चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा है कि जो भी निर्णय होता है उसे स्वीकार किया जाना चाहिए.
राउत ने कहा, "कल जो ईवीएम के माध्यम से जनादेश मिला है, उसे हम लोकतंत्र का आदेश मानकर स्वीकार करते हैं. चाहे ईवीएम पर विश्वास हो या न हो. लोग तो सदमे में है कल के रिज़ल्ट के बाद. ख़ासकर कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़."
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को बड़ी जीत मिली है और हम इसका अभिनंदन करेंगे.
संजय राउत ने कहा, "तेलंगाना का भी निर्णय बहुत ही महत्वपूर्ण है. वहां भी मोदी जी गए थे. वहां भी अमित शाह ने डेरा डाला था, नड्डा जी भी गए थे, पूरी बीजेपी उतरी थी. फिर भी वहां बीजेपी को 10 सीटे भी नहीं मिली है."
शिवसेना नेता ने ये भी कहा कि राहुल गांधी ने तेलंगाना में बहुत ज़ोर-शोर से प्रचार किया था और कांग्रेस पार्टी की वहां जीत हुई है, इसलिए हम उन्हें भी बधाई देते हैं.
विपक्षी दलों के गठबंधन में अब किस पार्टी का प्रभाव बढ़ेगा या घटेगा, इस पर राउत ने कहा, "कल के नतीजों के बावजूद इंडिया अलायंस मज़बूती से खड़ा है. छह दिसंबर को इंडिया अलायंस की महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे जी के घर पर होगी. शिवसेना प्रमुख उद्धव जी उस बैठक में शामिल होंगे."
कांग्रेस पर संजय राउत ने क्या कहा?
इंडिया गठबंधन पर संजय राउत ने कहा कि इसमें कुछ दलों के बीच पांच राज्यों में चुनाव को लेकर गिले-शिकवे हैं. ख़ासतौर पर कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी को अपने राज्यों में छोटे दलों को विश्वास में लेना चाहिए. कांग्रेस ने ये नहीं किया.
राउत ने कहा, "अगर ये गठबंधन लेकर आगे जाना है तो पार्टी छोटी हो या बड़ी सबको साथ लेकर चलते तो शायद...पूरा नतीजा या जनादेश पलटता तो नहीं लेकिन कुछ अच्छा ज़रूर होता."