हमास का दावा- इसराइल की हवाई बमबारी में अब तक करीब 50 बंधकों की मौत

चरमपंथी संगठन हमास ने कहा है कि इसराइल की बमबारी में अब तक 50 बंधक मारे गए हैं. ग़ज़ा में मरने वालों की संख्या 7,000 के पार.

लाइव कवरेज

  1. एल्विश यादव से एक करोड़ की रंगदारी मांगने वाला संदिग्ध गिरफ्तार

    एल्विश यादव

    गुरुग्राम पुलिस ने कहा है कि उन्होंने बिग बॉस ओटीटी सीज़न 2 के विजेता एल्विश यादव को फ़ोन करके पैसे की रंगदारी मांगने वाले संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है.

    गुरुग्राम एसीपी क्राइम ब्रांच के वरुण दहिया ने कहा, “गुजरात पुलिस के सहयोग से गुरुग्राम पुलिस ने वडनगर के रहने वाले शाकिर मकरानी को गिरफ़्तार किया है. वो एल्विश यादव से प्रभावित थे और पैसे कमाने के लिए उसने रंगदारी के लिए कॉल करने की यह योजना बनाई.”

    गुरुग्राम के सेक्टर 53 थाने में दी गई शिकायत में एल्विश यादव ने बताया था कि वाट्सऐप मैसेज के जरिए 17 अक्टूबर को उनसे एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी.

    हालांकि, मामले को लेकर एल्विश यादव की कोई टिप्पणी नहीं आई है.

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  2. रामलला प्राण प्रतिष्ठा एक पार्टी विशेष का कार्यक्रम नहीं, सिर्फ़ पीएम मोदी को निमंत्रण क्यों- कांग्रेस

    पीएम मोदी

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    अयोध्या में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किए जाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, "निमंत्रण सिर्फ़ एक ही पार्टी को जा रहा है क्या? कौन-कौन पहुंचता है और कौन नहीं पहुंचता है, उस पर मैं टिप्पणी नहीं कर सकता हूं, लेकिन भगवान क्या सिर्फ़ एक पार्टी तक सीमित रह गए हैं? निमंत्रण देने हैं और उसमें अगर उत्साह और उल्लास सबका देखना है, तो सभी को आमंत्रित करना चाहिए."

    उन्होंने कहा, "आप इसको एक पार्टी का प्रोग्राम बना रहे हैं, क्या ये पार्टी का प्रोग्राम है? एक ही व्यक्ति विशेष का प्रोग्राम है? ये मेरी तो समझ में नहीं आता. भगवान तो सबके हैं ना."

    खुर्शीद ने कहा कि दूसरी सभी पार्टियों को प्राण प्रतिष्ठा में बुलाया जाना चाहिए था.

    बुधवार को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की थी.

    पदाधिकारियों ने पीएम मोदी को रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण दिया.

    यह कार्यक्रम, 22 जनवरी, 2024 को होना है.

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    मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने कहा, "ये तो ऐसे राम मंदिर की बात कर रहे हैं कि जैसे ये भारतीय जनता पार्टी का मंदिर हो. राम मंदिर हमारा देश का मंदिर है. हमारे सनातन धर्म का बहुत बड़ा चिन्ह है. ये किसी पार्टी है क्या?"

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    प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर शिवसेना(उद्धव ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने भी प्रतिक्रिया दी.

    उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों की तैयारी के लिए भारतीय जनता पार्टी ऐसा कर रही है.

    संजय राउत ने कहा, "मोदी जी को निमंत्रण देने की जरूरत ही नहीं है. मोदी जी खुद ही जाएंगे. प्रधानमंत्री हैं, वे जाएंगे ही. इतना बड़ा इवेंट कौन छोड़ेगा. राम मंदिर तो होना ही था, हो रहा है. हजारों कारसेवक उसमें शहीद हुए हैं. उस वक्त सभी हिंदुत्ववादी संगठन और पार्टियां शामिल थीं, शिवसेना थी, बजरंग दल था, विश्व हिंदू परिषद थी."

    "रथयात्रा भी निकाली थी आडवाणी साहब ने. ये सबका परिणाम है कि मंदिर बन रहा है. लोगों ने खून बहाया, जेल में गए, मुकदमे चल रहे हैं अभी भी लोगों पर. मोदी जी जाएंगे और राम मंदिर में पूजा करेंगे. मुझे लगता है कि चुनाव आ रहे हैं, ये उसकी तैयारी है."

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  3. ब्रेकिंग न्यूज़, इसराइली सेना ने उत्तरी ग़ज़ा में टैंक से की ‘टारगेटेड छापेमारी’

    इसराइल

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    इसराइल डिफ़ेंस फोर्सेज़ यानी आईडीएफ़ ने बीती रात उत्तरी ग़ज़ा में टैंक का इस्तेमाल करके ‘टारगेटेड छापेमारी’ की है.

    इसका वीडियो जारी करके कहा गया है कि ये छापेमारी "युद्ध को अगले पड़ाव" में ले जाने की तैयारियों के तहत की गई है और इस दौरान "कई आतंकवादी ठिकाने, एंटी टैंक दागने के लॉन्च पोस्ट को बर्बाद कर दिया गया."

    इस पोस्ट में कहा गया, “सैनिक अब इस इलाके से निकल कर इसराइली इलाके में वापस आ चुके हैं.”

    इससे पहले इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा था कि इसराइल ग़ज़ा में ज़मीनी हमले की तैयारी कर रहा है. हालांकि ऐसा कब होगा इसके समय को लेकर उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी थी. उन्होंने कहा है कि आम सहमति से यह तय होगा.

    इसका फ़ैसला सरकार की विशेष युद्ध कैबिनेट लेगी.

    उन्होंने कहा, “हम पहले ही हजारों आतंकवादियों को मार चुके हैं और यह केवल शुरुआत है.”

    बीते दिनों इसराइल ने 11 लाख आम लोगों से उत्तरी ग़ज़ा छोड़ कर दक्षिणी ग़ज़ा जाने को कहा था.

    ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इसराइल के हमले में अब तक 6500 फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं.

  4. अशोक गहलोत के बेटे को ईडी का समन, राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा के घर छापा

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
    अशोक गहलोत

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    ईडी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को समन भेजा है.

    सूबे के मुख्यमंत्री ने इस बात की जानकारी दी है.

    ईडी की टीम राजस्थान में दर्जनों जगहों पर छापे मार रही है, राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख गोविन्द सिंह डोटासरा के आवास पर भी ईडी टीम पहुंची है.

    ये छापेमारी पेपर लीक के मामले में हो रही है.

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    अशोक गहलोत ने ईडी की इस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “25 अक्टूबर को राजस्थान की महिलाओं के लिए कांग्रेस की गारंटियाँ लॉन्च हुई. 26 अक्टूबर को राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह जी डोटासरा के यहाँ ईडी की रेड और मेरे बेटे वैभव गहलोत को ईडी में हाज़िर होने का समन.”

    “अब आप समझ सकते हैं, जो मैं कहता आ रहा हूँ कि राजस्थान के अंदर ईडी की रेड रोज़ इसलिए होती है क्योंकि भाजपा ये नहीं चाहती कि राजस्थान में महिलाओं को, किसानों को, गरीबों को कांग्रेस द्वारा दी जा रही गारंटियों का लाभ मिल सके.”

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  5. अमित शाह, हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ़ कांग्रेस ने की चुनाव आयोग में शिकायत

    अमित शाह

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    कांग्रेस ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ़ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है.

    कांग्रेस का कहना है कि छत्तीसगढ़ की चुनावी रैली में दिए गए उनके भाषण आचार संहिता का उल्लंघन हैं.

    अपनी शिकायत में कांग्रेस ने चुनाव आयोग को बताया कि गृह मंत्री ने 16 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में एक भाषण में कहा था, "भूपेश बघेल की सरकार ने तुष्टिकरण की राजनीति और वोट बैंक की राजनीति के लिए छत्तीसगढ़ के बेटे भुनेश्वर साहू की लिंचिंग करवाई."

    कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा.

  6. भारत-मध्य पूर्व-यूरोप इकॉनमिक कॉरिडोर हमास के हमले की वजह हो सकता है: बाइडन

    मोदी, बाइडन

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    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि उन्हें यक़ीन है कि हमास के इसराइल पर हमला करने का एक कारण जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान महत्वाकांक्षी भारत-मध्य पूर्व-यूरोप इकॉनमिक कॉरिडोर की घोषणा हो सकता है.

    ये कॉरिडोर पूरे क्षेत्र को जोड़ने का काम करेगा.

    सात अक्टूबर को हमास ने इसराइल पर हमला किया इसमें 1400 इसराइली मारे गए और 200 से अधिक लोग अभी भी हमास के बंधक हैं. इसके बाद इसराइली हमले में अब तक 6500 ग़ज़ा के लोगों की मौत हुई है.

    ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज़ के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाइडन ने कहा कि ऐसा उन्हें लगता है लेकिन इस बात के सबूत नहीं हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ बाइडन ने कहा- “ मैं इस बात से आश्वस्त हूं, हालांकि इस बात के मेरे पास सबूत नहीं हैं, लेकिन मेरा मानना है कि हमास ने ऐसे समय हमला किया जब इसराइल की इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ रही थी. हम इस काम को पीछे नहीं छोड़ सकते”

    एजेंसी के अनुसार एक सप्ताह में ये दूसरी बार है जब जो बाइडन ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप इकॉनमिक कॉरिडोर का ज़िक्र किया है.

    इस कॉरिडोर को कई लोग चीन के बेल्ट एंड रोड का विकल्प मान रहे हैं. अमेरिका, भारत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूरोपीय संघ के नेताओं ने जी 20 के इतर एक बैठक में इसकी घोषणा की थी.

    ये कॉरिडोर भारत को खाड़ी देशों से और खाड़ी देशों को यूरोप से जोड़ेगा.

  7. हिज़बुल्लाह ने की हमास और इस्लामिक जिहाद के नेताओं से मुलाकात, क्या हैं इसके मायने

      • Author, जेरेमी बोवेन
      • पदनाम, अंतरराष्ट्रीय संपादक, इसराइल-ग़ज़ा सीमा से
    हिज़बुल्लाह

    इमेज स्रोत, Hezbollah Media Office

    एक तस्वीर सामने आई है जिसमें हमास के नेता और इस्लामिक जिहाद के नेता लेबनान में शिया मिलिशिया समूह हिज़बुल्लाह के नेता हसन नरसल्लाह से मुलाकात कर रहे हैं.

    हिज़बुल्लाह लेबनान का सबसे मज़बूत संगठन है, यहां तक की लेबनान की सरकार से भी ज़्यादा शक्तिशाली है. जिसे ईरान का समर्थन प्राप्त है.

    ईरान हिज़बुल्लाह को इस क्षेत्र में अपनी रक्षा की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है.

    हिज़बुल्लाह के पास अलग-अलग तरह के लगभग एक लाख 50 हज़ार मिसाइलें और हजारों प्रशिक्षित लोग हैं. हिज़बुल्लाह के लड़ाके सीरिया में असद शासन की ओर से युद्ध लड़ चुके हैं और उन्हे युद्ध लड़ने का तजुर्बा है.

    इसराइल हमास के बीच जारी युद्ध में एक बड़ा डर ये भी माना जा रहा है कि लेबनान में हिज़बुल्लाह और इसराइल के बीच भी युद्ध छिड़ सकता है.

    मेरा मानना है कि ये समूह आपस में मिलते रहते हैं लेकिन इन्होंने इस बार तस्वीर जारी करके अपनी मुलाकात को सार्वजनिक किया है. ऐसा लगता है कि वो इस तस्वीर के ज़रिए इसराइल पर दबाव बनाना चाह रहे हैं.

    हिज़बुल्लाह को भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है कि वे इसराइल पर हमला करने की बात करते रहे हैं और अब जब मौका आ गया है,तो कुछ लोग पूछ रहे हैं " क्यों हिज़बुल्ला ऐसा नहीं कर रहा?"

    मैंने कई फलस्तीनी लोगों को ये कहते सुना है कि हिज़बुल्लाह ने उन्हें अकेला छोड़ दिया.

    हालांकि अभी इस बात के बहुत साफ़ संकेत नहीं हैं कि ईरान ऐसा कुछ चाहता है. ईरान और लेबनान को देखते हुए इस संघर्ष की शुरुआत में ही अमेरिका ने अपनी वॉरशिप भूमूध्य सागर में भेज दी थी.

  8. बाइडन ने कहा, ग़ज़ा में मारे गए फ़लस्तीनीयों के आंकड़ों पर भरोसा नहीं

    बाइडन

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    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि उन्हें " ग़ज़ा में मरने वालों के आंकड़े पर भरोसा नहीं है."

    बाइडन से प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया था क्या इसराइल ‘आम लोगों को हमले में कम नुकसान पहुंचे’ इसके लिए पर्याप्त कोशिशें कर रहा है?

    बुधवार को उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा- “मुझे नहीं लगता कि फ़लस्तीनी हमले में जितने लोग मारे गए हैं उसे लेकर सच बोल रहे हैं. इसराइलियों को सावधान रहते हुए ये सुनिश्चित करना चाहिए कि जिन लोगों ने ये युद्ध शुरू किया है उन्हें ही निशाना बनाया जाए. अगर ऐसा नहीं होता है तो ये इसराइलियों के हित के खिलाफ़ होगा. लेकिन फ़लस्तीनी जो आंकड़े बता रहे हैं मुझे उन पर कोई भरोस नहीं है.”

    ग़ज़ा में हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि सात अक्टूबर से हो रही इसराइली बमबारी में 6500 फ़लस्तीनियों की ग़ज़ा में मौत हो गई है जिसमें 2700 बच्चे भी शामिल हैं.

  9. ग़ज़ा में अल-जज़ीरा के संवाददाता के पूरे परिवार की मौत

    ग़ज़ा

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    अल-जज़ीरा मीडिया नेटवर्क ने बताया है कि उनके ग़ज़ा संवाददाता की पत्नी और दो बच्चे इसराइली हवाई हमले में मारे गए हैं.

    ये लोग उत्तर ग़ज़ा से भागकर आए थे और एक रिफ्यूजी कैंप में रह रहे थे.

    इस हमले पर इसराइली सेना का कोई बयान नहीं आया है.

    अल-जज़ीरा ने लाइव टीवी पर संवाददाता वाएल अल-दहदौ को अपनी पत्नी, बेटी और बेटे के शव को थामे हुए दिखाया.

    अल-जज़ीरा का कहना है कि ये लोग ग़ज़ा के नुसिरत रिफ़्यूजी कैंप में रह रहे थे और इसराइली रॉकेट हमले में मारे गए.

    अल-जज़ीरा ने कहा कि इसराइल की चेतावनी के बाद वल अल-दहदौ अपने परिवार के साथ उत्तरी ग़ज़ा छोड़ दक्षिण ग़ज़ा में आए थे.

  10. ब्रेकिंग न्यूज़, अमेरिका के ल्यूइस्टन शहर में हुई गोलीबारी में कम से कम 16 की मौत, खुलेआम घूम रहा बंदूकधारी

    पुलिस का कहना है कि बंदूकधारी ने इस कार का इस्तेमाल किया.

    इमेज स्रोत, LEWISTON MAINE POLICE DEPARTMENT

    इमेज कैप्शन, पुलिस का कहना है कि बंदूकधारी ने इस कार का इस्तेमाल किया.

    अमेरिकी राज्य मेन के ल्यूइस्टन शहर में पुलिस ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि एक बंदूकधारी खुलेआम घूम रहा है.

    अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ शहर में हुई गोलीबारी में कम से कम 16 लोग मारे गए हैं.

    पुलिस ने लोगों से जहां हैं वहीं रहने की अपील की है और सावधान रहने को कहा है.

    पुलिस का कहना है कि वह “कई जगहों” पर हुई हमलों की जांच कर रही है और संदिग्ध की तस्वीर भी जारी किया गया है.

    ल्यूइस्टन पुलिस का कहना है कि उनकी टीम हमले की दो जगहों पर पहुंच चुकी है. इनमें से एक हैस्कीमेंगीज़ रेस्टोरेंट और दूसरी जगह है स्पेयर टाइम रिक्रिएशन, ये एक बॉलिंग गेम ज़ोन है.

    दोनों ही जगहें एक दूसरे से (6.5 किलोमीटर) 10 मिनट ड्राइव की दूरी पर है.

    सेंट्रल मेने मेडिकल सेंटर का कहना है कि वह मास शूटिंग में घायलों के इलाज के लिए शहर के दूसरे अस्पतालों के साथ कोऑर्डिनेट कर रहा है.

    एंड्रोस्कोगिन काउंटी शेरिफ़ ऑफ़िस ने संदिग्ध की दो तस्वीरें जारी की हैं. उन्होंने लोगों से शख़्स की पहचान कर जानकारी देने को कहा है.

    व्हाइट हाउस का कहना है कि राष्ट्रपति बाइडन को घटना की जानकारी दी गई है और उन्हें इस पर अपडेट देते रहेंगे.

  11. नेतन्याहू ने कहा, इसराइल ग़ज़ा में ज़मीनी हमले की तैयारी कर रहा है

    बिन्यामिन नेतन्याहू ने

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    इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इसराइल ग़ज़ा में ज़मीनी हमले की तैयारी कर रहा है. हालांकि ऐसा कब होगा इसके समय को लेकर उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी है. उन्होंने कहा है कि आम सहमति ये तय होगा.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि ज़मीनी हमले कब शुरू करना है इसका फ़ैसला सरकार की विशेष युद्ध कैबिनेट लेगी.

    उन्होंने कहा- “हम पहले ही हजारों आतंकवादियों को मारचुके हैं और यह केवल शुरुआत है.”

    “इसके साथ -साथ हम ज़मीनी हमले की तैयारी कर रहे हैं,मैं कब, कैसे या कितने हमले होंगे इसके बारे में विस्तार से नहीं बताऊंगा. मैं उन योजनाओं के बारे में भी विस्तार से नहीं बताऊंगा जो हम कर रहे हैं, इन चीज़ों से जनता अनजान है और ऐसा ही होना चाहिए.”

    इसके साथ ही उन्होंने फ़लस्तीनी जो उत्तरी ग़ज़ा में रह रहे हैं उनसे एक बार फिर दक्षिण की ओर जाने को कहा है.

  12. बाइडन ने कहा इसराइल- फ़लस्तीनीयों के बीच हालात पहले जैसे कभी नहीं हो सकते

    बाइडन

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    अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि इसराइल और फ़लस्तीनीयों के बीच “हालात अब 6 अक्टूबर जैसे कभी नहीं हो सकते.”

    ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बाइडन ने कहा कि इसराइल को "अपने नागरिकों की रक्षा के लिए जो कुछ भी कर सकता है वो सब कुछ करना चाहिए."

    बाइडन ने कहा कि वह वेस्ट बैंक में फ़लस्तीनीयों पर "चरमपंथी सेटलरों" के हमले करने की रिपोर्टों से चिंतित हैं.

    उन्होंने कहा- “वे उन जगहों पर फ़लस्तीनीयों पर हमला कर रहे हैं, जहां रहने के वे हकदार हैं. इन हमलों को रोकना होगा.”

    उन्होंने कहा कि अमेरिका इसराइल का अपनी रक्षा करने का समर्थन करता है और वह "सुनिश्चित करेगा कि इसराइल के पास हमास के आतंकवादियों से खुद की रक्षा करने के लिए ज़रूरी साधन हो.”

    बाइडन ने ये भी कहा कि हमास "ग़ज़ा या कहीं पर भी फ़लस्तीनी लोगों के बड़े समूह " का प्रतिनिधित्व नहीं करता है.

    उन्होंने कहा कि हमास इसराइली लोगों को डरा नहीं सकता और ना ही अब वो लोगों को ह्यूमन शील्ड की तरह इस्तेमाल कर सकता है.

    इसराइल और हमास के बीच बीते 7 अक्टूबर से जारी संघर्ष का आज 19वां दिन है.

    हमास के मुताबिक़,ग़ज़ा में अब तक 6,500 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 2,704 बच्चे शामिल हैं.

    वहीं इसराइल में सात अक्टूबर को हुए हमास के हमले में 1400 लोगों की मौत हुई और 200 से अधिक लोगों कों बंधक बना कर रखा गया है.

  13. नमस्कार!

    ये लाइव पेज 24 घंटे के लिए उपलब्ध रहेगा. 25 अक्टूबर के लाइव अपडेट्स पढ़ने के लिए .यहां क्लिक करें