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इसराइल-हमास युद्ध में अब तक 18,205 फ़लस्तीनियों की मौत, ख़ान यूनिस में घुसे टैंक

हमास के स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सात अक्टूबर से शुरू हुए इसराइल के साथ युद्ध में अब तक 18,205 फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and अनंत प्रकाश

  1. इसराइल-हमास युद्ध में अब तक 18,205 फ़लस्तीनियों की मौत, ख़ान यूनिस में घुसे टैंक

      • Author, रुश्दी अबू अलूफ़
      • पदनाम, इस्तानबुल से

    हमास के स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सात अक्टूबर से शुरू हुए इसराइल के साथ युद्ध में अब तक 18,205 फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है.

    ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़, इसराइली कार्रवाई में अब तक 49,605 लोग घायल भी हुई हैं.

    ग़ज़ा पट्टी के दूसरे सबसे बड़े शहर ख़ान यूनिस में इसराइली टैंकों के घुसने के बाद से उनकी कार्रवाई जारी है. ये टैंक लगातार ख़ान यूनिस में अंदर घुस रहे हैं.

    इन टैंकों ने पिछले वीकेंड ही पूर्व की दिशा से इस इलाक़े में घुसना शुरू कर दिया था.

    ये टैंक धीरे-धीरे आगे ख़ान यूनिस के पूर्वी हिस्से की ओर बढ़ रहे हैं जो एक काफ़ी जटिल इलाक़ा है.

    इस इलाक़े में विशाल इमारतें, दुकानें और घनी आबादी है. ख़ान यूनिस में अभी भी काफ़ी लोग मौजद है.

    इसराइली सेना ने आज सुबह ही पर्चे फेंककर ख़ान यूनिस में रहने वाले लोगों से अल-मवासी नामक इलाक़े की ओर जाने को कहा है.

    लेकिन वह एक काफ़ी छोटा इलाक़ा है और वहां पर किसी तरह का आधारभूत ढांचा भी नहीं है.

    वहीं, ख़ान यूनिस में स्थित एक अस्पताल के निदेशक ने मुझे बताया है कि उनके कर्मचारी घायलों की बढ़ती संख्या से जूझ रहे हैं.

    उनका कहना है कि अस्पताल में इलाज़ में काम आने वाली चीज़ों की मात्रा भी कम होती जा रही है.

  2. अमित शाह के भाषण के दौरान विपक्ष ने किया वॉकआउट, कौन क्या बोला?

    राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण के दौरान विपक्ष के नेताओं ने वॉक आउट किया है जिसके बाद एनडीए और विपक्ष के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है.

    शाह सोमवार को राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2023 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2023 के मुद्दे पर बोल रहे थे.

    ये दोनों विधेयक पिछले हफ़्ते लोकसभा से पारित हो चुके हैं. और आज ये विधेयक राज्य सभा से भी पारित हो गए हैं.

    उन्होंने कहा, "एक बात तो सर्वविदित है कि अगर असामयिक युद्धविराम नहीं हुआ होता तो आज पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) नहीं होता... मैं एक बयान पढ़ना चाहूंगा... यह जवाहरलाल नेहरू का उद्धरण है. उनको तो मानोगे या नहीं मानोगे कि उन्होंने गलती की है. इसे स्वीकार करें..."

    इस दौरान विपक्षी दलों के सांसदों ने राज्यसभा से वॉक आउट किया जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं.

    राजद सांसद मनोज झा ने सदन से बाहर आकर कहा, "गृह मंत्री आज जिस तरह का भाषण दे रहे थे वह गरिमा विहीन था, इसी पद पर कभी सरदार पटेल रहे हैं, कभी उनके भाषण सुनें उनके बाद और भी कई लोग रहे हैं. इस पद की गरिमा के साथ एक भद्दा मज़ाक हुआ, इसलिए हमारे एलओपी मल्लिकार्जुन खरगे ने निर्णय किया और हम सब बाहर आ गए."

    वहीं, केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि "विपक्ष के पास कोई लॉजिक नहीं था, वे कमजोर हो गए थे और इसलिए वे भाग गए. आज सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्णय लिया उससे यह साफ जाहिर हो गया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में जो निर्णय लिया गया था, वह सही था."

    कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, "कश्मीर पर बातचीत में पूरे विपक्ष ने भाग लिया. हम लोग पूरा सहयोग कर रहे थे. लेकिन जब 'इंडिया' गठबंधन की मजाक उड़ाने लगे...घमंडिया गठबंधन कहने लगे तो खरगे जी ने कहा कि कश्मीर पर विधेयक है तो कश्मीर पर बात करो. अगर आप ये बोलेंगे तो हम जाते हैं."

    वहीं, शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "जब हम जम्मू-कश्मीर के मुद्दे से हट रहे थे तब हमें याद दिलाया जा रहा था कि जो मुद्दा है उसपर बात हो लेकिन अमित शाह अपने जवाब में जम्मू-कश्मीर पर बात करते हुए साहू(धीरज साहू) के मुद्दे पर बात करने लगे और कहा कि सबने चुप्पी साधी हुई है. यह ग़लत बात है और वास्तविक भी नहीं है और जो उन्होंने कहा वह मुद्दे के ख़िलाफ़ भी था इसलिए हमने सदन में आपत्ति जताकर वॉकआउट किया."

  3. गोगामेड़ी हत्याकांड में एक महिला गिरफ़्तार, घर से मिली एके-47 की तस्वीर

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    राजस्थान में राजपूत करणी सेना प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के मामले में अभियुक्त नितिन फौजी को अपने घर में छिपाने के आरोप में एक महिला को जयपुर से गिरफ़्तार किया गया है.

    गिरफ्तार महिला पूजा सैनी जयपुर के जगतपुरा में अपने पति महेंद्र कुमार के साथ रहती थीं. हत्या से पहले एक सप्ताह तक नितिन फौजी को उन्होंने अपने फ्लैट पर रखा था.

    नितिन फौजी हिसार से टैक्सी के ज़रिए 28 नवंबर को जयपुर पहुंचा था. इसके बाद से वह पूजा के फ्लैट पर रहा था.

    पुलिस के मुताबिक़ पूजा के पति महेंद्र कुमार ने अभियुक्त नितिन फौजी को हथियार और पैसे उपलब्ध करवाए थे. महेंद्र अपने फ़ोन से नितिन फौजी की रोहित राठौड़ और विरेंद्र चारण से बात करवाता था.

    फ्लैट के एक कमरे में नितिन फौजी को रखा गया. उसके लिए पूजा ही खाना बनाती थी. घटना से पहले महेंद्र अपनी गाड़ी से नितिन फौजी को अजमेर रोड ले गया और वहां दूसरे शूटर रोहित राठौड़ को पचास हज़ार और हथियार भी दिए. इसके बाद दोनों को बेस्ट ऑफ लक कहते हुए गाड़ी से उतार दिया.

    पुलिस को महेंद्र के घर तलाशी में हथियार तस्करी के लॉरेंस विश्नोई गैंग के नेटवर्क संचालित करने के अहम सबूत मिले हैं. पुलिस का कहना है कि इस बात के तथ्य भी सामने आए हैं कि लॉरेंस विश्नोई गैंग द्वारा जयपुर में की गई कई गंभीर घटनाओं में भी महेंद्र और उनकी पत्नी पूजा ने हथियार सप्लाई करवाए थे.

    पुलिस के अनुसार महेंद्र भारी हथियारों का जखीरा लेकर फरार हो गया है, जिसकी तलाश की जा रही है. पुलिस को महेंद्र के फ्लैट की तलाशी के दौरान फ्लैट में रखी एक एके 47 की तस्वीर मिली है.

    पुलिस का कहना है कि राजू ठेहट हत्याकांड में यह बात सामने आई थी कि एक एके 47 जयपुर में किसी को दी गई है.

    इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि यह वही एके 47 है. 29 नवंबर को रोहित राठौड़ ने हत्याकांड के बाद भागने के लिए एक मोटरसाइकिल भी खरीदी थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर ली है.

    कौन थे सुखदेव सिंह गोगामेड़ी

    पंजाब से सटे हनुमानगढ़ ज़िले के सुखदेव सिंह गोगामेड़ी राजपूत समाज के आक्रामक नेता के रूप में जाने जाते रहे हैं.

    वे साल 2017 में फिल्म पद्मावत के विरोध के दौरान देशभर में चर्चाओं में आए. फिल्म पद्मावत की जयपुर में हो रही शूटिंग के दौरान राजपूत करणी सेना ने फ़िल्म के सेट पर तोड़फोड़ और विरोध प्रदर्शन किया था. राजपूत करणी सेना ने फिल्म में शामिल किए कई सीन पर आपत्ति जताई थी.

    इस दौरान फिल्म निदेशक संजय लीला भंसाली को थप्पड़ मारने की घटना के बाद से सुखदेव सिंह गोगामेड़ी देशभर में सुर्खियों में रहे.

    राजपूत समाज के संगठन करणी सेना से वे कई साल तक जुड़े रहे लेकिन लोकेंद्र सिंह कालवी के साथ विवाद के चलते उन्होंने राजपूत करणी सेना नाम से संगठन बनाया.

  4. मध्य प्रदेश: शिवराज सिंह चौहान ने नरेंद्र तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बनने पर दी बधाई

    मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार शाम पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर को मध्य प्रदेश की विधानसभा का अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी है.

    इसके साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश में उप-मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचने वाले बीजेपी नेताओं राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा को भी बधाई दी है.

    तोमर को बधाई देते हुए उन्होंने एक्स पर लिखा - "नरेंद्र तोमर जी को मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई. आपका कुशल मार्गदर्शन व अनुभव निश्चय ही प्रदेश के विकास और जनहित के कार्यों को और अधिक गति देगा. आपको पुनः हृदय से बधाई."

    बीजेपी ने सोमवार दोपहर तमाम राजनीतिक पंडितों को चौंकाते हुए मध्य प्रदेश में डॉ मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया है.

    मोहन यादव इससे पहले शिवराज सिंह सरकार में उच्च शिक्षा विभाग संभाल रहे थे. वह इस चुनाव में तीसरी बार विधायक बने हैं.

    डॉ यादव के सीएम बनने की ख़बर आने से पहले तक शिवराज सिंह से लेकर प्रह्लाद पटेल और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नामों पर चर्जा जारी थी.

    लेकिन आख़िर में पार्टी नेतृत्व ने डॉ मोहन यादव के नाम पर मुहर लगाई.

  5. Jammu Kashmir :सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की पूरी कहानी, 11 दिसंबर का 'दिनभर' सुनिए, गुरप्रीत सैनी और मोहन लाल शर्मा के साथ

  6. आर्टिकल 370: सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर क्या बोला आरएसएस

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सोमवार को आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए फ़ैसले पर अपनी टिप्पणी दी है.

    आरएसएस ने एक्स अकाउंट पर लिखा है - "सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 370 समाप्त करने को वैधता प्रदान करना स्वागत योग्य है."

    आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर की ओर से लिखा गया है कि "राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस निर्णय का स्वागत करता है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रारंभ से ही अनुच्छेद 370 का विरोध करता रहा है और संघ ने इस विषय पर कई प्रस्ताव भी पारित किए है तथा समस्त आंदोलनों में सहभाग किया है. यह निर्णय राष्ट्रीय एकता को मजूबत करेगा. अनुच्छेद 370 के कारण जम्मू-कश्मीर में वर्षों से अन्याय सह रहे लोगों को इस निर्णय से मुक्ति मिली है."

  7. मोहन यादव के पिता बोले- 'कभी सोचा नहीं था बेटा बन जाएगा सीएम, ये है महाकाल की कृपा'

    बीजेपी नेता मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. मोहन यादव को आज भोपाल में हुई बैठक में बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया.

    मोहन यादव के नाम का एलान होते ही उनके समर्थक जश्न मनाने लगे. उनके रिश्तेदारों और पड़ोसियों की खुशी जाहिर करने की तस्वीरें भी सामने आ रही हैं.

    इस बीच उनके पिता पूनम चंद यादव की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.

    पूनम चंद यादव ने कहा, "कभी सोचा भी नहीं था कि मुख्यमंत्री बन जाएगा. माता और महाकाल बाबा की कृपा है. उनकी सेवा मैं करता हूं."

    1984 से बीजेपी कार्यकर्ता

    समचाार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पूनम चंद यादव ने कहा, " (बेटे के मुख्यमंत्री चुने जाने पर) अच्छा लग रहा है. "

    मोहन यादव की बहन कलावती यादव ने कहा कि उनके भाई का सीएम बनना 'महाकाल और पार्टी की कृपा है.'

    मोहन यादव साल 2013 में उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक चुने गए. 2018 और 2023 में वो फिर से विधायक चुने गए. शिवराज सिंह चौहान सरकार में वो शिक्षा मंत्री थे.

    मोहन यादव की बहन ने बताया कि वो 1984 से भारतीय जनता पार्टी के लिए काम करते हैं.

    मोहन यादव की खेलों में भी रुचि है. वो मध्य प्रदेश कुश्ती एसोसिएशन के अध्यक्ष और मध्य प्रदेश ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष हैं.

    मोहन यादव के मुख्यमंत्री चुने जाने का एलान होने के बाद उनके घर के बाहर मिठाई बांटी गई.

    देखें वीडियो

    मोहन यादव के घर के बाहर दीवाली जैसा माहौल दिखा. उनके कई समर्थकों ने पटाखे जलाकर खुशी जाहिर की.

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  8. मोहन यादव कैसे चुने गए मुख्यमंत्री, बीजेपी ने बताया, आगे किस लक्ष्य पर नज़र?

    मोहन यादव मध्य प्रदेश में बीजेपी सरकार के मुखिया होंगे. उन्होंने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. उन्हें बीजेपी के नए चुने गए विधायकों का नेता चुनने का प्रस्ताव शिवराज सिंह चौहान ने रखा. मोहन यादव अब तक शिवराज सिंह चौहान सरकार में मंत्री थे.

    भारतीय जनता पार्टी को हालिया विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल हुई है. बीजेपी ने राज्य विधानसभा की 230 सीटों में से 163 पर जीत हासिल की है. चुनाव के वक़्त शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री थे और बीजेपी को मिले बड़े बहुमत के बाद उन्हें ही सीएम पद का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था.

    बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल और सीनियर नेता कैलाश विजयवर्गीय को भी मैदान में उतारा था. ये सभी विधायक चुने गए तो इनके नाम भी सीएम दावेदारों के तौर पर चलने लगे.

    बीजेपी विधायकों की सोमवार को भोपाल में हुई बैठक के दौरान तक मोहन यादव का नाम चर्चा में नहीं था.

    मीटिंग में क्या हुआ?

    बैठक में क्या हुआ इसकी जानकारी मध्य प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दी.

    वीडी शर्मा ने बताया, “शिवराज सिंह चौहान ने मोहन यादव का नाम प्रस्तावित किया. नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद पटेल समेत सभी वरिष्ठ नेताओं ने प्रस्ताव का समर्थन किया.”

    मोहन यादव का नाम प्रस्तावित करने वाले सभी नेताओं के नाम मुख्यमंत्री दावेदारों के तौर पर चल रहे थे.

    शिवराज सिंह चौहान बीते तीन कार्यकाल से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे जबकि नरेंद्र सिंह तोमर और प्रह्लाद पटेल केंद्र में मंत्री थे. विधायक चुने जाने के बाद तोमर और पटेल ने संसद सदस्यता छोड़ दी.

    मोहन यादव पर दांव खेलने का फ़ायदा?

    राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी ने मोहन यादव को सीएम चुनकर कई हित साधने की कोशिश की है.

    बिहार में जातिगत सर्वे के नतीजे सामने आने के बाद से विपक्षी दलों का गठबंधन ‘इंडिया’ और कांग्रेस पार्टी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) जातियों की हिस्सेदारी का मुद्दा उठा रही है.

    शिवराज सिंह चौहान ओबीसी से हैं और उनकी जगह लेने वाले मोहन यादव भी ओबीसी से ही आते हैं. जानकारों का कहना है कि उनकी नियुक्ति के जरिए बीजेपी की नज़र बिहार और उत्तर प्रदेश पर भी है.

    जानकारों का कहना है कि शिवराज सिंह चौहान के लगातार सीएम रहने से सरकार के ख़िलाफ़ जो एंटी इन्क्बैंसी बनी, नया चेहरा लाकर बीजेपी उसे थामने की कोशिश में है.

  9. मोहन यादव एमपी का सीएम चुने जाने के बाद बोले, "मैं छोटा सा कार्यकर्ता, पूरे करूंगा मोदी के सपने”

    मध्य प्रदेश में तमाम राजनीतिक पंडितों को चौंकाते हुए मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने वाले उज्जैन के विधायक डॉ मोहन यादव ने प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया.

    इसके पहले शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया.

    नेता चुने जाने के बाद मोहन यादव ने कहा, “मेरे जैसे छोटे नेता को इस तरह की ज़िम्मेदारी देने के लिए केंद्र और राज्य नेतृत्व का शुक्रिया. ये होती है भारतीय जनता पार्टी. यद्यपि मैं इस लायक नहीं हूं लेकिन आप सबका प्रेम और आपका आशीर्वाद और आपका सहयोग मिलेगा तो निश्चित रूप से मैं कोशिश करूंगा. एक बार फिर आप सबका आभार और धन्यवाद.”

    उन्होंने कहा, "हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के सपने को लेकर आगे चलेंगे."

    इस मौके पर मीडिया की ओर से मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से सवाल पूछने की कोशिश की गयी.

    लेकिन उन्होंने स्पष्ट तौर पर कुछ भी कहने से इनकार किया है. इस घोषणा से पहले तक सीएम पद की रेस में शिवराज सिंह के साथ-साथ नरेंद्र तोमर और प्रह्लाद पटेल जैसे बीजेपी नेताओं का नाम शामिल बताया जा रहा था.

  10. मध्य प्रदेश के सीएम चुने गए मोहन यादव की बहन बोलीं- 'नाम तो चल रहा था लेकिन....'

    भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को एक चौंकाने वाला फ़ैसला लेते हुए मोहन यादव को मध्य प्रदेश के अगले सीएम के तौर पर चुना है.

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी. बैठक में हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई में तीन केंद्रीय पर्यवेक्षक भी मौजूद थे.

    इस बैठक से पहले राष्ट्रीय स्तर पर मोहन यादव का नाम भावी सीएम के तौर पर शायद ही किसी ने सुना हो लेकिन उनकी बहन का दावा है कि स्थानीय स्तर पर उनके नाम को लेकर चर्चा थी.

    शिवराज ने रखा नाम का प्रस्ताव

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मोहन यादव की बहन ने कहा, "चल रहा था नाम. पूरा पता तो नहीं था."

    मोहन यादव की बहन ने कहा कि उनके भाई को मेहनत का फल मिला है.

    मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक विधायकों की बैठक में निवर्तमान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मोहन यादव के नाम का प्रस्ताव रखा और फिर उस पर मुहर लग गई.

  11. ब्रेकिंग न्यूज़, मध्य प्रदेश में बीजेपी ने दिया सरप्राइज़, शिवराज सिंह की विदाई, मोहन यादव होंगे नए सीएम

      • Author, सलमान रावी
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

    मध्य प्रदेश में बीजेपी ने तमाम अटकलों को किनारे रखते हुए चौंकाने वाला फ़ैसला किया है. मोहन यादव को विधायक दल का नेता चुना गया है. वो मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगे.

    मोहन यादव तीसरी बार विधायक बने हैं. वो शिवराज सिंह चौहान सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री थे. मोहन यादव के नाम के एलान के साथ शिवराज सिंह चौहान की विदाई तय हो गई है.

    भारतीय जनता पार्टी ने हालिया विधानसभा चुनाव में राज्य की 230 विधानसभा सीटों में से 163 पर जीत हासिल की है. बीजेपी ने चुनाव से पहले मुख्यमंत्री के तौर पर किसी नेता के नाम को सामने नहीं रखा था.

    नतीजों का एलान तीन दिसंबर को हुआ था. आज हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर समेत तीन पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में नए विधायकों की बैठक हुई. इसमें मोहन यादव को नेता चुना गया.

    बैठक के दौरान ही उन्होंने सोशल प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर नए विधायकों की ग्रुप फोटो की तस्वीर भी पोस्ट की.

    मोहन यादव 2013 में पहली बार विधायक बने थे. उन्हें आरएसएस का करीबी बताया जाता है. मोहन यादव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से भी जुड़े रहे हैं. वो मध्य प्रदेश कुश्ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं.

    हालिया विधानसभा चुनाव में उन्होंने उज्जैन दक्षिण सीट से जीत हासिल की. उन्होंने करीब 13 हज़ार के अंतर से जीत हासिल की.

  12. वेस्ट बैंक: ग़ज़ा के समर्थन में फ़लस्तीनी समूहों की अपील पर बंद, सूनी रही सड़कें-देखें तस्वीर

    ग़ज़ा के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए फ़लस्तीनी समूहों ने वैश्विक बंद की अपील की है.

    वेस्ट बैंक में इसका असर देखने को मिला. लोगों के हड़ताल में हिस्सा लेने की वजह से दुकानें बंद नज़र आईं. अधिकांश सड़कें सूनी दिखीं. यहां इक्कादुक्का लोग चहलकदमी करते दिखे.

    हमास ने सात अक्टूबर को इसराइल पर हमला किया था. इसमें करीब 12 सौ लोगों की मौत हुई. हमास के लड़ाके करीब दो सौ से ज़्यादा लोगों को बंधक बनाकर ले गए थे.

    इसराइल तब से ग़ज़ा में हमास के ख़िलाफ़ अभियान चला रहा है. हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इसराइल की कार्रवाई में अब तक करीब 18 हज़ार लोगों की मौत हुई है.

  13. आर्टिकल 370: सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर पाकिस्तान की केयरटेकर सरकार की प्रतिक्रिया, ये कहा

    पाकिस्तान की अंतरिम सरकार के विदेश मंत्री जलील अब्बास जिलानी ने भारतीय सुप्रीम कोर्ट की ओर से अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर दिए गए फ़ैसले पर टिप्पणी की है.

    जिलानी ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा है, “अंतरराष्ट्रीय क़ानून, पांच अगस्त, 2019 को भारत की ओर से उठाया गया अवैध और एकतरफ़ा कदम स्वीकार नहीं करता है. भारत के सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस मुद्दे पर दिए गए न्यायिक समर्थन का कोई क़ानूनी मूल्य नहीं है. संयुक्त राष्ट्र के प्रासंगिक प्रस्तावों के तहत कश्मीरियों के पास आत्म निर्णय का अधिकार है.”

    विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

    इसके बाद पाकिस्तान सरकार के विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर एक विस्तृत बयान जारी किया है.

    इस बयान में कहा गया है – “पिछले सात दशकों से संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के एजेंडे में शामिल रहा जम्मू-कश्मीर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विवाद है. जम्मू-कश्मीर का अंतिम समाधान संयुक्त राष्ट्र के प्रासंगिक प्रावधानों और कश्मीरी अवाम के आकाँक्षाओं के अनुरूप किया जाना है. भारत को कश्मीरी अवाम और पाकिस्तान की इच्छा के विपरीत इस विवादित क्षेत्र की स्थिति के बारे में एकतरफ़ा फ़ैसले करने का अधिकार नहीं है.”

    “पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर पर भारतीय संविधान की सर्वोच्चता स्वीकार नहीं करता है. भारतीय संविधान के अधीन किसी भी प्रक्रिया का कोई क़ानून महत्व नहीं है. भारत अपने क़ानूनों और न्यायिक फ़ैसलों के दम पर अंतरराष्ट्रीय दायित्वों से पीछे नहीं हट सकता.”

  14. आर्टिकल 370: अखिलेश यादव का बीजेपी से सवाल, '370 हट गई लेकिन चीन के लोग अंदर आ गए'

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला सभी मानेंगे लेकिन भारतीय जनता पार्टी को सीमा सुरक्षा को लेकर सवालों के जवाब देने होंगे.

    सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आ गया है. सभी उसको मानेंगे.

    उन्होंने कहा, "सीमा सुरक्षा को लेकर भारतीय जनता पार्टी को देश को जानकारी देनी होगी. लद्दाख को लेकर जब सवाल खड़े हुए थे और चीन अंदर आ गया था, अभी वो वहीं बैठा है. वो पीछे नहीं हटा है. प्रदेश का बंटवारा हो गया. 370 हट गई. लेकिन चीन के लोग अंदर आ गए."

    अखिलेश का सवाल

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक अखिलेश यादव ने कहा, "समाजवादी पार्टी ने उस समय पूछा था कि जो सीटें (जम्मू कश्मीर विधानसभा में) खाली हैं, वो कब भरी जाएंगी. क्योंकि पीओके आपका हिस्सा नहीं है. लेकिन आप उसे स्वीकार भी नहीं करते. वो सीटें आज भी खाली हैं. क्या भारतीय जनता पार्टी आने वाले समय में विधानसभा की उन सीटों को भरने के लिए कोई फ़ैसला लेगी. आखिरकार वो कैसे भरी जाएंगी."

  15. इसराइल के पूर्व सैन्य अधिकारी का अनुमान- दो और महीने चल सकती है जंग

    इसराइली सेना के एक पूर्व डिप्टी कमांडर ने दावा किया है कि इसराइल और हमास के बीच जंग दो और महीने जारी रह सकती है. उन्होंने ये भी कहा कि इसराइल ग़ज़ा को हमास से आज़ादी दिला रहा है.

    ग़जा डिवीजन के रिटायर्ड डिप्टी कमांडर आमिर अवीवी ने बीबीसी न्यूज़आवर में कहा, “हम अभी एक अहम पड़ाव पर हैं. कई आतंकवादी सरेंडर कर रहे हैं.”

    उन्होंने कहा, “एक या दो हफ़्ते में आईडीएफ़ ग़ज़ा पट्टी के उत्तरी हिस्से पर पूरी तरह नियंत्रण कर लेगी.”

    रिटायर्ड डिप्टी कमांडर ने कहा, “ये बहुत घनी आबादी वाला इलाका है. ये हमास का मजबूत गढ़ है लेकिन भौगोलिक तौर पर गज़ा पट्टी का सिर्फ़ 20 फ़ीसदी इलाका है. लेकिन ये एक अहम कामयाबी है.”

    अवीवी ने कहा कि खान यूनिस के करीब ज़ोरदार लड़ाई जारी है.

    अभियान को लेकर उन्होंने कहा, ‘इसराइल ग़ज़ा को हमास से आज़ादी दिला रहा है.’

    हमास ने सात अक्टूबर को इसराइल पर हमला किया था. तब से इसराइल ग़ज़ा में हमास के खिलाफ़ अभियान चला रहा है.

  16. सौरव गांगुली ने की महिला क्रिकेट खिलाड़ियों की तारीफ़, पुरुष टीम को लेकर ये बोले

    भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भारत की महिला क्रिकेट खिलाड़ियों की तारीफ़ करते हुए कहा है कि साल 2019 से पुरुष क्रिकेट टीम के मुकाबले महिला क्रिकेट टीम ने ज़्यादा तरक्की की है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, गांगुली ने महिला क्रिकेट खिलाड़ियों की तारीफ़ करते हुए विमेन प्रीमियर लीग का उदाहरण दिया.

    उन्होंने कहा कि “भारत की पुरुष क्रिकेट टीम हमेशा से अच्छी रही है. लेकिन महिला क्रिकेट टीम जहां से उठकर आई है, वो काबिलेतारीफ़ है. उन्होंने एशिया कप जीतने से लेकर विश्व कप में शानदार खेल दिखाया है. कॉमनवेल्थ गेम्स में भी वह सबसे अच्छी टीम थे.”

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस प्रतियोगिता में रनर-अप रही थी.

    उन्होंने कहा, “हरमनप्रीत हों या स्मृति हों. आप किसी का नाम लीजिए...रिचा, जेमिमाह, शैफाली...सभी की प्रगति शानदार रही है.”

  17. ज्ञानवापी सर्वे: एएसआई ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अदालत से मांगा एक हफ़्ते का वक़्त

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) ने वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़ी सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक हफ़्ते का वक़्त मांगा है.

    समाचार एजेंसी के मुताबिक़, इस मामले में हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने मीडिया से बात करते हुए इस ख़बर की पुष्टि की है.

    उन्होंने कहा, “आज एएसआई ने अपनी रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक हफ़्ते का वक़्त मांगा है क्योंकि एएसआई के सुपरिंटेंडेंट इस समय हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं. मैं उम्मीद करता हूं कि अगले हफ़्ते तक रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी जाएगी.”

    इससे पहले ये रिपोर्ट आज यानी सोमवार को दाखिल की जानी थी. ये रिपोर्ट वाराणसी की कोर्ट में पेश की जानी है. कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान 10 दिन के अंदर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था.

  18. मध्य प्रदेश में कौन बनेगा मुख्यमंत्री, तय करने के लिए बैठक कर रहे हैं बीजेपी नेता और विधायक

    मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद से अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस बना हुआ है.

    बीजेपी ने राज्य की 230 सीटों में से 163 सीटों पर जीत हासिल कर बड़ा बहुमत हासिल किया है. पार्टी ने चुनाव में किसी नेता को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर पेश नहीं किया था.

    मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा कई और नेता मुख्यमंत्री बनने की रेस में शामिल बताए जा रहे हैं.

    इनमें नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम अहम हैं.

    सीएम चुनने के लिए बैठक

    पार्टी ने नया मुख्यमंत्री चुनने के लिए हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई में तीन पर्यवेक्षकों को भोपाल भेजा है.

    पार्टी के नए चुने गए विधायकों के साथ पर्यवेक्षक आज भोपाल में बैठक कर रहे हैं.

    मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना के चुनाव नतीजे तीन दिसंबर को घोषित हुए थे. बीजेपी ने तेलंगाना को छोड़कर तीन राज्यों में बहुमत हासिल किया है.

    छत्तीसगढ़ में रविवार को विष्णुदेव साय को बीजेपी विधायकों ने नेता चुना और उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया.

    राजस्थान का नेता चुनने के लिए मंगलवार को जयपुर में बीजेपी विधायकों की बैठक बुलाई गई है.

  19. आर्टिकल 370: ओवैसी बोले, ‘…अब बीजेपी को कोई रोक नहीं सकेगा’

    एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से वो 'संतुष्ट नहीं' हैं.

    उन्होंने दावा किया है कि अब भारतीय जनता पार्टी को ‘चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश बनाने से कोई नहीं रोक सकता है.’

    ओवैसी ने कहा है, “आज जो फ़ैसला आया हम उससे मुतमईन नहीं हैं.”

    उन्होंने कहा, “मेरी नज़र में 370 को जो हटाया गया है, ये संवैधानिक नैतिकता का उल्लंघन है. बंटवारा और राज्य का दर्जा हटाना, ये बहुत बड़ा धोखा हुआ है, जो हमने कश्मीर की आवाम से वादा किया था.”

    ओवैसी ने कहा, “मैं पहले भी कह चुका हूं और आज भी कह रहा हूं कि अब ये कोर्ट से वैध ठहराया जा चुका है, कल बीजेपी को कोई नहीं रोक सकेगा चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई को यूटी (केंद्र शासित प्रदेश) बनाने से.”

  20. सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से साबित हुआ आर्टिकल 370 हटाना था संवैधानिक: अमित शाह

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट के सोमवार को आए फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश साबित हो गया है कि आर्टिकल 370 को हटाने का 'फ़ैसला पूरी तरह संवैधानिक था.'

    सोशल प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अमित शाह ने लिखा, “ सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 370 को हटाने के फ़ैसले को बरक़रार रखा है, मैं इसका स्वागत करता हूं.”

    उन्होंने कहा, “5 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिकल 370 को हटाने का दूरदर्शी फ़ैसला किया. तब से जम्मू कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल हुई है.”

    गृह मंत्री शाह ने कहा, “कभी हिंसा से बदहाल रही घाटी में तरक्की और विकास ने इंसानी ज़िंदगी को नए मायने दिए हैं. पर्यटन और कृषि के क्षेत्र में समृद्धि आई है जिससे जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों की आय का स्तर बढ़ा है. ”