पाकिस्तान से भारत लौटीं अंजू पर उनके पति ने क्या कहा?
राजस्थान के भिवाड़ी से जुलाई महीने में पाकिस्तान गईं अंजू बुधवार को भारत लौट आईं हैं. उन्होंने भारत लौटने पर कहा कि, "मैं खुश हूं."
लाइव कवरेज
चंदन शर्मा and अभिजीत श्रीवास्तव
सुरंग में फंसे मज़दूरों को निकालने में अर्नाल्ड डिक्स के योगदान की ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने की सराहना

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इमेज कैप्शन, पीएम अल्बनीज़ और प्रो अर्नाल्ड डिक्स उत्तराखंड टनल में फंसे श्रमिकों को निकालने में ऑस्ट्रेलिया के टनल विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर अर्नाल्ड डिक्स का अहम योगदान रहा.
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने इस सफल अभियान के लिए भारत को बधाई देते हुए इस मिशन में प्रो. डिक्स की भूमिका की सराहना की.
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन के पोस्ट को रिट्वीट करते हुए सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर लिखा, ''भारतीय प्रशासन की एक अद्भुत उपलब्धि. हमें गर्व है कि ऑस्ट्रेलिया के प्रोफेसर अर्नाल्ड डिक्स ने जमीन पर अपनी भूमिका अदा की.''
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इससे पहले भारत ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने अपने पोस्ट में लिखा, ''यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है. उत्तराखंड में सुरंग में फंसे सभी 41 मजदूरों को सफलतापूर्वक निकालने के लिए भारत के प्रशासन को बधाई.''
उन्होंने लिखा, ''ऑस्ट्रेलिया के प्रोफेसर अर्नाल्ड डिक्स की विशेष सराहना, जिन्होंने ज़मीनी स्तर पर अहम तकनीकी मदद दी.''
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डिक्स ने अपने पीएम का किया शुक्रिया एंथनी अल्बनीज़ से सराहना मिलने के बाद प्रो अर्नाल्ड डिक्स ने अपने प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा किया है.
एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, "धन्यवाद, मिस्टर प्राइम मिनिस्टर! ये दिखाना मेरा विशेष अधिकार है और हमें ख़ुशी है कि हम सिर्फ़ क्रिकेट में ही शानदार नहीं हैं, बल्कि हम दूसरे काम भी करते हैं, उसमें टनल रेस्क्यू भी है. सभी 41 लोग अब बाहर हैं और सुरक्षित हैं. अब सब ठीक है."
अर्नाल्ड डिक्स 'इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन' (ITUSA) के अध्यक्ष अर्नाल्ड डिक्स हैं. वे रोज़ सुरंग के अंदर जाकर बचाव कार्य में अपनी विशेषज्ञता के ज़रिए टेक्निकल सहायता कर रहे थे.
उत्तराखंड सुरंग रेस्क्यू: सुरंग में 17 दिन फंसे रहे मज़दूर बाहर निकलने पर क्या बोले?
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Live: सुरंग में फंसे मज़दूरों को निकालने के बाद अब वहां क्या-कुछ हो रहा है?
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टनल से निकले लखीमपुर के मंजीत की माँ ने कहा, 17 साल की तरह बीते ये 17 दिन
....में - Author, प्रशांत पांडेय
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

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इमेज कैप्शन, मंजीत की माँ उत्तराखण्ड की सिलक्यारा सुरंग में फंसे लखीमपुर खीरी ज़िले के भैरमपुर गाँव के मंजीत की माँ ने बेटे के सुरक्षित बाहर निकलने पर खुशी जाहिर की है.
मंजीत की माँ चौधराइन कहती हैं, "ये 17 दिन बहुत भारी पड़े. रोज़ ही कहते थे कि आज निकल आएगा, कल निकल आएगा, लेकिन 17 दिन बीत गए. हमने तो आज दीवाली मनाई है. बेटा सुरक्षित निकल आया, अब नहीं भेजेंगे इतनी ख़तरनाक जगह."
भारत नेपाल बॉर्डर के लखीमपुर खीरी ज़िले के दुधवा टाइगर रिज़र्व से सटे भैरमपुर गाँव में मंजीत के घर पर मंगलवार रात से ही चहल पहल लगातार बनी हुई है.
उनके पड़ोसी मंजीत का हाल चाल पूछने घर आ रहे हैं. वहीं पत्रकारों की गाडियां भी गाँव में लगातार आ रहीं हैं.
मंजीत के घर में उनके पिता चौधरी, माता चौधराइन के अलावा दो छोटी बहनें भी हैं.
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गहने गिरवी रखकर सिलक्यारा पहुंचे पिता
हालांकि अपने बेटे के सुरंग में फंसने की ख़बर मिलने के बाद जेवर बेचकर मंजीत के पिता सिलक्यारा चले गए. पिछले कई दिनों से वे वहीं हैं.
मंजीत के सुरंग से सुरक्षित बाहर निकलने के बाद सामने आई एक तस्वीर में उनके पिता अपने बेटे का सिर चूमते दिख रहे हैं.
बेहद सुकून देने वाले उस पल को उत्तराखंड सीएम पीएस धामी और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह भी निहारते दिख रहे हैं.

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इमेज कैप्शन, मंजीत का सिर चूमते उनके पिता फँसने का पता छह दिन बाद चला
इधर मंजीत की माँ बीते 17 दिनों के इस भारी समय को याद करती हुई कहती हैं, ''एक-एक दिन कैसे गुजरा, ये हमें ही पता है. न नींद आई, न ठीक से खाना खाया.''
वह कहती हैं, ''छह दिन बाद, टनल में ही भंडारी का काम करने वाले गाँव के ही एक लड़के ने, बताया कि मंजीत वहां फंस गया है. तो बड़े बेटे की शादी के बचे हुए जेवर गिरवी रख किराए का इंतज़ाम कर मंजीत के पिता को उत्तराखण्ड भेजा.''
मंजीत की माँ ने गहरी साँस भरकर कहा, ''बेटा सुरक्षित आ गया, तो जेवर-वेवर बनते रहेंगे."

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एक बेटा खो चुका है यह परिवार
उत्तर प्रदेश सरकार से रोज़गार देने की मांग करते हुए मंजीत की माँ ने कहा, ''यूपी सरकार यही कोई रोज़गार का इंतज़ाम करा दे, मजबूरी में जाते हैं वहां. कोई अच्छा थोड़े लगता है इतनी दूर जा कर. एक बेटा इसी में खो गया हमारा.''
मंजीत के बड़े भाई दीपू की साल भर पहले मुंबई में काम के दौरान करंट लगने से मौत हो गई थी.
उनकी मां दीपू की मौत को याद करते हुए कहती हैं, ''बड़े बेटे को खो चुके हैं, इसलिए मंजीत को लेकर अधिक चिंता थी. ये 17 दिन, 17 साल की तरह बीते हैं.''
मंजीत की माँ ने उत्तराखंड सरकार और बचाव अभियान में लगी सभी सरकारी संस्थाओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार भगवान है.
उन्होंने कहा कि मंजीत जब गांव आएगा, तो वे सब रामायण भंडारा करेंगे.
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वहीं पीटीआई से बातचीत में मंजीत के पिता ने कहा, ''हमको बहुत अच्छा लगा कि नई तरंग, नया सूरज दिखाई पड़ रहा है और इसी तरह दिखता रहे.''
उन्होंने कहा, ''इतनी ख़ुशी का दिन आता रहे और हमारा कार्य चलता रहे. सबकी दुआएं आगे बढ़ती रहें, खोए सपने हमको मिलते रहे.''
सिलक्यारा सुरंग से निकलने के बाद यहां बीती सभी मज़दूरों की रात
....में - Author, अनंत झणाणे
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, उत्तरकाशी से

सिलक्यारा सुरंग से सभी 41 मज़दूरों को सुरक्षित बाहर निकालने वाला बचाव अभियान ख़त्म होने के बाद अब सभी मज़दूरों को उत्तरकाशी के चिन्यालिसौड़ शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रख गया है.
सभी मज़दूरों और कुछ मज़दूरों के परिजनों ने इसी अस्पताल में रात बिताई.
यहां डॉक्टर इन मज़ूदरों की मेडिकल जांच कर रहे हैं. मेडिकल जाँच में सब ठीक पाए जाने के बाद सभी मज़दूरों को अपने अपने घर भेज दिया जाएगा.
अधिकतर मज़दूर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा जैसे राज्यों के हैं.
उन्हें घर भेजने में सिलक्यारा सुरंग बनाने वाली कंपनी नवयुगा इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (NECL) भी उनकी मदद करेगी.
समाचार एजेंसी पीटीआई की ओर से जारी एक वीडियो में इन मजदूरों की मेडिकल जांच की जा रही है. इस वीडियो में दिख रहा है कि ये मज़दूर नाश्ता भी कर रहे हैं.
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दिवाली की सुबह सिलक्यारा सुरंग का निर्माणाधीन एक हिस्सा ढह जाने के बाद सुरंग में 41 मजदूर फंस गए थे. आख़िरकार मंगलवार रात 17वें दिन उन सबको सुरक्षित निकाल लिया गया.
मजदूरों के निकलते वक़्त उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पीएस धामी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री वीके सिंह मंगलवार को वहीं मौजूद थे.
उसके बाद हुए प्रेस कॉन्फ्रेन्स में उत्तराखण्ड सरकार ने सभी मज़दूरों को एक लाख रुपए के मुआवज़े का एलान किया है.
मैक्सवेल के शतक के बूते ऑस्ट्रेलिया ने भारत के कब्ज़े से छीना तीसरा टी-20

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गुवाहाटी में खेले गए तीसरे टी20 मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को पांच विकेट से हरा दिया. मंगलवार को हुए इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 222 रन बनाए.
लेकिन इस रोमांचक मैच में ग्लेन मैक्सवेल ने अंतिम गेंद पर चौका लगाकर अपनी टीम को जीत दिला दी.
इस मैच के हीरो 'मैन ऑफ़ द मैच' ग्लेन मैक्सवेल रहे, जिन्होंने केवल 48 गेंद में 104 रन बनाए. कप्तान मैथ्यू वेड ने उनका अच्छा साथ देते हुए 16 गेंदों में 28 रन बनाए.
ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम दो ओवरों में 45 रन बनाकर यह मैच भारत के कब्ज़े से छीना.
भारत के तेज़ गेंदबाज़ प्रसिद्ध कृष्णा ने अपने कोटे के चार ओवरों में सबसे अधिक 68 रन दिए. भारत की ओर से सबसे सफल गेंदबाज़ रवि बिश्नोई रहे, जिन्होंने चार ओवरों में 32 रन देकर तीन विकेट लिए.
इससे पहले भारत ने ऋतुराज गायकवाड़ के नाबाद 123 रन की मदद से 20 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 222 रन बनाए. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 39 रन और तिलक वर्मा ने नाबाद 31 रन बनाए.
पांच टी20 मैचों की इस सिरीज़ का चौथा मैच शुक्रवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खेला जाएगा. अंतिम मैच रविवार को बेंगलुरू में होना है.
उत्तरकाशी सुरंग से निकले सभी 41 मज़दूरों को उत्तराखंड सरकार देगी एक-एक लाख रुपए

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उत्तराखंड के सुरंग में फँसे मज़दूरों के सकुशल निकासी के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी 41 मज़दूरों को एक-एक लाख रुपए देने का एलान किया है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार की रात सुरंग से सभी मज़ूदरों के सकुशल निकाले जाने के बाद सिलक्यारा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में कई एलान किए.
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सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में जितनी भी सुरंग बन रही हैं, उन सबकी समीक्षा राज्य सरकार के स्तर पर भी जाएगी.
इससे पहले केंद्र सरकार भी एलान कर चुकी है कि देश में बन रहे सभी 29 सुरंगों का सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि वे इन मज़ूदरों की कंपनियों से अनुरोध करेंगे कि इन मज़दूरों को 15 या 30 दिनों के लिए बिना सैलरी काटे छुट्टी दी जाए.
सीएम धामी ने सिलक्यारा सुरंग के मुहाने पर अस्थाई तौर पर स्थापित 'बाबा बौखनाग मंदिर' के स्थाई निर्माण का एलान भी किया है.
इससे पहले मंगलवार की रात पिछले 17 दिन से फंसे सभी 41 मज़ूदरों को सकुशल निकाल लिया गया. इस मौक़े पर सीएम धामी के साथ केंद्रीय सड़क और परिवहन राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह भी मौजूद थे.
टनल से निकाले जाने के बाद पीएम मोदी ने मज़दूरों से की बातचीत, जानिए क्या कहा

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उत्तराखंड के सिल्क्यारा टनल में 17 दिन से फँसे 41 मज़दूरों के सकुशल बाहर निकाले जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उनसे फोन पर बातचीत की.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और बीजेपी दोनों ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' के अपने हैंडल से किए पोस्ट में यह जानकारी दी है.
उन्होंने लिखा, ''आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सिलक्यारा टनल से सफलतापूर्वक रेस्क्यू किए गए श्रमिकों से फ़ोन पर बात कर उनका कुशलक्षेम जाना.''
बताया गया है कि पीएम मोदी ने बचाए गए मज़दूरों से उनका हालचाल पूछा. उन्होंने कहा कि कई संस्थाओं की ओर से चलाए गए इस बचाव अभियान ने सभी को भावुक कर दिया है.
पीएम मोदी के अनुसार, इस मिशन में शामिल सभी लोगों ने मानवता और टीम वर्क का अद्भुत उदाहरण पेश किया है.
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टनल से निकाले जाने के बाद सभी 41 मजदूरों को कई एम्बुलेंसों से टनल से 30 किमी दूर स्थित चिन्यालीसौड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया.
टनल से वहां जल्द से जल्द पहुंचने के लिए प्रशासन ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया. वहां अस्पताल में 41 ऑक्सीजन युक्त बिस्तरों वाला एक वार्ड बनाया गया.
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पीएम ने ट्वीट भी किया
वैसे इस अभियान के सफल होने के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर किए एक पोस्ट में कहा कि उत्तरकाशी में श्रमिक भाइयों के बचाव अभियान की सफलता हर किसी को भावुक कर देने वाली है.
उन्होंने कहा, ''टनल में जो साथी फंसे हुए थे, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि आपका साहस और धैर्य हर किसी को प्रेरित कर रहा है. मैं आप सभी की कुशलता और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं.''
''यह अत्यंत संतोष की बात है कि लंबे इंतजार के बाद अब हमारे ये साथी अपने प्रियजनों से मिलेंगे. इन सभी के परिजनों ने भी इस चुनौतीपूर्ण समय में जिस संयम और साहस का परिचय दिया है, उसकी जितनी भी सराहना की जाए वो कम है.
पीएम मोदी ने पोस्ट में कहा, ''मैं इस बचाव अभियान से जुड़े सभी लोगों के जज्बे को भी सलाम करता हूं. उनकी बहादुरी और संकल्प-शक्ति ने हमारे श्रमिक भाइयों को नया जीवन दिया है. इस मिशन में शामिल हर किसी ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की है.''
नमस्कार!
आपका दिन शुभ हो.
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