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प्रवर्तन निदेशालय ने प्रकाश राज को पूछताछ के लिए बुलाया, क्या है मामला

यह मामला त्रिचिरापल्ली के प्रणव ज्वेलर्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and चंदन शर्मा

  1. पीरियड्स पोवर्टी ख़त्म करने की कैसे हो रही कोशिश

    वर्ल्ड बैंक के अनुसार, दुनियाभर में क़रीब 50 करोड़ महिलाएं पीरियड पोवर्टी की समस्या का सामना कर रही हैं.

    जब लड़कियां या महिलाएं महावारी के दौरान इस्तेमाल होने वाली चीज़ें जैसे सैनिटरी नैपकिन्स आदि ख़रीद नहीं पातीं या फिर उनके पास नहाने तक के साधन नहीं होते, तो उसे पीरियड पोवर्टी कहते हैं.

    ब्रिटेन की एक लड़की ने इस तरह की दिक्क़तें झेल रही महिलाओं की मदद के लिए एक चैरिटी शुरू की है, जिसे दुनियाभर में फ़ंडिंग मिल रही है.

  2. ममता बनर्जी का बीजेपी पर निशाना- क्रिकेट वर्ल्ड कप का फ़ाइनल अगर कोलकाता में होता...

    वर्ल्ड कप फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया से भारत के हारने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि यदि फ़ाइनल कोलकाता में हुआ होता, तो हम वो मैच जीत जाते.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की ओर से जारी एक वीडियो में ममता बनर्जी बांग्ला में कह रही हैं, ''इंडिया फ़ाइनल यदि कोलकाता (ईडन गार्डन्स) में होता या वानखेड़े (मुंबई) में होता, तो हम जीत जाते.''

    तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यक्रम में अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, ''उन्होंने प्रैक्टिस ड्रेस भगवा रंग का कर दिया. वो मेन ड्रेस भी बदलना चाहते थे, लेकिन खिलाड़ियों ने इसका विरोध किया.''

    उन्होंने बीजेपी पर नीले रंग को नापसंद करने और हर ओर भगवा रंग को फैलाने का आरोप लगाया.

  3. म्यांमार से बड़ी संख्या में इंडोनेशिया पहुंचे शरणार्थी

    संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संस्था के मुताबिक़ पिछले हफ़्ते इंडोनेशिया के ऐचे प्रांत के तटों पर कम से कम पांच नावों पर सवार होकर आठ सौ से ज़्यादा रोहिंग्या शरणार्थी पहुंचे.

    और कल रात को करीब दो सौ और शरणार्थी भी पहुंच गए.

    साल 2017 में अल्पसंख्यक रोहिंग्या समुदाय पर म्यंमार की सरकार के सैन्य क्रैकडाउन के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि वो इतनी बड़ी तादाद में यहां आए.

    स्थानीय लोगों ने उन्हें खाने के पैकेट दिए और कहा कि वो इससे ज़्यादा उन लोगों की कोई मदद नहीं कर सकते क्योंकि उनके पास संसाधनों की कमी है.

    इंडोनेशिया से देखिए ओकी बुद्धी की रिपोर्ट.

  4. सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज और तमिलनाडु की पूर्व गवर्नर जस्टिस फातिमा बीवी का निधन

    सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज और तमिलनाडु की पूर्व गवर्नर जस्टिस फातिमा बीवी का कोल्लम के एक प्राइवेट अस्पताल में गुरुवार को निधन हो गया.

    वे 96 साल की थीं.

    केरल के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान और राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने उनके निधन पर शोक जाहिर किया है.

    वीणा जॉर्ज ने कहा, "वे एक बहादुर महिला थीं जिनके नाम कई रिकॉर्ड्स रहे हैं. वो ऐसे व्यक्तित्व की महिला थीं जिन्होंने अपने जीवन में ये दिखलाया कि इच्छाशक्ति और सकारात्मकता से कोई भी व्यक्ति प्रतिकूल परिस्थिति को पार पा सकता है."

  5. उत्तरकाशी में फंसे मज़दूरों को निकालने के लिए तेज़ हुआ अभियान, कब तक पूरा होगा ऑपरेशन?

  6. उत्तरकाशी सुरंग हादसे के बाद एनएचएआई का अहम फ़ैसला- देश में बन रहे सभी सुरंगों का होगा सेफ्टी ऑडिट

    उत्तरकाशी सुरंग में पिछले 11 दिनों से 41 मजदूरों के फंसे होने के बाद भारत सरकार ने अब देश में बन रहे दो दर्ज़न से अधिक सुरंगों का सेफ्टी ऑडिट कराने का फ़ैसला किया है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने दुर्घटनाओं से बचाव के लिए देश में बन रहे 29सुरंगों का सेफ्टी ऑडिट कराने का फ़ैसला लिया है.

    सेफ्टी ऑडिट के इस कार्य में एनएचएआई के अधिकारियों के साथ दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के अधिकारी सहयोग करेंगे.

    सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ये दोनों संस्थाएं मिलकर जांच कर के एक हफ़्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा करेंगी.

    सरकार के बयान के अनुसार, ''निर्माण के दौरान सुरक्षा और उच्चतम गुणवत्ता मानकों का पालन तय करने की ख़ातिर एनएचएआई देश के सभी 29निर्माणाधीन सुरंगों का सेफ्टी ऑडिट करेगी.''

    इनमें से 12 सुरंग हिमाचल प्रदेश में हैं, जबकि जम्मू और कश्मीर में छह और बाक़ी के सुरंग उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में हैं.

  7. उत्तराखंड में सुरंग में फँसे मज़दूर कब तक बाहर आएंगे?

  8. उत्तरकाशी टनल हादसा बताता है, मज़दूरों की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया जाता- मज़दूर संगठन

    देश के मजदूर संगठनों ने कहा है कि उत्तरकाशी के टनल में 41 लोगों के फंसने के वाकये से ये एक बार फिर सामने आ गया है कि सरकार मज़दूरों की सुरक्षा को लेकर 'कितना ग़ैरज़िम्मेदाराना रवैया' रखती है.

    11 ट्रेड यूनियनों और सेक्टोरल फेडरेशनों के बयान में कहा गया है, "केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और सेक्टोरल फेडरेशन/एसोसिएशन उत्तराकाशी का सिल्क्यारा सुरंग ढहने में प्रशासन की विफलता पर दुख व्यक्त करता है."

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्कप्लेस पर सुरक्षा के मामले में क़ानून कितने कमज़ोर हैं इस घटना ने उसे उजागर कर दिया है. सिल्क्यारा टनल में जो हुआ है वो ऐसी तमाम घटनाओं में से एक है.

    यूनियन का कहना है कि केंद्र की ओर से जो टीम पूरे ऑपरेशन की निगरानी के लिए भेजी गयी वो काफ़ी देरी से पहुंची.

    बयान में कहा गया, "लंबी सुरंगों के निर्माण में एक बचाव टनल तैयार किया जाता है और ये टनल इमरजेंसी प्लान का हिस्सा होता है, ये ज़रूरी होता है. लेकिन सिल्क्यारा टनल बनाते समय इसकी कोई योजना ही नहीं की गयी."

  9. राजस्थान चुनाव: कन्हैयालाल की हत्या के बाद उनका परिवार किस हाल में, अभियुक्त के परिवार क्या बोले

  10. डीपफ़ेक को लेकर जल्द नया क़ानून ला रही है सरकार- केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव

    केंद्रीय सूचना प्रद्यौगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा है कि इंटरनेट पर उपलब्ध डीपफेक कंटेंट लोकतंत्र के लिए नया ख़तरा है और इसके लिए जल्द ही क़ानून लाया जाएगा.

    गुरुवार को उन्होंने डीपफेक कंटेंट के मुद्दे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ बैठक की. उन्होंने बताया कि कंपनियां इस तरह के मुद्दे की पहचान करने, उन्हें रिपोर्ट करने के तरीकों पर काम करने को तैयार हुई हैं.

    उन्होंने कहा, "हम आज से ही इसके ड्राफ़्ट पर काम शुरू कर रहे हैं और थोड़े वक्त में ही हमारे पास डीपफ़ेक के लिए क़ानून होंगे."

    "हमारी अगली बैठक दिसंबर के पहले सप्ताह में होगी. जिसमें हम आज की बैठक का फॉलोअप करेंगे. साथ ही इस बात पर भी चर्चा होगी कि ड्राफ्ट में क्या क्या जोड़ा जाए."

    डीपफे़क आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का इस्तेमाल करता है जिसके ज़रिए किसी की भी फे़क इमेज या तस्वीर बनाई जाती है.

    हाल ही के दिनों में रश्मिका मंदाना का एक डीपफ़ेक वीडियो सामने आया जिसने इस तकनीक के ख़तरे पर बहस एक बार फिर छेड़ दी.

  11. राजस्थान में बीजेपी और कांग्रेस को बारी-बारी कुर्सी मिलने का इतिहास- प्रेस रिव्यू

  12. गिरिराज सिंह ने लिखी नीतीश कुमार को चिट्ठी, कहा- 'हलाल सर्टिफिकेशन देशद्रोह है...'

    केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चिट्ठी लिख कर कहा है कि 'हलाल सर्टिफिकेशन' पर बैन लगाया जाए क्योंकि सेक्युलर देश में 'हलाल का व्यापार देशद्रोह' है.

    चिट्ठी में ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "जिन चीज़ों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं है उनका भी इस्लामीकरण किया जा रहा है. कुछ संस्थाएं हलाल सर्टिफिकेट देने के लिए स्वयंभू हो गई हैं और उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को भारी रकम देकर हलाल सर्टिफिकेट दे रही हैं."

    उन्होंने कहा, "हलाल उत्पादों के नाम पर हो रहे इस तरह के 'जिहाद' पर प्रतिबंध लगाने की ज़रूरत है."

    "ऐसा पता चला है कि बिहार में कई खाद्य पदार्थों जैसे खाद्य तेल, नमकीन, सूखे मेवे, मिठाइयाँ, सौंदर्य प्रसाधन, दवाएँ और चिकित्सा उपकरणों को हलाल सर्टिफिकेट दिया जा रहा है, जबकि ऐसी चीजों को सर्टिफिकेट एफ़एसएसएआई देता है."

    उन्होंने कहा कि एक सेक्यूलर देश में हलाल का व्यापार ना सिर्फ़ असंवैधानिक है बल्कि 'देशद्रोह' है.

  13. निज्जर की हत्या के बाद अब गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साज़िश का मामला, क्या अमेरिका से बढ़ेगी तनातनी

  14. उत्तरकाशी टनल हादसा: 'हम पूरे भारत की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे...'

      • Author, आसिफ अली
      • पदनाम, उत्तरकाशी से, बीबीसी हिंदी के लिए

    प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार और उत्तराखंड सरकार के विशेष कार्याधिकारी भास्कर खुल्बे ने गुरुवार को बीबीसी को बताया कि, "हम पूरे भारत की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे."

    "हम कोशिश कर रहे हैं कि जिस सुरंग में 45 मीटर तक जहाँ हम (बीते दिन बुधवार शाम तक) काम कर चुके थे उससे आगे का काम करें."

    उन्होंने बताया, "रात में जो दिक्कत आयी थी कि जो मलबे में सरिया अटक गया था, उसे लगातार क़रीब 6 घंटे काम के बाद बहुत सुलभ तरीक़े से काटकर बाहर निकाला जा चुका है."

    उन्होंने कहा, "अब वेल्डिंग की प्रक्रिया जारी है जिसमें अब 6 मीटर का पाइप पहले ड्रिल किए जा चुके 45 मीटर के साथ जोड़ा जाएगा, और उसके बाद ऑगर के साथ पुश किया जाएगा."

    भास्कर खुल्बे ने बताया, "जो सावधानियाँ बरती जानी हैं उनको हम बरत रहे हैं. एक एक्सपर्ट्स की टीम भी अभी यहां आयी है, जो साइट पर वाइब्रेशन रिकॉर्ड करके बताएंगे कि साइट पर सेफ़्टी नॉर्म्स (सुरक्षा मानकों का किस हद तक पालन हुए हैं."

    उन्होंने जानकारी दी, "मज़दूरों का धैर्य बहुत अच्छा है. बीती रात भी जब कटिंग का कार्य चल रहा था, तो उन लोगों ने उस तरफ़ से बताया था कि उन्हें क्या महसूस हो रहा था. क्योंकि कटिंग करते हुए गैस इस्तेमाल होती है जिसका धुआँ होता है. उस धुएँ को मज़दूर दूसरी तरफ़ महसूस कर रहे थे."

    वे कहते हैं, "जिसके बाद उन्होंने हमें पाइप के ज़रिये बताया कि, 'हमें यह महसूस हो रहा है कि आप हमारे बहुत नज़दीक' हो."

    भास्कर खुल्बे कहते हैं, "इस समय सीमा निर्धारित करना सही नहीं होगा, लेकिन पूरे देश की आशाओं के अनुरूप हम कोशिश करेंगे कि वह जल्द से जल्द बाहर निकले."

    "हर 6 मीटर के पाइप को दूसरे पाइप से जोड़ने में वेल्डिंग, उसके बाद उसको चालू करना और फिर उसे पुश करने में क़रीब 4 घंटे लगते हैं. अगर अब हम यह सोच कर चल रहे हैं कि, अब 18 मीटर ओर काम करना बाक़ी है, तो इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि, इस प्रक्रिया को 12 घण्टे ओर लग सकते हैं."

  15. समझौते की घोषणा के बाद बंधकों की रिहाई का इंतज़ार

  16. उत्तरकाशी: एक बार रेस्क्यू टीम टनल के अंदर पहुंच जाएगी तो आगे क्या होगा...

    उत्तरकाशी के सिल्क्यारा टनल में फंसे 41 लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत बचाव कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है.

    वहां तैनात अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि आज ही ये ऑपरेशन पूरा हो जाएगा.

    लेकिन एक बार रेस्क्यू टीम फंसे मज़दूरों तक पहुंच गयी तो फिर क्या होगा हम आपको ये बताते हैं.

    एक बार टनल तक रेस्क्यू पाइप पहुंच गयी तो पहले डॉक्टर मज़दूरों के पास जाएंगे.

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डॉक्टर लोगों को टनल से बाहर निकलने में मदद करेंगे क्योंकि रास्ते में कई नुकीले पत्थर हैं.

    एक चिंता का कारण ये भी है कि ये मज़दूर बीते 12 दिनों से टनल के भीतर हैं वो फलों को खा कर जी रहे थे, दो दिन पहले ही उन्हें पहली बार गर्म खिचड़ी दी गयी है. ये भी संभव है कि उन्हें कमज़ोरी हो.

    अधिकारियों ने बीबीसी को बताया है कि टनल के भीतर तापमान बाहर के मुकाबले गर्म है और बचाव कर रही टीम इस बात को भी ध्यान में रख रही है.

    उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मौके पर पहुंचे हैं. यहां अधिकारियों और ग्राउंड वर्करों की एक बड़ी टीम मौजूद है.

    आज सुबह ही एंबुलेंस और स्वास्थ सुविधाओं को टनल के और करीब लाया गया है.

  17. वर्ल्ड कप के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल

  18. उत्तरकाशी टनल हादसा: मशीन ऑपरेटर ने बताया- 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है..., समीरा हुसैन, सिलक्यारा टनल (उत्तरकाशी) से

    बचावकर्मियों के लिए ये एक लंबी रात थी लेकिन उन्हें उम्मीद है कि उनकी कोशिशें अब आख़िरी चरण में हैं.

    ऑगर मशीन के ऑपरेटर नौशाद अली मलबे में ड्रिलिंग के काम में लगे हुए हैं. उन्होंने बीबीसी को बताया कि टनल के भीतर ड्रिलिंग का 80 फ़ीसदी काम पूरा हो चुका है.

    इससे पहले ड्रिलिंग के काम में लगे बचावकर्मियों को सामने मिल रही लोहे की छड़ों और पाइप्स की बाधा से रूबरू होना पड़ा. इससे बचाव कार्य पर असर पड़ा.

    लेकिन नौशाद अली ने बताया कि कर्मचारी लोहे की छड़ों को काटने में कामयाब रहे हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि ड्रिलिंग का काम जल्द शुरू हो सकेगा.

    उन्होंने कहा, "ड्रिलिंग का केवल 20 फ़ीसदी काम रह गया है और उम्मीद है कि इसे हम जल्द ही पूरा कर लेंगे."

  19. कंबाइंड मेरीटाइम फोर्सेज़ क्या है, जिसमें शामिल हुआ भारत, जानिए सवालों के जवाब

  20. उत्तरकाशी: रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, आज बाहर आ सकते हैं 41 मज़दूर

      • Author, अनंत झणाणे
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, उत्तरकाशी से

    उत्तरकाशी के सिल्क्यारा टनल में फंसे 41 लोगों को बाहर निकालने के लिए बुधवार रात को फिर से शुरू हुआ राहत बचाव कार्य गुरुवार सुबह तक जारी है.

    उम्मीद की जा रही है 12 दिन की कोशिश आज रंग लाएगी और आज ही ऑपरेशन पूरा हो जाएगा.

    उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मौके पर पहुंचे हैं.

    यहां अधिकारियों और ग्राउंड वर्करों की एक बड़ी टीम मौजूद है.

    आज सुबह ही एंबुलेंस और स्वास्थ सुविधाओं को टनल के और करीब लाया गया है.

    गुरुवार की सुबह थोड़ी देर के लिए ड्रिलिंग रोकी गयी थी.

    प्रोजेक्ट इंचार्ज हरपाल सिंह ने बताया था कि ड्रिलिंग के बीच में लोहे की छड़ें आ गई हैं जिसे मशीन नहीं काट सकती थी, इसलिए ये ड्रिलिंग रोकी गई. इस सरिया को एनडीआरएफ़ की टीम ने काटा.

    ड्रिलिंग करके रेस्क्यू पाइप जब डाली जाएगी तो डॉक्टर अंदर जा कर फंसे लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेंगे और फिर उन्हें बाहर लाया जाएगा.