इसराइल पर क्या असर डालेगा युद्धविराम के लिए बढ़ता अंतरराष्ट्र्रीय दबाव?

ग़ज़ा में युद्ध की वजह से मारे जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ने के बाद भी इसराइल ने युद्धविराम की अंतरराष्ट्रीय मांगों की अनदेखी जारी रखी है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and अनंत प्रकाश

  1. इसराइल पर क्या असर डालेगा युद्धविराम के लिए बढ़ता अंतरराष्ट्र्रीय दबाव?

      • Author, ह्यूगो बाचेगा
      • पदनाम, बीबीसी मध्य पूर्व संवाददाता, यरूशलम से
    इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतान्याहू (बीच में)

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    इमेज कैप्शन, इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतान्याहू (बीच में)

    ग़ज़ा में युद्ध की वजह से मारे जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ने के बाद भी इसराइल ने युद्धविराम की अंतरराष्ट्रीय मांगों की अनदेखी जारी रखी है.

    इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतान्याहू ने कहा कि उनका लक्ष्य हमास का ख़ात्मा करना है.

    इसके साथ ही इसराइल अथॉरिटीज़ का कहना है कि वे आम लोगों को बचाने की दिशा में कदम उठा रही हैं.

    उनका कहना है कि इस वक़्त जंग के रुकने से हमास को ही फ़ायदा होगा.

    इसराइल शायद हमास के बुनियादी ढांचे को तबाह कर दे लेकिन इसकी विचारधारा संघर्ष करती रहेगी.

    ब्रिटेन के पूर्व रक्षा सचिव बेन वॉलेस का कहना है कि इसराइल की रणनीति अगले पचास सालों के लिए इस संघर्ष में जान फूंकेगी और पूरी दुनिया में मुस्लिम युवाओं को चरमपंथी बनाने का जोखिम उठाएगी.

    अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉएड ऑस्टिन इस समय इसराइली नेताओं से मिलने के लिए इसराइल में ही मौजूद हैं.

    उन्होंने भी इस महीने की शुरुआत में कहा था कि इसराइल ने ग़ज़ा में इतने सारे लोगों को मारकर फ़लस्तीन को हमास की ओर धकेलने का जोख़िम उठाया है.

    हमास शासित ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, इस युद्ध में अब तक लगभग बीस हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है.

    बीते दिनों सफ़ेद झंडा लेकर चल रहे अपने ही तीन बंधकों (इसराइली नागरिकों) को ग़लतफ़हमी में इसराइली सैनिकों ने मार दिया. इसके बाद नेतान्याहू पर एक अन्य युद्धविराम के लिए बातचीत करने का दबाव बढ़ा है.

    इस घटना ने इसराइली सेना की आलोचनाओं को भी हवा दी है.

    अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि यह घटना सेना के युद्ध लड़ने के नियमों का उल्लंघन थी.

    लेकिन कुछ आलोचक कहते हैं कि यह इसराइली सेना की ओर से उन लोगों पर गोली चलाने का एक अन्य मामला है जिन्होंने किसी तरह का ख़तरा पेश नहीं किया था.

  2. सड़कों पर टहलते दिखे केरल के गवर्नर, सीएम बोले व्यवहार राज्यपाल जैसा नहीं

      • Author, इमरान क़ुरैशी
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
    आरिफ़ मोहम्मद ख़ान

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    केरल के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने प्रोटोकोल से हटकर कोच्चि में सड़कों पर टहलते हुए दिखे हैं.

    पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में उन्हें प्रोटेक्शन दे रहे थे. राज्यपाल ने अपनी पैदल यात्रा के दौरान एक जगह पर कालिकट हलवा भी चखा.

    यूनिवर्सिटी ऑफ़ कालिकट के गेस्ट हाउस में अपने प्रवास के दौरान राज्यपाल के स्टूडेंट फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया के एक प्रदर्शन का भी सामना करना पड़ा था.

    इसके बाद उन्होंने केरल के डीजीपी को एक पत्र लिखकर कहा था कि उन्हें अब पुलिस की सुरक्षा नहीं चाहिए.

    सोमवार को गवर्नर अपनी कार से उतरे और शहर की मशहूर मिठाई गली में पैदल चलने लगे. उनके इस कदम से हैरान दुकानदारों ने उन्हें मिठाइयाँ पेश कीं.

    लोगों ने गवर्नर के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं.

    आरिफ़ मोहम्मद ख़ान

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    राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने पत्रकारों को बताया कि वे लोगों के प्यार से अभिभूत हैं.

    उन्होंने कहा कि केरल पुलिस बेहतरीन पुलिस बल है लेकिन उन्हें ठीक से अपना काम नहीं करने दिया जा रहा है.

    गवर्नर ने कहा, “पुलिस ने तभी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जब मैं कार से नीचे उतरा.”

    वे पिछले हफ़्ते एयरपोर्ट के रास्ते में हुए प्रदर्शन का ज़िक्र कर रहे थे.

    लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि दो अन्य जगहों पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर उनकी सुरक्षा में ढील दी गई थी.

    उधर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पत्रकारों को बताया कि उनकी सरकार राज्यपाल को हटाने के लिए केंद्र से संपर्क करने का विचार कर रही है.

    उन्होंने कहा, “वे जानबूझ कर विवादों को हवा दे रहे हैं जिससे राज्य का शांतिपूर्ण माहौल डिस्टर्ब हो सके. उनका व्यवहार राज्यपाल के तौर-तरीकों का उल्लंघन करता है.”

  3. तमिलनाडु में 24 घंटे में रिकॉर्ड बारिश, कन्याकुमारी में जलभराव से बाढ़ जैसी स्थिति

    तमिलनाडु में रिकॉर्ड बारिश

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    भारत के दक्षिण राज्य तमिलनाडु के कन्याकुमारी शहर में बीते दो दिनों से जारी भारी बारिश के कारण कई इलाकों में पानी जमने की वजह से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है.

    बीते दो दिनों से राज्य के चार ज़िलों तिरुनेलवेली, थेनकासी, थुतुकुडी और कन्याकुमारी में भारी बारिश हो रही है.

    थुतुकुडी ज़िले के तटवर्ती शहर कयालपत्तनम में केवल एक दिन में बीते 24 घंटे में 95 सेंमीमीटर बारिश हुई है.

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    वहीं राज्य की राजधानी चेन्नई में बीते दो दिनों में 50 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है.

    यहां बीते कई हफ़्ते से हो रही बारिश की वजह से कई इलाके पानी में डूबे हुए हैं.

    तमिलनाडु में रिकॉर्ड बारिश

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    तमिलनाडु के मौसम विज्ञानी प्रदीप जॉन ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, "तमिलनाडु के मैदानी इलाके में 24 घंटे में हुई ये बारिश 'सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड' है. वहीं मनचोलाइ ककाची इलाके में हुई बारिश, 1992 में हुई 965 मिलीमीटर बारिश के बाद सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड है."

  4. पीएम मोदी के दावे पर लालू यादव भड़के, बोले- इंडिया गठबंधन उन्हें सत्ता से बेदखल कर देगा

    लालू यादव

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    मंगलवार को विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की बैठक में शामिल होने राजधानी दिल्ली पहुंचे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव से जब ये पूछा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया है कि बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता में आएगी तो उन्होंने कहा कि हम मिलकर उन्हें सत्ता से बेदखल कर देंगे.

    लालू यादव ने कहा, "आप लोग रोज़ एक ही सवाल पूछते हैं कि मोदी (सत्ता में) वापस आएंगे. क्या है नरेंद्र मोदी? आएंगे तो आओ... इंडिया गठबंधन में हम मिलकर उन्हें सत्ता से बेदखल कर देंगे."

    लालू यादव के इस बयान पर बिहार के बीजेपी अध्यक्ष समर्थ चौधरी ने न केवल उन पर कमेंट किया बल्कि यह भी कहा कि बिहार की सभी सीटों पर बीजेपी के गठबंधन एनडीए की जीत होगी.

    वे बोले, "लालू जी कितनी बार हारे हैं उनको याद है? पांच राज्यों में गठबंधन की क्या हालत हुई है ये देश की जनता जानती है. लालू यादव की बिहार में कोई राजनीतिक हैसियत नहीं है. बिहार में किसी भी हाल में लोकसभा चुनाव में सभी सीटें भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए जीतेगा."

  5. ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक के लिए विपक्षी नेताओं का दिल्ली आना शुरू

    अरविंद केजरीवाल

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    इमेज कैप्शन, उद्धव ठाकरे का स्वागत करते अरविंद केजरीवाल

    भारत के तमाम विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ की अगली बैठक मंगलवार को दिल्ली में होने जा रही है.

    इससे पहले इस ब्लॉक की बैठकें पटना, मुंबई और बंगलुरू में हो चुकी है. पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आने के बाद होने जा रही इस बैठक को काफ़ी ख़ास माना जा रहा है.

    इस बैठक में शामिल होने के लिए देश भर से नेताओं का दिल्ली आना शुरू हो गया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से जारी तस्वीरों में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया दिल्ली आते दिखाई दिए हैं.

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ठाकरे का स्वागत किया.

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    इसके साथ ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी दिल्ली पहुंच चुके हैं.

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    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, वह इंडिया गठबंधन की बैठक में हिस्सा ले सकते हैं.

    वहीं, उनके तमिलनाडु में जारी बाढ़ के हालात की वजह से पीएम मोदी के साथ ही एक बैठक करने की संभावना है.

  6. गुरुग्राम के एक गांव में मिले गायों के कंकाल, हरियाणा पुलिस ने शुरू की जांच

    गुरुग्राम के एसीपी शिव अर्चन शर्मा

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    इमेज कैप्शन, गुरुग्राम के एसीपी शिव अर्चन शर्मा

    हरियाणा के गुरुग्रमा के धर्मपुर गाँव में कुछ गायों की लाशें और कंकाल मिलने की बात सामने आई है.

    गुरुग्राम के एसीपी शिव अर्चन शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि इस मामले में जांच शुरू कर दी गयी है.

    उन्होंने कहा, "हमें इस बारे में जानकारी मिली थी कि धर्मपुर गाँव में पंचायत की ज़मीन पर कुछ गायों की लाशें और उनके कंकाल मिले हैं."

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    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इस मामले की जांच शुरू कर दी है.

    एसीपी शर्मा ने एएनआई को बताया, "प्रथम दृष्टया ये पाया गया है कि बगल में गौशाला है. तो ऐसे में संभव है कि वहां जिन गायों की मृत्यु हो जाती हो. उन्हें यहां दफ़ना दिया जाता हो. हमने पशु डॉक्टरों को बुला लिया है. वे गायों की लाशों को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम कर रहे हैं. ये दौलताबाद गांव की गौशाला है."

    पुलिस ने इस मामले में इससे ज़्यादा कुछ भी जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा है कि पोस्टमॉर्टम होने के बाद ही नयी जानकारी सामने आ सकती है.

  7. कोविड-19: केरल में मिला जेएन.1 वैरिएंट, केंद्र ने राज्यों को भेजे दिशा-निर्देश

    कोविड-19

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    केंद्र सरकार ने भारत में कोविड के जेएन.1 वैरिएंट मिलने की पुष्टि होने के साथ ही कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज किए जाने के बाद राज्यों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

    केंद्र सरकार की ओर से राज्यों से आग्रह किया गया है कि कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बनाए रखें.

    राज्य सरकारों से कहा गया है कि वे 'सारी' (सिवियर एक्यूट रेसपेटरी इलनैस) और आईएलआई (इंफ़्लूएंज़ा लाइक इलनैस) केसेज़ पर नज़र रखें और केंद्र को नियमित रूप से अवगत कराएं.

    इसके साथ ही राज्यों से कहा गया है कि वे सुनिश्चित करें कि टेस्टिंग अधिक से अधिक हो और इसमें आरटी-पीसीआर टेस्ट भी शामिल हैं.

    इसके साथ ही राज्य सरकारों को पॉज़िटिव सेंपलों को इंसाकॉग लैब में भेजने को कहा गया है ताकि उनकी जीनोम सीक्वेंसिंग की जा सके.

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  8. उस्मान ख्वाजा ने फैन्स को कहा शुक्रिया, आईसीसी के साथ विवाद पर किया नया ट्वीट

    ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा के जूते की तस्वीर

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    इमेज कैप्शन, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा के जूते की तस्वीर

    ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा ने सोमवार को एक ट्वीट करके अपने फैन्स को शुक्रिया अदा किया है.

    उन्होंने लिखा, “इस हफ़्ते मेरे साथ खड़े होने वालों का शुक्रिया. ये अनदेखा नहीं गया. कोई भी अहम काम करना आसान नहीं होता. इतिहास बताता है कि हम अपनी ग़लतियों को दोहराने के लिए अभिशप्त हैं. लेकिन हम मिलजुलकर एक बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष कर सकते हैं.”

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    आईसीसी ने पिछले हफ़्ते ख्वाजा को फ़लस्तीन का समर्थन करने का संदेश देने वाले जूते पहनने की अनुमति नहीं दी थी.

    उन्होंने कहा था कि वह इस फ़ैसले का विरोध करेंगे. उस्मान ख्वाजा ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पहले क्रिकेट टेस्ट मैच में 'सभी का जीवन बराबर है' और 'स्वतंत्रता एक मानवाधिकार है' जैसे शब्दों वाले जूते पहनने की योजना बनाई थी.

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने इसे राजनीतिक बयान बताते हुए, संदेश वाले जूते पहनने की अनुमति नहीं दी थी.

    एक वीडियो जारी करते हुए ख़्वाजा ने कहा था कि वो एक मानवीय अपील जारी करना चाहते थे.

    इस जज़्बाती वीडियो में 36 वर्षीय क्रिकेटर ने कहा था, "मैं आईसीसी के नज़रिए और फ़ैसले का सम्मान करता हूँ लेकिन मैं इसका विरोध करूंगा और संदेश वाले जूते पहनने के लिए अप्रूवल मांगूंगा."

  9. संसद से एक दिन में 78 विपक्षी सांसद निलंबित, 18 दिसंबर का 'दिन भर' सुनिए मोहनलाल शर्मा और प्रेरणा के साथ

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  10. राज्यसभा से निलंबन: आरजेडी सांसद मनोज झा बोले- 'बहुत कमज़ोर हो गए हैं मोदी'

    मनोज झा

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    सांसदों के निलंबन को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कमजोरी जाहिर होती है.

    राज्यसभा से आज कुल 45 सांसदों को निलंबित किया गया.

    मनोज झा ने कहा, " मैं भी शुमार हूं उनमें. (इस मैं) बैज ऑफ़ ऑनर (सम्मान पदक) की तरह पहन रहा हूं. मैं निलंबित हूं. जब काला दौर होता है ना तो तानाशाहों को ऐसी ही संसद चाहिए. जहां लोग बकरी के मेमने की तरह में में में.. करते रहें."

    उन्होंने कहा कि ये दौर आगे भी याद किया जाएगा.

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    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मनोज झा ने कहा, "आपसे सवाल पूछ रहे हैं ना साहब. देश की सुरक्षा का मसला है, सिर्फ़ संसद की इमारत का नहीं है. एक आधिकारिक बयान नहीं दे सकते हो. क्या चाहते हो, विपक्ष मुक्त संसद आपने बना लिया. लोकसभा में उतने किए, राज्यसभा में 45 कर दिए. जो बचे खुचे हैं, कल कर देना लेकिन ये दौर याद रखा जाएगा कि जबसे अपने दूसरे टर्म में मोदी जी आए हैं बहुत कमज़ोर हो गए हैं."

  11. ममता बनर्जी ने राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी को लेकर कहा, 'ये सब चुनाव के बाद होगा तय'

    ममता बनर्जी

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    टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सोमवार को विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया से लेकर कांग्रेस के साथ उनके तालमेल समेत पीएम पद पर दावेदारी जैसे तमाम सवालों के जवाब दिए.

    इस दौरान ममता बनर्जी से पूछा गया कि क्या आपको लगता है कि राहुल गांधी को खुलकर कहना चाहिए कि वह प्रधानमंत्री पद की रेस में नहीं हैं.

    इस पर ममता बनर्जी की ओर से कहा गया – ‘आप इस तरह की बात क्यों करते हैं, चुनाव होने के बाद, सब तय करेंगे.”

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    इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या आपको अमित शाह या नरेंद्र मोदी से समस्या है.

    इस पर ममता बनर्जी ने कहा, “मेरी किसी से निजी समस्या नहीं है. मेरी उनकी पार्टी से वैचारिक समस्या है. आप देखिए कि बीजेपी के पुराने लोग सब कहां गए. एक-एक करके सब छूट गए. मुझे उनकी आंतरिक राजनीति के बारे में नहीं बोलना चाहिए. लेकिन एक-एक करके सब छूट गए.”

  12. लोकसभा से 33 और राज्यसभा से 45 सांसद निलंबित, भड़के विपक्षी दल, कौन क्या बोला?

    संसद भवन

    इमेज स्रोत, ANI

    लोकसभा और राज्यसभा से सोमवार को 78 सांसदों को निलंबित कर दिया गया.

    लोकसभा से कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी समेत 33 और राज्यसभा से कांग्रेस नेता जयराम रमेश समेत 45 सांसदों को निलंबित कर दिया गया.

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वो (निलंबित सांसद) नहीं चाहते कि सदन ठीक से चले. ये उनकी सोची समझी रणनीति है.

    गोयल ने बताया, "राज्यसभा से 34 सांसदों को निलंबित किया गया है. 11 सांसदों का मामला प्रिवलेज कमेटी को भेजा गया है. इस तरह आज 45 सांसदों को निलंबित किया गया है."

    लोकसभा और राज्यसभा से सांसदों के निलंबन पर विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रिया दी है.

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपनी बात रखी है और इस कदम को संसद और लोकतंत्र पर हमला बताया है.

    उन्होंने लिखा, "सबसे पहले घुसपैठियों ने संसद पर हमला किया फिर मोदी सरकार संसद और लोकतंत्र पर हमला कर रही है."

    कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी को एक सलाह देते हुए अपना रोष प्रकट किया है.

    उन्होंने ये भी कहा कि पीएम मोदी को विपक्ष का चेहरा बर्दाश्त नहीं है.

    उन्होंने कहा, "ये कितनी बड़ी विडंबना है कि विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी तक को निलंबित कर दिया. सदन में अगर विपक्ष की आवाज ही नहीं होगी तो सदन और लोकतंत्र का मतलब क्या है?"

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    शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की है.

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    राज्यसभा से निलंबित किए जाने वाले सांसदों में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, और केसी वेणुगोपाल आदि शामिल हैं.

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  13. ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में पेश होने को हिंदू पक्ष ने दी चुनौती

      • Author, उत्पल पाठक, वाराणसी से
    हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन

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    इमेज कैप्शन, हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) ने सोमवार को ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे से जुड़ी अपनी रिपोर्ट वाराणसी की ज़िला अदालत को सील बंद लिफाफे में सौंप दी है.

    हिंदू पक्ष ने इस रिपोर्ट को सील बंद लिफाफे में सौंपने पर आपत्ति दर्ज कराई है.

    हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा, “रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में सौंपी गयी है. अंजुमन इंतेज़ामिया का कहना है कि इस रिपोर्ट के बारे में किसी से बात न की जाए. और मीडिया को ये रिपोर्ट न दिखाई जाए. माननीय अदालत ने इसके लिए अगली तारीख़ 21 दिसंबर निर्धारित की है, जब दोनों पक्षों को सुनने के बाद अगला आदेश पारित किया जाएगा.”

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    जैन ने एएसआई के इस कदम को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन बताया है.

    उन्होंने कहा, “एएसआई ने इस रिपोर्ट को सील बंद लिफाफे में पेश करके सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर का उल्लंघन किया है. ये रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में पेश ही नहीं हो सकती थी. हमने प्रार्थना पत्र दिया है कि रिपोर्ट की कॉपी हमें ईमेल पर उपलब्ध कराई जाए.

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    ज्ञानवापी मस्जिद

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    अब तक क्या क्या हुआ?

    मंदिर पक्ष की ओर से बीती 16 मई को जिला जज की अदालत में सील एरिया को छोड़कर समस्त ज्ञानवापी परिसर की वैज्ञानिक विधि से जांच (एएसआई सर्वे) का प्रार्थना पत्र दाखिल किया था.

    वाराणसी के जिला जज की अदालत ने गत 21 जुलाई को ज्ञानवापी परिसर (सील किये गये वजूखाने को छोड़कर) के सर्वे का आदेश एएसआई को दिया था. 24 जुलाई से सर्वे शुरू हुआ इसके खिलाफ प्रतिवादी पक्ष अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद 24 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट गया था, सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को हाई कोर्ट जाने का आदेश देते हुए 26 जुलाई तक सर्वे पर रोक लगा दी थी.

    25 जुलाई को हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद 3 अगस्त तक के लिये रोक लगा दी थी. तीन अगस्त को हाई कोर्ट ने परिसर में सर्वे की अनुमति दी जिसके बाद 4 अगस्त से सर्वे फिर से शुरू हुआ.

    4 अगस्त से शुरू हुआ एएसआई सर्वे 2 नवंबर तक चला. इस एएसआई सर्वे में डिप्टी डायरेक्टर डॉ आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में लखनऊ, उन्नाव, रुड़की, आगरा, प्रयागराज, सारनाथ, पटना, दिल्ली और कोलकाता के पुरातत्व विशेषज्ञों के अलावा जीपीआर एवं अन्य तकनीकी अध्ययन के लिये हैदराबाद से विशेषज्ञ शामिल थे.

    वाराणसी जिला अदालत के 21 जुलाई के आदेश के अनुसार एएसआई को अपनी रिपोर्ट में यह बताना है कि क्या ज्ञानवापी में मंदिर को ध्वस्त करके मस्जिद बनाई गयी है?

    इस बीच सर्वे के दौरान साक्ष्य के रूप में मिली लगभग 250 सामग्रियों को अदालत के आदेश के बाद छह नवंबर को एडीएम प्रोटोकॉल की देखरेख में कोषागार के डबल लॉक में रखवाया गया है.

    मस्जिद

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    मुस्लिम पक्ष ने क्या की है मांग?

    इस बीच रिपोर्ट जमा होने के पूर्व मुस्लिम पक्ष (अंजुमन इंतेज़ामिया मसाजिद) की तरफ से एक प्रार्थना पत्र जिला न्यायालय में दिया गया जिसमें यह अपील की गयी है कि किसी भी पक्ष को बगैर हलफनामा दिए रिपोर्ट की प्रति न दी जाय, ऐसा पिछले वर्ष हुए कोर्ट सर्वे से संबंधित जानकारियों के सार्वजनिक होने के बाद किया गया है.

    मुस्लिम पक्ष का मानना है कि चूँकि मामला संवेदनशील है और लाखों लोगों की भावनायें इससे जुड़ी हैं ऐसे में रिपोर्ट या उससे संबंधित कोई भी जानकारी सार्वजनिक होने से सामाजिक ताने बाने पर असर पड़ सकता है.

    मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता मेराजुद्दीन ने बताया कि याचिका में यह मांग भी की गई है कि रिपोर्ट में ज्ञानवापी को लेकर जो भी विवरण दिए गए हैं, उसकी जानकारी मुस्लिम पक्ष को भी दी जाए.

    यदि यह जानकारी किसी भी तरह सार्वजनिक होती है तो उसके पहले रिपोर्ट की सूचीबद्ध जानकारी उन्हें प्राप्त होनी चाहिए ताकि उन्हें यह पता चल सके कि सर्वे में एएसआई ने जिन तथ्यों को डाला है उसमें क्या विवरण हैं.

    चार वादी महिलाओं के अधिवक्ता विष्णु हरिशंकर जैन ने बताया, "एएसआई ने सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट देकर उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना की है, हमने आज कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है कि इस रिपोर्ट की कॉपी हमें 21 तारीख को दी जाय."

    वाराणसी के जिला न्यायाधीश अजय कृष्ण विश्वेश ने इस मामले में अगली तारीख 21 दिसंबर नियत की है.

  14. सोशल इन्फ्लूएंसर प्रिया सिंह पर हमले का मामला: न्यायिक हिरासत में भेजे गए तीनों अभियुक्त

    प्रिया सिंह

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    सोशल इन्फ्लूएंसर प्रिया सिंह पर कथित हमले और कार चढ़ाने के मामले में महाराष्ट्र के ठाणे की एक कोर्ट ने अश्वजीत गायकवाड़ समेत तीन अभियुक्तों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, अश्वजीत राज्य के एक सीनियर अधिकारी के बेटे हैं. पुलिस ने आज उनके समेत तीन अभियुक्तों को कोर्ट में पेश किया था.

    प्रिया सिंह के आरोपों के मुताबिक अश्वजीत उनके ‘बॉयफ्रेंड’ थे और वो पिछले साढ़े चार साल से उनके साथ रिलेशनशिप में थी. अभियुक्त ने उनसे शादी का वादा किया था.

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    क्या हैं आरोप?

    एक सोशल पोस्ट के जरिए प्रिया सिंह ने आरोप लगाया, "अश्वजीत ने मुझे बताया था कि उसने अपनी पत्नी से तलाक़ ले लिया है और अब वो अलग रह रहा है. लेकिन जब मैंने घटना के दिन अश्वजीत को उसकी पत्नी के साथ देखा तब वह नाराज़ हो गया. इसलिए उसने मुझे जान से मारने की कोशिश की."

    प्रिया के मुताबिक अश्वजीत सिंह गायकवाड़ ने उन्हें कार से कुचलवाकर जान से मारने की कोशिश की.

    पुलिस ने इस मामले में अश्वजीत समेत तीन लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है.

  15. बिहार: दरभंगा के मंदिर में बलि पर रोक को लेकर विवाद, क्या है पूरा मामला

      • Author, चंदन कुमार जजवाड़े
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, बिहार से
    दरभंगा में स्थित श्यामा मंदिर

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    इमेज कैप्शन, दरभंगा में स्थित श्यामा मंदिर

    बिहार के दरभंगा ज़िले स्थित श्यामा मंदिर में बलि देने की परंपरा पर रोक लगाने से शुरू हुआ विवाद अब थमता नहीं दिख रहा है.

    बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि सनातन धर्म में बलि की प्रथा आदिकाल से रही है.

    गिरिराज सिंह का कहना है, “ट्रस्ट की तरफ से कहा गया है कि श्यामा मंदिर में बलि देना बंद किया जाए. मैं पूछना चाहता हूं कि क्या बकरीद पर इसे बंद करा सकते हैं. बलि प्रथा भी हमारे यहां धर्म है, परिपाटी है.”

    दरभंगा ज़िले का श्यामा मंदिर दरभंगा राज परिवार से जुड़ा मंदिर है. यह हिन्दू देवी ‘काली’ का मंदिर है, जो इलाक़े में काफ़ी प्रसिद्ध है.

    मिथिलांचल की परंपरा और संस्कृति के जानकार अमल झा के मुताबिक़ यह मंदिर महाराज महेश्वर सिंह की चिता पर महाराज कामेश्वर सिंह ने 1929 में राजा बनने के बाद बनवाया था. यहां राज परिवार का निजी श्मशान है.

    यह मंदिर पहले कामेश्वर सिंह धार्मिक न्यास के अधीन था, जिसे बिहार सरकार ने अधिगृहित कर लिया.

    अमल झा के मुताबिक़, “बलि प्रथा मिथिला में आदिकाल से चल रही है और मंदिर तांत्रिक सिद्ध पीठ है. ऊपर से यह श्मशान है. यहां शुरुआत से ही चिता साधना होती थी. काली माई के मंदिर में जो बलि दी जाती है, वह अलग है और श्मशान में साधना कर जो बलि दी जाती है, वह अलग है. यहां दोनों को मिला दिया गया है, यह किसी की निजता का भी उल्लंघन है और धार्मिक भावनाओं से भी खिलवाड़ है.”

    उनका आरोप है कि इस श्मशान में न्यास बोर्ड ने कुछ दिन पहले देवोत्थान की पूजा भी कराई थी, ऐसा आज तक नहीं हुआ कि किसी श्मशान में देवोत्थान की पूजा हुई हो.

    हमने इस मामले में बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष अखिलेश कुमार जैन से संपर्क करने की कोशिश की.

    इस प्रक्रिया में हमने उन्हें कई बार फोन और मैसेज़ करके संपर्क करने की कोशिश की. लेकिन उनकी ओर से ख़बर लिखे जाने तक किसी तरह का उत्तर नहीं आया है.

    वहीं, बिहार में सत्तारूढ़ दल जदयू के प्रवक्ता और इस बोर्ड के सदस्य नीरज कुमार ने कहा है कि बलि पर रोक लगाने का फ़ैसला पूरी तरह ग़लत है.

    वहां, सदियों से बलि प्रथा चल रही है और उस परंपरा का सम्मान ज़रूरी है.

    नीरज कुमार जनता दल यूनाइटेड के विधान परिषद सदस्य भी हैं. उनका आरोप है कि बोर्ड एक स्वतंत्र संस्था है और इसके अध्यक्ष ने बिना किसी मीटिंग के ख़ुद ही बलि प्रथा पर पाबंदी का आदेश जारी किया है.

    नीरज कुमार इस मामले में बिहार स्टेट बोर्ड ऑफ़ रिलिजियस ट्रस्ट सदस्यों आचार्य किशोर कुणाल, रणवीर नंदन और बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बेचौल पर मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगा रहे हैं.

  16. ब्रेकिंग न्यूज़, करगिल में 5.5 तीव्रता का भूकंप, जान-माल के नुकसान की ख़बर नहीं

    भूकंप

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    करगिल में सोमवार दोपहर भूकंप का झटका महसूस हुआ.

    अधिकारियों ने तीन बजकर 48 मिनट पर 5.5 तीव्रता के भूकंप की पुष्टि की है.

    नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक़, इस भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया है.

    अब तक इस भूपकंप से किसी तरह के नुकसान की ख़बर नहीं आई है.

  17. ग़ज़ा: जबालिया में 50 लोगों के मलबे में दबे होने की रिपोर्ट

      • Author, रश्दी अबु ओलॉफ़
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, गज़ा
    ग़ज़ा

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    ग़ज़ा के जबालिया शरणार्थी कैंप से मिली रिपोर्टों के यहां बीती रात इसराइल ने जिस जगह हवाई हमला किया, वहां तीन परिवार रह रहे थे.

    हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय और स्थानीय पत्रकारों की रिपोर्टों के मुताबिक हमले में 110 लोग मारे गए हैं और 50 लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं.

    इलाके में मौजूद एक पत्रकार के मुताबिक फ़लस्तीनी सिविल डिफेंस के लोग मौके तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. ऐसे में आम लोग मलबे में फंसे लोगों की मदद कर रहे हैं.

    इसराइल की सेना बीते दो हफ़्ते से जबालिया को निशाना बना रही है. टैंकों ने शरणार्थी शिविर को चारों तरफ से घेरा हुआ है.

    बीती रात इस इलाके में हवाई हमले तेज़ हो गए. मैंने कुछ फोटो देखे हैं जिनमें उत्तरी ग़ज़ा के स्वास्थ्य केंद्र के करीब कई बच्चों और महिलाओं के जिस्म दिखते हैं. रिपोर्टों के मुताबिक उनकी मौत इसराइल के किसी और इलाके में हुए हमले में हुई.

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, लोकसभा से 30 से ज़्यादा सांसद निलंबित, कांग्रेस नेता अधीर रंजन का नाम शामिल

    अधीर रंजन चौधरी

    इमेज स्रोत, ANI

    कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी समेत 30 से ज़्यादा सांसदों को लोकसभा से निलंबित कर दिया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इन सांसदों को शीतकालीन सत्र के बाकी दिनों के लिए निलंबित किया गया है.

    इससे पहले लोकसभा से 13 सांसदों को निलंबित किया गया था.

    13 दिसंबर को लोकसभा की सुरक्षा में हुई कथित चूक का मामला उठाते हुए आज सुबह से लोकसभा में विपक्ष के सांसद हंगामा कर रहे थे.

    वो गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर बयान देने की मांग कर रहे थे. विपक्ष ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है.

    कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया है, 'बीजेपी मूल अधिकारों को रौंदने का काम कर रही है.'

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    पीटीआई के मुताबिक़, लगातार हंगामे की वजह से लोकसभा की कार्यवाही को आज दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया.

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  19. ब्रेकिंग न्यूज़, वाराणसी: ज्ञानवापी पर सर्वे रिपोर्ट एएसआई ने सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपी

      • Author, उमंग पोद्दार
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
    ज्ञानवापी मस्जिद और काशी विश्वनाथ मंदिर

    इमेज स्रोत, ROBERT NICKELSBERG/GETTY IMAGES

    इमेज कैप्शन, ज्ञानवापी मस्जिद और काशी विश्वनाथ मंदिर

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) ने सोमवार को ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़ी अपनी सर्वे रिपोर्ट वाराणसी ज़िला अदालत को सौंप दी है.

    अंजुमन इंतेज़ामिया मस्जिद समिति के वक़ील अख़लाक़ अहमद ने बताया है, “एएसआई की पूर्ण रिपोर्ट एक सील बंद लिफाफे में सौंपी गयी है. अदालत 21 दिसंबर को फ़ैसला जारी करके बताएगी कि ये रिपोर्ट दोनों पक्षों के साथ किस तरह साझा की जाएगी.”

    इस मामले में दायर की गयी कई याचिकाओं में दावा किया गया है कि इस 'मस्जिद को भगवान शिव के मंदिर की जगह पर बनाया गया है.' और हिंदू पक्ष ने इस मस्जिद में पूजा करने की इजाज़त मांगी है.

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    पिछले साल मई में अदालत की ओर से गठित एक आयोग को मस्जिद के वज़ूखाने में एक शिवलिंग जैसी आकृति मिला थी. मुस्लिम पक्ष ने जिसके फव्वारा और हिंदू पक्ष ने शिवलिंग होने का दावा किया था.

    इसके बाद इस साल जुलाई में वाराणसी की एक अदालत ने एएसआई को मस्जिद की वैज्ञानिक ढंग से जांच करने का निर्देश दिया ताकि ये पता लगाया जा सके कि ये मस्जिद एक मंदिर पर बनाई गई थी या नहीं.

  20. इंडिया गठबंधन की बैठक: नीतीश कुमार की भूमिका पर क्या बोले बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव

    तेजस्वी यादव

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    विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' की बैठक से पहले डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा है कि लोकसभा चुनाव के लिए जिस भी विपक्षी दल के गठबंधन में जो भूमिका तय होगी, वो उसे निभाएगा.

    विपक्षी दलों के गठबंधन की बैठक कल दिल्ली में होनी है. इसमें राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई अहम नेता हिस्सा लेंगे.

    हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद ये गठबंधन की पहली बैठक है.

    विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन हिंदी भाषी राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में उम्मीद के मुताबिक़ नहीं रहा.

    तीन जगह बीजेपी ने बहुमत हासिल किया और सरकार बनाई. इसके बाद से इंडिया गठबंधन में दूसरे नेताओं ख़ासकर बिहार के सीएम नीतीश कुमार को अहम रोल दिए जाने को लेकर चर्चा ज़ोरों पर है.

    गठबंधन में नीतीश कुमार की भूमिका क्या होगी, इस सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा, "भूमिका सबकी एक ही है, सबका एक ही मक़सद है. हम फिरकापरस्त शक्तियों को सत्ता से बेदखल करेंगे."

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    'सार्वजनिक नहीं की जाती सब बातें'

    उन्होंने कहा, "चुनाव को लेकर जो तैयारियां होनी चाहिए, वो हो रही हैं. हम इस पर काम कर रहे हैं. जो काम हुआ है, वो हम जानते हैं कि क्या हुआ है, सारी चीजें सार्वजनिक नहीं की जाती हैं."

    तेजस्वी यादव ने कहा, "जो ज़िम्मेदारी मिलेगी, हम लोग सब मजबूती के साथ उसे निभाएंगे."

    उन्होंने दावा किया कि जहां भी क्षेत्रीय दल मजबूत हैं, वहां भारतीय जनता पार्टी हाशिए पर है.

    तेजस्वी यादव ने कहा, "जहां भी क्षेत्रीय पार्टी हैं, वहां भाजपा है ही नहीं."