इसराइल - हमास संघर्ष का 18वां दिन, अब तक का ताज़ा अपडेट

इसराइल और हमास के बीच बीती 7 अक्टूबर से जारी संघर्ष का आज 18वां दिन है.

लाइव कवरेज

दिलनवाज़ पाशा and संदीप राय

  1. इसराइल ने यूएन अधिकारियों के वीज़ा रोके, कहा- ‘इन्हें सबक़ सिखाया जाए’

    एंटोनियो गुटेरेस

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    इसराइल ने कहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस की टिप्पणी की प्रतिक्रिया में 'संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों के वीज़ा रोकना शुरू करेगा.'

    मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र में इसराइल और ग़ज़ा के मुद्दे पर चर्चा के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने कहा था कि हमास का दक्षिणी इसराइल पर हमला ‘बेवजह’ नहीं हुआ था. उन्होंने कहा था कि फ़लस्तीनी 56 सालों से इसराइल के ‘दमघोंटू क़ब्ज़े’ का सामना कर रहे हैं.

    इसराइल ने गुटरेस के इस बयान पर सख़्त प्रतिक्रिया दी है और उनका इस्तीफ़ा मांगा है.

    संयुक्त राष्ट्र में इसराइल के दूत गिलाड एरडान ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार मामलों के सचिव मार्टिन ग्रिफ़िथ्स का वीज़ा रोका जा चुका है.

    उन्होंने कहा है कि अब वक़्त आ गया है कि ‘इन्हें सबक़ सिखाया जाए.’

    गुटरेस की प्रतिक्रिया के बाद गिलाड एरडान ने कहा था कि उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए क्योंकि वो इस संस्थान के नेतृत्व के लायक़ नहीं है.

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, इसराइल के हमले में सीरिया के आठ जवानों की मौत: सरकारी मीडिया

    फ़ाइल

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    सीरिया की सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक इसराइल के हमले में सीरिया के आठ जवानों की मौत हुई है. इस हमले में सात जवान घायल हुए हैं.

    सरकारी मीडिया के मुताबिक ये हमला दक्षिणी प्रांत दारा के सैन्य ठिकानों पर किया गया.

    रिपोर्ट में बताया गया है कि ये हमला बुधवार को स्थानीय समय के मुताबिक रात एक बजकर 45 मिनट पर किया गया.

    इसराइल की सेना ने हमले की पुष्टि की है.

    इसराइल की सेना ने बताया है कि उसके लड़ाकू विमानों ने सैन्य ढांचे को निशाना बनाया. सेना के मुताबिक सीमा पर रॉकेट दागे जाने के बाद ये कार्रवाई की गई.

  3. रजनीकांत ने अमिताभ बच्चन के साथ पोस्ट की तस्वीर, बोले ‘खुशी से धड़क रहा है दिल’

    अमिताभ बच्चन और रजनीकांत

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    साउथ इंडिया की फ़िल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत और बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन करीब तीन दशक बाद एक फ़िल्म में साथ नज़र आएंगे.

    रजनीकांत ने ख़ुद इसकी जानकारी दी है.

    सोशल प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अमिताभ बच्चन के साथ तस्वीर पोस्ट करते हुए रजनीकांत ने लिखा, “33 साल बाद मैं अपने मेंटर,बेमिसाल, श्री अमिताभ बच्चन के साथ काम कर रहा हूं. मेरा दिल खुशी से धड़क रहा है.”

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    रजनीकांत ने बताया है कि दोनों सुपरस्टार लायका के आगामी प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं. इसका नाम है ‘थलाइवर 170’

    फ़िल्म का निर्देशन टीजे ज्ञानवेल कर रहे हैं.

    अमिताभ बच्चन और रजनीकांत इसके पहले नब्बे के दशक में रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘हम’ में नज़र आए थे. इस फ़िल्म का निर्देशन मुकुल आनंद ने किया था. ये फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर कामयाब रही थी.

    इसके पहले भी अमिताभ बच्चन और रजनीकांत ने गिरफ़्तार और अंधा क़ानून जैसी फ़िल्मों में साथ काम किया था.

  4. यूएन में इसराइल-ग़ज़ा पर चर्चा, कश्मीर के ज़िक्र पर भारत का पाकिस्तान को जवाब

    भारत के प्रतिनिधि

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    भारत ने कहा है कि इसराइल-ग़ज़ा के हालात पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्तान की ओर से 'कश्मीर का ज़िक्र किया जाना अवमानना' है.भारत ने कहा है कि वो इन्हें 'नज़रअंदाज़ करेगा' क्योंकि ये 'जवाब देने के लायक़ नहीं है.'

    मध्य पूर्व के हालात पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्तान के प्रतिनिधि मुनीर अकरम ने कश्मीर का ज़िक्र किया था.

    यूएन में भारत के डिप्टी स्थायी प्रतिनिधि आर रविंद्र ने मंगलवार को पाकिस्तान की टिप्पणी के बाद ये प्रतिक्रिया दी है.

    आर रविंद्र ने कहा, “अपनी बात ख़त्म करने से पहले मैं कहूंगा कि एक प्रतिनिधि ने आदतन एक टिप्पणी उन केंद्र शासित इलाक़ों के बारे में की जो मेरे देश का अटूट और अभिन्न अंग हैं.”

    रविंद्र ने कहा, “मैं इन टिप्पणियों को उसी अवमानना के साथ देखूंगा जिसके ये लायक़ हैं और समय का ध्यान रखते हुए प्रतिक्रिया देकर इन्हें इज़्ज़त नहीं बख़्शूंगा.”

    इसराइल-ग़ज़ा संघर्ष पर भारत का पक्ष रखते हुए रविंद्र ने कहा, "7 अक्तूबर को इसराइल पर हुए आतंकी हमलों की हम निंदा करते हैं. इसराइल जब इस समय संकट का सामना कर रहा था तब हम इसराइल के साथ खड़े थे. हमने ग़ज़ा के अस्पताल पर हुए हमले में सैकड़ों लोगों के मारे जाने की घटना पर भी ग़हरी चिंता ज़ाहिर की थी. हमारे प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि इस घटना में जो भी शामिल है, उनकी ज़िम्मेदारी तय होनी चाहिए."

    उन्होंने कहा, "जो मानवीय संकट पैदा हो रहा है, उसका समाधान होना चाहिए, हम तनाव कम करने और ग़ज़ा में राहत सामग्री भेजने के अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रयासों की सराहना करते हैं. भारत ने 38 टन राहत सामग्री भेजी है जिसमें दवाइयां भी हैं."

    "भारत ने हमेशा ही इसराइल-फ़लस्तीनी संकट के बातचीत के ज़रिए द्विराष्ट्र समाधान का समर्थन किया है. जिसके नतीजे में एक स्वतंत्र, संप्रभु और कामयाब फ़लस्तीन राष्ट्र का निर्माण हो जिसकी सीमाएं सुरक्षित हों और जो इसराइल के साथ शांति से रहे."

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    अमेरिका ने क्या कहा?

    इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने परिषद की बैठक में कहा कि आतंकवाद के सभी कृत्य ग़ैर-क़ानूनी और अनुचित हैं.

    'हमें हर राष्ट्र के अपनी सुरक्षा करने और ऐसे हमलों को रोकने के अधिकार की पुष्टि करनी होगी.'

    ब्लिंकन ने कहा, 'इस परिषद का कोई भी सदस्य, इस संस्था से जुड़ा कोई भी राष्ट्र, अपने लोगों के ऐसे नरसंहार को बर्दाश्त नहीं करेगा.'

    ब्लिंकन ने कहा, 'जैसा कि इस परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बार-बार कहा है, आतंकवाद की सभी घटनाएं ग़ैर-क़ानूनी और अनुचित हैं.'

    उन्होंने कहा, “ये ग़ैरक़ानूनी और अनुचित हैं चाहें फिर उन्हें आईएसआईएस, बोको हराम, अल शबाब, लश्कर-ए-तैयबा या फिर हमास अंजाम दे.”

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, ग़ज़ा पर बीती रात इसराइल के हमले में 80 की मौत: हमास

    ग़ज़ा

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    ग़ज़ा पर काबिज़ हमास सरकार ने बताया है कि बीती रात इसराइल के हमले में कम से कम 80 लोगों की मौत हुई है.

    हमास सरकार के मीडिया दफ़्तर ने इसे लेकर एक बयान जारी किया है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक बयान में बताया गया है कि इसराइल की कार्रवाई में 80 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई और सैंकड़ों लोग घायल हुए हैं.

    हमास के लड़ाकों ने बीती सात अक्टूबर को इसराइल पर हमला किया था. उस हमले में 1400 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई. इसराइल तभी से ग़ज़ा में हमास के ठिकानों को निशाना बना रहा है.

    हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इसराइल के हमलों में अब तक 5800 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

    मंगलवार को ग़ज़ा में 700 से अधिक लोगों के मारे जाने का दावा भी किया गया है जो एक दिन में हताहतों की सर्वाधिक संख्या है.

  6. फ़र्ज़ी डिग्री के आरोप के बाद बीजेपी के निशिकांत दुबे के टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा से तीखे सवाल

    महुआ मोइत्रा

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    बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने अपनी डिग्री पर सवाल उठाये जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा से तीखे सवाल पूछे हैं.

    बुधवार सुबह एक्स पर किए एक पोस्ट में निशिकांत दुबे ने कहा है कि अभी सवाल उनकी फ़र्ज़ी डिग्री का नहीं बल्कि ‘पैसे लेकर सवाल पूछे’ जाने का है.

    निशिकांत दुबे ने कहा, “सवाल संसद की गरिमा, भारत की सुरक्षा और सांसद के कथित भ्रष्टाचार और अपराध का है, जवाब देना है कि दुबई में एनआईसी मेल खुला कि नहीं? पैसे के बदले प्रश्न पूछे कि नहीं? विदेश जाने-आने का ख़र्च किसने उठाया.”

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    दुबे ने कहा, “सवाल अदानी, डिग्री या चोरी का नहीं, देश को गुमराह कर आपके भ्रष्टाचार का है.”

    उन्होंने लिखा, “डिग्री वाली देश बेचे, चंद पैसे के लिए ज़मीर बेचे.”

    तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा इन दिनों संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने और लोकसभा के अपने ईमेल का पासवर्ड किसी और को देने के आरोपों के बाद विवादों में हैं.

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    संसद की एथिक्स समिति इन आरोपों की जांच कर रही है. महुआ मोइत्रा ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है.

    महुआ मोइत्रा पर ये आरोप उनके क़रीबी दोस्त रहे एक अधिवक्ता ने लगाये थे जिसके बाद से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे इस मुद्दे को ज़ोर-शोर से उठा रहे हैं.

    महुआ मोइत्रा लगातार निशिकांत दुबे की कथित ‘फ़र्ज़ी डिग्री’ का मुद्दा उठा रही हैं. उन्होंने निशिकांत दुबे की डिग्री की जांच की मांग की है.

  7. गज़ा के अस्पतालों ने आपातकालीन सेवा को छोड़कर बंद किए बाकी विभाग

    ग़ज़ा अस्पताल

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    ग़ज़ा के अस्पताल अपने कई विभागों के कामकाज बंद कर रहे हैं. अस्पतालों के मुताबिक ईंधन की कमी की वजह से उन्हें कामकाज जारी रखने में दिक्कत हो रही है.

    ग़ज़ा में मौजूद बीबीसी संवाददाता रश्दी अलोफ़ के मुताबिक अस्पतालों का कहना है कि वो आपातकालीन सेवा (इमर्जेंसी) को छोड़कर बाकी विभागों को बंद कर रहे हैं.

    बीबीसी संवाददाता ने बताया, “ अस्पतालों ने ज़्यादातर विभाग बंद कर दिए हैं. वो ईंधन की खपत कम करना चाहते हैं.”

    उन्होंने कहा, “वो लोगों की जान बचाने पर फोकस करना चाहते हैं.”

    उन्होंने बताया कि किडनी रोगियों के लिए डायलिसिस की सुविधा अब भी जारी है.

    बीबीसी संवाददाता के मुताबिक यहां स्थिति लगातार ख़राब बनी हुई है.

  8. यूएन एजेंसी बोली ग़ज़ा में आज ख़त्म हो जाएगा तेल, इसराइल ने कहा हमास से लीजिए

    ग़ज़ा में ज़रूरी सामान की आपूर्ती

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    ग़ज़ा में काम कर रही संयुक्त राष्ट्र की राहत संस्था का कहना है कि आज ईंधन समाप्त होने की वजह से उसके सभी काम रुक सकते हैं.

    यूएनआरडब्लूए ने एक्स पर किए एक पोस्ट में कहा है, "ईंधन को आने दिया जाना चाहिए ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों के पास पीने का साफ़ पानी हो, अस्पताल खुले रहें और जान बचाने वाले राहत कार्य जारी रहें."

    इसराइल ने ग़ज़ा की सख़्त घेराबंदी कर रखी है और यहां ईंधन की आपूर्ति को पूरी तरह रोक दिया है. राहत एजेंसी का कहना है कि ग़ज़ा में उसके सभी कार्य तेल की आपूर्ति पर निर्भर हैं. यहां पानी को पंप करने के लिए, बैकरी में खाना बनाने के लिए, अस्पतालों के संचालन के लिए, हर स्तर पर ईंधन की ज़रूरत है.

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    राहत एजेंसी ने कहा है कि बुधवार को उसका ईंधन समाप्त हो जाएगा और ऐसा होने पर ग़ज़ा में उसके काम रुक जाएंगे.

    यूएनआरडब्लूए को जवाब देते हुए इसराइल ने कहा है कि हमास ने तेल को जमा करके रखा है, आपको हमास से तेल मांगना चाहिए.

    इसराइल ने एक सेटेलाइट तस्वीर जारी करते हुए दावा किया है कि हमास के पास 12 तेल टैंकरों में पांच लाख लीटर से अधिक तेल जमा है.

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  9. ग़ज़ाः मंगलवार रहा सबसे घातक, 700 से अधिक लोगों की मौत का दावा

    ग़ज़ा पर हमले

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    ग़ज़ा में स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक़ मंगलवार को इसराइल के हवाई हमलों में 700 से अधिक लोगों की मौत हुई है.

    ग़ज़ा में मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय का कहना है कि ये अब तक इसराइल-हमास संघर्ष में एक दिन में मारे गए लोगों की सबसे बड़ी तादाद है.

    मारे गए लोगों की इस तादाद की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है.

    7 अक्तूबर को हमास ने इसराइल पर हमला किया था जिसमें 1400 से अधिक इसराइली मारे गए थे. इस हमले के बाद से इसराइल लगातार ग़ज़ा पर बमबारी कर रहा है.

    दुनियाभर के नेता अब इस संघर्ष को थामने के लिए प्रयास कर रहे हैं.

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार को सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फ़ोन पर बात की है.

    व्हाइट हाउस के मुताबिक़ दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए हैं कि क्षेत्र को स्थिर बनाये रखा जाए और संघर्ष को फैलने से रोका जाए.

    इसी बीच वेस्ट बैंक में इसराइली सेना और फ़लस्तीनियों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं. फ़लस्तीनी प्रशासन के मुताबिक़ वेस्ट बैंक में इसराइल के ड्रोन हमले में तीन फ़लस्तीनी मारे गए हैं.

    इसराइल लेबनान की सीमा पर भी हिज़बुल्लाह और इसराइल के बीच झड़पें तेज़ हुई हैं.

    हमास और हिज़बुल्लाह का समर्थन करने वाले ईरान ने इसराइल को ग़ज़ा पर हमले रोकने की चेतावनी दी है.

    इसी बीच इसराइल की सेना ने कहा है कि उसने मोर्टार हमलों के बाद सीरियाई सेना के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं. इस घटनाक्रम पर सीरिया ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

    वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका ने ईरान को चेताया है कि अगर मध्य पूर्व या कहीं और उसके सैनिकों पर हमले किए गए तो अमेरिका निर्णायक जवाब देगा.

    अमेरिका ने ईरान को इसराइल के ख़िलाफ़ युद्ध में नया मोर्चा ना खोलने की चेतावनी भी दी.

    संयुक्त राष्ट्र में ईरान के दूत आमिर सईद इरावानी ने परिषद से कहा है कि अमेकिती विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने इसराइल-हमास संघर्ष के लिए ईरान पर ग़लत तरीक़े से आरोप लगाये हैं.

    उन्होंने कहा, “क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए हमारी प्रतिबद्धता बरक़रार है. अमेरिका ने मासूम फ़लस्तीनी आबादी की क़ीमत पर बढ़-चढ़कर आक्रामक इसराइल का साथ देकर इस संघर्ष को और बढ़ा दिया है.”

  10. अमेरिका की ईरान को चेतावनी- 'ये भूल मत करना वरना...'

    ईरान के सर्वोच्च नेता और मिसाइल

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    इमेज कैप्शन, ईरान हाल के दिनों में कई बार इसराइल को अंजाम भुगतने की धमकी दे चुका है.

    इसराइल हमास संघर्ष के मध्य पूर्व के अन्य इलाक़ों में फैलेने की आशंकाओं के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने ईरान को चेतावनी दी है.

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बोलते हुए ब्लिंकेन ने कहा है कि अगर अमेरिका पर ईरान के प्रॉक्सी (समर्थक चरमपंथी समूहों) ने कोई हमला किया तो अमेरिका निर्णायक जवाबी हमला करेगा.

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बोलते हुए ब्लिंकेन ने कहा, “अमेरिका ईरान के साथ संघर्ष नहीं चाहता है. हम नहीं चाहते कि ये युद्ध और फैले.”

    इससे पहले अमेरिकी सेना ने बताया है कि इराक़ और सीरिया में उसके सैन्य ठिकानों पर पिछले सप्ताह के दौरान एक दर्जन से अधिक ड्रोन हमले हुए हैं जिनमें बीस से अधिक सैनिक मामूली रूप से घायल हैं.

    ब्लिंकेन ने कहा, “अगर ईरान या उसके प्रॉक्सी अमेरिकी सैनिकों पर कहीं भी हमला करेंगे, तो ईरान ये ग़लती ना करे. हम अपने लोगों की रक्षा करेंगे, हम अपनी सुरक्षा की रक्षा करेंगे और हम बहुत तेज़ी से और निर्णायक क़दम उठायेंगे.”

    ब्लिंकेन ने चीन और रूस समेत सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्य देशों से आह्वान किया है कि वो ईरान से कहें कि इसराइल के ख़िलाफ़ युद्ध में एक और मोर्चा ना खोले.

    ब्लिंकेन ने कहा, “इस परिषद के सभी सदस्यों, अमेरिका की तरह, अगर आप भी चाहते हैं कि ये संघर्ष और ना फैले, तो ईरान से कहें, उसके समर्थित समूहों से कहें- सार्वजनिक रूप से कहें, निजी रूप से कहें या जैसे भी संभव हो कहें- इसराइल के ख़िलाफ़ इस संघर्ष मं एक और मोर्चा मत खोले. इसराइल के सहयोगियों पर हमले ना करो.”

    ईरान कई बार ये चेतावनी दे चुका है कि अगर ग़ज़ा पर इसराइल के हमले नहीं रुके तो ये संघर्ष मध्य पूर्व के और भी इलाक़ों में फैल सकता है.

    ईरान समर्थित लेबनान का चरमपंथी समूह हिज़बुल्लाह इसराइल पर पिछले दिनों में कई हमले कर चुका है. इसराइल ने भी जवाब में बमबारी की है.

  11. वेस्ट बैंक में झड़पों के बीच इसराइल ने जेनिन कैंप पर किए हवाई हमले

    जेनिन कैंप

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    इमेज कैप्शन, रविवार को जेनिन कैंप पर हुए इसराइली हवाई हमले में दो लोगों की मौत हो गई थी

    इसराइल की सेना ने क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक इलाक़े के जेनिन कैंप में ड्रोन से हमला किया है.

    ये हमला फ़लस्तीनी लोगों और इसराइली सैन्य बलों के बीच जेनिन कैंप में झड़प के बाद किया गया है.

    इसराइल की सेना ने सोशल मीडिया पर इस ड्रोन हमले की जानकारी दी है.

    आईडीएफ़ ने बताया है कि हथियारबंद ‘आतंकियों’ के साथ मुठभेड़ के दौरान दो लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया है.

    ये हिंसक झड़पे इसराइल के जेनिन कैंप के पास हथियारबंद गश्त करने के दौरान शुरू हुई हैं.

    इसराइल का कहना है कि फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने इसराइली सैनिकों पर गोलीबारी की और बम फेंके जिसके बाद झड़पें शुरू हो गईं.

    बयान में आईडीएफ़ ने कहा है कि ड्रोन हमले ‘तय निशाने’ पर किया गया.

    रिपोर्टों के मुताबिक़ इन झड़पों में कोई इसराइली सैनिक घायल नहीं हुआ है.

    रविवार को इसराइल ने जेनिन कैंप की एक मस्जिद पर हवाई हमला किया था.

    इसराइल का कहना है कि इस मस्जिद का इस्तेमाल ‘आतंकवादी गतिविधियों’ के लिए किया जा रहा था.

  12. ग़ज़ा पर हमले रोकने के लिए इसराइल पर बढ़ रहा अंतरराष्ट्रीय दबाव

    ग़ज़ा पर हमले

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    इसराइल और हमास के बीच जारी लड़ाई को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय मांग तेज़ हो रही है ताकि ग़ज़ा में फंसे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा सके.

    7 अक्तूबर को इसराइल पर हमास के हमले के बाद से इसराइल लगातार ग़ज़ा पर बमबारी कर रहा है.

    ग़ज़ा के लिए बिजली, पानी और ईंधन की आपूर्ती रोक दी गई है. यहां लोग बेहद मुश्किल हालात में रहने के लिए मजबूर हैं.

    अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने अस्थायी संघर्ष विराम का प्रस्ताव दिया है.

    हालांकि उन्होंने औपचारिक संघर्ष विराम की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि इससे हमास को ही फ़ायदा होगा.

    ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री पेनी वांग ने कहा है कि इसराइल अपनी सुरक्षा के अधिकार को किस तरह इस्तेमाल करता है ये मायने रखता है.

    ग़ज़ा में मानवीय संकट को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं. इसराइल के सहयोगी देश भी ग़ज़ा के हालात को लेकर गंभीर है.

    मंगलवार को मिस्र के रास्ते राहत सामग्री से भरे सिर्फ़ आठ ट्रक ही ग़ज़ा में दाख़िल हो सके.

    राहत एजेंसियों के कहना है कि ये ज़रूरत के मुक़ाबले कुछ भी नहीं हैं.

    संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों का कहना है कि अगर ग़ज़ा के लिए ईंधन की आपूर्ति नहीं की गई तो वो बुधवार के बाद से काम नहीं कर पाएंगे.

    इसराइल ने ग़ज़ा के लिए ईंधन की आपूर्ति रोक दी है. इसराइल का कहना है कि अगर ग़ज़ा में ईंधन गया तो वो हमास के पास ही पहुंच जाएगा.

    अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों ने मानवीय आधार पर लड़ाई रोकने की अपील की है. हालांकि इन देशों ने सार्वजनिक रूप से स्थायी संघर्ष-विराम का आह्वान नहीं किया है.

  13. इसराइल-हमास संघर्ष रोकने के लिए चीन के साथ मिलकर काम करेंगेः अमेरिका

    एंटनी ब्लिंकेन

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    अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद को बताया है कि वो चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ मिलकर काम करेंगे और ये सुनिश्चित करेंगे कि इसराइल-हमास संघर्ष और बड़े युद्ध में ना बदले.

    ब्लिंकेन ने कहा, “परिषद के सदस्यों, ख़ासकर स्थायी सदस्यों, के ऊपर इस संघर्ष को और फैलने से रोकने की ज़िम्मेदारी है.”

    उन्होंने कहा कि ऐसा करने के लिए वे चीन के विदेश मंत्री के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं.

    चीन के विदेश मंत्री वांग यी गुरुवार को अमेरिका पहुंचेंगे. उनके इस दौरे का मक़सद अगले महीने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के संभावित अमेरिकी दौरे के लिए मंच तैयार करना है. माना जा रहा है कि मध्य पूर्व संकट पर भी इस दौरान चर्चा हो सकती है.

    मध्य पूर्व के लिए चीन के विशेष दूत झाई जुन संघर्षविराम कराने के मक़सद से पहले ही मध्य पूर्व के कई देशों की यात्राएं कर चुकी हैं.

    इस क्षेत्र में चीन का बढ़ता प्रभाव इसी साल तब नज़र आया था जब चीन ने ईरान और सऊदी अरब के बीच समझौता करा दिया था. दोनों ही प्रतिद्वंदी देश संबंध बहाल करने के लिए तैयार हो गए थे और साल 2016 के बाद दोनों देशों के बीच पहली बार वार्ता भी हुई थी.

  14. मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ड्रोन हमलों में बीस से अधिक सैनिक घायल

    इराक़ में अमेरिकी सैन्य अड्डे की फ़ाइल तस्वीर

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    अमेरिका के रक्षा विभाग का कहना है पिछले सप्ताह इराक़ और सीरिया में उसके सैन्य अड्डों पर हुए ड्रोन हमले में बीस से अधिक सैनिक घायल हुए हैं.

    इसराइल-हमास संघर्ष के बीच मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा हुआ है. अमेरिका के विमानवाहक पोत भी इस इलाक़े में तैनात हैं.

    पेंटागन के प्रवक्ता पेट्रिक राइडर ने बताया है कि अमेरिकी सैन्य बलों पर 12 बार ड्रोन और रॉकेट से हमले हुए हैं.

    उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाओं से क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है.

    राइडर ने ज़ोर देकर कहा है कि अमेरिकी सैन्य बलों के पास अपनी रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार है.

    उन्होंने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो अमेरिकी सैन्य बल निर्णायक जवाब देंगे.

    राइडर ने कहा कि इन हमलों के पीछे ईरान समर्थित समूह हैं. इसराइल-हमास संघर्ष के बीच इरान समर्थित शिया मिलिशिया ने हाल के दिनों में कई बार इराक़ और सीरिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है.

    राइडर ने कहा, “हम ये जानते हैं कि ये हमले कर रहे समूहों को आईआरजीसी (ईरान के रिवोल्यूश्नरी गार्ड्स) का समर्थन हैं. हम ये संभावना देख रहे हैं कि बहुत निकट भविष्य में ईरान के प्रॉक्सी बलों और अंततः ईरान की तरफ़ से अमेरिकी सैन्य बलों पर समूचे क्षेत्र में आक्रामकता बढ़ सकती है.”

    सोमवार को अमेरिकी सैन्य बलों ने सीरिया के अल-तांफ सैन्य अड्डे पर हमला करने के लिए आ रहे दो आत्मघाती ड्रोन को मार गिराया. इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है.

    शनिवार को इराक़ के अल-असद सैन्य अड्डे पर एक आत्मघाती ड्रोन ने हमला किया. इसमें किसी नुक़सान की ख़बर नहीं है.

  15. नमस्कार!

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