You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

डीएमके सांसद ने हिंदी भाषी प्रदेशों को बताया 'गोमूत्र राज्य, भाजपा और कांग्रेस नेताओं का बयान

लोकसभा में डीएमके सांसद सेंथिल कुमार एस के हिंदी पट्टी राज्यों को 'गोमूत्र राज्य' कहने के बाद विवाद पैदा हो गया है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and स्नेहा

  1. दक्षिण अफ़्रीका की 'जलपरी' से मिलिए

    क्या आप जानते हैं कि दक्षिण अफ़्रीका ब्लैक मरमेड यानी जलपरी किसे कहा जाता है?

    वो सोवेटो में पली-बढ़ीं हैं, जो केपटाउन का लैंड-लॉक्ड इलाक़ा है. ये जगह समंदर से दूर है.

    वो अब अपने देश की पहली ब्लैक महिला डाइव इंस्ट्रक्टर बन गई हैं.

    ज़ैंडिले का नाम साल 2023 की बीबीसी-100 वीमेन की लिस्ट में शामिल हैं.

  2. बिहार: शेखपुरा में स्कूल में हिजाब पहनने का मामला, डीएम ने क्या बताया

      • Author, चंदन कुमार जजवाड़े
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, पटना से

    बिहार के शेखपुरा के एक माध्यमिक विद्यालय में हिजाब पहनने को लेकर खड़ा विवाद अब शांत हो गया है. पिछले ही हफ़्ते एक सरकारी स्कूल में लड़कियों को हिजाब पहनकर स्कूल आने से मना किया गया था.

    उसके बाद छात्राओं के अलावा ग्रामीणों ने भी स्कूल के इस आदेश पर आपत्ति जताई थी.

    शेखपुरा की ज़िलाधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि ज़िला प्रशासन ने स्कूल के हेडमास्टर के साथ ही स्थानीय लोगों से बात की है और यह विवाद शांत हो चुका है.

    ज़िलाधिकारी जे प्रियदर्शनी का कहना है, "दो तीन दिन पहले स्कूल के हेड मास्टर ने कहा था कि स्कूल का यूनिफ़ॉर्म पहनकर आना है. इस तरह का ग़ैरज़रूरी आदेश देने की ज़रूरत नहीं थी. किसी की धार्मिक मान्यता और परंपरा से छेड़छाड़ नहीं करना था. स्कूल पढ़ाई के लिए होता है. अब मामला पूरी तरह शांत है."

    ज़िलाधिकारी के मुताबिक़ लखीसराय के अलावा बाहर के लोग भी आकर इसपर बयान ले रहे थे. इसमें पत्रकार भी शामिल थे. यह कोई बड़ा मुद्दा ही नहीं था. इसी से कुछ ग़लत और अधूरी बात फैली है.

    ज़िला प्रशासन का दावा है कि इलाक़े में शिक्षा का स्तर बढ़ाने की कोशिश हो रही है और प्रशासन लड़कियों को प्रेरित कर रहा है और वो भी अपनी पढ़ाई के लिए उत्साहित हैं. ऐसी बातों को कुछ लोगों ने बेवजह तुल देने की कोशिश की है.

    वहीं शेखपुरा के पुलिस अधीक्षक ने बीबीसी को बताया है कुछ दिन पहले यह मामला सामने आया था और शिक्षा विभाग ने भी इसकी जांच कराई थी. लेकिन फ़िलहाल इसपर कोई विवाद नहीं है.

  3. बीजेपी की तीन राज्यों में जीत, क्या महिला वोटर 'नायिका' बनीं?

  4. विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद दिग्विजय सिंह ने ईवीएम पर उठाया सवाल, बीजेपी ने दिया जवाब

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए हुए चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है.

    मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दावा किया है कि चिप लगी कोई भी मशीन हैक की जा सकती है. उनका ये भी कहना है कि वो ईवीएम मशीनों का साल 2003 से ही विरोध करते आ रहे हैं.

    हालांकि मध्य प्रदेश बीजेपी के एक नेता दिग्विजय सिंह के दावों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी नीतियों की नाकामी की वजह से हारी है लेकिन ईवीएम को दोष देना उसके लिए आसान है.

    रविवार को हुई मतगणना में बीजेपी ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जीत दर्ज करते हुए हिंदी पट्टी में अपनी पहले से मजबूत स्थिति को और पुख़्ता कर लिया है.

    मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी ने 163 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि कांग्रेस के खाते में 66 सीटें गईं और भारत आदिवासी पार्टी ने एक सीट जीती है.

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दिग्विजय सिंह ने पूछा है, "चिप लगी कोई भी मशीन हैक की जा सकती है. मैं ईवीएम मशीनों से वोटिंग का साल 2003 से ही विरोध करता आ रहा हूं. क्या हम भारतीय लोकतंत्र को पेशेवर हैकर्स के द्वारा नियंत्रित होने की इजाजत देंगे. ये बुनियादी सवाल है जिसका सभी राजनीतिक दलों को जवाब देना है. माननीय निर्वाचन आयोग और सुप्रीम कोर्ट क्या आप हमारे भारतीय लोकतंत्र की रक्षा करेंगे."

    सोमवार को उन्होंने एक अन्य पोस्ट में पोस्टल बैलट और ईवीएम से पड़े वोटों की तुलना करते हुए कहा था, "पोस्टल बैलट के ज़रिए कांग्रेस को वोट देनेवाले और हम पर भरोसा जतानेवाले सभी मतदाताओं का धन्यवाद! तस्वीरों के आँकड़ों में एक प्रमाण है जो यह बताता है कि पोस्टल बैलेट के ज़रिए हमें यानी कांग्रेस को 199 सीटों पर बढ़त है. जबकि इनमें से अधिकांश सीटों पर ईवीएम काउंटिंग में हमें मतदाताओं का पूर्ण विश्वास न मिल सका."

    "यह भी कहा जा सकता है कि जब तंत्र जीतता है तो जनता (यानी लोक) हार जाती है. हमें गर्व है कि हमारे ज़मीनी कार्यकर्ताओं ने जी जान से कांग्रेस के लिए काम किया और लोकतंत्र के प्रति अपने विश्वास को पुख़्ता किया. अब कुल 230 सीटों के आँकड़े आपके पास हैं. पोस्टल बैलेट के ज़रिए कांग्रेस और बीजेपी को पड़े वोटों की संख्या विश्लेषण के लिए प्रस्तुत है. सोचने की बात यह है कि जब जनता वही है तो वोटिंग पैटर्न इतना कैसे बदल गया?"

    दिग्विजय सिंह के दावे पर मध्य प्रदेश बीजेपी के सचिव रजनीश अग्रवाल ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "कांग्रेस टुकड़े-टुकड़े गैंग के कम्युनिस्ट सिस्टम के जाल में फंस गई है."

    "सच तो ये है कि कांग्रेस की हार पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा, उसकी नीतियों और राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के कारण हुई है. लेकिन वे इसे सार्वजनिक तौर पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं. इसलिए उनके लिए ईवीएम को दोष देना आसान है. वे कभी भी अपनी नाकामियों पर आत्मावलोकन नहीं करना चाहते हैं."

  5. राहुल गांधी के लिए विधानसभा चुनाव के नतीजे कितना बड़ा झटका?

  6. राजस्थान में मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पर क्या बोले योगी बालकनाथ

    राजस्थान में बीजेपी की जीत के साथ ही इस बात पर चर्चा तेज़ हो गयी है कि कौन राज्य में बीजेपी का नया सीएम होगा.

    जिस नाम की सबसे अधिक चर्चा है वो हैं बीजेपी नेता योगी बालकनाथ. जिन अन्य दावेदारों के नाम पर चर्चा है उसमें राजस्थान बीजेपी की दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, जयपुर के पूर्व शाही परिवार की सदस्य दीया कुमारी, पार्टी सांसद सीपी जोशी और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत है.

    सोमवार को जब बालकनाथ से मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना को लेकर सवाल पूछा गया तो वो इस सवाल को ही टाल गए.

    संसद परिसर में उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "ये सबकुछ मोदी जी के मार्गदर्शन के कारण हुआ है. जनता ने उनके नाम पर वोट दिया है."

    जब उनसे पूछा गया है कि राजस्थान का नया सीएम कौन होगा ते सीधा जवाब देने के बजाय उन्होंने कहा, "आप सब की कृपा है."

  7. विधानसभा चुनावों में हार के बाद कांग्रेस से ख़फ़ा 'इंडिया' के सहयोगी?- प्रेस रिव्यू

  8. इसराइल और हमास का संघर्ष विराम समझौता इसलिए टूट गया... अमेरिका ने बताई वजह

    अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इसराइल और हमास के बीच हुआ हफ़्ते भर का संघर्ष विराम समझौता इसलिए टूट गया क्योंकि हमास ने महिला बंधकों को रिहा करने से इनकार कर दिया.

    विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ हमास नहीं चाहता था कि ये महिलाएं अपने साथ हुई हिंसा के बारे में सार्वजनिक रूप से कुछ कहें.

    मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने पत्रकारों को बताया कि अमेरिका के पास उन रिपोर्टों पर संदेह करने की कोई वजह नहीं है जिनमें कहा गया है कि हमास ने महिला बंधकों के साथ बलात्कार किया है.

    सोमवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर इकट्ठा हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने हमास के द्वारा इसराइली महिलाओं के बलात्कार, अगवा किए जाने और बुरे बर्ताव को लेकर संयुक्त राष्ट्र की 'अकर्मण्यता' की आलोचना की.

    एक एक्विविस्ट ने कहा कि हमास ने सोचसमझकर इसराइली महिलाओं के ख़िलाफ़ यौन हिंसा के हथियार का इस्तेमाल किया.

    हमास ने इन आरोपों को खारिज किया है और उन्हें सिरे से झूठा करार दिया है.

  9. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ में कौन चमका, कौन चूका मौक़ा?

  10. मध्य प्रदेश में सीएम का चेहरा कौन होगा? इसे लेकर चर्चा तेज़

    बीजेपी ने तीन विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत हासिल की है लेकिन इस जीत के बाद पार्टी के भीतर इस बात पर चर्चा तेज़ हो गई है कि इन राज्यों में मुख्यमंत्री का चेहरा आखिर कौन होगा.

    पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इसे लेकर सोमवार को बैठक की.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच हुई इस बैठक में क्या हुआ, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आयी है. लेकिन सूत्रों ने बताया है कि शीर्ष नेतृत्व अंतिम निर्णय लेने से पहले पार्टी के भीतर विचार-विमर्श कर रहा है.

    हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से कोई बयान नहीं आया है, लेकिन बीजेपी के भीतर कई लोगों का मानना है कि तीन राज्यों में उसे जो भारी जनादेश मिला है, उसे उसकी नीतियों के लिए व्यापक लोकप्रिय समर्थन के और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व के नतीजे के रूप में देखा जाना चाहिए.

    बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय विधायक चुने गए हैं. इस जीत के बाद उन्होंने भारी जनादेश के पीछे मोदी के नेतृत्व को वजह बताया.

    जब उनसे पूछा गया कि क्या लाड़ली बहना स्कीम बड़ी जीत का कारण बनी. इस सवाल के जवाब पर उन्होंने कहा –“क्या लाड़ली बहना योजना छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी थी?”

    18 साल तक राज्य के सीएम रहे शिवराज यकीनन इस पद के सबसे मज़बूत उम्मीदवार हैं लेकिन उनके अलावा इस बार कई नामों की चर्चा है जो सीएम बनाए जा सकते हैं.

    अटकलें लगायी जा रही हैं कि विजयवर्गीय सीएम की रेस में हैं. इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर जैसे नेताओं को इस पद के लिए दावेदार के रूप में देखा जा रहा है.

  11. सिख अलगाववादी नेता की हत्या की कोशिश के मामले के बीच बाइडन के सीनियर अधिकारी पहुंचे दिल्ली

    व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के एक शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कई द्विपक्षीय मुद्दों पर बात करने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं.

    उन्होंने एक सिख अलगाववादी नेता की हत्या की कोशिश के आरोपों पर भी भारत से बात की.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, प्रधान उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन फाइनर ने भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विक्रम मिस्री के साथ महत्वाकांक्षी अमेरिका-भारत की पहल ‘महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी (आईसीईटी)’ सहित अन्य ज़रूरी मुद्दों पर बात करने के लिए 4 दिसंबर को नई दिल्ली में एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया.

    आईसीईटी भारत और अमेरिका के बीच एक अहम पहल है जो रणनीतिक सुरक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग पर केंद्रित है.

    व्हाइट हाउस ने अपने बयान में ये भी कहा है कि अमेरिका में एक अलगाववादी नेता की हत्या की साजिश के मामले में भारत ने एक जांच समिति बनायी है और और जिम्मेदार पाए गए किसी भी व्यक्ति को जवाबदेह ठहराने के महत्व पर दोनों देशों के बीच बात हुई.

    इसके अलावा दोनों देशों ने मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध को लेकर भी बात की और दो -राज्य के समाधान के क्या तरीके हो सकते हैं, इस पर भी बात की.

    बीते दिनों अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट के दस्तावेज़ से ये बात सामने आयी थी कि अमेरिका में रहने वाले एक अलगाववादी सिख नेता की हत्या की कोशिश की गई थी जिसे अमेरिका ने नाकाम कर दिया.

    दस्तावेज़ के मुताबिक़ भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर कथित ‘योजना के तहत पैसे लेकर हत्या’ का आरोप लगाया गया है. अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ये साजिश भारत सरकार के एक अधिकारी के कहने पर रची गई.

    भारत सरकार ने कहा है कि ऐसा करना भरत की नीतियों के खिलाफ़ हैं और इस मामले में एक उच्चस्तरीय कमिटी बनायी गई है जो आरोपों की जांच कर रही है.

  12. एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जीत के बावजूद क्यों बीजेपी राज्यसभा में बहुमत नहीं पा सकेगी

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत के बावजूद राज्यसभा में पार्टी की ताकत पर कोई बहुत बड़ा अंतर नहीं पड़ेगा और अगले साल तक बीजेपी के राज्यसभा में बहुमत में होने के आसार कम हैं.

    अगले साल राज्यसभा में 69 सीटें खाली होंगी, इनमें 56 सीटें अप्रैल में खाली होंगी यानी लोकसभा चुनाव से ठीक पहले.

    संसद के उच्च सदन में 239 सदस्य हैं. अभी बीजेपी 94 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है इसके बाद 30 सीटें कांग्रेस के पास हैं और 13 सीटें तृणमूल कांग्रेस के पास हैं.

    अगले साल अप्रैल में जो सीटें खाली हो रही हैं उनमें से 30 सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार हैं और माना जा रहा है कि वो बीजेपी के ही पास रहेंगी.

    कांग्रेस भी अपनी सभी सीटों पर जीत जाएगी और उसके खाते में तेलंगाना की भी दो सीटें आएंगी जो अब तक बीआरएस के पास थी.

    अप्रैल में जो सीटें खाली होंगी, उनमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सीट है जो राजस्थान से है. पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव की सीट है और वो भी राजस्थान से है. शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान मध्य प्रदेश से और राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला की सीट गुजरात से है.

    ये बात तय है कि बीजेपी को राजस्थान और छत्तीसगढ़ से अधिक सीटें मिलेंगी लेकिन अगले साल तक इतनी सीटें मिलने की उम्मीद नहीं है कि बीजेपी राज्यसभा में बहुमत में आ जाए.

    राज्यसभा में आम आदमी पार्टी और डीएमके के 10-10 सदस्य हैं, जबकि बीजेडी और वाईआरएस कांग्रेस पार्टी के नौ-नौ सदस्य हैं. बीआरएस के पास सात सदस्य हैं, राष्ट्रीय जनता दल के छह और जनता दल (यूनाइटेड) और सीपीआई-एम के पांच-पांच सदस्य हैं.

  13. राजस्थान में कांग्रेस की हार के बाद सचिन पायलट ने क्या कहा

    राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राज्य में कांग्रेस को मिली हार के बाद कहा है कि पार्टी को आत्ममंथन करना होगा कि आखिर हम राजस्थान में क्यों हारे.

    राजस्थान में एक चलन है कि हर पांच साल में वहां अलग पार्टी की सरकार बनती है. यहां एक ही पार्टी एक के बाद एक सत्ता में नहीं आती. पायलट ने कहा कि हमें सोचना होगा कि आखिर तमाम कोशिशों के बावजूद हम ये पैटर्न क्यों नहीं तोड़ पाए.

    मंगलवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पार्टी नेता चुनावों में मिली हार के कारणों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेंगे.

    राजस्थान में 199 सीटों में से 115 पर जीत हासिल करके बीजेपी सरकार बनाएगी, वहीं कांग्रेस को 69 सीटें मिली हैं.

    राज्य में बीते तीन दशक से 'रिवॉल्विंग-डोर' का चलन है यानी कोई भी पार्टी लगातार दो बार सरकार नहीं बना पाती.

    पायलट ने कहा-“अगले पांच महीने में देश में लोकसभा चुनाव हैं. यह एक बड़ी चुनौती है. हमें ईमानदारी से आत्ममंथन करने की ज़रूरत है और हम ऐसा करेंगे.जनता ने हमें विपक्ष की भूमिका दी है और हम इसे मजबूती से निभाएंगे. हम सरकार को वादे पूरे करने और जनता की आवाज बनने के लिए मजबूर करेंगे.”

    उन्होंने कहा कि हम राजस्थान में दोबारा कांग्रेस की सरकार बनाना चाहते थे लेकिन ये नहीं हो पाया. हालांकि पार्टी के सभी तीन राज्यों (मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़) में वोट शेयर बहुत नहीं घटे हैं.

  14. जब जीत के बाद शिवराज सिंह चौहान परिवार संग पहुंचे रेस्त्रां, वीडियो वायरल

    रविवार को आए चुनाव नतीज़ों में मध्यप्रदेश में बीजेपी ने 230 में से 163 सीटें जीती हैं. 18 साल से राज्य के मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान को इस जीत का श्रेय दिया जा रहा है.

    चुनावी भागदौड़ और सत्ता में बीजेपी की वापसी के बाद शिवराज सिंह चौहान सोमवार को एक रेस्त्रां में अपने परिवार के साथ डिनर करने पहुंचे.

    परिवार के साथ डिनर की तस्वीर और वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने एक्स पर लिखा- “जीवन में भागदौड़ बहुत है...लेकिन जब भी वक्त मिले, तो परिवार के साथ कुछ लम्हों को, यादों को जरूर सहेजें. ये वो अनमोल मोती हैं, जो जीवन को उजाले से भर देते हैं.”

    बताया जा रहा है कि वो भोपाल के एमपीनगर स्थित एक रेस्त्रां पहुंचे थे.

    डिनर के बाद बाहर निकते समय उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- “अच्छा लगा सबके बीच में, अपने लोग, अपनी जनता और अपना परिवार, हम सब एक परिवार हैं. छोटे-भटूरे के साथ -साथ जनता से मिलने का आनंद भी मिला. परिवार के साथ आया था और सभी लोग मेरे परिवार जैसे हैं. कभी-कभी ऐसे निकलने में अच्छा लगता है.”

    “आज यहां पर कई लोगों के जन्मदिन थे. तो उनके केक काटे, बधाइयां दीं और उनका जन्मदिन मनाया. उनके साथ बहुत आनंद आया.”

  15. मिचौंग तूफ़ान का असर, चेन्नई में पांच लोगों की मौत और सभी फ्लाइट हुईं कैंसिल

    मिचौंग तूफ़ान मंगलवार को आंध्र के नेल्लोर और मछलीपट्टनम के बीच से गुजरेगा.

    मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार, ‘गंभीर चक्रवात मिचौंग’ चेन्नई से 130 किलोमीटर उत्तर में है. तूफ़ान दक्षिण आंध्र तट के समानांतर बढ़ेगा और पांच दिसंबर यानी मंगलवार की सुबह एक गंभीर चक्रवाती तूफ़ान के रूप में नेल्लोर और मछलीपट्टनम के बीच से गुजरेगा.

    तूफान के कारण चेन्नई में भयंकर बारिश हो रही है. अब तक तेज़ बारिश और उसके कारण बनी स्थितियों के चलते राजधानी में पांच लोगों की मौत हो चुकी है.

    पुलिस के मुताबिक़ जिन पांच लोगों की मौत हुई है उसमें से दो की मौत बिजली का शॉक लगने और एक की मौत पेड़ के गिरने के कारण हुई है. अन्य दो की मौत के कारणों का सटीक पता नहीं चल पाया है.

    हालात का अनुमान लगाते हुए तमिलनाडु सरकार ने एहतियात के तौर पर चार जिलों चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू में छुट्टी का आदेश दिया है.

    राज्य के सभी बड़े टनल बंद कर दिए गए हैं क्योंकि इनमें से कई में पूरी तरह पानी भर गया है.

    मौसम विभाग ने अपने बयान में कहा कि तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेन्नई और चेंगलपट्टू जिलों में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और कभी-कभी 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.

    मिंचौंग तूफ़ान का असर

    मिचौंग तूफ़ान के कारण हुई भारी बारिश के में चेन्नई समेत कई जिलों में सड़कों पर पानी भर गया है. चेन्नई में जगह-जगह सड़कों पर पेड़ गिरे हुए हैं.

    राज्य में पांच लोगों की मौत हो गई है.

    बारिश के कारण चेन्नई के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पानी भर गया है और इसे देखते हुए फ्लाइटों की आवाजाही रोक दी गई है.

    एयरपोर्ट प्रशासान ने सोमवार देर रात तक सभी फ्लाइटों को रद्द कर दिया था. लगभग 150 फ्लाइट सेवाओं पर प्रभाव पड़ा है.

  16. नमस्कार!

    आपका दिन शुभ हो.

    चार दिसंबर की लाइव अपडेट्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.