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वर्ल्ड कप में अफ़ग़ानिस्तान का धमाल जारी, अब श्रीलंका को सात विकेट से हराया

अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट टीम का वर्ल्ड कप में धमाल जारी है. अफ़ग़ानिस्तान ने पुणे में खेले गए मैच में श्रीलंका को सात विकेट से हरा दिया. ये वर्ल्ड कप में अफ़ग़ानिस्तान की तीसरी जीत है.

लाइव कवरेज

विकास त्रिवेदी and प्रियंका झा

  1. ग़ज़ा के अस्पताल हुए बदहाल, इसराइल-हमास संघर्ष के बीच सोमवार को क्या-क्या हुआ?

    सात अक्टूबर को हमास के हमले के बाद से इसराइल की ग़ज़ा में बमबारी जारी है. हमास शासित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि इसराइली हमलों में अभी तक आठ हज़ार से अधिक लोगों की जान गई है.

    • सोमवार को इसराइली बख्तरबंद वाहनों को ग़ज़ा शह के पास उत्तर और दक्षिणी हिस्से को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर देखा गया. ये वही रास्ता है जिससे फ़लस्तीनी लोग उत्तरी ग़ज़ा से दक्षिणी ग़ज़ा की ओर जा रहे हैं.
    • इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्स ने बताया है कि उन्होंने पिछले 24 घंटे में ग़ज़ा के 600 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं.
    • इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने कहा हैा कि उत्तरी ग़ज़ा के अस्पतालों में सैकड़ों मरीज़ फंस गए हैं और उन्हें सुरक्षित इलाकों में ले जाना असंभव है. फ़लस्तीन रेड क्रेसेंट सोसायटी ने कहा है कि ग़ज़ा सिटी के अल-कुद्स अस्पताल के पास हवाई हमले अभी भी जारी हैं. बचाव कर्मियों का कहना है कि यहां हालात 'बेकाबू' हो गए हैं.
    • हमास के हमले के बाद लापता जर्मन इसराइली महिला शैनी लॉक की मौत की उनकी मां ने पुष्टि की है. शैनी लॉक उस म्यूज़िक फेस्टिवल में थीं, जिसे सात अक्टूबर को हमास ने निशाना बनाया था.
    • यरुशलम में एक पुलिस ऑफिसर पर चाकू से हमला किया गया और कथित संदिग्ध की पुलिस के हमले में मौत हो गई.
    • यरुशलम में एक पुलिस ऑफिसर पर चाकू से हमला किया गया और कथित संदिग्ध की पुलिस के हमले में मौत हो गई.
  2. ब्रेकिंग न्यूज़, वर्ल्ड कप में अफ़ग़ानिस्तान का धमाल जारी, अब श्रीलंका को सात विकेट से हराया

    अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट टीम का वर्ल्ड कप में धमाल जारी है. अफ़ग़ानिस्तान ने पुणे में खेले गए मैच में श्रीलंका को सात विकेट से हरा दिया. ये वर्ल्ड कप में अफ़ग़ानिस्तान की तीसरी जीत है.

    श्रीलंका ने अफ़गानिस्तान के सामने जीत के लिए 242 रन की चुनौती रखी थी. अफ़ग़ानिस्तान ने सिर्फ़ तीन विकेट गंवाकर ये लक्ष्य हासिल कर लिया. अफ़ग़ानिस्तान को जीत मिली तो 28 गेंदें फेंकी जानी बाकी थीं.

    अफ़ग़ानिस्तान के लिए अज़मतुल्लाह उमरज़ई ने नाबाद 73 और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने नाबाद 58 रन बनाए.

    इसके पहले अफ़ग़ानिस्तान की टीम में डिफेंडिंग चैंपियन इंग्लैंड और पाकिस्तान को मात दे चुकी है.

    अफ़ग़ानिस्तान ने टॉस जीतकर श्रीलंका को पहले बल्लेबाज़ी के लिए बुलाया. श्रीलंका की टीम 49.3 ओवर में 241 रन बनाकर आउट हो गई. श्रीलंका के लिए सबसे ज़्यादा 46 रन पी निशांका ने बनाए.

    अफ़ग़ानिस्तान के लिए फजहल फारूकी ने चार विकेट लिए.

    अफ़ग़ानिस्तान ने जीत के लिए मिला लक्ष्य 45.2 ओवर में हासिल कर लिया. इस जीत के बाद अफ़ग़ानिस्तान टीम छह अंकों के साथ प्वाइंट टेबल में पांचवें नंबर पर आ गई है.

    उसके आगे सिर्फ़ भारत, दक्षिण अफ़्रीका, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के टीमें हैं.

    श्रीलंका, पाकिस्तान, नीदलैंड्स, बांग्लादेश और इंग्लैंड की टीमें उसके पीछे हैं.

    अफ़ग़ानिस्तान को अभी तीन और मैच खेलने हैं और उसके सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की उम्मीदें बनी हुई हैं.

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले में ईडी ने भेजा समन

    दिल्ली की आबकारी नीति में कथित घोटाले से जुड़े केस में प्रवर्तन निदेशालय ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को तलब किया है.

    समाचार एजेंसियों के अनुसार ईडी ने केजरीवाल को इस मामले में दो नवंबर को पेश होने के लिए कहा है.

    फिलहाल दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह दोनों ही इसी मामले के तहत जेल में बंद हैं.

  4. हमास ने तीन बंधकों का वीडियो जारी किया

    हमास ने ग़ज़ा में बंधक बनाकर रखे गए तीन लोगों का वीडियो जारी किया है.

    हालांकि, बीबीसी के पास इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि किन परिस्थितियों में ये वीडियो बनाया गया लेकिन वीडियो में तीन महिलाएं बिना किसी चोट के निशान के दिख रही हैं.

    इनमें से एक महिला कैमरा पर बोल रही हैं और इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की आलोचना करते हुए बंधकों की रिहाई की मांग कर रही हैं.

    हम ये वीडियो प्रकाशित नहीं करेंगे. युद्ध के बंदी और बंधकों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के तहत संरक्षण मिलता है और बीबीसी ऐसी कोई सामग्री प्रकाशित नहीं करता जो किसी भी तरह के दबाव में फिल्माया गया हो.

    अपने बयान में नेतन्याहू ने बताया कि इन महिला बंधकों का नाम इलीना ट्रूपनोव, डैनियल एलोनी और रिमॉन किर्ष्ट बताया है.

    बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा, "हमारी संवेदनाएं आपके और सभी बंधकों के साथ है. हम बंधकों और अन्य लापता लोगों की वापसी के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं."

  5. आईसीएमआर की रिसर्च: कोविड-19 वैक्सीन से युवाओं में नहीं बढ़े मौत के मामले

    इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने अपने एक अध्ययन में ये बताया है कि कोरोना के टीके की वजह से युवाओं में अचानक मौत के जोखिम को नहीं बढ़ाया है.

    अध्ययन में कहा गया है कि जिन वजहों से ऐसे मामले बढ़ते दिखे हैं उनमें संभवतः अतीत में कोराना की वजह से अस्पताल में भर्ती होने और अत्याधिक शराब पीने या भारी शारीरिक व्यायाम हो सकते हैं.

    आईसीएमआर के अध्ययन का ज़िक्र करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को गुजरात के भावनगर में कहा कि जिन लोगों की कोरोना की वजह से गंभीर स्थिति हुई उन्हें अगले एक-दो साल तक खुद को ज़्यादा थकाने वाले काम से बचना चाहिए, ताकि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का जोखिम टले.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि भारत में स्वस्थ युवाओं के मौत के बढ़ते मामलों की वजह से शोधकर्ताओं ने ये जांच शुरू की थी.

    अचानक बढ़ी मौतों से ये चिंता पैदा हुई कि इनका संबंध कोरोना महामारी या उससे बचने के लिए दिए गए टीके से हो सकता है.

    इस अध्ययन में 18-45 साल के उन स्वस्थ युवाओं के मामलों को शामिल किया गया, जिन्हें पहले से कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं थी और अचानक मौत हो गई.

    शोध में एक अक्टूबर 2021 से 31 मार्च 2023 तक के ऐसे मामलों को शामिल किया गया.

    जांचकर्ताओं ने ऐसे 729 मामलों पर शोध किया. शोध में कहा गया है, "कोविड-19 वैक्सीन ने भारत के युवाओं में अचानक मौत के मामले बढ़ाए नहीं बल्कि इसने ये जोखिम घटाया है."

  6. नागरिकों को राजनीतिक दलों की फंडिंग का स्रोत जानने का हक नहीं, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

    केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में कहा है कि नागरिकों को यह जानने का अधिकार नहीं है कि राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले फंड का सोर्स क्या है.

    सरकार की तरफ से कहा गया कि राजनीतिक पार्टियों को चुनावी बॉन्ड स्कीम के तहतफंड मिलता है.

    सुप्रीम कोर्ट में दायर एक बयान में अटॉर्नी जनरल वेंकटरमणी ने कहा कि बिना तर्कसंगत सीमाओं के हर चीज़ को जानने का कोई साधारण अधिकार नहीं हो सकता.

    केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से ये भी कहा है कि इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम किसी कानून या अधिकार का उल्लंघन नहीं करती है.

    अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, "जिस योजना पर सवाल उठ रहे हैं वह दान देने वाले की गोपनीयता बनाए रखती है. ये योजना सुनिश्चित करती है कि राजनीति में काला धन न आए. यह टैक्स संबंधी नियमों का पालन करती है. इसलिए ये किसी मौजूदा अधिकार की सीमा में भी नहीं आती."

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों वाली संवैधानिक पीठ 31 अक्टूबर यानी कल से राजनीतिक दलों को इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए चंदा देने की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.

    दो जनवरी 2018 को सरकार ने राजनीतिक दलों को कैश में चंदा देने के विकल्प के तौर पर और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के इरादे से इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम शुरू की थी.

  7. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में उत्तर प्रदेश के शख्स को गोली मारी, मौत

    जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सोमवार को उत्तर प्रदेश के एक मज़दूर पर चरमपंथियों ने हमला किया, जिसमें उनकी मौत हो गई.

    जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.

    पुलिस ने बताया है, "आतंकवादियों ने पुलवामा के नौपुरा इलाके में एक मज़दूर पर गोली चलाई. पीड़ित की पहचान उत्तर प्रदेश के मुकेश के तौर पर हुई है, जिन्होंने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इलाके को घेर लिया गया है."

  8. कोच्चि धमाका: मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हुई

      • Author, इमरान क़ुरैशी
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

    केरल में कोच्चि के कन्वेंशन सेंटर में रविवार को हुए बम धमाकों में मरने वालों की संख्या तीन हो गई है.

    12 साल की लिबिना इस धमाके में बुरी तरह घायल हो गई थी, जिसे डॉक्टर नहीं बचा पाए.

    प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बताया कि बम धमाकों के बाद कन्वेंशन सेंटर में लगी आग की चपेट में आने से 12 साल की लिबिना 95 प्रतिशत तक जल गई थी.

    उन्होंने बताया कि लिबिना के अलावा उनकी मां और भाई समेत चार लोगों की हालात गंभीर बनी हुई है.

    जॉर्ज ने कहा, ''मां 50 प्रतिशत, जबकि लिबिना का भाई 60 प्रतिशत जल गया है.''

    रविवार को जब प्रार्थना सभा में बम धमाका हुआ, तब दो हजार से ज्यादा लोग वहां मौजूद थे. रविवार रात तक करीब 60 लोगों के घायल होने की खबर थी.

    धमाके में मरने वाली दो महिलाओं की पहचान लियोना पॉलोज(55) और कुमारी पुष्पन(52) के रूप में हुई है.

    धमाके के बाद मार्टिन का सरेंडर

    धमाके के बाद डोमिनक मार्टिन नाम के एक व्यक्ति ने पुलिस स्टेशन में सरेंडर किया था और धमाकों की जिम्मेदारी ली थी.

    सरेंडर करने से पहले मार्टिन ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म फ़ेसबुक पर इन धमाकों की ज़िम्मेदारी लेते हुए एक वीडियो पोस्ट किया.

    मार्टिन का कहना था कि वह 16 साल से जिहोवा विटनेस समुदाय से जुड़े थे लेकिन कभी इस बारे में गंभीर नहीं थे.

    मार्टिन ने कहा, “छह साल पहले मैंने उनकी शिक्षाओं पर विचार किया और पाया कि ये देश विरोधी हैं. मैंने उनसे अपने तौर-तरीक़े बदलने को कहा लेकिन उन्होंने मेरी चेतावनियों को नज़रअंदाज़ कर दिया.”

  9. दिनभर: इसराइल-ग़ज़ा युद्ध के बीच ख़ौफ़ में अस्पताल

  10. आज का कार्टून

  11. इंज़माम उल-हक ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता पद से इस्तीफ़ा दिया

    पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता और पूर्व क्रिकेटर इंज़माम-उल-हक ने विश्व कप टूर्नामेंट के बीच सोमवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    पाकिस्तानी मीडिया पीसीबी के हवाले से ये रिपोर्ट कर रही है कि इंज़माम-उल-हक पर 'हितों के टकराव' से जुड़े आरोप लगे थे. इसलिए उन्होंने ये इस्तीफ़ा दिया है.

    इंज़माम उल हक ने पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल समा टीवी को बताया, "मुझपर जिस तरह के आरोप लगे, उसको लेकर मेरी बोर्ड से बात हुई थी. उन्होंने पाकिस्तानी टीम की सेलेक्शन की जांच करने के लिए एक पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. मैंने सोचा जब तक मेरे ख़िलाफ़ कोई जांच हो रही है मुझे पद से हट जाना चाहिए."

    समा टीवी से इंज़माम उल हक ने प्रोग्राम 'ज़ोर का जोर' के दौरान ये बातें फ़ोन पर कहीं.

    उन्होंने कहा कि अगर मेरे ऊपर कोई सवाल उठेगा, तो मैं हर चीज़ के लिए तैयार हूं. मैं पीसीबी के साथ इस मसले पर बैठने को भी तैयार हूं.

    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने एक टीम चयन प्रक्रिया पर उठते सवालों की जांच के लिए एक पांच सदस्यों वाली फ़ैक्ट फाइंडिंग टीम गठित की है. ये कमेटी जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट और सुझाव पीसीबी प्रबंधन को सौंपेगी.

    डॉन न्यूज़ ने कहा है कि इंज़माम-उल हक ने इस्तीफ़े की पुष्टि करते हुए बताया है, "हम क्रिकेटर हैं और मुझे लगता है कि मेरा पद ऐसा है कि जांच पूरी होने तक मुझे इसपर नहीं रहना चाहिए. जो परिणाम होंगे वो देखा जाएगा."

    इंज़माम उल हक पर आरोप है कि खिलाड़ियों के प्रबंधन करने वाली कंपनी में उनकी हिस्सेदारी है और इस कंपनी के साथ पीसीबी का अनुबंध है. जियो न्यूज़ ने अपनी ख़बर में दावा किया है कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के शीर्ष खिलाड़ी इस कंपनी से जुड़े हैं, कंपनी से जुड़े खिलाड़ियों में मोहम्मद रिज़वान और बाबर आज़म का नाम भी शामिल है.

  12. मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत न मिलने पर आतिशी ने उठाए सवाल

    सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की ज़मानत अर्ज़ी खारिज होने पर दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई सवाल उठाए हैं.

    दिल्ली के कथित शराब घोटाले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया को जमानत देने से इनकार किया है.

    इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आतिशी ने कहा, “आज सुप्रीम कोर्ट ने प्रॉसिक्यूशन से बहुत तीखे सवाल पूछे हैं. उन्होंने बार-बार ईडी से एक ही सवाल पूछा कि आपके पास मनीष सिसोदिया से जुड़ी हुई मनी ट्रेल कहां है. क्या उनके पास पैसा आया, क्या उनके परिवार के पास पैसा आया. क्या उनसे या उनके परिवार से जुड़ी किसी कंपनी के पास पैसा आया?”

    उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार पूछा कि अगर मनीष सिसोदिया के पास पैसा पहुंचता हुआ, ईडी दिखा नहीं सकती है, तो फिर मनी लॉन्ड्रिंग और पीएमएलए लगने का सवाल कैसे पैदा होता है.”

    आतिशी ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने यह भी सवाल पूछा कि जो सारी ईडी के प्रॉसिक्यूशन का केस है, वो सिर्फ और सिर्फ एक अप्रूवर दिनेश अरोड़ा की स्टेटमेंट के आधार पर है. जब सुनवाई चल रही थी तो सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि अप्रूवर तो अपनी जान बचाने के लिए कुछ भी कह सकता है, उसके बयान पर कितना विश्वास किया जा सकता है.”

    उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर ऑब्जर्व किया कि पॉलिसी मेकिंग कोर्ट के क्षेत्र में नहीं आती है. पॉलिसी बनाने में अगर लॉबिंग हुई भी, तो वह अवैध नहीं है. जब तक यह साबित नहीं होता कि पैसे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के पास गए और उसने काले पैसे को सफेद करने की कोशिश की, यानी मनी लॉन्ड्रिंग करने की कोशिश की, तब तक पीएमएलए लागू नहीं होगा, तब तक गुनाह नहीं होगा.”

    कोर्ट ने क्या कहा?

    कोर्ट ने कहा कि ट्रायल छह से आठ महीने में पूरा हो जाना चाहिए. अगर ट्रायल में देरी होती है तो तीन महीने के अंदर सिसोदिया फिर से ज़मानत के लिए अर्जी दे सकते हैं.

    सिसोदिया 26 फरवरी को गिरफ़्तार किए गए थे. ये गिरफ़्तारी 2021-22 की आबकारी नीति में गड़बड़ी के आरोपों के चलते हुई थी.

    कोर्ट ने 17 अक्तूबर को ज़मानत की अर्जी पर फ़ैसला सुरक्षित रखा था.

  13. यूएन ने बताया ग़ज़ा के अस्पतालों का हाल, कहा- 'मरीज़ों को शिफ्ट करना असंभव'

    फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करने वाली यूएन की राहत एजेंसी के चीफ का कहना है कि हजारों की संख्या में मरीज उत्तरी ग़ज़ा के अस्पतालों में फंसे हुए हैं.

    उन्होंने कहा कि इन मरीजों को दक्षिण की तरफ ले जाना संभव नहीं है.

    यूएनआरडब्ल्यूए के टॉम वाइट ने कहा कि उत्तरी ग़जा के अल-कुद्स अस्पताल से मरीजों को शिफ्ट नहीं किया जा सकता.

    रेड क्रेसेंट की फलस्तीनी शाखा का कहना है इसराइल ने उन्हें रविवार को अस्पताल खाली करने के लिए कहा है, वहीं अस्पताल के पास धमाके जारी हैं.

    टॉम वाइट का कहना है कि उत्तरी ग़जा में लोग यूएनआरडब्ल्यूए के स्कूलों और अस्पतालों में शरण ले रहे हैं.

    उन्होंने बताया कि न सिर्फ मरीजों को बल्कि स्थानीय लोगों को भी वहां से नहीं निकाला जा सकता, क्योंकि ट्रांसपोर्ट की कोई व्यवस्था मौजूद नहीं है.

    टॉम वाइट ने कहा, "लोग भूखे हैं, प्यासे हैं और डरे हुए हैं. बहुत सारे लोग रोटी के कुछ टुकड़ों पर जिंदा हैं."

  14. हमास के हमले के बाद लापता हुई थी बेटी, मां ने की मौत की पुष्टि, कैथरीन आर्मस्ट्रॉन्ग, बीबीसी न्यूज़

    सात अक्टूबर को हमास के हमले के बाद बंधक बनाई गई जर्मन-इसराइली महिला शैनी लॉक की मां ने कहा है कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है.

    जर्मन मीडिया से बात करते हुए रिकार्डा लॉक ने कहा कि उन्हें इसराइली सेना की ओर से ये बताया गया है कि खोपड़ी की हड्डी से लिया गया डीएनए सैंपल शैनी से मैच हो गया है.

    हालांकि, अभी तक उनका शव नहीं मिला है.

    शैनी की बहन ने भी सोशल मीडिया पर उनकी मौत की पुष्टि की है. ऐडी लॉक ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा है, "सात अक्टूबर को इसराइल पर हमास के हमले में 22 वर्षीय शैनी की मौत हो गई."

    लेकिन मीडिया रिपोर्टों में ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि शैनी की खोपड़ी का हिस्सा कहां और कब मिला.

    शैनी लॉक किबुत्ज़ के पास उस म्यूज़िक फ़ेस्टिवल में थीं जो हमास के हमले का निशाना बना था.

    इस म्यूज़िक फ़ेस्टिवल में शामिल होने के लिए आए 260 से अधिक लोगों की जान गई थी और कइ लोगों को हमास के लड़ाके बंधक बनाकर ले गए थे.

    हमले के तुरंत बाद ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक महिला के शव को ट्रक पर लादकर सड़कों पर घुमाते देखा गया. इस ट्रक पर हथियारबंद लड़ाके थे और कुछ लोग 'अल्लाहू अकबर' चिल्ला रहे थे.

    हालांकि, वीडियो में महिला मुंह के बल थी और उनका चेहरा नहीं दिख रहा था. लेकिन उनके परिवार ने दावा किया था कि शरीर पर बने टैटू से उन्होंने शैनी की पहचान की है.

  15. सप्ताह में 70 घंटे काम वाले बयान पर नारायण मूर्ति के बचाव में आए टेक महिंद्रा के एमडी

    टेक महिंद्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सीपी गुरनानी ने इंफ़ोसिस संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति के 70 घंटे काम करने वाले सुझाव का बचाव किया है.

    सीपी गुरनानी ने कहा है कि नारायणमूर्ति का सुझाव सिर्फ़ कंपनी के लिए 70 घंटे देने के बारे में नहीं था.

    गुरनानी ने इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी राय रखी.

    उन्होंने लिखा, "नारायण मूर्ति के 70 घंटे काम करने वाले बयान पर मचे हंगामे के बारे में पढ़ रहा था. मेरा मानना है कि जब उन्होंने काम की बात की, तो वह सिर्फ़ कंपनी तक सीमित नहीं था. बल्कि ये आपके अपने और देश के लिए भी था."

    गुरनानी ने ट्वीट किया, "उन्होंने कंपनी के लिए 70 घंटे काम करने की बात नहीं कही. आप 40 घंटे कंपनी के लिए काम कीजिए, लेकिन 30 घंटे खुद के लिए काम कीजिए... ये 10 हज़ार घंटे निवेश कीजिए, जिससे कोई एक विषय का मास्टर बन जाए."

    "देर रात तक पढ़िए और अपने फ़ील्ड के विशेषज्ञ बनिए. ये 70 घंटे का काम ऐसा होगा जो आपको दूसरों से अलग करेगा और इस प्रक्रिया में आपके देश की भी अलग पहचान बनेगी."

    नारायण मूर्ति ने एक पॉडकास्ट में सुझाव दिया था कि देश की प्रोडक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर सप्ताह 70 घंटे काम करना चाहिए.

  16. ग़ज़ा के सबसे बड़े अस्पताल में 55 हज़ार लोगों ने ली शरण, डॉक्टर ने वॉइस नोट में बताई बदहाली

    ग़ज़ा के सबसे बड़े अस्पताल अल शिफा के अंदर हालात बहुत चिंताजनक हैं.

    रविवार को अस्पताल के डॉक्टर मारवान अबुसादा ने बीबीसी को एक वॉइस नोट भेजा.

    डॉक्टर ने बताया कि युद्ध की वजह से विस्थापित हुए करीब 55 हजार लोग अस्पताल में मौजूद हैं और कहीं कोई जगह नहीं बची है.

    अबुसादा ने कहा, "अस्पताल में मरीजों के आने का सिलसिला रुक नहीं रहा है. इस वीकेंड पर करीब 100 मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है, लेकिन बहुत ज्यादा मरीज अस्पताल आ रहे हैं. हर आधे घंटे में बड़ी संख्या में घायल लोग इलाज के लिए अस्पताल आ रहे हैं."

    वह कहते हैं, "एनेस्थेटिक्स, पेन किलर से लेकर एंटीबायोटिक्स तक की कमी हालात को बहुत कठिन बना रही है. हम इससे ज्यादा नहीं कर सकते हैं."

    वहीं इसराइल का दावा है कि हमास का मुख्य कमांड सेंटर अल शिफा अस्पताल के नीचे चलाया जा रहा है, लेकिन हमास ने इसराइल के इस दावे को खारिज किया है.

    अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग की है.

    रविवार को समाचार एजेंसी एपी ने ग़ज़ा शहर के रहने वालों का हवाला देते हुए बताया था कि इसराइली युद्धक विमानों ने अस्पताल के पास रात भर हमले किए थे.

    शनिवार को ग़ज़ा में मौजूद बीबीसी संवाददाता रुश्दी अबु अलूफ़ ने बताया था कि अस्पताल के आस-पास की सड़कों को नुकसान पहुंचा है.

  17. तेलंगाना: विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बीआरएस के सांसद के पेट में चाकू घोंपा

    तेलंगाना की सत्ताधारी पार्टी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के सांसद कोटा प्रभाकर रेड्डी पर सोमवार को विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान एक अज्ञात शख्स ने चाकू से हमला कर दिया.

    रेड्डी को पार्टी ने दुब्बक विधानसभा सीट से टिकट दिया है. पुलिस के अनुसार, सिद्दीपेट ज़िले में चुनाव प्रचार के दौरान उन पर ये हमला हुआ.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार मेडक लोकसभा क्षेत्र से सांसद रेड्डी को हमले के दौरान पेट में चोटें आई हैं और उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है.

    पीटीआई ने पुलिस के हवाले से बताया है कि हमला उस समय हुआ, जब प्रभाकर रेड्डी दौलताबाद मंडल में चुनाव प्रचार कर रहे थे. तेलंगाना में 30 नवंबर को विधानसभा चुनाव होना है.

    कुछ टीवी फुटेज में प्रभाकर रेड्डी को खून बहने से रोकने के लिए पेट दबाकर बैठे देखा गया. पीटीआई के अनुसार सांसद पर हमला करने वाले संदिग्ध की स्थानीय लोगों ने पिटाई की है.

    पीटीआई से सिद्दीपेट पुलिस कमिश्नर एन श्वेता ने कहा, "हमलावर को हिरासत में ले लिया गया है. हम उनके बारे में जानकारी वेरिफ़ाई कर रहे हैं."

  18. महाराष्ट्र: एनसीपी विधायक के घर को मराठा आरक्षण की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों ने आग लगाई

    महाराष्ट्र के बीड में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक प्रकाश सोलंके के आवास को मराठा आरक्षण की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी.

    जिस समय हमला हुआ, उस वक्त सोलंके अपने घर के अंदर थे. हालांकि, वो और उनका परिवार पूरी तरह से सुरक्षित है.

    एनसीपी की सांसद सुप्रिया सुले ने इस हमले को महाराष्ट्र के गृह मंत्री और सरकार की असफलता बताया है.

    वहीं, सीएम एकनाथ शिंदे ने प्रदर्शनकारियों से कहा है कि अब उनका आंदोलन गलत दिशा में जा रहा है.

    हमले के बाद समाचार एजेंसी एएनआई से प्रकाश सोलंके ने कहा, "मेरे घर पर हमले के वक्त मैं अंदर ही था. खुशकिस्मती से मेरे परिवार या किसी भी स्टाफ़ मेंबर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. हम सब सुरक्षित हैं लेकिन आग की वजह से मेरी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है."

    सीएम एकनाथ शिंदे ने क्या कहा?

    एनसीपी विधायक के घर को आग लगाने के मामले में सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, "मनोज जरांगे पाटिल (मराठा आरक्षण की मांग करने वाले) को अब इस पर ध्यान देना चाहिए कि आंदोलन किस ओर मुड़ रहा है. अब ये गलत दिशा में जा रहा है."

    सुप्रिया सुले ने 'ट्रिपल इंजन' सरकार को घेरा

    एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने हमले को पूरी तरह से महाराष्ट्र के गृह मंत्री और सरकार की विफलता बताते हुए कहा, "महाराष्ट्र में जो ट्रिपल इंजन की खोखली सरकार है ये उनकी असफलता है."

    "आज महाराष्ट्र में एक विधायक का घर जलाया जाता है. गृह मंत्रालय और गृह मंत्री क्या कर रहे हैं? यह उनकी ज़िम्मेदारी है."

  19. शिवसेना के बागी विधायकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर को दी ये डेडलाइन

    महाराष्ट्र में बागी विधायकों की अयोग्यता के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर को निर्देश दिए हैं.

    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर से 31 दिसंबर तक सुनवाई पूरी करने और फ़ैसला करने का आदेश दिया है.

    कोर्ट ने कहा कि ठाकरे गुट की ओर से दाखिल याचिकाओं पर 31 दिसंबर और शरद पवार की ओर से दाखिल याचिकाओं पर 31 जनवरी तक फ़ैसला किया जाए.

    स्पीकर ने 29 फरवरी 2024 तक का वक़्त मांगा था.

    प्रधान न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की सदस्यता वाली तीन जजों की बेंच ने सोमवार का ये फ़ैसला सुनाया.

    बीबीसी के सहयोगी सुचित्र मोहंती के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए विधायकों की अयोग्यता वाली अर्ज़ियों पर फ़ैसले में हो रही देरी पर भी नाखुशी ज़ाहिर की.

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "हम अब जनवरी के पहले सप्ताह में सुनवाई करेंगे."

    वहीं, महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर की ओर से कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह शिवसेना धड़े के विधायकों की अयोग्यता से जुड़े मामलों में 29 फ़रवरी तक फ़ैसला लेंगे.

    उद्धव ठाकरे गुट की ओर से दलील दे रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इसका कड़ा विरोध किया. उन्होंने ये भी कहा कि स्पीकर के सामने पिछले 5-6 महीनों से अर्ज़ियां लंबित हैं और अब उन्हें इसपर जल्द कोई फ़ैसला करना चाहिए.

    कोर्ट ने कहा कि स्पीकर 31 दिसंबर तक अपनी सुनवाई पूरी करेंगे.

  20. क़तर में आठ भारतीयों को फाँसी की सज़ा सुनाए जाने पर नेवी चीफ ने क्या कहा

    कतर में गिरफ्तार हुए आठ भारतीय नेवी के रिटायर्ड अधिकारियों को हाल ही में फांसी की सजा सुनाई गई.

    इस मामले में भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने प्रतिक्रिया दी है.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया अपनाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, जिससे हमारे लोगों को राहत मिल सके.

    ये आठ भारतीय नेवी के रिटायर्ड अधिकारी, पिछले साल सितंबर से ही क़तर की जेल में हैं. क़तर ने उन पर लगे आरोपों को सार्वजनिक नहीं किया है.

    सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हिरासत में लिए गए आठ भारतीयों के परिवारों से मुलाकात की है.

    उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस मामले को बेहद अहमियत के साथ देख रही है और सरकार, इस मुश्किल समय में परिवारों के साथ है.

    जयशंकर ने कहा, ''सरकार इन नागरिकों की सुरक्षित रिहाई के लिए लगातार कोशिश करती रहेगी. इस बारे में परिवारों के साथ हम संपर्क बनाए रखेंगे.''

    क्या है मामला

    सितंबर 2022 में क़तर सरकार ने 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को गिरफ़्तार किया था. मार्च में इन पर जासूसी के आरोप तय किए गए थे.

    गिरफ़्तार किए गए आठ भारतीय नागरिक नौसेना के पूर्व अधिकारी हैं और क़तर की ज़ाहिरा अल आलमी नाम की कंपनी में काम करते थे.

    ये कंपनी सबमरीन प्रोग्राम में क़तर की नौसेना के लिए काम कर रही थी. इस प्रोग्राम का मक़सद रडार से बचने वाले हाईटेक इतालवी तकनीक पर आधारित सबमरीन हासिल करना था.

    कंपनी में 75 भारतीय नागरिक कर्मचारी थे. इनमें से अधिकांश भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी थे. मई में कंपनी ने कहा था कि वो 31 मई 2022 से कंपनी बंद करने जा रही है.