उत्तरकाशी टनल में 72 घंटे से फँसे मज़दूर अब तक नहीं निकले, अब दिल्ली से जा रही है दूसरी मशीन
- Author, आसिफ़ अली
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले की सुरंग में 40 मज़दूरों को फँसे क़रीब 72 घंटे से अधिक समय हो चुका है. लेकिन वहां से उन्हें निकालने की हर संभव कोशिश अब तक नाकाम साबित हुई है.
मलबे को ड्रिल करने वाली ऑगर मशीन मंगलवार को सुरंग में भेजे जाने के बाद से लग रहा था कि जल्द ही रेस्क्यू आपरेशन पूरा हो जाएगा. लेकिन बुधवार सुबह पता चला है कि वो मशीन सही तरीके से ड्रिल नहीं कर पा रही है.
ऐसे में उस मशीन के लिए जो बेस बनाया गया था उसे हटाकर अब फिर से नया बेस तैयार किया जा रहा है.
SDRF के इंस्पेक्टर भास्कर ने बीबीसी को बताया, “कंपनी वालों ने बताया है कि ऑगर मशीन में कुछ तकनीक ख़राबी आई है. अब यह ख़राबी क्या है, ये तो टेक्निक़ल टीम ही सही से बता पाएगी.”
उन्होंने बताया, “कंपनी वालों ने बताया है कि अब दूसरी मशीन दिल्ली से एयरलिफ़्ट करके मँगवाई जा रही है.”
'सुरक्षित हैं सभी श्रमिक'
SDRF के असिस्टेंट कमांडेंट कर्मवीर सिंह भंडारी के अनुसार, “सुरंग में फँसे सभी लोग सुरक्षित हैं. सभी से बात की जा रही है और खाने पीने का समान भी पहुँचाया जा रहा है.”
उन्होंने बताया, “अंदर लोगों ने बुधवार सुबह 5.30 बजे खाने का सामान माँगा था, जिसे उन्हें सप्लाई किया गया है. सुरंग में जहाँ पर लोग हैं, वहाँ लाइटिंग की व्यवस्था भी है और टेम्प्रेचर भी ठीक है.”
उनके अनुसार, “वहाँ काम रुका नहीं है. काम 24 घंटे चालू है और हमारी दो टीमें यहाँ हर वक़्त तैनात है. बेस में जो दिक्कत आ रही है, उसे ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है.”