केरल के गवर्नर ने प्रदर्शन कर रहे एसएफ़आई छात्रों को कहा 'बंदर'
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए

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केरल में विरोध प्रदर्शन कर रहे स्टूडेन्ट्स फ़ेडेरेशन ऑफ़ इंडिया (एसएफ़आई) के क़रीब 200 छात्रों को पुलिस के ज़रिए यूनिवर्सिटी परिसर से निकालने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच राज्य के गवर्नर आरिफ़ मोहम्मद ख़ान यूनिवर्सिटी पहुंचे.
उन्होंने विरोध कर रहे छात्रों पर तंज कसते हुए कहा कि "अगर हम डटे रहेंगे तो वो बंदरों की तरह पीछे हटने लगेंगे."
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार को केरल के गवर्नर आरिफ़ मोहम्मद ख़ान कालीकट यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस पहुंचे.
यहां एसएफ़आई से जुड़े छात्र हाथों में काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.
मामला ये है कि सत्ताधारी सीपीएम की स्टूडेन्ट विंग ने हाल में कहा था कि वो राज्यपाल को यूनिवर्सिटी परिसर में कदम नहीं रखने देंगे.
इसे एक चुनौती की तरह स्वीकार कर राज्यपाल ने कहा कि वो सरकारी गेस्ट हाऊस में न रुक कर, यूनिवर्सिटी गेस्ट हाऊस में ही ठहरेंगे.
इसके बाद यूनिवर्सिटी में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए वहां 500 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया.
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छात्रों पर कसा तंज
गेस्ट हाऊस पहुंचने के बाद राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने कहा, "मैं हमेशा से स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श मानता हूं. उन्होंने कहा था जो कठोर हैं, निर्दयी हैं उनका डटकर मुक़ाबला करो. अगर हम डटे रहेंगे तो वो बंदरों की तरह पीछे हटने लगेंगे. मैं यहां से भागने वाला नहीं हूं."
उन्होंने एक बार फिर कहा कि ये प्रदर्शन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के कहने पर हो रहे हैं. उन्होंने कहा, "ये सभी अपराधी हैं जिन्हें मुख्यमंत्री ने भाड़े पर लिया है."
राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान यूनिवर्सिटी में और कोझिकोड में रविवार को होने वाले एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए यहां पहुंचे हैं. वे सोमवार को तिरुवनंतपुरम लौटेंगे.

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कहां से शूरू हुआ मामला?
कुछ वक्त पहले राज्यपाल ने युनिवर्सिटी सीनेट के लिए चार छात्रों को नामांकित किया था. ये चारों बीजेपी की स्टूडेंट विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से थे. उन्होंने उन नामों को खारिज कर दिया था जिनकी सिफारिश यूनिवर्सिटी ने की थी.
मंगलवार को केरल हाई कोर्ट ने चार छात्रों के नामांकन पर अंतरिम रोक लगा दी थी.
यूनिवर्सिटी के नियमों के अनुसार राज्यपाल चार मेधावी छात्रों (ह्यूमेनिटीज़, साइंस, स्पोर्ट्स और फ़ाइन आर्ट्स से एक-एक छात्र) को यूनिवर्सिटी सीनेट के लिए नामांकित करेंगे.
















