अस्पताल में हमले को लेकर आरोप प्रत्यारोपः अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा इसराइल का पूरा साथ देंगे
बाइडेन ने इसराइल को पूरा समर्थन देने की बात कही और बताया कि इसराइली कैबिनेट, मिस्र से ग़ज़ा में मदद आने देने के लिए तैयार हो गई है.
लाइव कवरेज
स्नेहा and संदीप राय
संगीत के ज़रिए नफ़रत मिटाने की कोशिश करते कलाकार
वीडियो कैप्शन, संगीत के ज़रिए नफ़रत मिटाने की कोशिश करते कलाकार
वेदी सिन्हा दिल्ली में रहने वाली कलाकार हैं और आह्वान प्रोजेक्ट से जुड़ी हैं.
आह्वान, स्टोरी टेलिंग और लोकसंगीत गाने वाले कलाकारों का ग्रुप है.
उनका कहना है कि वो कला के माध्यम से समाज में बढ़ती नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम का संदेश दे रही हैं.
ग़ज़ा के अस्पताल में हुई मौतों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आई पहली प्रतिक्रिया
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ग़ज़ा के अल अहली
अस्पताल पर हमले में बड़ी संख्या में नागरिकों के मारे जाने पर भारत के प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी की ओर से बुधवार को प्रतिक्रिया आई है.
पीएम मोदी ने सोशल
मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "ग़ज़ा में अल अहली
अस्पताल में बड़ी संख्या में लोगों की दुखद मौत पर गहरा सदमा लगा है. पीड़ितों के
परिजनों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है. घायलों के जल्द स्वस्थ्य होने की हम
प्रार्थना करते हैं."
उन्होंने लिखा, "मौजूदा संघर्ष में नागरिकों के हताहत होने की घटना बहुत गंभीर और लगातार चिंता
की बात है. जो इस घटना में शामिल हैं उनपर ज़िम्मेदारी तय होनी चाहिए."
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इसराइल पर फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास के हमले के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से कहा था कि, "इस मुश्किल घड़ी में भारत इसराइल के साथ खड़ा है."
मोदी ने अचानक हुए हमास के हमले के बारे में कहा कि "आतंकवादी हमले की ख़बर" से वो चिंतित हैं.
ग़ज़ा के स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि अल अहली अस्पताल पर इसराइल के हवाई हमले में क़रीब 500 लोगों की मौत हो गई है.
इस बीच जॉर्डन ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़तेह अल सिसी के साथ होने वाली समिट रद्द कर दी है.
फ़लस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अल अहली अस्पताल पर हुए हमले को 'भयावह युद्ध नरसंहार' बताया है. उन्होंने कहा, "इसराइल ने सारी हदें पार कर दी हैं."
COVER STORY: बमबारी के बावजूद आख़िर ग़ज़ा क्यों नहीं छोड़ रहे कई लोग?
वीडियो कैप्शन, COVER STORY: बमबारी के बावजूद आखिर ग़ज़ा क्यों नहीं छोड़ रहे कई लोग?
इसराइल और हमास के बीच संघर्ष का आज 11वां दिन है.
इसराइल के ज़मीनी हमलों की आशंका के मद्देनज़र ग़ज़ा के उत्तरी इलाक़े से भागे हज़ारों लोग मिस्र से लगने वाली रफ़ाह चेक प्वाइंट पर जमा हैं.
लेकिन कई परिवार ऐसे भी हैं जो ग़ज़ा छोड़कर कहीं नहीं जाना चाहते. कवर स्टोरी में आज इन तमाम पहलुओं की चर्चा.
पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का आर्थिक संकट एक बार फिर गहराया, कई उड़ानें रद्द
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पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस ने अपनी दर्जनों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी है. इसकी वजह नकदी संकट को बताया जा रहा है.
एयरलाइन कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया कि ईंधन की कमी के कारण बड़ी संख्या में उड़ानों को रद्द करना पड़ा है जबकि कई उड़ानों के समय में बदलाव किया जा रहा है.
पीआईए को ईंधन, एयरपोर्ट किराया और सर्विसिंग और मेनटेनेंस के बिल के भुगतान में संघर्ष कर रहा है.
कंपनी के कर्ज बढ़कर 2.5 अरब डॉलर से अधिक हो गया है.
पिछले महीने कंपनी की ओर से कहा गया था कि वो सरकार से आपातकालीन फंडिंग की मदद मांग रही है.
वहीं, पाकिस्तान की सरकार घाटे में चल रही पीआईए का निजीकरण करना चाहती है.
दवाओं की कमी की वजह बनेगा जलवायु परिवर्तन?
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भविष्य में दुनिया से कई पौधे ग़ायब हो जाएंगे. ये नुक़सान बड़ा होगा, क्योंकि कई पौधों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां बनती हैं. वैज्ञानिकों ने इसे लेकर चेतावनी दी है.
इंग्लैंड के रॉयल बोटैनिक गार्डन्स को एक स्टडी में पता चला कि जलवायु परिवर्तन से हो रहे नुक़सान की वजह से पौधों पर ख़तरा बढ़ गया है.
देखिए बीबीसी संवाददाता क्लेयर मार्शल की ये रिपोर्ट.
वर्ल्ड कप: न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ टॉस जीतकर अफ़ग़ानिस्तान ने किया गेंदबाज़ी का फ़ैसला
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क्रिकेट वर्ल्ड कप में बुधवार को न्यूज़ीलैंड और अफ़ग़ानिस्तान की टीम आमने-सामने हैं.
अफ़ग़ानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया है. ये वर्ल्ड कप का 16वां मैच है.
न्यूज़ीलैंड ने अब तक तीन मैच खेले हैं और सभी में जीत हासिल की है.
अफ़ग़ानिस्तान ने भी तीन मैच खेले हैं लेकिन इनमें से एक मुकाबले में ही उन्हें जीत मिली है.
बाइडन से नहीं मिलेंगे अरब नेता, इसराइल दौरा क्यों बन गया है चुनौती
एक्स ने नए यूजर्स से एक डॉलर का सालाना शुल्क लेना शुरू किया
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एलन मस्क की सोशल मीडिया कंपनी एक्स ने न्यूज़ीलैंड और फिलिपींस में नए यूजर्स से एक डॉलर का सालाना शुल्क लेना शुरू कर दिया है.
रिपोर्टों के अनुसार, फिलहाल ये ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया है और ये शुल्क देने वाले यूजर्स एक्स के कुछ प्रमुख फीचर्स की सुविधा ले पाएंगे.
एक्स पहले ट्विटर के नाम से जानी जाती थी.
सब्सक्रिप्शन फ़ी देने वाले यूजर्स ट्वीट और रीट्वीट के अलावा पोस्ट लाइक कर सकेंगे और उनका जवाब भी दे पाएंगे.
वैसे यूजर्स जो ये सब्सक्रिप्शन फ़ी न देने का विकल्प चुनते हैं, वे केवल दूसरों के पोस्ट पढ़ पाएंगे, वीडियो देख सकेंगे और अन्य हैंडल को फ़ॉलो कर सकेंगे.
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एक्स का कहना है कि इसका मक़सद स्पैम कम करना, प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग रोकना और बोट ऐक्टिविटी पर लगामा लगाना है. नए एकाउंट्स को अपना फोन नंबर वेरिफाई भी कराना होगा.
हालांकि एलन मस्क ने कहा है कि 'रीड-ओनली' बिना किसी सब्सक्रिप्शन फ़ी के क्रिएट किए जा सकेंगे जिसमें कोई प्रमुख फीचर नहीं होगा.
पिछले महीने ही एक्स, टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने ये संकेत दिया था कि एक्स के सभी यूजर्स को इसके प्लेटफॉर्म पर बने रहने के लिए सब्सक्रिप्शन फ़ी चुकानी पड़ सकती है.
वीडियो कैप्शन, बीबीसी, ट्विटर और ऑफिस में सोने पर क्या बोले एलन मस्क?
पिछले साल ही एलन मस्क ने 44 अरब डॉलर में ट्विटर को खरीदा था जिसके बाद से ही कंपनी के राजस्व में लगातार गिरावट देखी जा रही है.
यूजर्स से सब्सक्रिप्शन फ़ी लेने के पीछे कंपनी के वित्तीय मक़सद को लेकर तस्वीर साफ़ है.
हालांकि एलन मस्क ये कहते रहे हैं कि यूजर्स से सब्सक्रिप्शन फ़ी लेने का कदम बोट्स से निपटने के लिए उठाया जा रहा है.
इसराइल-हमास युद्धः ईरान की तुरंत क़दम उठाने की चेतावनी में कितना दम
राहुल गांधी ने एक बार फिर पूछा- पीएम मोदी अदानी मामले की जांच क्यों नहीं करवा रहे हैं?
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फ़ाइनेशियल टाइम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि गौतम अदानी इंडोनेशिया में कोयला खरीदते हैं और भारत पहुंचते-पहुंचते इसकी कीमत दोगुनी हो जाती है.
उन्होंने कहा, "बिजली के दाम बढ़ते जा रहे हैं, ओवर इनवॉइसिंग हो रही है, अदानी पैसा गरीबों की जेब से ले रहे हैं."
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा, "फ़ाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट किसी भी सरकार को गिरा सकती है. ये चोरी है और वो व्यक्ति ऐसा कर रहे है जिसे भारत के प्रधानमंत्री बार-बार बचा रहे हैं."
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राहुल गांधी ने कहा, "हिन्दुस्तान के लोग जानते हैं कि अदानी जी भ्रष्टाचार कर रहे हैं और पीएम मोदी उनकी मदद कर रहे हैं. प्रधानमंत्री जी अपनी क्रेडिबिलिटी (विश्वसनीयता) की रक्षा नहीं करना चाहते. क्योंकि शायद कोई और कारण है. मैंने सवाल पूछा था कि ये किसका पैसा है, 20 हजार करोड़ रुपये, 12 हजार करोड़ रुपये. शायद ये अदानी जी का पैसा नहीं है, शायद ये किसी और पैसा है, ये भी हो सकता है."
उन्होंने कहा कि ये मुद्दा सिर्फ़ वो नहीं उठा रहे हैं, अलग-अलग देशों में जांच हो रही है. इस मुद्दे को फ़ाइनेंशियल टाइम्स ने उठाया है.
उन्होंने कहा, "हिंदुस्तान में अदानी जी को 'ब्लैंक चेक' दिया गया है. देश में अदानी कुछ भी कर सकते हैं, चाहे- इलेक्ट्रिसिटी हो, पोर्ट हो, पॉवर हो. अदानी पर कोई जांच नहीं होगी. मैं सिर्फ एक सवाल पूछ रहा हूं- पीएम मोदी, अदानी मामले की जांच क्यों नहीं करवा रहे हैं?"
ग़ज़ा के अस्पताल धमाके में 500 की मौत, इसराइल और चरमपंथी गुट का आरोप-प्रत्यारोप
इसराइल का ग़ज़ा के कई इलाकों पर हमला
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इसराइल ग़ज़ा के एक अस्पताल पर हमले में किसी तरह की भूमिका से इनकार कर रहा है लेकिन इस बीच उसने ग़ज़ा पट्टी में दूसरे कई जगहों पर हमला करने की बात कही है.
इसराइली वायु सेना ने कहा है कि उन्होंने 'ग़ज़ा पट्टी में कई आतंकवादी ठिकानों' को निशाना बनाया और फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास के दो सदस्यों को मारने का दावा किया.
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एक ट्वीट में इसराइली वायु सेना ने इनके नाम मोहम्मद अलवादिया - हमास के एंटी टैंक सिस्टम के कमांडर, अकरम हिजाज़-हथियारों का डीलर बताया है.
इसराइल का कहना है कि हमले में 'रॉकेट और एंटी टैंक मिसाइल पॉजिशन्स' और आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया है.
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'हम राम, सीता और गांधी के रास्ते पर चलें...', न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ने दिया दिवाली का संदेश
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न्यूयॉर्क सिटी के मेयर एरिक एडम्स ने लोगों से 'भगवान राम, देवी सीता और महात्मा गांधी से लोगों को प्रेरणा लेते हुए अच्छा इंसान बनने की अपील की' है.
उन्होंने अपने घर पर ग्रेसी मैनसन में सालाना दिवाली उत्सव का आयोजन किया था. उन्होंने इस दौरान लोगों से इस दुनिया से अंधेरा मिटाने की कोशिश करने की अपील की, जिसकी वजह से निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं.
उन्होंने कहा, "दिवाली सिर्फ छुट्टी का मौका नहीं है. ये हम सबको याद दिलाता है कि जब अंधेरा मिटाएं और प्रकाश लाएं. दीपों का ये उत्सव इसके बारे में ही है."
इस कार्यक्रम में भारतीय अमेरिकी समुदाय के सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया.
उन्होंने कहा, "हम दुनिया में कितना अंधेरा देखते हैं. इसलिए, अगर हम सही मायने में राम के जीवन, सीता के जीवन और महात्मा गांधी के जीवन में विश्वास करते हैं तो हमें उनके बताए रास्तों पर चलना चाहिए. हमें सिर्फ़ उनकी पूजा ही नहीं करनी है बल्कि उनके रास्तों पर चलना भी है."
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शहनवाज़ हुसैन को अदालत से मिली राहत, पूरा मामला क्या है?
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दिल्ली की एक विशेष अदालत ने बीजेपी नेता सैयद शहनवाज़ हुसैन के ख़िलाफ़ रेप केस में जारी किए गए समन पर रोक लगा दी है.
इस केस में मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने सैयद शहनवाज़ हुसैन के ख़िलाफ़ समन जारी किया था और उन्हें 20 अक्टूबर को अदालत के समक्ष उपस्थित रहने को कहा था.
इसके बाद सैयद शहनवाज़ हुसैन ने स्पेशल कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी.
स्पेशल जज एमके नागपाल ने शहनवाज़ हुसैन को राहत देते हुए 17 अक्टूबर को ये फ़ैसला सुनाया.
साथ ही उन्होंने शिकायतकर्ता महिला को भी नोटिस जारी कर 8 नवंबर तक अपने पक्ष रखने को कहा है.
महिला ने अपनी शिकायत में शहनवाज़ हुसैन पर बलात्कार और डराने-धमकाने का आरोप लगाया है.
पुनर्विचार याचिका में हुसैन ने ये दावा किया था कि मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट ने महज शिकायतकर्ता के सेक्शन 164 (सीआरपीसी) के बयान के मद्देनज़र अपराध का संज्ञान लिया है जबकि ऐसे मौखिक और दस्तावेज़ी साक्ष्य पर्याप्त रूप से उपलब्ध थे जो ये कह रहे हैं कि ऐसा कोई अपराध हुआ ही नहीं है.
50 साल पहले जब अरब देशों ने तेल को बनाया हथियार
ग़जा अस्पताल पर हुए हमले में इसराइल के बारे में अमेरिका ने ये कहा
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व्हाइट हाउस ने कहा है कि इसराइल ने अल अहली अस्पताल पर हमले की ज़िम्मेदारी से स्पष्ट तौर पर इनकार किया है और बताया है कि उसका इससे कोई लेना देना नहीं है.
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि अमेरिका इसराइल के इस बयान को समझता है कि ग़ज़ा शहर में एक अस्पताल पर हुए हमले में उनका हाथ नहीं है.
फ़लस्तीनी क्षेत्र के अधिकारियों ने दावा किया है कि इस अस्पताल पर हुए हमले में कम से कम 500 लोगों की मौत हुई है. हमास ने इसके लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है.
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वहीं, इसराइल ने इस हमले में खुद की भूमिका होने से इनकार करते हुए कहा है कि ये हमला 'फ़लस्तीनी इस्लामिक जिहाद' के रॉकेट का परिणाम है. इस चरमपंथी संगठन ने भी इसकी ज़िम्मेदारी से इनकार किया है.
इस बीच ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली का बयान भी आया है.
उन्होंने कहा है कि वो सहयोगी के साथ ये पता लगाने की कोशिश करेंगे कि ये कैसे हुआ ताकि ग़ज़ा में निर्दोष लोगों को सुरक्षा मिल सके.
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि तत्काल मानवीय आधार पर संघर्ष विराम हो ताकि लोगों की पीड़ा कम हो सके. कई लोगों का जीवन और इस क्षेत्र का भाग्य अधर में लटका हुआ है.
ग़ज़ा के अस्पताल पर हमले के बाद कई देशों में प्रदर्शन
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ग़ज़ा के अल अहली अस्पताल पर हमले के बाद वेस्ट बैंक के कई इलाकों में फ़लस्तीनी लोगों ने मंगलवार रात प्रदर्शन किया.
फ़लस्तीनी प्रशासन के प्रमुख महमूद अब्बास के ख़िलाफ़ इन लोगों ने नारे लगाए. यहां प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े.
लेबनान की राजधानी बेरूत में अमेरिकी दूतावास के बाहर लोग जमा हुए और आगजनी भी की.
एक और समूह यहां फ्रांस के दूतावास के बाहर जमा हुआ और ऐसी ख़बर है कि इन्होंने पत्थरबाज़ी भी की.
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लेबनान के चरमपंथी संगठन हिज़बुल्लाह ने मुस्लिम और अरब से 'तत्काल सड़कों पर आने' का आह्वान किया है.
सैंकड़ों लोग लीबिया की राजधानी त्रिपोली और अन्य शहरों में फ़लस्तीनी झंडे के साथ नज़र आए और ग़ज़ा के लोगों के समर्थन में नारे भी लगाए.
वहीं, ईरान के तेहरान में भी प्रदर्शनकारी ब्रिटिश और फ्रेंच दूतावास के बाहर जमा हुए. तुर्की और जॉर्डन में प्रदर्शन हुए हैं.
ग़ज़ा अस्पताल हमला: इसराइली पीएम नेतन्याहू के दावे पर फ़लस्तीनी अधिकारी का आया ये बयान
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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने ग़ज़ा के अस्पताल पर हुए हमले के लिए 'नृशंस आतंकवादियों' को ज़िम्मेदार ठहराया है. हालांकि, संयुक्त राष्ट्र में फ़लस्तीनी अधिकारी रियाद मंसूर ने कहा है कि वो झूठ बोल रहे हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की ख़बर के अनुसार, चरमपंथी संगठन हमास 'अल अहली अस्पताल' पर हमले के लिए इसराइल को दोषी ठहरा रहा है जबकि नेतन्याहू इस दावे को ख़ारिज कर रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र में फ़लस्तीनी अधिकारी रियाद मंसूर ने पत्रकारों के एक सवाल का जवाब देते हुए नेतन्याहू को झूठा करार दिया है.
सवाल में मंसूर से पूछा गया था कि नेतन्याहू ये दावा कर रहे हैं कि इंटेलिजेंस की जानकारियों में ये सामने आया है कि इस हमले के लिए 'इस्लामिक जिहाद' ज़िम्मेदार है.
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इस पर मंसूर ने कहा, "वो झूठ बोल रहे हैं. उनके डिजिटल प्रवक्ता ने ट्वीट किया था कि इसराइल ने ये हमला ये सोचते हुए किया कि अस्पताल के आसपास हमास का बेस है...इसके बाद वो ट्वीट डिलीट कर दिया गया. हमारे पास उस ट्वीट की कॉपी है. अब उन्होंने फ़लस्तीनियों पर आरोप लगाने के लिए कहानी बदल दी. इसराइली सेना के प्रवक्ता ने एक बयान दिया था जिसमें अस्पताल खाली करने के लिए कहा था...उनका इरादा था कि अस्पताल खाली हो या वो हमला करेंगे. वो इस अपराध के लिए जिम्मेदार हैं."
ग़ज़ा के स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अस्पताल पर इसराइल के हमले में क़रीब 500 लोगों की मौत हुई है.
इसराइल ने इस हमले में खुद की भूमिका होने से इनकार करते हुए कहा है कि ये हमला 'फ़लस्तीनी इस्लामिक जिहाद' के रॉकेट का परिणाम है. इस चरमपंथी संगठन ने भी इसकी ज़िम्मेदारी से इनकार किया है.