महुआ मोइत्रा के ख़िलाफ़ सीबीआई ने दर्ज की प्रारंभिक जांच, महुआ ने क्या कहा?

इमेज स्रोत, ANI
पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप का सामना कर रहीं तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के ख़िलाफ़ सीबीआई ने शनिवार को प्रारंभिक जांच दर्ज कर ली है.
अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई का यह क़दम ये पता लगाने की दिशा में पहला चरण है कि महुआ मोइत्रा पर लगे आरोपों की पूरी जांच होनी चाहिए या नहीं.
यदि इस जांच के दौरान पहली नज़र में पर्याप्त जानकारी मिली, तो सीबीआई इसे एफ़आईआर में बदल सकती है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
महुआ मोइत्रा ने क्या कहा?
इस ख़बर के सामने आने के बाद महुआ मोइत्रा ने अपने 'एक्स' हैंडल पर डाले एक पोस्ट में लिखा, ''न तो लोकपाल क़ानून के अनुसार लोकपाल की वेबसाइट पर कोई रेफ़रल आदेश अपलोड हुआ है और न ही सीबीआई ने कोई आधिकारिक जानकारी दी है.''
उन्होंने तंज़ कसते हुए लिखा, मीडिया के सामान्य सर्कस की तरह सीबीआई के 'स्रोत' पत्रकारों को जानकारी दे रहे हैं.
मोइत्रा ने लिखा, ''आशा है कि मेरे पीछे पड़ने के पहले सीबीआई 13 हज़ार करोड़ रुपए के अदानी कोयला घोटाले के लिए प्रारंभिक जांच दर्ज करेगी.''
हालांकि सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर बाद में किए एक अन्य पोस्ट में उन्होंने बताया कि लोकपाल ने उन पर लगे आरोप को सीबीआई को भेज दिया है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा, ''यह देखकर अचरज हुआ कि बिना किसी पूर्णकालिक अध्यक्ष के नेतृत्वहीन लोकपाल ने कैसे मेरे मामले को सीबीआई को 'रेफर' कर दिया. 3/11/23 की आरटीआई बताती है कि मई 2022 से लोकपाल का कोई अध्यक्ष नहीं है और इसके 8 में से 3 सदस्यों के पद खाली हैं!''
झारखंड के गोड्डा लोकसभा सीट से बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे पर तंज़ कसते हुए मोइत्रा ने लिखा, ''हो सकता है कि पिटबुल एसोसिएशन की झारखंड शाखा भी भाजपा के अधीन लोकपाल समिति के रूप में 'मूनलाइटिंग' कर रही हो.''

इमेज स्रोत, ANI
क्या है मामला
दरअसल बीजेपी नेता निशिकांत दुबे मोइत्रा के ख़िलाफ़ शिकायत लेकर लोकपाल के पास गए थे. दुबे ने महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का भी आरोप लगाया था.
उधर मोइत्रा के ख़िलाफ़ आरोपों की जांच कर रही लोकसभा की आचार समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. इसे लोकसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा.
दुबे ने मोइत्रा पर गिफ्ट के बदले व्यापारी दर्शन हीरानंदानी के इशारे पर अदानी समूह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के लिए लोकसभा में सवाल पूछने का आरोप लगाया था.
हालांकि मोइत्रा ने किसी भी ग़लत काम से इनकार किया है और दावा किया है कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने अदानी समूह के सौदों पर सवाल उठाए थे.




















