इसराइल - ग़जा युद्धः कल सुबह से लागू होगा संघर्ष विराम, क्या हैं समझौते की शर्तें?
फ़लस्तीन के चरमपंथी संगठन हमास ने कहा है कि इसराइल के साथ हुए चार दिन का युद्ध विराम गुरुवार सुबह 10 बजे से लागू हो जाएगा.
हालांकि, युद्ध विराम शुरू होने पर इसराइल की ओर से टिप्पणी नहीं आई है.
इसराइल के विदेश मंत्री एली कोहेन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बंधकों का पहला जत्था गुरुवार को रिहा हो जाएगा.
समझौते के तहत हमास ग़ज़ा से 50 बंधकों को रिहा करेगा और इसराइली जेलों से 150 फ़लस्तीनियों को इसराइल छोड़ेगा.
इसराइल ने 300 फ़लस्तीनी कैदियों की सूची जारी की है. इनमें 121 नाबालिग हैं.
दुनिया भर के शीर्ष नेताओं ने इस समझौते का स्वागत किया है लेकिन कुछ नेताओं ने इससे भी ज़्यादा लंबी अवधि के संघर्ष विराम का आह्वान किया है.
ग़ज़ा में बंधक बनाए गए लोगों के परिजनों ने कहा है कि हर बंधक की घर वापसी की ज़रूरत है और हर बीतता घंटा महत्वपूर्ण है.
इस बीच इसराइली सेना ने कुछ वीडियो फ़ुटेज साझा करके दावा किया है कि ग़ज़ा में अब तक उन्होंने हमास के 400 टनल शाफ़्ट नष्ट किए हैं.
बुधवार की सुबह इसराइली सेना ने पुष्टि की है कि संघर्ष विराम की घोषणा के बाद ही ग़ज़ा में उसका ज़मीनी और हवाई अभियान रुकेगा.
इसराइली प्रधानंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के सलाहकार मार्क रेगेव ने बीबीसी को बताया कि सबसे पहली प्राथमिकता बंधक बनाई गई महिलाओं और बच्चों को रिहा कराना है.
संघर्ष विराम समझौते के प्रमुख बिंदु
इस संघर्ष विराम के तहत जिन बंधकों और फ़लस्तीनी कैदियों की अदला बदली होगी उसके अलावा अलावा हर 10 बंधक छोड़े जाने पर एक दिन का संघर्ष विराम और बढ़ जाएगा.
ऐसा अनुमान है कि चार दिनों के संघर्ष विराम के दौरान इसराइली सेना और टैंक ग़ज़ा में बने रहेंगे जबकि हमास के बयान में कहा गया है कि इसराइली सेना न तो हमला करेगी और न ही किसी को गिरफ़्तार करेगी.
इस समझौते के तहत, इस दौरान हर दिन मिस्र के रफ़ाह क्रॉसिंग से सहायता सामग्री वाले 200 ट्रकों, चार ईंधन के टैंकर और चार गैस की लॉरी को ग़ज़ा में जाने की इजाज़त दी जाएगी.
पोप फ़्रांसिस ने रोम में इसराइली बंधकों के परिजनों और ग़ज़ा में रहने वालों के परिजनों से अलग अलग मुलाक़ात की और कहा कि ‘यह युद्ध नहीं यह आतंकवाद है.’