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इसराइल - ग़जा युद्धः कल सुबह से लागू होगा संघर्ष विराम, क्या हैं समझौते की शर्तें?
फ़लस्तीन के चरमपंथी संगठन हमास ने कहा है कि इसराइल के साथ हुए चार दिन का युद्ध विराम गुरुवार सुबह 10 बजे से लागू हो जाएगा.
लाइव कवरेज
कीर्ति दुबे and संदीप राय
नीतीश कैबिनेट ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग वाला प्रस्ताव पास किया
बुधवार को नीतीश कुमार कैबिनेट ने बिहार को विशेष दर्जा दिए जाने मांग वाला एक प्रस्ताव पास किया है.
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर मुख्यंमत्री नीतीश कुमार ने एक पोस्ट में जानकारी देते हुए कहा कि "आज कैबिनेट बैठक में एक प्रस्ताव पास किया गया जिसमें केंद्र से अपील की गई को वो इस मांग को स्वीकार करे."
मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई जाति आधारित जनगणना का ज़िक्र करते हुए लिखा, "जाति आधारित गणना में सभी वर्गों को मिलाकर बिहार में लगभग 94 लाख गरीब परिवार पाए गए हैं."
साथ ही इन गरीब परिवारों के लिए पक्का मकान मुहैया कराने, ज़मीन खरीदने, अत्यंत निर्धन परिवारों को आर्थिक मदद देने, रोज़गार के लिए सहायता आदि जैसी योजनाओं का ज़िक्र किया जिसे राज्य सरकार ने लागू करने का वादा किया है.
नीतीश कुमार ने इस लंबी पोस्ट में लिखा, "इन कामों के लिये काफी बड़ी राशि की आवश्यकता होने के कारण इन्हें 5 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यदि केन्द्र सरकार द्वारा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाय तो हम इस काम को बहुत कम समय में ही पूरा कर लेंगे. हमलोग बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की माँग वर्ष 2010 से ही कर रहे हैं."
उन्होंने लिखा, "मेरा अनुरोध है कि बिहार के लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार बिहार को शीघ्र विशेष राज्य का दर्जा दे."
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उत्तरकाशी सुरंग हादसा: राहत टीम के मुताबिक़, जल्द मिल सकती है कोई अच्छी ख़बर
....में - Author, आसिफ अली
- पदनाम, उत्तरकाशी से, बीबीसी हिंदी के लिए
एनएचआईडीसीएल के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद ने टनल में फँसे 41 मज़दूरों के लिए किए जा रहे रेस्क्यू कार्यों के बारे में बुधवार को जानकारी दी.
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि, "अब तक सुरंग में 39 मीटर तक की ड्रिलिंग की जा चुकी है. क़रीब 57 मीटर तक ओर मलबे में ड्रिलिंग की जानी है यानी कि अभी 18 मीटर ओर ड्रिलिंग की जाएगी."
"800 एमएम की पाइप 21 मीटर तक पहले ही पहुंच चुका थी. जिसके बाद देर रात पौने एक बजे अमेरिकी ऑगर मशीन शुरू की गई जिसके चलते देर रात के बाद से अभी तक 18 मीटर ज्यादा ड्रिलिंग की जा चुकी है."
उन्होंने बताया, "अभी जब तक 45 से 50 मीटर तक ना पहुंचे तब तक कुछ भी कहना बहुत जल्दी होगी. ऑगर मशीन बेहतर तरीके से काम कर रही है इसी तरह से काम चलता रहा तो देर रात कोई अच्छी खुशखबरी मिल सकती है."
उन्होंने बताया, "इस पूरे प्रोसेस में अभी 10 से 15 घंटे और लग सकते हैं. यदि कोई दिक्कत नहीं आई तो सकुशल सभी मजदूरों को कल सुबह तक निकाल लिया जाएगा."
माइक्रोफोन के जरिए उनको स्पीकर के माध्यम से सुना जा रहा है. श्रमिको की हिम्मत अभी भी बनी हुई है.
उन्होंने बताया, "पाइप को ड्रिल करने में ज्यादा नहीं लगता. मिशन में वेल्डिंग सबसे महत्वपूर्ण है, जिसमे सबसे ज्यादा समय लगता है. जिसके चलते 18 मीटर यानी 3 पाइप को भेजने में देर रात से अभी तक 15 घंटे का समय लगभग लगा है."
"अनुमान के अनुसार कुल 57 मीटर वह जगह है जहां पर श्रमिक फँसे है. ऐसे में फँसे हुए श्रमिकों तक पहुंचने के लिए केवल 18 मीटर ही ड्रिल करना बाकी रहा गया है."
उत्तराखंड सरकार की तरफ़ से नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी नीरज खेरवाल ने बताया, "डॉक्टरों की पूरी टीम तैयार कर ली गई है. मजदूरों को निकालते वक्त सभी स्वास्थ्य संबंधी बातों को ख्याल रखा जाएगा. जरूरत पड़ने पर मजदूरों को एयरलिफ्ट भी किया जाएगा."
उन्होंने बताया, "टनल में फँसे लोगों को सुबह खाने के वक्त मजदूरों को टूथब्रश, पेस्ट, टॉवल और अंडर गारमेंट्स के कपड़े भेजे गए हैं."
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सैम ऑल्टमैन की हुई ओपनएआई में वापसी, बीते हफ़्ते अपनी ही कंपनी से निकाले गए थे
बीते सप्ताह से चल रहे विवाद के बाद अब सैम ऑल्टमैन की ओपनएआई में वापसी हो गई है.
कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि हम इस समझौते पर पहुंचे हैं कि टॉम ऑल्टमैन ओपनएआई में बतौर सीईओ वापसी करेंगे.
वो ब्रेट टेलर और लैरी समर के साथ बोर्ड का हिस्सा होंगे.
इसके बाद सैम ऑल्टमैन ने भी बयान जारी करते हुए एक्स पर लिखा, "मुझे ओपनएई से प्यार है, और पिछले कुछ दिनों में मैंने जो कुछ भी किया है, वह इस टीम और इसके मिशन को एकजुट रखने की सेवा में किया है. जब मैंने रविवार को माइक्रोसॉफ्ट ज्वॉइन किया तो ये स्पष्ट था कि यह मेरे और टीम के लिए सबसे अच्छा रास्ता है. सत्या (नडेला) के समर्थन और नए बोर्ड के साथ मैं ओपनएआई में वापसी को लेकर खुश हूं."
बीते सप्ताह ओपनएआई के फ़ाउंडर सैम ऑल्टमैन को उनकी ही कंपनी से निकाल दिया गया था.
इसके बाद सैम ऑल्टमैन को सोमवार को ही माइक्रोसाफ्ट ने ऑफर दे दिया है और उन्होंने माइक्रोसाफ्ट के सीईओ सत्या नडेला का ये ऑफ़र स्वीकार भी कर लिया था.
इसके बाद ओपनएआई के बोर्ड को काफ़ी विरोध झेलना पड़ा और अब बुधवार को कंपनी ने अपना फ़ैसला वापस ले लिया है.
LIVE: राजस्थान के चुनावी वादों में युवाओं के मुद्दों को कितनी जगह, उदयपुर में युवाओं से बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता अभिनव गोयल (कैमरा- मोहर सिंह मीणा)
इसराइल ने युद्धविराम समझौते के तहत रिहा किए जाने वाले फलस्तीनियों की लिस्ट जारी की
इसराइल और हमास के बीच हुए समझौते के तहत तेल अवीव ने उन 300 फलस्तीनियों की सूची जारी की है जिन्हें रिहा किया जा सकता है.
इसराइल के न्याय मंत्रालय की वेबसाइट पर ये सूची प्रकाशित की गई है. इसमें रिहा किए जाने वाले लोगों के नाम, उम्र और उनके ख़िलाफ़ अभियोग का जिक्र है.
रिपोर्टों के अनुसार, पहली खेप में केवल 150 लोगों को रिहा किया जाएगा. इस बारे में जल्द ही और जानकारी सामने आ सकती है.
300 लोगों की इस लिस्ट में 274 पुरुष हैं जिनकी उम्र 14 साल से 59 साल के बीच है. इनमें से ज़्यादातर की उम्र 17-18 साल के क़रीब है.
इन लोगों के ख़िलाफ़ हत्या की कोशिश, बम फेंकने, विस्फोटक सामाग्री बनाने, पत्थरबाज़ी करने, संदिग्ध संगठनों के साथ संपर्क रखने, शारीरिक क्षति पहुंचाने और आगजनी करने जैसे आरोप हैं.
उधर, हमास ने भी कहा है कि इस समझौते के तहत 150 फलस्तीनियों को रिहा किया जाएगा.
मंगलवार को ह्यूमन राइट्स वॉच ने बीबीसी को बताया था कि इसराइल की हिरासत में इस समय लगभग 7000 फलस्तीनी हैं. जिनमें 200 महिलाएं और 60 बच्चे हैं.
एचआरडब्ल्यू के कार्यक्रम निदेशक सारी बाशी ने बीबीसी के न्यूज़ प्रोग्राम आवर में कहा कि हिरासत में रखे गए कुछ बच्चों पर तुलनात्कम रूप से पत्थरबाज़ी जैसे छोटे मामले हैं.
उन्होंने बताया कि फलस्तीनी बच्चों के ख़िलाफ़ मिलिट्री क़ानूनों के तहत केस दर्ज किया गया है. उन्हें आधी रात को गिरफ़्तार किया गया, वकील या अभिभावक की मौजूदगी के बिना उनसे पूछताछ की गई और छोटे-मोटे अपराधों के लिए लंबे समय तक जेल में रखा गया.
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कश्मीर: 'देश विरोधी गतिविधियों' के कारण चार सरकारी कर्मचारी नौकरी से निकाले गए
....में - Author, माजिद जहांगीर
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, श्रीनगर से
जम्मू और कश्मीर की सरकार ने मंगलवार को एक डॉक्टर समेत चार कर्मचारयों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है.
इसमें श्रीनगर के एक सरकारी अस्पताल के डॉक्टर निसार अल-हसन, पुलिस कॉन्स्टेबल अब्दुल माजिद भट्ट, शिक्षक फ़ारूक़ अहमद मीर और एक लैब टेक्निशियन सलाम राथर शामिल हैं.
जम्मू और कश्मीर के प्रशासन विभाग (जीएडी ) ने 21 नवंबर 2023 को चार अलग-अलग ऑर्डर जारी करते हुए इन कर्मचारयों को नौकरी से बर्खास्त किया.
सरकारी आदेश के अनुसार, "राज्यपाल को मिली जानकारी के आधार पर और कर्मचारी की गतिविधियों को देखते हुऐ उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया जा रहा है."
आदेश में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 311 (2) के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए ये फ़ैसला लिया गया है.
आदेशों में कहा गया है, "उपराज्यपाल भारत के सविंधान के अनुच्छेद 311 (2) (सी) के तहत संतुष्ट हैं कि राज्य की सुरक्षा के हित में इन कर्मचारियों के ख़िलाफ़ फ़ैसला लिया जा रहा है इस मामले की जाँच की कोई ज़रूरत नहीं है."
दो साल पहले जम्मू और कश्मीर सरकार ने 'राज्य की सुरक्षा के ख़िलाफ़ गतिविधियों' के संदेह के आधार पर सरकारी कर्मचारयों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू करने के लिए एक टास्क फ़ोर्स का गठन किया था.
इस टास्क फॉर्स को सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ जांच करने का काम सौंपा गया था.
बीते दिनों में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया था बीते दो सालों में कुल 55 सरकरी कर्मचारियों को 'देश विरोधी गतिविधियों' के कारण नौकरी से निकाला गया है.
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ब्रेकिंग न्यूज़, गौतम गंभीर ने दिया लखनऊ सुपर जाएंट्स से इस्तीफ़ा, केकेआर में हुए शामिल
आईपीएल 2024 से पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने लखनऊ सुपर जाएंट्स के मेंटर के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. साथ ही कोलकाता नाइट राइडर्स टीम में बतौर मेंटर शामिल हो गए हैं.
उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, "मैं वापस आ गया हूं, मेरा नंबर अब 23 है."
केकेआर ने भी इसकी पुष्टि की है.
इससे पहले एलएसजी से इस्तीफ़ा देते हुए उन्होंने लिखा था, "मैं लखनऊ सुपर जाएंट्स के साथ अपने शानदार सफ़र के अंत का एलान कर रहा हूं. मैं हर खिलाड़ी, कोच और सपोर्ट स्टॉफ़ का शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने इस सफ़र को यादगार बनाया."
उन्होंने कहा, "मैं डॉक्टर संजीव गोयनका का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने प्रेरणादायक लीडरशीप दी और मुझे सपोर्ट करते रहे. मुझे यकीन है कि भविष्य ये टीम बहुत अच्छा करेगी और हर फैन को गर्व होगा."
दरअसल, लखनऊ सुपर जाएंट्स के साथ बतौर मेंटर जुड़े गौतम गंभीर अगले साल नहीं होंगे.
इस तरह केएल राहुल की अगुवाई वाली लखनऊ सुपर जाएंट्स गौतम गंभीर की मेंटरशिप के बिना खेलेगी.
डीपफ़ेक कैसे बन सकता है लोगों के लिए ख़तरा?
नेशनल हेराल्ड केस में ईडी की कार्रवाई पर संजय राउत ने कहा- ये राजनीतिक मामला है...
शिवसेना के उद्धव बाला साहेब ठाकरे धड़े के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कंपनी की संपत्ति ज़ब्त किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला एक राजनीतिक केस है. संजय राउत ने कहा, "आप (भाजपा) हमारी आवाज दबाना चाहते हो लेकिन ये आसान नहीं है."
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी द्वारा एजीएल और यंग इंडियन की संपत्तियों को जब्त करने पर शिवसेना (यूटीबी) सांसद संजय राउत ने कहा, "...चुनाव चल रहा है. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी पांच राज्यों में चुनाव प्रचार कर रहे हैं. जोर शोर से कांग्रेस को जिताने के लिए वे काम पर लगे हुए हैं. कांग्रेस को जिताना है, बीजेपी को हराना है. माहौल बहुत ही अच्छा है. प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सब लगे हुए हैं, पूरी सरकार को लेकर... पूरी सरकार को उतार दिया गया है. इसी समय नेशनल हेराल्ड की प्रोपर्टी ज़ब्त कर ली गई है."
नेशनल हेराल्ड अख़बार की भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "नेशनल हेराल्ड एक अख़बार है और इस अख़बार को पंडित जवाहर लाल नेहरू ने स्थापित किया था. इस अख़बार ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया है. देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू हों, उनका परिवार हो, कांग्रेस के सभी नेता हों... सभी उस अख़बार से जुड़े रहे हैं... महात्मा गांधी भी."
"अब ये ईडी हो या और कोई हो, प्रॉपर्टी ज़ब्त कर ली गई है. कुछ केस होगा, हो सकता है.... भाजपा पर भी ऐसे कई केस हैं, लेकिन उन मामलों में संपत्ति जब्त नहीं होगी. जो लोग आपकी (भाजपा) वॉशिंग मशीन में आए जाएंगे, उनकी संपत्ति छूट जाएगी."
इसराइल ने दी मंज़ूरी, हमास 50 इसराइली बंधकों को करेगा रिहा, चार दिन थमेगी जंग
सेना के कमांडर ने कहा- मणिपुर राजनीतिक समस्या है, इसका राजनीतिक हल ही निकलना चाहिए
पूर्वी सेना के कमांडर ने कहा है कि मणिपुर में चल रही जातीय हिंसा एक राजनीतिक परेशानी है और ये संघर्ष तब तक चलेगा जब तक सुरक्षा बलों से लूटे गए 4000 हथियार वापस ले लिये जाएं.
पूर्वी कमांड के कमांडर इन-चीफ़ लेफ्टिनेंट जनरल राना प्रताप कलिता ने कहा- “हमारा प्रयास हिंसा को रोकना और दोनों पक्षों को शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रेरित करना है. इस समस्या का राजनीतिक समाधान होना ही चाहिए.”
“ अब हुआ ये है कि दोनों समुदाय पूरी तरह से बट गए हैं. हालाँकि हिंसा के स्तर में कमी आई है लेकिन कई पुलिस स्टेशनों और अन्य स्थानों से लिए गए 5,000 से अधिक हथियार लूटे जा चुके हैं और अभी भी लोगों के हाथों में हैं.इनमें से ब,स 1500 को बरामद किया जा सका है और लगभग 4000 अभी भी लोगों के पास है. जब तक हथियार लोगों के पास रहेगा हिंसा थमेगी नहीं.”
उन्होंने कहा कि भारत मिज़ोरम और मणिपुर में म्यांमार से आ रहे आम ग्रामीणों, सेना या पुलिस के लोगों के शरण दे रहा है, लेकिन हम उग्रवादी समूहों या ड्रग्स तस्करों को शरण नहीं देते.
क़तर ने बताया कब से शुरू होगा इसराइल -हमास के बीच युद्धविराम
क़तर ने कहा है कि अगले 24 घंटों में युद्ध विराम के समय का एलान किया जाएगा.
ये भी कहा गया है कि युद्ध विराम चार दिन तक लागू होगा और ‘ये आगे भी बढ़ सकता है.’
हमास के कब्ज़े वाले इसराइली बंधकों को लेकर बहुप्रतीक्षित डील हो गई है. शुरूआती चरण में 50 बंधकों जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं उन्हें छोड़ा जाएगा और इसके बदले में चार दिन तक का अस्थायी युद्ध विराम होगा. हालांकि ये बंधक कब छोड़े जाएंगे और अस्थायी युद्ध विराम कब से लागू होगा इसे लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है
इसके अलावा डील में ये भी कहा गया है कि हर अतिरिक्त 10 बंधकों को रिहा करने के बदले एक दिन का अतिरिक्त युद्ध विराम मिलेगा.
इस समझौते को लेकर हमास ने भी बयान जारी कर बताया है कि 50 इसराइली बंधकों के बदले इसराइल की जेलों में बंद 150 फ़लस्तीनी महिलाओं और बच्चों को रिहा किया जाएगा.
इस डील के तहत मानवीय मदद, ज़रूरी दवाएं और ईंधन से भरे सैकड़ों ट्रकों को ग़ज़ा में प्रवेश मिलेगा.हमास के बयान में कहा गया है कि चार दिनों के युद्ध विराम में इसराइल ना तो कोई हमले करेगा और ना ही किसी को गिरफ्तार करेगा.
इसराइल-हमास की डील पर क्या बोले जो बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इसराइली बंधकों को लेकर हुई डील पर कहा है कि वह इस बात से ‘काफ़ी ज़्यादा संतुष्ट हैं. कि हफ्तों तक बंधक रहे ये लोग आखिरकार अपने परिवार से मिलेंगे.’
बाइडन ने क़तर और मिस्र की ओर से इस डील तक पहुंचने में निभायी गई मुख्य भूमिका पर उनका शुक्रिया अदा किया है.
उन्होंने ये भी कहा कि वह युद्ध में विराम का समर्थन करने के लिए इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की 'प्रतिबद्धता' की सराहना करते हैं.
बाइडन ने ज़ोर देते हुए कहा- “ये ज़रूरी है कि डील के सभी पहलू पूरी तरह से लागू किए जाएं.”
इस डील में अमेरिका ने सबसे अहम भूमिका निभायी है और साथ ही क़तर और मिस्र ने भी मध्यस्थता की है.
इसराइल और हमास के बीच क्या डील हुई
सात अक्टूबर से हमास के कब्ज़े वाले इसराइली बंधकों को लेकर बहुप्रतीक्षित डील हो गई है. शुरूआती चरण में 50 बंधकों जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं उन्हें छोड़ा जाएगा और इसके बदले में चार दिन तक का अस्थायी युद्ध विराम होगा.
इसके अलावा डील में ये भी कहा गया है कि हर अतिरिक्त 10 बंधकों को रिहा करने के बदले एक दिन का अतिरिक्त युद्ध विराम मिलेगा.
हालांकि इसराइली सरकार का कहना है कि इसराइली सेना और सिक्योरिटी सर्विस सभी बंधकों की घर वापसी होने तक और हमास का पूरा सफ़ाया करने तक युद्ध जारी रखेंगी. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ग़ज़ा से इसराइल को आगे कोई नया ख़तरा ना हो.
हमास ने कहा 150 फ़लस्तीनी छोड़े जाएंगे
अब इस समझौते को लेकर हमास ने भी बयान जारी कर बताया है कि 50 इसराइली बंधकों के बदले इसराइल की जेलों में बंद 150 फ़लस्तीनी महिलाओं और बच्चों को रिहा किया जाएगा.
इस डील के तहत मानवीय मदद, ज़रूरी दवाएं और ईंधन से भरे सैकड़ों ट्रकों को ग़ज़ा में प्रवेश मिलेगा.हमास के बयान में कहा गया है कि चार दिनों के युद्ध विराम में इसराइल ना तो कोई हमले करेगा और ना ही किसी को गिरफ्तार करेगा.
चार दिनों तक अस्थायी युद्ध विराम के दौरान, दक्षिणी ग़ज़ा में एयर ट्रैफ़िक पूरी तरह से बंद रहेगा और उत्तरी ग़ज़ा में भी हर दिन छह घंटे तक, स्थानीय समयानुसार सुबह 10:00 बजे से शाम 16:00 बजे तक इसे रोका जाएगा.
50 इसराइली बंधकों के बदले 150 फ़लस्तीनी कैदियों को छोड़ा जाएगा- हमास
अब से थोड़ी देर पहले इसराइल ने घोषणा की कि हमास के साथ इसराइली बंधकों को लेकर डील पर सहमति बन गई है और सात अक्टूबर से हमास के कब्ज़े में रह रहे 50 इसराइली बंधकों को छोड़ा जाएगा. इसके बदले में चार दिनों का अस्थायी युद्ध विराम होगा.
अब इस समझौते को लेकर हमास ने भी बयान जारी कर बताया है कि 50 इसराइली बंधकों के बदले इसराइल की जेलों में बंद 150 फ़लस्तीनी महिलाओं और बच्चों को रिहा किया जाएगा.
इस डील के तहत मानवीय मदद, ज़रूरी दवाएं और ईंधन से भरे सैकड़ों ट्रकों को ग़ज़ा में प्रवेश मिलेगा.
हमास के बयान में कहा गया है कि चार दिनों के युद्ध विराम में इसराइल ना तो कोई हमले करेगा और ना ही किसी को गिरफ्तार करेगा.
चार दिनों तक अस्थायी युद्ध विराम के दौरान, दक्षिणी ग़ज़ा में एयर ट्रैफ़िक पूरी तरह से बंद रहेगा और उत्तरी ग़ज़ा में भी हर दिन छह घंटे तक, स्थानीय समयानुसार सुबह 10:00 बजे से शाम 16:00 बजे तक इसे रोका जाएगा.
ग़ज़ा के एयर स्पेस को इसराइल कंट्रोल करता है.
सात अक्टूबर को इसराइल पर हमास के हमले में हमास ने 240 इसराइलियों को बंधक बनाया है. इसमें से अब तक चार बंधक ही छोड़े गए हैं.
इसराइल-हमास की डील का ये बिंदु इतना अहम क्यों है
....में - Author, योलांद नेल
- पदनाम, मिडिल ईस्ट संवाददाता, यरुशलम
सात अक्टूबर से हमास के कब्ज़े वाले इसराइली बंधकों को लेकर बहुप्रतीक्षित डील हो गई है.
शुरूआती चरण में 50 बंधकों जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं उन्हें छोड़ा जाएगा और इसके बदले में चार दिन तक का अस्थायी युद्ध विराम होगा.
इसके अलावा डील में ये भी कहा गया है कि हर अतिरिक्त 10 बंधकों को रिहा करने के बदले एक दिन का अतिरिक्त युद्ध विराम मिलेगा.
ये डील का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है क्योंकि कुछ बंधकों के परिवार ने हमें बताया कि वो एक आंशिक डील नहीं चाहते जिसमें बस कुछ बंधकों को ही छोड़ा जाए. इस क्लॉज़ से उम्मीद है कि और भी बंधक आने वाले भविष्य में छोड़े जाएंगे.
माना जा रहा है कि जिन शुरूआती 50 लोगों को छोड़ा जाएगा उसमें ज़्यादातर वो इसराइली नागरिक होंगे जिनके पास दो देशों की नागरिकता होगी.
मंगलवार की सुबह इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया है कि हमास ने जिन इसराइली नागरिकों को बंधक बनाया है, उनमें से 50 बंधकों की रिहाई पर सहमति हो गई है. इसके लिए चार दिनों तक युद्ध रोका जाएगा.
अपने बयान में इसराइल ने कहा- "इसराइल सरकार सभी बंधकों की घर वापसी कराने के लिए प्रतिबद्ध है. आज सरकार ने इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए पहले चरण की रूपरेखा को मंज़ूरी दे दी है, जिसके अनुसार 50 बंधकों जिसमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, उन्हें चार दिनों में रिहा किया जाएगा, इस दौरान लड़ाई रोकी जाएगी.''
"इसराइली सरकार, इसराइली सेना और सिक्योरिटी सर्विस सभी बंधकों की घर वापसी होने तक और हमास का पूरा सफ़ाया करने तक युद्ध जारी रखेंगी. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ग़ज़ा से इसराइल को आगे कोई नया ख़तरा ना हो."