फ़लस्तीनी पीएम ने की इसराइल पर प्रतिबंध लगाने की मांग, नेतन्याहू ने पुतिन को फ़ोन पर क्या कहा?

इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने रविवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फ़ोन किया और ग़ज़ा पर रूस के स्टैंड पर नाख़ुशी ज़ाहिर की

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दीपक मंडल

  1. फ़लस्तीनी पीएम ने की इसराइल पर प्रतिबंध लगाने की मांग, नेतन्याहू ने पुतिन को फ़ोन पर क्या कहा?

    पुतिन और नेतन्याहू

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    इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने रविवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फ़ोन किया और ग़ज़ा पर रूस के स्टैंड पर नाख़ुशी ज़ाहिर की.

    नेतन्याहू ने कहा कि वो रूस के स्टैंड से संतुष्ट नहीं हैं और रूस और ईरान के बीच ख़तरनाक सहयोग की आलोचना की. बीते शुक्रवार को सुरक्षा परिषद में युद्ध विराम के प्रस्ताव का रूस ने समर्थन किया था.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने कहा है कि इसराइली कार्रवाई के कारण ग़ज़ा का स्वास्थ्य तंत्र बिखर गया है और बड़े पैमाने पर बीमारियां फैलने की स्थिति पैदा हो गई है.

    फ़लस्तीनी पीएम

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    इमेज कैप्शन, फ़लस्तीनी पीएम मोहम्मद सतायेह

    दोहा फ़ोरम में किसने क्या कहा?

    उधर रविवार को क़तर में दोहा फ़ोरम के दौरान कई देशों ने ग़ज़ा संकट पर विचार विमर्श किया.

    फ़लस्तीनी पीएम मोहम्मद सतायेह ने ग़ज़ा पर बमबारी के लिए इसराइल पर प्रतिबंध लगाए जाने की अन्य देशों से मांग की.

    फ़ोरम की बैठक के दौरान उन्होंने कहा, “इसराइल को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार का उल्लंघन जारी रखने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए.”

    उन्होंने कहा, “हमारी मुख्य चिंता ये नहीं है कि कल क्या होगा. हमारी चिंता आज की है. हम चाहते हैं कि आज हो रहे अत्याचारों और नरसंहार को रोका जाए.”

    उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वो ये बात कहे कि 75 साल पहले शुरू हुए कब्ज़े का अंत होना चाहिए.

    सतायेह फ़लस्तीनी प्राधिकरण का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो ग़ज़ा में हमास की सरकार से अलग है. फ़लस्तीनी प्राधिकरण का वेस्ट बैंक के उन हिस्सों पर शासन है जो इसराइल के कब्ज़े में नहीं है.

    ग़ज़ा

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    'इसराइली हमले युद्ध विराम की संभावना ख़त्म कर रहे'

    दोहा फ़ोरम में क़तर के पीएम शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी ने कहा कि ग़ज़ा पर इसराइली बमबारी नए युद्ध विराम की संभावनाओं को कम कर रहा है.

    पिछले दिनों हुए युद्ध विराम में क़तर की अहम भूमिका रही है और अभी भी युद्ध विराम को लेकर चर्चा जारी है.

    फ़ोरम में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि शुक्रवार को युद्ध विराम के लिए लाए प्रस्ताव के गिर जाने का दुख है और संगठन की विश्वसनीयता को गहरा धक्का लगा है. अमेरिका ने इस प्रस्ताव को वीटो कर दिया था.

    फ़लस्तीनी शऱणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के प्रमुख फ़िलिप लाज़रिनी ने कहा कि फ़लस्तीनी लोगों के अमानवीकरण ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ग़ज़ा पर जारी इसराइली हमले का मूकदर्शक बनाया है.

    सरेंडर के वीडियो पर सवाल

    सरेंडर के वीडियो पर सवाल

    फ़लस्तीनी पुरुषों के हथियार समेत सरेंडर के वीडियो की सत्यता पर सवाल उठाए जा रहे हैं. दो अलग अलग क्लिप में एक ही व्यक्ति को हथियार समेत सरेंडर करते दिखाया गया और दोनों में वो अलग अलग हाथ में हथियार लिए हुए है.

    एक फ़लस्तीनी ने बीबीसी को बताया कि उन्हें आंख और हाथ बांधकर सड़क पर घंटों बैठाए रखा गया. इसराइली अधिकारियों का कहना है कि सैनिक हमास लड़ाकों की तलाशी कर रहे थे.

    वीडियो में फ़लस्तीनी लोगों को कपड़े उतार कर और उन्हें सिर्फ अंडरवियर में घुटनों से सिर जोड़कर बैठाया गया था. उन्हें उत्तरी ग़ज़ा के बेत लाहिया से हिरासत में लिया गया था और फिर एक ट्रक में बैठा कर अज्ञात जगह भेजा गया.

    ख़ान यूनिस

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    24 घंटों में 297 लोगों की मौत, अब तक 18,000 मारे गए

    इस बीच ख़ान यूनिस में इसराइली सैनिकों और हमास के लड़ाकों के बीच भीषण लड़ाई जारी है और इसराइली सेना ने पहले ही कई बार विस्थापित हो चुके फ़लस्तीनी नागरिकों को इलाक़ा खाली करने को कहा है.

    हमास शासित ग़ज़ा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सात अक्टूबर से शुरू हुए युद्ध के बाद अब तक 18,000 से अधिक फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं.

    अल जज़ीरा ने प्रवक्ता अशरफ़ अल-कुर्द के हवाले से कहा है कि ग़ज़ा में इसराइली बमबारी में 49,500 लोग घायल हुए हैं.

    उन्होंने अल जज़ीरा को बताया कि पिछले 24 घंटों में 297 लोग मारे गए और 550 लोग घायल हुए हैं.

    ख़ान यूनिस

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    इमेज कैप्शन, महिला राज़ान आश्रम मारे गए अपने पति के जूते लिए हुए.
    ख़ान यूनिस

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    इमेज कैप्शन, लोग ग़ज़ा पट्टी के और दक्षिण में रफ़ाह की ओर जा रहे हैं.
    ख़ान यूनिस

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    इमेज कैप्शन, अपने परिजनों की मौत का शोक मनाती महिलाएं.
  2. पंजाब में सड़क हादसों में घायल होने से अधिक संख्या मरने वालों की- एनसीआरबी डेटा

    सड़क हादसा

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    ताज़ा एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में 2021 और 2022 के दौरान हुए सड़क हादसों में घायल होने वालों से अधिक मरने वालों की संख्या है.

    हालांकि, पड़ोसी राज्य हरियाणा में सड़क हादसे में होने वाली मौतों से घायल होने वालों की संख्या अधिक है.

    आम तौर पर सड़क हादसों में मौतों के मुकाबले घायल होने वालों की संख्या अधिक होती है.

    साल 2022 में पंजाब में 6 हजार 122 सड़क हादसे हुए, जिसमें 4 हजार 688 लोगों की मौत हुई जबकि 3 हजार 372 लोग घायल हुए.

    जबकि 2021 में 6 हजार 97 सड़क हादसे हुए, जिसमें 4 हजार 516 मौतें हुईं और 3 हजार 34 लोग घायल हुए.

    साल 2021 में हरियाणा में 10 हजार 49 और 2022 में 10 हजार 654 सड़क हादसे हुए.

    हरियाणा में 2021 में 7 हजार 972 लोग घायल हुए और 4 हजार 983 लोगों की मौत हुई जबकि 2022 में 8 हजार 353 लोग घायल हुए और 5 हजार 228 लोगों की मौत हुई.

    पंजाब में घायल होने की तुलना में होने वाली मौतों से सरकार भी चिंतित है और उसने सड़क पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए विशेष सुरक्षा बल तैनात करने का फैसला किया है.

    एक सरकारी अधिकारी ने समाचार एजेंसी को बताया कि पंजाब पुलिस के मातहत सड़क सुरक्षा फ़ोर्स बनाई जाएगी, जो ऐसे राष्ट्रीय और प्रादेशिक राजमार्गों पर तैनात की जाएगी, जहां हादसे अधिक होते हैं.

  3. ब्रिटेन में मिला दैत्याकार समुद्री जीव का जीवाश्म, किस रहस्य से उठने वाला है पर्दा?

    जीवाश्म

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    ब्रिटेन के दक्षिणी समुद्री तट पर पहाड़ियों से एक दैत्याकार समुद्री जीव का जीवाश्म मिला है. ये जीवाश्म 15 करोड़ वर्ष पुराना है.

    दो मीटर लंबा ये जीवाश्म एक प्लियोसोर की शक्ल में है. ये एक विशालकाय परभक्षी था, जिसका समुद्र में वर्चस्व था. ये पहली बार है जब किसी जीव की पूरी खोपड़ी जीवाश्म की शक्ल में मिली है.

    घड़ियाल

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    घड़ियाल की तरह इसके मुंह में दर्जनों तीखे दांत हैं. इस विशालकाय जीव के जीवाश्म की खोज को बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर दिखाया जाएगा. अभी इसके और भी कंकाल निकाले जाने की संभावना है.

    समझा जा रहा है कि इस जीवाश्म का अधिकतर हिस्सा अभी भी पत्थरों के नीचे दबा है.

  4. मध्य प्रदेश में शिवराज या कोई और, कल का दिन अहम

      • Author, सलमान रावी
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
    कैलाश विजय वर्गीय और सीएम चौहान

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    छत्तीसगढ़ में सीएम के नाम की घोषणा के बाद बीजेपी ने कहा है कि मध्य प्रदेश में नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक सोमवार को होगी.

    पार्टी के अनुसार, भोपाल में होने वाली विधायक दल की बैठक में तीन पर्यवेक्षक शामिल होंगे जिनमें हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, बीजेपी ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष आर लक्ष्मण और आशा लाकड़ा भोपाल सुबह पहुंच जाएंगे और शाम को चार बजे से बैठक शुरू होगी.

    जानकारों के मुताबिक बीजेपी के खेमे में शिवराज सिंह चौहान का नाम बतौर अगले मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं लिया जा रहा है क्योंकि इस चुनाव में उनको सीएम के रूप में प्रोजेक्ट नहीं किया.

    बावजूद इसके कि वो बीजेपी के सर्वाधिक लंबे कार्यकाल वाले सीएम हैं और पांच बार के सांसद और पांच बार के विधायक हैं. इसके अलावा वो ओबीसी से आते हैं.

    माना जा रहा है कि बीजेपी ने सत्ता विरोधी लहर को कुंद करने के लिए चौहान को प्रोजेक्ट नहीं किया था.

    जानकारों का कहना है कि एक समय शिवराज सिंह चौहान को टिकट मिलने को लेकर भी असमंजस बना हुआ था और आखिरकार उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट में इनका नाम आया.

    प्रहलाद पटेल के साथ सीएम चौहान

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    सीएम की दौड़ में कौन कौन?

    मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा सीएम की दौड़ में कई नाम शामिल हैं.

    इनमें एक नाम है प्रहलाद पटेल का जो लोधी समाज से आते हैं, जिससे उमा भारती भी आती हैं. उमा भारती ने जब बीजेपी से अलग होकर नई पार्टी बनाई थी तो वो उनके साथ चले गए थे. फिर जब वो लौटीं तो वो भी वापस लौटकर बीजेपी में आए.

    पटेल अखिल विद्यार्थी परिषद के साथ संघ के कामों में काफी सक्रिय रहे और निर्दलीय सांसद रहे. इस बार उन्होंने पहली बार नरसिंहपुर सीट से विधायक का चुनाव लड़ा है.

    कांग्रेस से अलग होकर अपने विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल होने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी लिया जा रहा है.

    वो मराठा हैं और पीएम मोदी जब ग्वालियर में सिंधिया स्कूल के कार्यक्रम में आए थे तो ज्योतिरादित्य को गुजरात का दामाद कहकर संबोधित किया था, क्योंकि बड़ौदा राजघराने में उनकी ससुराल है.

    उनके अलावा कृषि मंत्री रहे नरेंद्र सिंह तोमर का भी नाम लिया जा रहा है, जो राजपूत समुदाय से आते हैं.

    चौथा नाम बीडी शर्मा का है जो बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं.

    कैलाश विजयवर्गीय का नाम भी इस दौड़ में शामिल है, जो बीजेपी के केंद्रीय महासचिव हैं और पश्चिम बंगाल के चुनावों में बीजेपी के प्रभारी भी रहे.

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    शिवराज सिंह के पोस्ट

    शिवराज सिंह चौहान के ट्वीट से संकेतों को पढ़ने की कोशिश की जा रही है. आज सुबह उन्होंने पहला ट्वीट लाडली बहनों के नाम किया और कहा कि आज 10 तारीख़ है.

    महीने की 10 तारीख़ को लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं के खाते में राशि जमा होती है.

    उन्होंने रात को ट्वीट किया, “जनता ने भाजपा को भरपूर प्यार और आशीर्वाद दिया है. भारतीय जनता पार्टी की सरकार अपने प्रत्येक संकल्प को पूरा कर जनता के इस विश्वास को और मजबूत करेगी.

    शिवराज सिंह चौहान दिल्ली नहीं गए और राज्य में ही ये कहते हुए घूम रहे हैं कि बीजेपी जिन-जिन सीटों पर हारी है, वे वहां का दौरा कर रहे हैं, जिनमें छिंदवाड़ा प्रमुख है, जो वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का गढ़ है और यहां से सातों सीटें बीजेपी हार गई.

    इस बार बीजेपी ने सात सांसदों को चुनाव लड़वाया था, जिसमें तीन केंद्रीय मंत्री थे, इनमें फग्गन सिंह कुलस्ते का भी नाम भी है जो चुनाव हार गए हैं.

    इस चुनाव में बीजेपी के 27 मौजूदा विधायक और मंत्री हार गए, जिसमें दो बड़े नाम हैं, राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और कृषि मंत्री कमल पटेल.

  5. विधायक दल की बैठक से पहले वसुंधरा राजे का ट्वीट- आत्मसम्मान बचा रहे

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
    वसुंधरा राजे

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    राजस्थान में मुख्यमंत्री कौन होगा? अब तक यह तय नहीं हो पाया है. सोमवार को विधायक दल की बैठक तय हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि अंतिम फैसले में देरी हो सकती है.

    राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया से विधायकों के मिलने का सिलसिला जारी है.

    रविवार को वसुंधरा राजे ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया जिसे लेकर काफ़ी चर्चा है.

    उन्होंने लिखा है, “हर व्यक्ति का स्वाभिमान एवं आत्मसम्मान बना रहे, इसके लिए मानव अधिकारों की रक्षा होना बेहद जरूरी है.”

    उन्होंने लिखा है, “राजस्थान में प्रत्येक नागरिक को खाद्य, न्याय, आर्थिक सहित हर अधिकार मिले इसके लिए हमारी भाजपा सरकार ने विभिन्न योजनाओं का संचालन किया था."

    "चाहे अन्नपूर्णा रसोई के तहत 8 रुपये में भरपेट भोजन प्रदान करना हो, न्याय आपके द्वार के माध्यम से गांव-गांव जाकर वर्षों पुराने मुकदमे निपटाने हो. या फिर प्रधानमंत्री जी के बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ अभियान से प्रेरणा लेकर राजश्री के तहत बेटी के जन्म से 12वीं कक्षा की पढ़ाई तक 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देनी हो.”

    उन्होंने लिखा है, “भाजपा सरकार ने हर वह प्रयास किया, जिससे समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक उन्नति का उजियारा पहुंचा तथा मानव अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई.“

    माना जा रहा है कि राजस्थान में वसुंधरा राजे सिंधिया बीजेपी का चेहरा रही हैं और इस बार भी सीएम के पद की प्रबल दावेदार हैं.

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  6. भारत-दक्षिण अफ़्रीका टी20 सिरीज़, पहले मैच में बारिश का खलल

    भारत-दक्षिण अफ़्रीका

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    दक्षिण अफ़्रीका और भारत के बीच तीन मैचों की टी20 सिरीज का पहला मैच आज बारिश के कारण देर से शुरू होगा.

    यह मैच भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे से होना था और सात बजे टॉस होना था. हालांकि बारिश की वजह से पिच को ढक दिया गया है.

    भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्य कुमार यादव हैं जबकि दक्षिण अफ़्रीका की टी20 कप्तानी एडेन मार्करम के पास है.

    भारत ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पांच मैचों की टी20 सिरीज़ को 4-1 से अपना नाम किया था.

    इस वजह से भारत का मनोबल ऊंचा है. आंकड़ों के लिहाज से भी भारत का दक्षिण अफ़्रीका पर पलड़ा भारी है.

    इस प्रारूप में अब तक खेले दोनों टीमों के मैच में भारत ने 13 में जीत हासिल की है जबकि दक्षिण अफ़्रीका के खाते में 10 मैच रहे.

  7. क्या इसराइल फ़लस्तीनियों को ग़ज़ा से मिस्र में धकेलने की कोशिश कर रहा है?

    मिस्र की सीमा के पास ग़ज़ा के रफ़ाह में लाखों लोगों ने शरण ले रखी है.

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    इमेज कैप्शन, मिस्र की सीमा के पास ग़ज़ा के रफ़ाह में लाखों लोगों ने शरण ले रखी है.

    फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी के प्रमुख ने आरोप लगाया है कि इसराइल फ़लस्तीनियों को ग़ज़ा से मिस्र में धकेलने के प्रयास कर रहा है.

    इसराइल ने इस गंभीर आरोप का खंडन किया है.

    यूएनआरडब्लूए के आयुक्त फ़िलिप लाज़ारिनी ने अमेरिकी अख़बार से बात करते हुए कहा है कि फ़लस्तीनी लोगों को उत्तरी ग़ज़ा से दक्षिणी ग़ज़ा की तरफ़ जाने का आदेश देना इस दिशा में पहला संकेत था.

    उन्होंने कहा है कि अब ऐसे संकेत हैं कि दक्षिणी ग़ज़ा में तेज़ हो रहे संघर्ष के दौरान इसराइल फ़लस्तीनी लोगों को मिस्र की तरफ़ भेजना चाहता है.

    उन्होंने कहा कि अगर इसराइल इसी रास्ते पर चलता रहा तो ग़ज़ा फ़लस्तीनियों की ज़मीन नहीं रह जाएगा.

    उन्होंने कहा कि इसराइल ग़ज़ा के लिए मानवीय मदद नहीं पहुंचने दे रहा है और ये भी उसकी इसी योजना का हिस्सा प्रतीत हो रहा है.

    ग़ज़ा

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    18,000 से अधिक लोग मारे गए

    इसी बीच, दक्षिणी ग़ज़ा के ख़ान यूनिस इलाक़े में भीषण लड़ाई जारी है. हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ अब तक ग़ज़ा में जारी युद्ध में 18 हज़ार से अधिक फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं.

    ग़ज़ा में रहने वाले अधिकतर फ़लस्तीनी लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं.

    बीते दिन इसराइल ने ख़ान यूनिस में रहने वाले लोगों को इलाक़ा छोड़ने के लिए कहा था. यहां उत्तरी ग़ज़ा से भागकर आए लाखों लोग भी हैं.

    ग़ज़ा

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    इसराइल का दावा, मोसाद ने नाकाम किया हमला

    इसराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा है कि इसराइल की ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद ने साइप्रस की ज़मीन पर इसराइली और यहूदी लोगों पर हमले की साज़िश को नाकाम किया है.

    प्रधानमंत्री कार्यालय ने दावा किया है कि इस नाकाम हमले का आदेश ईरान ने दिया था.

    इसराइल का कहना है कि ग़ज़ा युद्ध शुरू होने के बाद से ऐसी साज़िशों की तादाद बढ़ी है.

    बयान में कहा गया है कि इसराइल ‘तुर्की के नियंत्रण वाले उत्तरी साइप्रस के ईरान द्वारा इस्तेमाल से परेशान है.’

    इसराइल ने दावा किया है कि ईरान इस क्षेत्र का इस्तेमाल ‘आतंकवादी उद्देश्यों और ऑपरेशनल और ट्रांज़िट एरिया के रूप में कर रहा है.’

  8. विष्णुदेव साय के छत्तीसगढ़ सीएम चुने जाने में रमन सिंह की क्या थी भूमिका?

    विष्णु देव

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    छत्तीसगढ़ में तीन बार के मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह ने ही विधायकों की बैठक में विष्णुदेव साय का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया था.

    रविवार को रायपुर में बीजेपी के 54 नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक हुई, जिसमें बीजेपी विधायक दल के नेता के तौर पर विष्णुदेव साय के नाम पर मुहर लगी.

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    सीएम की ज़िम्मेदारी के लिए चुने जाने के बाद विष्णुदेव साय ने शाम को रायपुर में राजभवन जाकर राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन से मुलाकात की और सरकार बनाने की दावेदारी पेश की.

    बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “हमने राज्यपाल को चिट्ठी सौंपी है कि हमने विष्णु देव साय को विधायक दल का नेता चुना है. केंद्रीय नेतृत्व शपथ ग्रहण समारोह की तारीख पर फैसला लेगा.”

    तीन दिसम्बर को जब नतीजे आए तभी से कई नाम सीएम के पद की दौड़ में थे, जिसमें तीन बार के मुख्यमंत्री रह चुके रमन सिंह भी शामिल थे.

    विष्णुदेव साय आदिवासी नेता हैं और चार बार के सांसद और तीन बार के विधायक रह चुके हैं. माना जा रहा है कि बीजेपी ने आदिवासी चेहरे को आगे कर आगामी लोकसभा चुनाव में अपनी रणनीति को ज़ाहिर कर दिया है.

  9. ममता बनर्जी ने पीएम मोदी से मांगा समय, दिल्ली जाकर करेंगी ये मांग...

    ममता बनर्जी

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    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि केंद्र राज्य को मनरेगा का बकाया जारी नहीं कर रही है.

    उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को उठाने के लिए वो दिल्ली जा रही हैं और पीएम मोदी मिलने का समय मांगा है.

    ममता बनर्जी ने कहा, “मनरेगा में जिन लोगों ने 100 दिन का काम किया उसे केंद्र सरकार पैसे नहीं दे रही है.”

    “केंद्र सरकार हमारा मनरेगा का पैसा नहीं दे रही है. ये केंद्र सरकार का पैसा नहीं है. पहले राज्य को अपना टैक्स वसूल करने का अधिकार था. आज सिर्फ एक टैक्स है, जीएसटी. केंद्र सरकार सारा टेक्स ले लेती है और उसमें हमारा हिस्सा वो नहीं दे रही है, जबकि वो यहां से टैक्स वसूल रही है.”

    उन्होंने कहा, “मैं दिल्ली जा रही हूं और मैंने पीएम मोदी से समय मांगा है. अगर आप हमारा पैसा नहीं नहीं देंगे तो कुर्सी छोड़िये.”

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    काफ़ी समय से ममता बनर्जी, प्रदेश में मनरेगा का बकाया रोके जाने के लिए केंद्र सरकार पर आरोप लगाती रही हैं.

    अक्टूबर के पहले सप्ताह में तृणमूल कांग्रेस ने दिल्ली में मनरेगा मज़दूरों को लेकर दो दिवसीय प्रदर्शन किया था और इसमें पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी भी शामिल हुए थे.

    पश्चिम बंगाल बीजेपी ने राज्य में मनरेगा में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाए हैं.

    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने बीते अक्टूबर में कहा था कि 'स्थानीय टीएमसी नेताओं के कथित भ्रष्टाचा के कारण विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के लाभ से लोग वंचित हो रहे हैं.'

  10. बांग्लादेश चुनावः जेल में बंद बीएनपी के पांच कार्यकर्ताओं की मौत, कई हज़ार गिरफ़्तार

    28 अक्तूबर की रैली के बाद बांग्लादेश में कई जगह हिंसक प्रदर्शन हुए

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    समाचार एजेंसी एएफ़पी की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ बांग्लादेश में पिछले दो सप्ताह में जेल में बंद विपक्ष के पांच सदस्यों की मौत हुई है. ये जानकारी अधिकारियों और मरने वाले लोगों के रिश्तेदारों ने दी है.

    रविवार को बांग्लादेश में विपक्ष ने प्रदर्शन किए और लाखों लोग सड़कों पर निकले. बांग्लादेश में अगले महीने आम चुनाव होने हैं.

    बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने सात जनवरी को होने जा रहे आम चुनावों का बहिष्कार किया है.

    ऐसे में मौजूदा प्रधानमंत्री शेख हसीना का सत्ता में लौटना लगभग तय माना जा रहा है.

    बीएनपी का कहना है कि उसके सभी नेताओं समेत बीस हज़ार के क़रीब नेताओं को पिछले पांच सप्ताह के दौरान गिरफ़्तार किया गया है.

    28 अक्तूबर को राजधानी ढाका में बीएनपी ने एक विशाल रैली की थी. उसके बाद से ही बांग्लादेश में विपक्ष के नेताओं को गिरफ़्तार किया जा रहा है.

    हालांकि, पुलिस ने बीएनपी की तरफ़ से गिरफ़्तार लोगों की संख्या के बारे में किए गए दावों को खारिज किया है. हालांकि पुलिस ने ये नहीं बताया है कि कुल कितने लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

    रविवार को ढाका के केंद्रीय इलाक़े में कई हज़ार बीएनपी कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में लिए गए लोगों के परिजन इकट्ठा हुए और रिहाई की मांग की.

    पिछले महीने न्यू यॉर्क स्थित मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा था कि बांग्लादेश में 28 अक्तूबर की रैली के बाद से कम से कम दस हज़ार लोगों को हिरासत में लिया गया है.

    पुलिस का कहना है कि, इस रैली के बाद हुई हिंसा में एक पुलिसकर्मी और पांच नागरिकों की मौत हुई थी. क़रीब तीन सौ बसों को आग लगा दी गई थी.

    हालांकि, बीएनपी और बांग्लादेश की सबसे बड़ी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी का कहना है कि इस हिंसा के दौरान कम से कम बीस लोग मारे गए थे.

    बीएनपी के क़ानूनी मामलों के प्रमुख केसर कामल ने एएफ़पी को बताया है कि पार्टी ने अपने कम से कम पांच कार्यकर्ताओं की पिछले दो सप्ताह के दौरान हिरासत में मौत की पुष्टि की है.

    उन्होंने कहा, “हम इन मौतों की स्वतंत्र न्यायायिक जांच चाहते हैं.”

  11. छत्तीसगढ़ सीएम की ज़िम्मेदारी मिलने पर विष्णु देव साय ने पीएम मोदी को लेकर क्या कहा?

    विष्णु देव साय

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    बीजेपी की ओर से छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री के रूप में नामित किए जाने के बाद अपने पहले वक्तव्य में विष्णु देव साय ने पीएम मोदी की तारीफ़ करते हुए कहा, "मैं अपने सरकार के माध्यम से पीएम मोदी की गारंटी को पूरा करने की कोशिश करूंगा."

    उन्होंने कहा, "बीजेपी के चुने गए नए 54 विधायकों के दल ने मुझे अपना नेता चुना है, इस अवसर पर मैं बहुत आनंदित हूं और मैं पार्टी को धन्यवाद करना चाहूंगा क्योंकि उन्होंने गांव के छोटे से कार्यकर्ता को छत्तीसगढ़ का नेतृत्व करने का मौका दिया है."

    उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया.

    उन्होंने कहा, "मैं उन विधायकों का धन्यवाद करता हूं और लाखों वोटरों, कार्यकर्ताओं के साथ राष्ट्रीय नेतृत्व में यशस्वी पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह का धन्यवाद करता हूं."

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    विष्णु देव साय

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    शुभकामनाओं का तांता

    साय को मुख्यमंत्री पद की ज़िम्मेदारी मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और कई बीजेपी नेताओं ने उन्हें बधाई दी है.

    पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया एक्स पर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं.

    साय की मां जसमनी देवी ने भी पत्रकारों के सामने अपने बेटे को मिली बड़ी ज़िम्मेदारी पर ख़ुशी ज़ाहिर की.

    बीजेपी विधायक ओपी चौधरी ने कहा, "भाजपा सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने पर विश्वास करती है. नरेंद्र मोदी को जब पहली बार राष्ट्रपति बनाने का मौका मिला तो उन्होंने रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाया. जब उन्हें दूसरी बार राष्ट्रपति बनाने का मौका मिला तो उन्होंने आदिवासी समाज की एक बहन द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाया."

    "आज छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज के एक वरिष्ठ नेता विष्णु देव साय को प्रदेश के सीएम के रूप में स्थापित किया है. सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का काम अगर कोई करता है तो वो भाजपा करती है."

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    केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रेणुका सिंह सरुता ने कहा, ''मुझे बहुत खुशी है कि विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनेंगे. छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार किसी किसान परिवार से आने वाले आदिवासी समुदाय के कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया है."

    छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी ओम माथुर ने कहा, "इससे बढ़िया और क्या निर्णय होगा, श्रेष्ठ कार्यकर्ता, अनुभवी कार्यकर्ता, और केंद्र में मंत्री रहे कार्यकर्ता को हमने चुना है, इससे अच्छा और क्या हो सकता है."

    भाजपा नेता नारायण चंदेल ने कहा, "वे बहुत अच्छे व्यक्ति हैं. हमारे प्रदेश अध्यक्ष हैं. बहुत सहज हैं, सरल हैं, विनम्र हैं और एक ऐसा चेहरा हैं जिसका कोई विरोध नहीं कर पाया..."

    साय आदिवासी नेता हैं. वो चार बार के सांसद और तीन बार के विधायक रहे हैं.

    बीजेपी की ओर से उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने को बीजेपी का आदिवासी कार्ड कहा जा रहा है.

    इस बार बीजेपी को आदिवासी इलाक़ों में अच्छी ख़ासी बढ़त मिली और अगले कुछ महीनों में होने वाले लोकसभा चुनावों में भी बीजेपी इसे बनाए रखना चाहती है.

  12. राजस्थानः कई विधायक वसुंधरा से मिलने पहुंचे, मुख्यमंत्री को लेकर बैठक पर संशय

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
    वसुंधरा राजे

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    बीजेपी ने छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय को मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है लेकिन शायद अभी राजस्थान को सीएम के नाम के लिए इंतज़ार ही करना होगा.

    राजस्थान के पर्यवेक्षक बनाए गए राजनाथ सिंह के व्यस्त कार्यक्रम के कारण सोमवार को बुलाई गई विधायक दल की बैठक पर भी संशय बना हुआ है.

    बीजेपी के पदाधिकारियों का मानना है कि अब विधायक दल की बैठक मंगलवार को बुलाई जा सकती है. विधायकों को जयपुर पहुंचने के लिए कहा गया है.

    इधर, विधायकों का राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मुलाकात करने का सिलसिला जारी है. रविवार को भी कई विधायक वसुंधरा राजे से मुलाकात करने उनके 13 सिविल लाइंस आवास पहुंचे हैं.

    विधायक दल की बैठक से पहले वसुंधरा राजे से विधायकों की मुलाकात को लेकर जयपुर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं चल रही हैं. इन मुलाकातों के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. वहीं राजस्थान की राजनीति पर नज़र रखने वाले लोग इसे वसुंधरा राजे के शक्ति प्रदर्शन की तरह भी देख रहे हैं.

    रविवार को बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, पूर्व मंत्रियों के अलावा कम से कम पंद्रह विधायकों ने वसुंधरा राजे से मुलाकात की है. जबकि, इससे पहले क़रीब तीस विधायक वसुंधरा राजे से मुलाकात करने पहुंचे थे.

    शनिवार रात बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विधायकों की वीडियो कांफ्रेंस से बैठक ली है. अब सबकी निगाहें राज्य में होने वाली विधायक दल की बैठक पर हैं.

    3 दिसंबर को नतीजे घोषित होने के बाद से ही राजस्थान में मुख्यमंत्री कौन होगा, इस सवाल के जवाब का इंतज़ार है. और अभी लग रहा है कि ये इंतज़ार और भी बढ़ सकता है.

  13. राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष गोगामेड़ी की हत्याः पुलिस से आगे चल रहे संदिग्ध गिरफ़्त में कैसे आए?

    गोगामेड़ी

    इमेज स्रोत, ANI

    दिल्ली पुलिस और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त अभियान ने राजस्थान में राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या में शामिल दो संदिग्धों को शनिवार रात चंडीगढ़ से गिरफ़्तार किया है.

    दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक़, ये संदिग्ध चंडीगढ़ के होटल में फ़र्ज़ी पहचान पत्र के आधार पर रह रहे थे.

    कथित अभियुक्तों, जयपुर के रहने वाले रोहित राठौर और हरियाणा के महेंद्रगढ़ ज़िले के नितिन फ़ौजी, को चंडीगढ़ के सेक्टर 24 के होटल के पास से गिरफ़्तार किया गया है.

    दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक़, उधम सिंह नाम के एक सहयोगी को भी गिरफ़्तार किया गया है.

    दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (अपराध) अमित गोयल ने पीटीआई को बताया है कि इन अभियुक्तों को आगे की पूछताछ के लिए जयपुर ले जाया गया है.

    दिल्ली के विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध) रविंद्र यादव के मुताबिक़, दिल्ली पुलिस गोगामेड़ी की हत्या के बाद से ही अभियुक्तों को ट्रैक कर रही थी.

    गोगामेड़ी की जयपुर में उनके घर के भीतर 5 दिसंबर को हत्या कर दी गई थी.

    दिल्ली पुलिस को राजस्थान पुलिस की तरफ़ से दोनों अभियुक्तों के बस में बैठकर दिल्ली की तरफ़ आने की जानकारी मिली थी.

    जयपुर के पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “5 दिसंबर को घटना के बाद दो मुल्जिम भागने में कामयाब रहे थे. उनकी पहचान कर उन्हें पकड़ना बड़ी चनौती थी. पुलिस की अलग-अलग यूनिटें इन्हें पकड़ने में लगी थीं. सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद हमें पता चल गया था कि मुल्जिम कौन हैं और कहां जा रहे हैं. मौके से मिली स्कार्पियो गाड़ी से भी हमें सुराग मिले थे.”

    उन्होंने कहा, “हमारी टीमें 5 दिसंबर से ही इन्हें पकड़ने में लगी थीं. हमारी टीमें इनका पीछा कर रहीं थीं लेकिन इनसे 8 घंटे पीछे थीं. हमारी टीमें सिर्फ़ मुल्जिमों के पीछे ही नहीं बल्कि उनका सहयोग करने वालों के भी सुराग लगा रहीं थीं.”

    जयपुर पुलिस आयुक्त के मुताबिक़, ‘हमें अभियुक्तों के हिसार जाने का पता चला था. ये जानकारी मुहैया कराने में हरियाणा पुलिस ने भी मदद की. हमने आगे पंजाब पुलिस को भी जानकारी दी और पंजाब पुलिस ने भी हमें इनपुट दिए. हिसार से आगे की कार्रवाई में दिल्ली पुलिस भी शामिल हो गई. हिसार के आगे की कार्रवाई दिल्ली पुलिस और राजस्थान पुलिस ने मिलकर की.’

    जयपुर पुलिस आयुक्त के मुताबिक़, “8 दिसंबर को हमारे पास अभियुक्तों की पुख़्ता लोकेशन थी, जिसके बाद इन्हें शनिवार रात एक होटल के बाहर से पकड़ लिया गया.”

    दिल्ली पुलिस के मुताबिक़, अभियुक्त धारूहेड़ा में बस से उतरे और उसके बाद ऑटो से रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पहुंचे. यहां से उन्होंने हिसार के लिए ट्रेन पकड़ी.

    पुलिस ने अभियुक्तों की यात्राओं के सीसीटीवी फुटेज हासिल किए हैं और उनके आधार पर ही पुलिस अभियुक्तों तक पहुंची.

    नितिन फौजी भारतीय सेना में हैं और छुट्टियों पर अपने गांव आये थे. पुलिस के मुताबिक़ उन पर अपहरण के प्रयास का एक मुक़दमा है और हाल ही में वो एक पुलिसकर्मी पर हमला करके फरार हो गये थे.

    दूसरे संदिग्ध, रोहित का भी आपराधिक रिकॉर्ड है. पुलिस अभी तक हत्या में शामिल हथियारों को बरामद नहीं कर सकी है. पुलिस ने अभियुक्तों को अदालत में पेश करके उनकी रिमांड हासिल की है.

  14. जानिए कौन हैं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनने जा रहे विष्णु देव साय

      • Author, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए
    विष्णुदेव राय

    इमेज स्रोत, @vishnudsai

    बीजेपी ने छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है. विष्णु देव साय मुख्यमंत्री होंगे.

    मुख्यमंत्री के नाम का एलान विधायक दल का नेता चुनने के लिए हुई बैठक में किया गया. इसमें चुनाव जीत कर आए पार्टी के 54 विधायक हिस्सा ले रहे थे.

    इसमें पार्टी के पर्यवेक्षक, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सर्बानंद सोनोवाल और बीजेपी महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम मौजूद थे.

    बीजेपी के छत्तीसढ़ प्रभारी ओम माथुर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया और छत्तीसगढ़ में बीजेपी के सह प्रभारी नितिन नबीन ने भी बैठक में हिस्सा लिया.

    छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद के लिए रमन सिंह, ओपी चौधरी, राम विचार नेता,अरुण साव और केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह के नाम भी रेस में थे.

    विष्णु देव साय

    इमेज स्रोत, CG KHABAR

    कौन हैं विष्णु देव साय?

    आदिवासी नेता विष्णु देव साय 2014-2019 तक रायगढ़ संसदीय क्षेत्र से बीजेपी सांसद रहे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में स्टील राज्य मंत्री रहे.

    वे 2020-2022 तक छत्तीसगढ़ बीजेपी के अध्यक्ष रहे हैं.

    कुनकरी विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा. उन्हें चुनाव में 87 हजार 604 वोट मिले.

    वहीं कांग्रेस के उम्मीदवार यूडी मिंज को 62 हजार 63 वोट मिले.

    विष्णु देव साय ने विधानसभा चुनाव 25 हजार 541 वोट से जीता है.

    छत्तीसगढ़ विधानसभा की 90 सीटों के लिए 7 और 17 नवंबर को दो चरणों में मतदान हुए थे. वोटों की गिनती 3 दिसंबर को हुई थी. बीजेपी ने यहां 54 सीटें थीं जबकि 36 सीटें कांग्रेस के खाते में गई थीं.

  15. हाथरसः छात्र के राम-राम कहने पर टीचर ने नहीं दिया जवाब, निलंबित

      • Author, धर्मेंद्र सिंह
      • पदनाम, बीबीसी के लिए, हाथरस से
    प्रदर्शन करते हिंदूवादी छात्र

    इमेज स्रोत, Dharmendra Chaudhary

    इमेज कैप्शन, हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और टीचर के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की मांग की

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले के एक निजी स्कूल में छात्र के राम-राम अभिवादन का जवाब न देने पर हुए विवाद के बाद टीचर मोहम्मद अदनान को निलंबित कर दिया गया है.

    ज़िला प्रशासन ने इस घटना की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है और ज़िला प्रशासन का कहना है कि स्कूल ने संबंधित टीचर मोहम्मद अदनान को निलंबित कर दिया है.

    वहीं स्कूल के प्रबंधन ने धर्म के आधार पर छात्रों के साथ भेदभाव के आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया है. हालांकि प्रिंसिपल सलमान किदवई का कहना है कि विवाद के बाद संबंधित टीचर को हटा दिया गया है.

    शनिवार को सीमा मंसूर पब्लिक स्कूल के बाहर हिंदूवादी संगठनों ने इकट्ठा होकर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया.

    स्कूल के बाहर जय श्री राम के नारे भी लगाये गए. बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया.

    एक हिंदूवादी कार्यकर्ता ने बीबीसी से कहा, “एक बच्चे ने टीचर से राम-राम कहा था, टीचर ने इसका कोई जवाब नहीं दिया और डांट दिया, इसी को लेकर हम विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.”

    वहीं हाथरस के एसडीएम सदर रविंद्र कुमार सिंह ने घटना के बारे में बताया, “ प्रकरण के लिए प्रिंसिपल ने माफ़ी मांगी हैं, लिखित में दिया है कि आगे ऐसा कोई भेदभाव नहीं होगा और बच्चे खुले दिल से पढ़ाई करेंगे. बाकी जो भी घटनाक्रम है, उसकी जांच समिति करेगी. ज़िलाधिकारी ने समिति गठित की है, जिसमें ज़िले के बेसिक शिक्षा अधिकारी भी शामिल है. जांच की रिपोर्ट के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी. स्कूल प्रबंधन ने संबंधित टीचर को भी हटा दिया है.”

    बजरंग दल से जुड़े एक हिंदूवादी कार्यकर्ता ने कहा, “अदनान नाम के एक शिक्षक हैं, जिन्हें भगवान राम का नाम लेने से दिक़्क़त है. हमारी मांग है कि शिक्षक को तुरंत निष्कासित किया जाए और उस पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का मुक़दमा दर्ज किया जाए.”

    हिंदूवादी संगठनों ने टीचर के ख़िलाफ़ स्थानीय थाने में मुक़दमा दर्ज करने के लिए शिकायत भी दी है.

    वहीं स्कूल के प्रबंधन ने इन आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया है. स्कूल के प्रिंसिपल सलमान किदवई ने कहा, “ये बात एक दम बेबुनियाद है, यहां सभी बच्चों को राम-राम, नमस्ते, गुड मॉर्निंग या सलाम करने की पूरी आज़ादी है. बच्चे तिलक लगाकर भी स्कूल आते हैं.”इस पूरे घटनाक्रम पर टीचर मोहम्मद अदनान ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

  16. गौतम गंभीर ने बताया, भारतीय टीम क्यों नहीं जीत पाई क्रिकेट वर्ल्ड कप?

    गौतम गंभीर

    इमेज स्रोत, ANI

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज गौतम गंभीर ने देश में आंकड़ों के प्रति जुनून की आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि जब तक वो इसे नहीं छोड़ेंगे तब तक नतीजे नहीं मिलेंगे.

    एएनआई के एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में गंभीर ने कहा कि समस्या तब होती है जब किसी खिलाड़ी के परफॉरमेंस को कम दिखाया जाता है और उसे कम महत्व दिया जाता है.

    उन्होंने कहा, ''किसी भी चीज़ को कम नहीं आंका जाता है, इसे कम दिखाया जाता है और कम महत्व दिया जाता है और यहीं समस्या है. देश आंकड़ों से ग्रस्त है.''

    गंभीर ने कहा, "जब तक आप आंकड़ों का जुनून नहीं छोड़ते तब तक नतीजे नहीं मिलेंगे.''

    गंभीर ने कहा कि 'मेन इन ब्लू' ने विश्व कप नहीं जीता क्योंकि ब्रॉडकास्टर कुछ खिलाड़ियों के लिए पीआर मशीनरी बन गए हैं.

    उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए कड़ी मेहनत करता है और जब ब्रॉडकास्टर एक निश्चित खिलाड़ी के लिए पीआर एजेंट बन जाता है तो इसका असर अन्य क्रिकेटरों पर पड़ेगा और वे खुलकर बात नहीं कर पाएंगे.

    उन्होंने कहा, "भारत को विश्व कप जीते हुए काफी समय हो गया है और कड़वी सच्चाई यह है कि हमारा मीडिया अहम सोशल मीडिया कुछ लोगों को पीआर मशीनरी बन जाता है तो आपको कभी भी नतीजा नहीं मिलेगा."

    "टीम का प्रत्येक सदस्य कड़ी मेहनत करता है भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं और अगर एक ब्रॉडकास्टर 1-2 खिलाड़ियों की पीआर मशीनरी बन जाता है तो टीम के अन्य सदस्य खुलकर बात नहीं कर पाएंगे.''

  17. छत्तीसगढ़ः बीजेपी प्रदेश प्रभारी ने कहा, ‘चौंका देगा राज्य के मुख्यमंत्री का नाम’

      • Author, आलोक प्रकाश पुतुल
      • पदनाम, रायपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
    छत्तीसगढ़ में बीजेपी विधायकों की बैठक

    इमेज स्रोत, Alok Putul

    इमेज कैप्शन, छत्तीसगढ़ में बीजेपी विधायकों की बैठक

    छत्तीसगढ़ में नये मुख्यमंत्री के नाम पर आज मुहर लग सकती है. बीजेपी विधायक दल की बैठक रायपुर में शुरु हो चुकी है.

    इस बैठक में बीजेपी के तीन पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सर्वानंद सोनोवाल और पार्टी महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम शामिल हो रहे हैं.

    इस बैठक में राज्य के प्रभारी ओम माथुर, सह प्रभारी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और सह प्रभारी नितिन नबीन भी उपस्थित हैं.

    बीजेपी की संसदीय समिति द्वारा तय नाम पर विधायकों की राय ली जाएगी. इसके बाद मुख्यमंत्री का नाम घोषित करने की औपचारिकता पूरी की जाएगी.

    बीजेपी के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने फिर कहा है कि मुख्यमंत्री पद के नाम के लिए पर्यवेक्षक के फैसले का इंतजार है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए चौंकाने वाला ही नाम आएगा.

    छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद के लिए अभी तक पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के अलावा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, आदिवासी नेता विष्णुदेव साय, रेणुका सिंह, रामविचार नेताम और ओपी चौधरी के नाम की चर्चा है. माना जा रहा है कि पार्टी इनमें से कम से कम दो विधायकों को उप मुख्यमंत्री बना सकती है.

    हालांकि ओम माथुर चुनाव परिणाम के बाद से ही दुहरा रहे हैं कि मुख्यमंत्री के लिए ऐसा नाम आएगा, जो सबको चौंका देगा. ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि बेजेपी, आरएसएस से कोई नाम आगे कर सकती है.

    गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 में से 54 सीटें बीजेपी को मिली हैं, जबकि कांग्रेस पार्टी को 35 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा है. एक सीट पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने जीत हासिल की है.

  18. रणबीर कपूर की ‘एनिमल’ ने अब तक कमाये इतने करोड़, टी-सीरीज़ ने बताया

    रणबीर कपूर

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    पिछले सप्ताह रिलीज़ हुई रणबीर कपूर और बॉबी देओल अभिनीत फ़िल्म ‘एनिमल’ ने रिलीज़ के 9 दिनों में दुनियाभर में 660.89 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है.

    वहीं फ़िल्म की भारत में कमाई 400 करोड़ के क़रीब पहुंच रही है. ये जानकारी फ़िल्म निर्माता कंपनी टी-सीरीज़ ने दी है.

    इस फ़िल्म को हिंसक दृश्यों और कहानी को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, बावजूद इसके फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है.

    इसी के साथ फ़िल्म की कमाई बॉक्स ऑफ़िस पर शाहरुख़ ख़ान की सुपरहिट फ़िल्म जवान को भी पीछे छोड़ सकती है.

    शाहरुख़ ख़ान की जवान ने बॉक्स ऑफ़िस पर 640.42 करोड़ रुपये कमाये थे जबकि गदर-2 ने बॉक्स ऑफ़िस पर 525.50 करोड़ की कमाई की थी.

    वहीं शाहरुख़ ख़ान की पठान ने बॉक्स ऑफ़िस पर 543.22 करोड़ रुपये कमाये थे.

  19. आकाश आनंद होंगे मायावती के उत्तराधिकारी, बीएसपी चीफ ने पार्टी बैठक में किया ऐलान

    आकाश आनंद के साथ मायावती

    इमेज स्रोत, @Mayawati

    इमेज कैप्शन, आकाश आनंद के साथ मायावती

    बीएसपी प्रमुख मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है. आकाश आनंद मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे हैं.

    बीएसपी नेता उदयवीर सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा''बहनजी ने कहा कि मेरे न रहने पर आकाश आनंद पार्टी के उत्तराधिकारी होंगे. यूपी, उत्तराखंड को छोड़ कर पार्टी की निगाह में कमजोर राज्यों में आकाश आनंद काम करेंगे. मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनाव की तैयारी में लग जाने को कहा.''

    हाल में मायावती ने आकाश आनंद को चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी का नेतृत्व करने का जिम्मा दिया था. उसी समय से ये कयास लगाया जा रहा था कि मायावती जल्द ही आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी बनाने का औपचारिक ऐलान कर सकती हैं.

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    आकाश आनंद ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के मद्देनजर साढ़े तीन हजार किलोमीटर की 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय संकल्प यात्रा' शुरू थी. इस यात्रा को 'बहुजन अधिकार यात्रा' भी नाम दिया गया था.

    उस समय आकाश आनंद पार्टी के समन्वयक थे. आकाश आनंद ने लंदन के कॉलेज से एमबीए की डिग्री हासिल की है. पार्टी की सोशल मीडिया की सक्रियता में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है.

  20. उत्तर प्रदेशः खेत में काम कर रहे परिवार पर सांड का हमला, एक की मौत, दो घायल

      • Author, अमित सैनी
      • पदनाम, मुज़फ़्फ़रनगर से बीबीसी के लिए
    गांव में बैठे आवारा सांड

    इमेज स्रोत, Amit Saini

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में खेत में काम कर रहे किसानों पर सांड के हमले में एक किसान की मौत हो गई है जबकि दो महिलाएं घायल हैं.

    मृतक के परिजनों ने बीबीसी से इस घटना में 58 वर्षीय सतीश सैनी की मौत की पुष्टि की है.

    वहीं मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस के मुताबिक़, ‘सिखेड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में सांड के हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है जबकि दो महिलाएं घायल हैं. मृतक का पोस्टमार्टम किया गया है.’

    मुज़फ़्फ़रनगर के एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बीबीसी से कहा, “मृतक का पोस्टमार्टम किया गया है. ये घटना एक हादसा थी और इसमें कोई एफ़आईआर दर्ज नहीं हुई है.”

    मृतक के भाई सत्यवीर ने बताया है कि उनके परिवार के लोग गन्ने की छिलाई करने के लिए खेत में गए थे, इसी दौरान अचानक आवारा सांड ने हमला किया.

    सत्यवीर के मुताबिक़ उनके भाई की मौक़े पर ही मौत हो गई जबकि परिवार की दो महिलाएं इस हमले में घायल हैं जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    सत्यवीर के मुताबिक़, उनकी पत्नी का हाथ टूट गया है जबकि भाभी की पसली टूट गई है.

    परिजनों के मुताबिक़, “परिवार के लोग खेत में गन्ने की छिलाई कर रहे थे, इस दौरान अचानक सांड ने हमला किया. सांड ने महिलाओं पर हमला किया था, मेरे भाई ने पत्नी और भाभी को बचाने की कोशिश की इस दौरान सांड ने उन्हें मारना शुरू कर दिया और जब तक उनका दम नहीं निकल गया उन्हें नहीं छोड़ा.”

    उत्तर प्रदेश में आवारा सांडों की वजह से सड़कों पर हादसों की ख़बरें आती रहती हैं. कई जगहों से सांड के हमलों में लोगों के मारे जाने की रिपोर्टें भी आई हैं.