द्वारा असम वन विभाग के तरुण गोगोई की अनुचित हिरासत के बारे में अवगत कराया गया है. मैंने श्री गोगोई से बात की है और डीजीपी असम पुलिस के रूप में अपना खेद व्यक्त किया है. एसपी गोलाघाट को भी उचित सलाह दी गई है. हमारा उद्देश्य साथी नागरिकों के साथ विनम्र व्यवहार करना है. मैंने असम के माननीय मुख्यमंत्री और सरकार को हुई पीड़ा के लिए हार्दिक क्षमायाचना भी व्यक्त की है. आगे और सुधार करने की प्रतिबद्धता के साथ असम के लोगों से माफ़ी मांगता हूं."
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फिलहाल इस पूरी घटना पर गोलाघाट के एसपी सिंह ने अभी तक किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है
दिनभर: अमेरिका संयुक्त राष्ट्र में वोटिंग को तैयार
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चार्टर्ड प्लेन विवाद पर कर्नाटक सीएम ने बीजेपी से पूछा: 'पहले आप बताएं कि नरेंद्र मोदी कैसे यात्रा करते हैं?'
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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शुक्रवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के प्राइवेट जेट से यात्रा करने पर सवाल पूछे हैं.
बीजेपी ने सीएम से पूछा है कि राज्य सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहा है और मुख्यमंत्री प्राइवेट जेट से यात्रा कर रहे हैं.
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का लग्जरियस प्राइवेट जेट से दिल्ली से बेंगलुरु की यात्रा करना 'बेहद अनुचित' है.
कर्नाटक के मंत्री बीज़ेड ज़मीर अहमद ख़ान और कृष्णा बाइरेगौड़ा, सिद्धारमैया के साथ यात्रा कर रहे थे.
इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. ख़ान ने वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था.
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बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया के बाद सिद्धारमैया ने कहा, "नरेंद्र मोदी कैसे यात्रा करते हैं? पहले आप मुझे ये बताएं. नरेंद्र मोदी किस प्लेन से यात्रा करते हैं? वो अकेले यात्रा करते हैं. वो अकेले क्यों यात्रा करते हैं? बीजेपी नेता ऐसे ही कुछ भी बोलते रहते हैं."
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कर्नाटक सरकार में मंत्री बीज़ेड ज़मीर अहमद ख़ान ने इस मुद्दे पर अपनी सरकार का पक्ष रखा है.
उन्होंने कहा, “हम दिल्ली गए थे. और अगले दिन मुख्यमंत्री और मुझे कैबिनेट मीटिंग की वजह से वापस आना था. हमें इमरजेंसी में प्लेन टिकट नहीं मिले. ऐसे में हमें एक विशेष विमान से आना पड़ा. क्या किसी मुख्यमंत्री की ओर से विशेष विमान इस्तेमाल करना ग़लत है?”
'इंडिया' गठबंधन की बैठक के बाद नीतीश की नाराज़गी के सवाल पर क्या बोले तेजस्वी यादव?
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बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद सीएम नीतीश कुमार के नाराज़ होने से जुड़ी ख़बरों पर टिप्पणी की है.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने इन ख़बरों का खंडन किया है.
उन्होंने कहा, "एक बात समझ लीजिए कि बहुत ही फलदायक बैठक हुई, और जब भी
अच्छी बैठक होती है. और एक तय मानसिकता वाली मीडिया उलटी ख़बरें चलाती है तो
इसका मतलब समझ जाना चाहिए कि बैठक अच्छी हुई. कुछ लोगों को ये चीज़ें पच नहीं रही
हैं. हम सभी लोग वहीं थे.”
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इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके और नीतीश कुमार के बीच सब कुछ ठीक है तो इसे भी उन्होंने अफ़वाह बताया.
उन्होंने कहा, "कोई नाराज़गी नहीं है. हम लोग एक दम मजबूती से एक साथ हैं. मजबूती के साथ यही निर्णय हुआ है कि भाजपा को हराना है. और हम लोग इस काम में
लगे हैं."
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इसी बीच भागलपुर से जदयू विधायक गोपाल मंडल ने बताया है कि नीतीश कुमार ही प्रधानमंत्री बनेंगे.
उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार को पूरा हिंदुस्तान जानता है. खड़गे को नहीं जानता है."
हालांकि, नीतीश सरकार में मंत्री संजय झा और पार्टी के अध्यक्ष ने किसी भी नाराज़गी से मना किया है.
‘22 जनवरी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना 15 अगस्त’, बोले राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय
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इमेज कैप्शन, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव
चंपत राय ने शुक्रवार को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को हिंदुस्तान के सम्मान की
पुन: प्रतिष्ठा करार दिया है.
उन्होंने कहा, “22 जनवरी उतना ही
महत्वपूर्ण है जितना 15 अगस्त, 1947 था. जितना कारगिल को वापस प्राप्त करना था, जितना 1971 में एक लाख सैनिकों की नज़रबंदी महत्वपूर्ण थी. यह उतना ही महत्वपूर्ण है.”
अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त, 2020 को अयोध्या में राम मंदिर की आधारशिला रखी थी.
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इसमें पीएम मोदी से लेकर देश के तमाम शीर्ष नेता और अलग-अलग क्षेत्रों की हस्तियों के शामिल होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, बजरंग पुनिया ने प्रधानमंत्री को 'पद्मश्री सम्मान' वापस करने का एलान किया
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ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पुनिया ने शुक्रवार शाम अपना 'पद्मश्री' सम्मान प्रधानमंत्री को वापस करने का एलान किया है.
उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इसका एलान किया है.
इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी भी शेयर की है.
इसमें उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ महिला खिलाड़ियों की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े विवाद को बयां किया है.
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उन्होंने पत्र में लिखा, " जब किसी कार्यक्रम में जाते थे तो मंच संचालक हमें पद्मश्री, खेलरत्न और अर्जुन अवॉर्डी पहलवान बताकर हमारा परिचय करवाता था तो लोग बड़े चाव से तालियां पीटते थे. अब कोई ऐसे बुलाएगा मुझे घिन्न आएगी क्योंकि इतने सम्मान होने के बावजूद एक सम्मानित जीवन जो हर महिला पहलवान जीना चाहती हैं, उससे उन्हें वंचित कर दिया गया."
ओलंपिक से लेकर तमाम दूसरी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भारत के लिए मेडल जीत चुके पहलवानों ने जंतर-मंतर पर एक महीने से ज़्यादा धरने पर बैठने के बाद मई में अपने पदकों को गंगा में बहाने की भी बात कही थी. हालांकि, किसान नेता नरेश टिकैत के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने ऐसा नहीं किया.
ये खिलाड़ी पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर मंतर पर यौन शोषण के आरोप झेल रहे भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ़्तारी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.
वकील को हथकड़ी पहनाकर फंसी असम पुलिस, कोर्ट ने दिया 5 लाख का मुआवजा देने का आदेश
....में
Author, दिलीप कुमार शर्मा
पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, Guwahati High Court
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने असम पुलिस को बिना उचित कारण के एक वकील
को हथकड़ी लगाने के मामले में 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है.
इस मामले में हुई कई सुनवाई के बाद बुधवार को गुवाहाटी हाई कोर्ट के न्यायाधीश देवाशीष बरूआ
की एकल पीठ ने कहा कि पुलिस द्वारा उक्त वकील को बिना उचित कारण के हथकड़ी लगाना भारत
के संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है.
यह मामला 2016 में कार पार्किंग को लेकर हुई मारपीट
से जुड़ा है.
असम पुलिस के एक होम गार्ड द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिसमें
आरोप लगाया गया था कि याचिकाकर्ता मोनोजीत बिस्वास ने 5 अक्टूबर 2016 को उनके साथ मारपीट
की थी, क्योंकि उन्होंने याचिकाकर्ता को अपने घर के पास कार पार्क करने से रोका था.
होम गार्ड की एफआईआर के आधार पर बिस्वास के ख़िलाफ़ आईपीसी
की धारा 294, 325, 341 और 353 के तहत मामला दर्ज किया गया.
उसी दिन पेशे से वकील बिस्वास ने भी
होम गार्ड के ख़िलाफ़ धारा 294, 323, 392 और 511 के तहत एक जवाबी एफआईआर दायर की जिसमें आरोप लगाया
गया था कि उनके साथ भी मौखिक और शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार किया गया था.
इस मामले के संदर्भ में याचिकाकर्ता मोनोजीत बिस्वास ने बीबीसी
से कहा,"इस पूरे मामले में मेरी लड़ाई पुलिस व्यवस्था में हथकड़ी लगाने को लेकर थी.यह कार
पार्किंग से जुड़ा एक छोटा मामला था और मैं खुद चलकर पुलिस स्टेशन में हाजिर हुआ था."
"लेकिन बावजूद इसके मुझे हथकड़ी पहना कर कोर्ट ले जाया गया. मुझे हथकड़ी में जेल भेजा
गया. जबकि हथकड़ी लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बहुत पहले का आदेश है जिसकी पूरी
तरह अनदेखी की गई थी. आप सामान्य मामलों में किसी को इस तरह हथकड़ी नहीं लगा सकते."
याचिकाकर्ता मोनोजीत का कहना है कि उन्होंने यह मामला किसी
व्यक्तिगत पुलिस अधिकारी के ख़िलाफ़ नहीं किया था बल्कि उस व्यवस्था के ख़िलाफ़ किया था
जिसमें ऐसे छोटे मामलों में हथकड़ी पहना कर व्यक्ति की सामाजिक छवि और इज्जत को खत्म
कर दिया जाता है.
गाड़ी पार्किंग को लेकर मारपीट के इस मामले में पुलिस द्वारा आरोप
पत्र दायर करने के बाद कोर्ट ने मोनोजीत को साल 2020 में बरी कर दिया था.
याचिकाकर्ता मोनोजीत ने हाई कोर्ट का रुख करने से पहले अपने
बुनियादी मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए असम मानवाधिकार आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज
कराई थी.लेकिन उनके मामले में जांच अधिकारी की मौत हो जाने से आयोग ने इसमें आगे सुनवाई
नहीं की.
इसके बाद मार्च 2021 में मोनोजीत ने गुवाहाटी हाई कोर्ट में एक रिट याचिका
दर्ज करवाई.
उसी याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने बुधवार को अपने
फैसले में कहा "याचिकाकर्ता एक वकील है और याचिकाकर्ता को हथकड़ी लगाना और उसे
अदालत में ले जाकर परेड करना."
"उसके बाद हथकड़ी के साथ जेल में वापस भेजना, वह भी बिना उचित कारण बताए, न केवल गारंटीकृत संविधान के अनुच्छेद
21 के तहत याचिकाकर्ता के मानवाधिकारों का उल्लंघन है बल्कि यह वकालत के पेशे को चलाने
के लिए उनकी गरिमा और प्रतिष्ठा को भी अपमानित करता है.''
इस फैसले को सुनाते हुए हाई कोर्ट ने असम सरकार को याचिकाकर्ता
को 2 महीने के भीतर 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है.
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी बोले, ‘हम नहीं चाहते थे निलंबित करना, विपक्षी सांसदों ने खुद ही आग्रह किया’
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संसद का शीतकालीन सत्र ख़त्म होने के एक दिन बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विपक्षी सांसद ही आग्रह कर रहे थे कि उन्हें सदन से निलंबित कर दिया जाए.
दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान जोशी ने बताया कि इस सत्र में कुल 19 विधेयक पारित हुए.
इस सत्र में विपक्षी पार्टियों के 140 से ज़्यादा सांसदों का निलंबन हुआ.
प्रह्लाद जोशी ने कहा, "हम तो सस्पेंड करना नहीं चाहते थे. मैं आपको ये बता दूं. कुछ लोगों को हमने शुरुआत के दिनों में सस्पेंड किया. लेकिन बाद में सब लोगों ने ही आकर रिक्वेस्ट करना शुरू किया कि हमको बाहर जाना है, हमको सस्पेंड करो. ये कांग्रेस पार्टी का लेवल है!"
"हमने बोला कि हम उन्हीं लोगों को सस्पेंड करते हैं जो अनुशासन का पालन नहीं करते हैं तो उन्होंने कहा कि हम ऐसा करते हैं, हमें सस्पेंड करो. तो ये तो इनकी नीति है और गिरावट का लेवल है."
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इसके अलावा प्रह्लाद जोशी ने टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी की ओर से संसद के बाहर एक वीडियो में उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की नकल उतारने और राहुल गांधी के वीडियो बनाने पर भी प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने कहा, "इन लोगों का स्तर देखिए, एक नियम है कि जब सदन चलता है और जब नहीं चलता है तो भी लोकसभा और राज्यसभा चैंबर में फ़ोटोग्राफ़ी और वीडियोग्राफ़ी नहीं कर सकते हैं लेकिन ये फिर भी अंदर से वीडियोग्राफी करते हैं, नियम का उल्लंघन करते हैं. ये मिमिक्री का वीडियो बनाते हैं. इससे ज़्यादा गिरावट तो हो नहीं सकती है. "
ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान: इमरान ख़ान को सायफर केस में मिली ज़मानत, जेल से बाहर आएंगे क्या?
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इमेज कैप्शन, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व
प्रधानमंत्री इमरान ख़ान और उनके सहयोगी पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी को सायफर केस में ज़मानत दे दी है.
शाह महमूद क़ुरैशी के वकील अली बुखारी ने कहा है कि क़ुरैशी
के ख़िलाफ़ लगे सभी मामलों में उन्हें ज़मानत मिल चुकी है और सिर्फ सायफर केस की
वजह से वह जेल में थे.
ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि शाह महमूद क़ुरैशी अब
जेल से बाहर आ सकते हैं. लेकिन इमरान ख़ान के मामले में ऐसी उम्मीदें नहीं जताई जा
रही हैं.
उन्हें अभी दो अन्य मामलों में जमानत मिलना शेष है जिसमें तोशा ख़ाना मामला शामिल है.
सांसदों के निलंबन के विरोध में जंतर-मंतर पर विपक्ष के नेताओं का प्रदर्शन
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संसद की सुरक्षा में हुई चूक पर सरकार से जवाब की मांग करने वाले
विपक्षी सांसदों के निलंबन के विरोध में 'इंडिया' गठबंधन ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया.
इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मीडिया की आलोचना भी की. उन्होंने कहा, ''उन्होंने ये ज़रूर कहा कि मैंने फोटो खींचे, पर इस पर किसी ने बात नहीं कि असल
मुद्दे क्या थे. असल मुद्दा बेरोज़गारी का है, जिस पर बात नहीं हुई.''
दरअसल, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी संसद के बाहर एक वीडियो में उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की नकल उतारते दिख रहे हैं. इस मौके पर विपक्षी दलों के तमाम सांसद भी मौजूद हैं. इसके साथ ही वीडियो में राहुल गांधी इसे अपने फोन में रिकॉर्ड करते दिख रहे हैं.
उन्होंने कहा, ''लगभग 150 (कुल 146) सांसदों को संसद से निकालकर सरकार ने देश के 60 प्रतिशत लोगों को चुप करा दिया है...
बीजेपी जितनी घृणा फैलाएगी, इंडिया गठबंधन के दल उतना ही प्यार और भाईचारा फैलाएंगे.''
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वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "हम सबको मिलकर लड़ना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईडी और सीबीआई के ज़रिए हम लोगों में डर पैदा करना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस इससे नहीं डरेगी.
रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "हम सब 140 करोड़ लोगों, संसदीय गरिमा और संविधान के लिए लड़ेंगे."
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नई दिल्ली में संसद भवन के पास जंतर मंतर पर आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ' नाम के इस विरोध प्रदर्शन में विपक्ष के कई बड़े चेहरे मौजूद थे.
इन नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, शरद पवार, सीताराम येचुरी, अधीर रंजन चौधरी, रणदीप सुरजेवाला प्रमुख थे.
दिल्ली: मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 19 जनवरी तक बढ़ाई गई
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इमेज कैप्शन, दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया
दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने
शुक्रवार को दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत को अगले साल 19
जनवरी तक बढ़ा दिया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, अदालत ने सिसोदिया के वकील को सीबीआई
मुख्यालय में मौजूद दस्तावेज़ों की पड़ताल करने के लिए 15 जनवरी तक का समय दिया
है.
इसके साथ ही अदालत ने सीबीआई से कहा है कि वह इस पड़ताल के लिए पर्याप्त
अधिकारी उपलब्ध कराए और इस बारे में एक कंप्लाएंस रिपोर्ट भी फाइल करे.
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प्रवर्तन निदेशालय ने मनीष सिसोदिया को इसी साल 9 मार्च को गिरफ़्तार किया था. उससे पहले उन्हें सीबीआई ने 26 फ़रवरी को गिरफ़्तार किया था.
दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले में मनीष सिसोदिया और संजय सिंह इस समय जेल में हैं.
प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी समन जारी किया है.
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जम्मू-कश्मीर: पुंछ में सेना के वाहनों पर चरमपंथी हमला, चार सैनिकों की मौत
पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों ने की गोलीबारी, छह मजदूरों की मौत
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इमेज कैप्शन, फाइल फोटो
पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में अज्ञात हमलावरों ने शुक्रवार को छह मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के हवाले से बताया है कि ये सभी मजदूर दक्षिणी वज़ीरिस्तान ज़िले में एक पुलिस स्टेशन के निर्माण कार्य से जुड़े थे.
बताया गया है कि इन मजदूरों को बेहद क़रीब से गोली मारी गयी है. और ये उस वक़्त हुआ जब वे अपने-अपने टेंट में मौजूद थे.
इससे पहले इस महीने की 12 तारीख़ को ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में सेना के एक परिसर पर किए गए हमले में कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई थी.
पाकिस्तानी तालिबान से जुड़े एक संगठन ने उस हमले की ज़िम्मेदारी ली थी.
इन दिनों अफ़ग़ान शरणार्थियों के मुद्दे पर पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान की तालिबान सरकार के संबंध ख़राब चल रहे हैं.
उत्तर प्रदेश में ईरानी नागरिक को दी गयी दो साल की सज़ा, क्या है मामला?
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इमेज कैप्शन, प्रतीकात्मक तस्वीर
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज ज़िले में ईरान के एक नागरिक को
दो साल की सज़ा सुनाए जाने का मामला सामने आया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, ये शख़्स एक 38 वर्षीय
ईरानी नागरिक हैं जिन्हें लगभग एक साल पहले भारत-नेपाल सीमा पर गिरफ़्तार किया गया
था.
इनका नाम हुसैन हमीदिया बताया जा रहा है. इनके ख़िलाफ़ फर्ज़ी कागजों के ज़रिए भारत से नेपाल जाने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है.
यूपी के सहायक ज़िला शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार मिश्रा ने अदालत के इस फ़ैसले की जानकारी दी है.
एडीशनल
सेशंस जज़ पवन कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने इनके ख़िलाफ़ 10 हज़ार रुपये का
जुर्माना भी लगाया है.
मिश्रा ने बताया है कि अगर ईरानी नागरिक ये जुर्माना नहीं भरते हैं तो उन्हें एक महीने की अतिरिक्त सज़ा काटनी होगी.
इसराइली हमलों से उत्तरी ग़ज़ा के सारे अस्पताल ठप, डब्ल्यूएचओ ने दी ये जानकारी
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इमेज कैप्शन, अल-अहली अस्पताल
इसराइल पर सात अक्टूबर को हुए हमास के हमले के बाद जवाबी कार्रवाई से
ग़ज़ा में हालात बहुत ख़राब हो गए हैं.
ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़, इन हमलों में अब तक बीस हज़ार फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है.
इसके साथ ही उत्तरी ग़ज़ा में स्वास्थ्य तंत्र बिलकुल ठप हो चुका है.
अब से थोड़ी देर पहले विश्व स्वास्थ्य
संगठन ने कहा है कि कि उत्तरी ग़ज़ा में अब कोई अस्पताल नहीं बचा है, जो काम करने की स्थिति में हो.
ग़ज़ा के दक्षिण की तरफ़ भी भीषण जंग जारी है, वहां इसराइल ने फ़लस्तीनियों से कहा
है कि वो ख़ान यूनिस शहर के आसपास की जगह खाली कर दें.
फ़लस्तीनी इलाक़े में मौजूद विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉक्टर
रिचर्ड पीपरकॉन ने ग़ज़ा के हालात के बारे में विस्तार से बताया है.
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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने क्या कहा?
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि पूरे ग़ज़ा में करीब 36 अस्पताल हैं, जिसमें से केवल नौ काम कर रहे हैं. ये सभी ग़ज़ा के दक्षिणी हिस्से में हैं. उत्तर में कोई अस्पताल नहीं है जो काम कर रहा हो.
अल-अहली एकमात्र अस्पताल बचा था, जो किसी तरह से काम कर रहा था, लेकिन अब वहां भी नए मरीज़ भर्ती नहीं किए जा रहे हैं.
अल-शिफ़ा, अल-अवदा और अल-शहाबा अस्पताल में भी यही हाल है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है, ''अल अहली अस्पताल का अब केवल ढांचा ही बचा है. दो दिन पहले उत्तरी ग़ज़ा में ये एकमात्र अस्पताल था, जहां घायलों की सर्ज़री हो रही थी और यहां के इमरजेंसी वार्ड में बड़ी संख्या में लोग आ रहे थे.
लेकिन अब यहां का ऑपरेशन थिएटर काम नहीं कर रहा है, क्योंकि न तो ईंधन हैं, न बिजली, न मेडिकल सप्लाई और न स्वास्थ्यकर्मी या डॉक्टर और सर्ज़न.
अब यह अस्पताल काम करना पूरी तरह बंद कर चुका है. अब यहां बस कुछ लोग हैं, जो इसकी छत के नीचे सिर छिपाए हुए हैं.