फ़लस्तीनी पीएम ने की इसराइल पर प्रतिबंध लगाने की मांग, नेतन्याहू ने पुतिन को फ़ोन पर क्या कहा?
इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने रविवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फ़ोन किया और ग़ज़ा पर रूस के स्टैंड पर नाख़ुशी ज़ाहिर की.
नेतन्याहू ने कहा कि वो रूस के स्टैंड से संतुष्ट नहीं हैं और रूस और ईरान के बीच ख़तरनाक सहयोग की आलोचना की. बीते शुक्रवार को सुरक्षा परिषद में युद्ध विराम के प्रस्ताव का रूस ने समर्थन किया था.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने कहा है कि इसराइली कार्रवाई के कारण ग़ज़ा का स्वास्थ्य तंत्र बिखर गया है और बड़े पैमाने पर बीमारियां फैलने की स्थिति पैदा हो गई है.
दोहा फ़ोरम में किसने क्या कहा?
उधर रविवार को क़तर में दोहा फ़ोरम के दौरान कई देशों ने ग़ज़ा संकट पर विचार विमर्श किया.
फ़लस्तीनी पीएम मोहम्मद सतायेह ने ग़ज़ा पर बमबारी के लिए इसराइल पर प्रतिबंध लगाए जाने की अन्य देशों से मांग की.
फ़ोरम की बैठक के दौरान उन्होंने कहा, “इसराइल को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार का उल्लंघन जारी रखने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए.”
उन्होंने कहा, “हमारी मुख्य चिंता ये नहीं है कि कल क्या होगा. हमारी चिंता आज की है. हम चाहते हैं कि आज हो रहे अत्याचारों और नरसंहार को रोका जाए.”
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वो ये बात कहे कि 75 साल पहले शुरू हुए कब्ज़े का अंत होना चाहिए.
सतायेह फ़लस्तीनी प्राधिकरण का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो ग़ज़ा में हमास की सरकार से अलग है. फ़लस्तीनी प्राधिकरण का वेस्ट बैंक के उन हिस्सों पर शासन है जो इसराइल के कब्ज़े में नहीं है.
'इसराइली हमले युद्ध विराम की संभावना ख़त्म कर रहे'
दोहा फ़ोरम में क़तर के पीएम शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी ने कहा कि ग़ज़ा पर इसराइली बमबारी नए युद्ध विराम की संभावनाओं को कम कर रहा है.
पिछले दिनों हुए युद्ध विराम में क़तर की अहम भूमिका रही है और अभी भी युद्ध विराम को लेकर चर्चा जारी है.
फ़ोरम में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि शुक्रवार को युद्ध विराम के लिए लाए प्रस्ताव के गिर जाने का दुख है और संगठन की विश्वसनीयता को गहरा धक्का लगा है. अमेरिका ने इस प्रस्ताव को वीटो कर दिया था.
फ़लस्तीनी शऱणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के प्रमुख फ़िलिप लाज़रिनी ने कहा कि फ़लस्तीनी लोगों के अमानवीकरण ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ग़ज़ा पर जारी इसराइली हमले का मूकदर्शक बनाया है.
सरेंडर के वीडियो पर सवाल
फ़लस्तीनी पुरुषों के हथियार समेत सरेंडर के वीडियो की सत्यता पर सवाल उठाए जा रहे हैं. दो अलग अलग क्लिप में एक ही व्यक्ति को हथियार समेत सरेंडर करते दिखाया गया और दोनों में वो अलग अलग हाथ में हथियार लिए हुए है.
एक फ़लस्तीनी ने बीबीसी को बताया कि उन्हें आंख और हाथ बांधकर सड़क पर घंटों बैठाए रखा गया. इसराइली अधिकारियों का कहना है कि सैनिक हमास लड़ाकों की तलाशी कर रहे थे.
वीडियो में फ़लस्तीनी लोगों को कपड़े उतार कर और उन्हें सिर्फ अंडरवियर में घुटनों से सिर जोड़कर बैठाया गया था. उन्हें उत्तरी ग़ज़ा के बेत लाहिया से हिरासत में लिया गया था और फिर एक ट्रक में बैठा कर अज्ञात जगह भेजा गया.
24 घंटों में 297 लोगों की मौत, अब तक 18,000 मारे गए
इस बीच ख़ान यूनिस में इसराइली सैनिकों और हमास के लड़ाकों के बीच भीषण लड़ाई जारी है और इसराइली सेना ने पहले ही कई बार विस्थापित हो चुके फ़लस्तीनी नागरिकों को इलाक़ा खाली करने को कहा है.
हमास शासित ग़ज़ा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सात अक्टूबर से शुरू हुए युद्ध के बाद अब तक 18,000 से अधिक फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं.
अल जज़ीरा ने प्रवक्ता अशरफ़ अल-कुर्द के हवाले से कहा है कि ग़ज़ा में इसराइली बमबारी में 49,500 लोग घायल हुए हैं.
उन्होंने अल जज़ीरा को बताया कि पिछले 24 घंटों में 297 लोग मारे गए और 550 लोग घायल हुए हैं.