समाचार एजेंसी एएफ़पी की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ यमन के तट के पास, इसराइल से जुड़े एक टैंकर को क़ब्ज़े में लिया गया है.
एएफ़पी ने ये जानकारी अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से दी है. इस टैंकर को अज्ञात हथियारबंद लोगों ने ज़ब्त किया है.
इससे पहले इस नौवहन रूट पर इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं.
एएफ़पी ने मैरीटाइम सुरक्षा कंपनी एंब्रे के हवाले से बताया है कि ‘अमेरिकी नोसैनिक बल ऐसी स्थिति में सक्रिय हैं.’
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वो घटना पर नज़र रखे हुए हैं.
ये घटना सेंट्रल पार्क नाम के तेल टैंकर के साथ हुई है. इसराइल से संबंधित इस टैंकर का संचालन ब्रिटेन स्थित एक कंपनी करती है.
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने टैंकर को हुदैदा बंदरगाह की तरफ़ आने के लिए कहा था और आदेश न मानने पर हमला करने की धमकी दी थी.
एएफ़पी के मुताबिक़, सुरक्षा फ़र्म एंब्रे ने बताया है कि अमेरिकी गठबंधन में शामिल युद्धक जहाज़ों ने सेंट्रल पार्क को संदेश भेजा था और हूतियों के संदेश को नज़रअंदाज़ करने के लिए कहा था.
एंब्रे ने बताया है कि इस टैंकर पर यमन के बंदरगाह शहर अदन के पास लोग सवार हुए हैं.
इसके अलावा इस क्षेत्र में सफर कर रहे एक अन्य जहाज़ ने बताया कि ‘सैन्य पोशाक में शामिल आठ लोग दो नावों पर जहाज़ की तरफ़ बढ़ रहे थे.’
इससे पहले गुरुवार रात, इसराइल से संबंधित एक मालवाहक जहाज़ को ड्रोन हमले में नुक़सान पहुंचा था. अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि ये हमला ईरान निर्मित शाहेद-136 ड्रोन से किया गया था.
इस जहाज़ पर हमले की अभी तक किसी ने ज़िम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता याह्या अल सरिया ने टेलीग्राम पर इस जहाज़ के नाम का पहला शब्द पोस्ट किया है.
उनके इस पोस्ट को हमले का निशाना बने जहाज़ से जोड़कर देखा जा रहा है.
वहीं पिछले सप्ताह हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में इसराइल से जुड़े एक मालवाहक जहाज़ को ज़ब्त कर लिया था. हूती विद्रोहियों ने इस जहाज़ को ज़ब्त किए जाने का वीडियो भी साझा किया था.
हूती विद्रोहियों ने इस क्षेत्र में सफर करने वाले इसराइल से जुड़े जहाज़ों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी.
7 अक्तूबर को ग़ज़ा पर शासन करने वाले फ़लस्तीनी समूह हमास ने इसराइल पर हमला किया था, जिसमें 1,200 से अधिक इसराइली मारे गए थे.
इसके जवाब में इसराइल ने ग़ज़ा पर बड़े हमले किए हैं और ज़मीनी सैन्य अभियान चलाया है. इसराइल के जवाबी हमलों में अब तक 14,800 से अधिक फ़लस्तीनी लोग मारे गए हैं.
हूती विद्रोहियों का कहना है कि वो इसराइल से जुड़े जहाज़ों के ख़िलाफ़ ये कार्रवाई फ़लस्तीनियों के समर्थन में कर रहे हैं.