वर्ल्ड कप में नीदरलैंड ने किया बड़ा उलटफेर, दक्षिण अफ्रीका को 38 रन से हराया

नीदरलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हरा दिया है. जीत के 246 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीकी टीम 207 रन ही बना पाई.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and अनंत प्रकाश

  1. चीन और जापान के बीच पूर्वी चीन सागर में तनाव गहराया

    पूर्वी चीन सागर

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    चीन और जापान के बीच पूर्वी चीन सागर में स्थित द्वीपों के क़रीब टकराव जैसी स्थिति पैदा होते हुए दिख रही है.

    इन द्वीपों पर जापान का नियंत्रण है. लेकिन दोनों ही देश इन द्वीपों पर स्वामित्व का दावा करते हैं.

    चीन ने कहा है कि उसने इन द्वीपों की समुद्री सीमा में मौजूद कई जापानी जहाज़ों को बाहर कर दिया है.

    वहीं, जापानी कोस्ट गार्ड ने कहा है कि उसने दो चीनी जहाज़ों को मछली पकड़ने वाली जापानी नावों से दूर जाने को कहा है.

    इसी बीच जापानी प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा ने युद्ध में मारे गए जापानी सैनिकों की याद में बनाए गए विवादास्पद स्मारक में श्रद्धांजलि भी अर्पित की है.

    इन सैनिकों में कुछ ऐसे सैनिक भी शामिल हैं जिनके ख़िलाफ़ युद्ध अपराधों के आरोप साबित हुए थे.

    चीन ने कहा है कि उसने इस मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराया है.

    वहीं, दक्षिण कोरिया ने कहा है कि वह इससे बेहद निराश है और जापानी नेताओं को अपने इतिहास के लिए पछतावा होना चाहिए.

  2. पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई ने तोड़ी आम लोगों की कमर

    वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई ने तोड़ी आम लोगों की कमर

    पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार ने रविवार को पेट्रोल और डीज़ल के दामों में कटौती की है.

    लेकिन पाकिस्तान में लोग रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों के आसमान छू चुके दामों से हैरान-परेशान हो चुके हैं.

    महंगाई के मारे कई परिवारों ने अपनी आपबीती सुनाई.

    देखिए बीबीसी संवाददाता शुमाइला जाफ़री की ये रिपोर्ट.

  3. इसराइल ने लेबनान बोर्डर से दाखिल होने की कोशिश कर रहे चरमपंथियों को मारने का किया दावा

    इसराइल

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    इसराइल की सेना ने कहा है कि लेबनान बॉर्डर से उसके यहां दाखिल होने की कोशिश कर रहे चार चरमपंथियों को उसने मार दिया है.

    इसराइली सेना की ओर से ये कार्रवाई देर रात में की गई. इस कार्रवाई में दक्षिणी लेबनान में ईरान समर्थित गुट हेज़बुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले किए गए.

    इसराइल की वायुसेना का कहना है कि सीमा पार हुई गोलीबारी के जवाब में उसने विरोधी पक्ष के सैनिक ठिकानों पर हमले किए.

    इसराइल की ओर से ये सैनिक कार्रवाई ऐसे वक़्त में हुई है जब कुछ घंटे पहले ईरान के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी थी कि अगर हमले नहीं रोके गए तो अन्य सशस्त्र गुटों की तरफ़ से इसराइल पर भी कार्रवाई हो सकती है.

    ईरान गज़ा पर इसराइल की कार्रवाई को युद्ध अपराध करार देता है.

  4. समलैंगिक विवाह पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला: समलैंगिक शादी के लिए संघर्ष करने वालीं माया शर्मा

  5. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी किया घोषणापत्र, 27 फ़ीसदी ओबीसी आरक्षण का वादा

    मध्य प्रदेश

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    कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष कमल नाथ ने मंगलवार को आगामी राज्य विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी किया.

    घोषणापत्र में कांग्रेस ने राज्य के सभी निवासियों के लिए 25 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 फ़ीसदी आरक्षण और राज्य की एक आईपीएल टीम के गठन का वादा किया है.

    106 पन्नों के इस घोषणापत्र में कांग्रेस ने कुल 59 वादे किए हैं जिसमें किसानों, महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों समेत समाज के लगभग सभी तबकों के लिए कुछ करने का वादा किया गया है.

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    कमलनाथ ने घोषणापत्र जारी करते हुए कहा, "हम राज्य के सभी लोगों को 25 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा देंगे जिसमें 10 लाख रुपये की दुर्घटना बीमा का भी कवर होगा."

    उन्होंने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग में मध्य प्रदेश की भी एक टीम होगी. साथ ही कमल नाथ ने किसानों के लिए दो लाख रुपये तक के कृषि लोन की माफी की घोषणा की है.

    महिलाओं के लिए कांग्रेस ने हर महीने 1500 रुपये की मदद देने का वादा किया है. उन्होंने एलपीसी गैस 500 रुपये की दर से मुहैया कराने का भी दावा किया है.

    कांग्रेस का कहना है कि स्कूली शिक्षा फ्री की जाएगी, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाएगी और बेरोज़गार नौजवानों के लिए 1500 रुपये 3000 रुपये प्रति महीने की दर से दो साल तक बेरोज़गारी भत्ते का प्रावधान किया जाएगा.

    230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को मतदान होने हैं.

  6. समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता देने का अधिकार संसद और विधानसभाओं का: सुप्रीम कोर्ट

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, समलैंगिक जोड़ों को बच्चा गोद लेने का अधिकार नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत से खारिज की मांग

    समलैंगिक

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    समलैंगिक जोड़ों के बच्चा गोद लेने के अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की राय बटी हुई है. तीन जजों के बहुमत के फ़ैसले में कहा गया है कि समलैंगिक जोड़ों को बच्चा गोद लेने का अधिकार नहीं मिलेगा.

    सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एसके कौल समलैंगिक जोड़ों को गोद लेने के पक्ष में थे, वहीं तीन जज जस्टिस पीएस नरसिम्हा, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस रवींद्र भट्ट इसके विरोध में थे. इसलिए समलैंगिक जोड़ों को ये अधिकार भी नहीं मिलेगा.

    जस्टिस रवींद्र भट्ट ने अपना फ़ैसला सुनाते हुए कहा है कि हम क्वीयर कपल को बच्चा गोद लेने का अधिकार दिए जाने से असहमत हैं.

    समलैंगिक

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    अपने फ़ैसले में जस्टिस भट्ट ने कहा है कि किसी भी सिविल यूनियन को किसी भी कानूनी अधिकार के लिए क़ानून की ज़रूरत होगी.

    उन्होंने कहा ट्रांससेक्शुअल इंसान अगर होमोसेक्शुअल रिश्ते में हैं तो उनके पास शादी का अधिकार होगा.

    लेकिन ये समलैंगिक लोगों को रिश्ते में होने के अधिकार से नहीं रोक सकता.

    बेंच ने इस बात पर एकमत विचार प्रकट किया कि समलैंगिक लोगों को शादी का अधिकार देना संसद के दायरे में आता है और इसका विधायिका ही करेगी.

    सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा था कि बिना शादीशुदा वाले कपल, क्वीयर कपल एक साथ बच्चा गोद ले सकेंगे.

    सुप्रीम कोर्ट

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    किन बातों पर जज हुए सहमत

    संविधान मौलिक अधिकार के रूप में विवाह के अधिकार की गारंटी नहीं देता है.

    राशन कार्ड, पेंशन सहित समलैंगिक जोड़ों की चिंताओं को दूर करने के लिए और कई अधिकार और विशेषाधिकार देने पर विचार करने के लिए कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक पैनल बनाने के एसजी तुषार मेहता के प्रस्ताव को स्वीकार किया गया है.

    स्पेशल मैरिज या फॉरेन मैरिज ऐक्ट को संवैधानिक चुनौती नहीं दी जा सकती.

  8. LIVE: समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता देने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला, ज़्यादा जानकारी दे रही हैं बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य और बीबीसी संवाददाता उमंग पोद्दार

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  9. समलैंगिक जोड़ों के बच्चा गोद लेने के अधिकार पर क्या बोले चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

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    चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा है कि समलैंगिक कपल्स समेत अविवाहित जोड़े संयुक्त रूप से बच्चा गोद ले सकते हैं.

    • उन्होंने कहा कि क़ानून इस मान्यता पर नहीं चल सकता कि हेटेरोसेक्शुअल जोड़े ही अच्छे अभिभावक हो सकते हैं. इससे भेदभाव होगा. इसलिए गोद लेने से संबंधित क़ानून संविधान के ख़िलाफ़ है. यह समलैंगिक लोगों के प्रति भेदभाव है.
    • कोर्ट ने कहा कि सीएआरए रेगुलेशन 5(3) अप्रत्यक्ष रूप से समलैंगिक जोड़ों के साथ भेदभाव करता है. एक समलैंगिक व्यक्ति केवल निजी हैसियत से ही बच्चा गोद ले सकता है.
    • इस बात का कोई सबूत रिकॉर्ड पर नहीं है कि केवल शादीशुदा विषमलिंगी जोड़े ही बच्चे को स्थायित्व के साथ परवरिश दे सकते हैं.
    • चीफ़ जस्टिस ने ये भी कहा कि ये भी नहीं माना जा सकता है कि अविवाहित जोड़े अपने रिश्तों के लेकर गंभीर नहीं होते हैं.
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  11. ब्रेकिंग न्यूज़, समलैंगिक विवाह को कानूनी रूप से मान्यता देना संसद का अधिकार: सीजेआई

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    चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ कहा है कि समलैंगिक विवाह को कानूनी रूप से मान्यता देना संसद और राज्य विधानसभाओं का काम है.

    स्पेशल मैरिज ऐक्ट में शब्द नहीं जोड़ सकते ये विधायिका के दायरे में आता है.

    चीफ़ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हैट्रोसेक्शुअल लोगों को जो वैवाहिक अधिकार मिलते हैं, वहीं अधिकार समलैंगिक लोगों को मिलने चाहिए. अगर समलैंगिक कपल को ये अधिकार नहीं मिलता है तो ये मौलिक अधिकार का हनन माना जाएगा.

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    चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ नेकहा कि बिना शादीशुदा वाले कपल, क्वीयर कपल एक साथ बच्चा गोद ले सकेंगे.

    उन्होंने कहा कि सभी राज्य और केंद्र सरकार ये तय करें कि समलैंगिंक और क्वीयर लोगों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव ना हो.

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती के अनुसार, अदालत ने कहा कि यदि स्पेशल मैरिज एक्ट को खत्म कर दिया गया तो यह देश को आज़ादी से पहले के युग में ले जाएगा. यदि कोर्ट दूसरा दृष्टिकोण अपनाता है और स्पेशल मैरिज एक्ट में शब्द जोड़ता है तो यह संभवतः विधायिका की भूमिका होगी.

    समलैंगिक

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    सीजेआई ने कहा कि शादी के अधिकार में संशोधन का अधिकार विधायिका के पास है लेकिन एलजीबीटीक्यू प्लस लोगों के पास पार्टनर चुनने और साथ रहने का अधिकार है और सरकार को उन्हें दिए जाने वाले अधिकारों की पहचान करनी ही चाहिए, ताकि ये कपल एक साथ बिना परेशानी के रह सकें.

    अपने फ़ैसले में कहा सीजेआई ने कहा कि समलैंगिकता शहरी विचार या एलीट लोगों के बीच नहीं है. उन लोगों में भी है जो देश के अलग-अलग शहर-गांव में रहते हैं.

    ये कहना कि समलैंगिकता और क्वियर लोग शहर में ही हैं, ये उन लोगों की पहचान को खारिज करता है जो अलग-अलग हिस्सों से आते हैं.

    एक अंग्रेज़ी बोलने और कॉरपोरेट ऑफिस में काम करने वाला भी क्वीयर हो सकता है और खेल में काम करने वाली महिला भी क्वियर हो सकती है.

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  13. स्पेशल मैरिज ऐक्ट को ख़त्म नहीं कर सकते लेकिन समलैंगिकों को पार्टनर चुनने का अधिकार है: सीजेआई

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    चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने समलैंगिक विवाह को लेकर अपने फ़ैसले में कहा है कि स्पेशल मैरिज ऐक्ट को सिर्फ इसलिए असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि वह समलैंगिक विवाह को मान्यता नहीं देता है.

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती के अनुसार, अदालत ने कहा कि यदि स्पेशल मैरिज ऐक्ट को खत्म कर दिया गया तो यह देश को आज़ादी से पहले के युग में ले जाएगा. यदि कोर्ट दूसरा दृष्टिकोण अपनाता है और स्पेशल मैरिज ऐक्ट में शब्द जोड़ता है तो यह संभवतः विधायिका की भूमिका होगी.

    सीजेआई ने कहा कि शादी के अधिकार में संशोधन का अधिकार विधायिका के पास है लेकिन एलजीबीटीक्यू प्लस लोगों के पास पार्टनर चुनने और साथ रहने का अधिकार है और सरकार को उन्हें दिए जाने वाले अधिकारों की पहचान करनी ही चाहिए, ताकि ये कपल एक साथ बिना परेशानी के रह सकें.

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    अपने फ़ैसले में कहा सीजेआई ने कहा कि समलैंगिकता शहरी विचार या एलीट लोगों के बीच नहीं है. उन लोगों में भी है जो देश के अलग -अलग शहर-गांव में रहते हैं.

    ये कहना कि समलैंगिकता और क्वियर लोग शहर में ही हैं, ये उन लोगों की पहचान को खारिज करता है जो अलग-अलग हिस्सों से आते हैं.

    एक अंग्रेज़ी बोलने और कॉरपोरेट ऑफिस में काम करने वाला भी क्वियर हो सकता है और खेल में काम करने वाली महिला भी क्वियर हो सकती है.

  14. समलैंगिक विवाह पर सुप्रीम कोर्ट से सीधा प्रसारण

    सुप्रीम कोर्ट समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता देने पर फ़ैसला सुना रहा है.

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  15. केंद्र सरकार ने समलैंगिकों की शादी के मुद्दे पर अपना पक्ष रखते हुए क्या कहा था

    समलैंगिक विवाह

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    गीता पांडे

    बीबीसी न्यूज़, दिल्ली

    समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता देने पर जब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी तो केंद्र सरकार ने इसके पक्ष में दायर की गई याचिकताओं का विरोध किया था.

    अदालत में केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि प्यार और साथ रहने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है लेकिन विवाह खुद में "पूर्ण अधिकार नहीं" है- हेट्रोसेक्शुल कपल्स को भी 'पूर्ण अधिकार' नहीं मिले हैं.

    केंद्र सरकार की दलील थी कि कुछ रिश्तों पर हेट्रोसेक्शुल लोगों के लिए भी रोक है, जैसे करीबी परिवार (भाई-बहन) में रिश्ते रखना.

    मेहता ने कहा था- “फ़र्ज कीजिए कि आज से पांच साल बाद कोई शख़्स अपने भाई या बहन से शादी की मांग लेकर आ जाए.”

    कहा गया कि अपने भाई- या बहन से शादी पर हर जगह पाबंदी है. समलैंगिक विवाह मामले में याचिकाकर्ताओं ने जिस सेक्शुअल आज़ादी के अधिकार और अपनी पसंद चुनने की जिस स्वायत्तता का तर्क दिया है वो भविष्य में करीबी परिवार में रिश्ते को सही ठहराने में इस्तेमाल किया जा सकता है.

  16. मलेशियाई पीएम ने हमास से की बात, कहा- ग़ज़ा में बमबारी तुरंत रोकी जाए

    मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम

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    मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि उन्होंने ने हमास से बात करते हुए "फ़लस्तीनी लोगों के प्रति अटूट समर्थन" व्यक्त किया है.

    इब्राहिम ने कहा कि उन्होंने हमास के राजनीतिक ब्यूरो के प्रमुख इस्माइल हानियेह से फोन पर बातचीत की है.

    पीएम इब्राहिम ने एक्स पर लिखा है- “ग़ज़ा में गंभीर स्थिति को देखते हुए, मैं बमबारी को तत्काल बंद करने और रफ़ाह में एक मानवीय गलियारा बनाए जाने क की पुरजोर वकालत करता हूं”

    “इसराइल के लिए यह भी जरूरी है कि वह बेदखली की राजनीति छोड़ दे, हमास के साथ तुरंत युद्धविराम करे और चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए शांतिपूर्ण समाधान अपनाए.”

    उन्होंने ये भी कहा कि हम ज़रूरतमंद लोगों की पीड़ा को कम करने के लिए खाना और दवा के रूप में मानवीय सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

  17. समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता देने पर सुप्रीम कोर्ट आज देगा फ़ैसला

    समलैंगिक विवाह

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    समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट आज सुबह 10.30 बजे फैसला सुनाएगा.

    चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, एस रवींद्र भट, हिमा कोहली और पीएस नरसिम वाली पांच जजों की संविधान बेंच ने बीस याचिकाओं पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाएगी.

    इस मामले पर अप्रैल और मई में बेंच ने सुनवाई की थी और 12 मई को कोर्ट ने फ़ैसला रिज़र्व कर लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने जनहित में इस मामले की सुनवाई का लाइवस्ट्रीम किया था.

    सुनवाई के दौरान सरकार और देश के धार्मिक नेताओं ने इस मांग का कड़ा विरोध किया था.

    सुनवाई के दौरान सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा था कि वे धार्मिक पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप नहीं करेंगे, लेकिन यह देखेंगे कि क्या एक स्पेशल मैरिज एक्ट- जो अंतर-जातीय और अंतर-धार्मिक विवाहों के मामले में लागू होता है उसमें एलजीबीटीक्यू+ लोगों को शामिल करने के लिए संशोधन किया जा सकता है.

  18. ‘मैं अपने माता-पिता की मौत पर नहीं, युद्ध में मारे जाने वालों पर रो रहा हूं’- एक इसराइली की युद्ध रोकने की अपील

    इसराइल

    हमास के हमले में अपने माता-पिता को खोने वाले एक व्यक्ति ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि हमें युद्ध रोकना होगा.”

    मओज़ इनान पीस कैंपेनर (शांति के लिए काम करने वाले) हैं. हमास के हमले में उनके माता-पिता की मौत हो गई.

    बीबीसी से बात करते हुए वो भावुक हो गए.

    उन्होंने कहा- मैं बताना चाहता हूं कि मैं इसलिए नहीं रो रहा हूं कि मेरे माता-पिता हमास के हमले में मारे गए हैं. मैं उनके लिए रो रहा हूं जो लोग इस युद्ध में मारे जाएंगे. हमें युद्ध तुरंत रोकना होगा, युद्ध जवाब नहीं है.”

    “ मैं आपसे, आपके दर्शकों से अपील करता हूं आप इस युद्ध को रोकने के लिए जो कुछ भी अपनी क्षमता में कर सकते हैं, करिए ताकि इस युद्ध में शामिल लोगों पर दबाव बनाया जा सके और ये युद्ध तुरंत रोका जा सके.”

    “हमें बदला नहीं चाहिए, बदले की आग लोगों को और दर्द और दुख में ढकेलेगीऔर लोग मारे जाएंगे. ये इसाइल के लिए भयानक दिन था, मेरी ज़िंदगी का भयानक दिन था. लेकिन युद्ध जारी रहा तो मरने वालों की संख्या और बढ़ेगी. हमें ये युद्ध रोकने के लिए हर संभव कदम उठाने चाहिए. मैं दोनों ही ओर के लोगों के लिए डरा हुआ हूं. हर वो शख़्स जो मारा जाएगा मैं उसके लिए रो रहा हूं.”

  19. हमास ने पहली बार इसराइली बंधक का वीडियो किया जारी

    इसराइली बंधक
    इमेज कैप्शन, बीबीसी आम तौर पर बंधक की तस्वीर या वीडियो प्रसारित नहीं करता लेकिन माया शेम के परिवार के प्रवक्ता ने तस्वीरें दिखाए जाने पर रज़ामंदी जताई है.

    हमास की सेना विंग अल-क़ासम ब्रिगेड ने पहली बार इसराइल से बंधक बनाए गए और ग़ज़ा में रखे गए एक बंधक का वीडियो जारी किया है.

    सात अक्टूबर के हमले के बाद ये हमास का ऐसा पहला वीडियो है. इसराइल का कहना है कि हमास ने 199 लोगों को बंधक बनाया है.

    वीडियो में एक महिला कह रही हैं कि उनका नाम माया शेम है, वह 21 साल की हैं और इसराइल के शोहम शहर से हैं.

    उनका कहना है कि उन्हें इसराइल में एक पार्टी से हमास ने बंधक बना लिया. उन्होंने वीडियो में अपनी रिहाई की गुहार लगायी है.

    वीडियो में इस महिला का वो फुटेज भी शामिल है जिसमें उनके हाथ में लगी चोट का इलाज किया जा रहा है.

    एक बयान के अनुसार, इसराइली सेना ने पुष्टि की कि माया का हमास ने अपहरण किया है और सेना उनके परिवार के संपर्क में हैं.

    सेना ने बयान में कहा है, “इस समय हम सभी बंधकों की वापसी के लिए सभी ख़ुफिया जानकारी, ऑरपरेशनल उपायों पर काम कर रहे हैं.”

    बीबीसी आमतौर पर बंधक की तस्वीर या वीडियो प्रसारित नहीं करता लेकिन माया शेम के परिवार के प्रवक्ता ने तस्वीरें दिखाए जाने पर रज़ामंदी जताई है.

  20. ब्रसेल्स: शूटिंग में दो की मौत, शहर में 'हाई टेरर अलर्ट' जारी

    ब्रसेल्स

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    ब्रसेल्स में एक हमले में दो स्वीडिश नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई और एक व्यक्ति घायल है.

    हमले के बाद ब्रसेल्स में खेला जा रहा बेल्जियम-स्वीडन यूरो 2024 क्वालीफायर फुटबॉल मैच रद्द कर दिया गया.

    ब्रसेल्स इस वक़्त हाई टेरर अलर्ट पर है क्योंकि बंदूकधारी अब तक पकड़ा नहीं जा सका है और वो फ़रार है.

    अल्बानिया के दौरे पर गए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, "इस हमले से यूरोप हिल गया है."

    बेल्जियम के संघीय अभियोजक के प्रवक्ता एरिक वैन ड्यूसे ने जनता से अपील की है कि "जब तक ख़तरा ख़त्म नहीं हो जाता है, तब तक घर पर ही रहें."

    उन्होंने कहा कि हमलावर होने का दावा करने वाले व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में कहा कि “वह इस्लामिक स्टेट से प्रेरित है.”

    एक वीडियो में एक अरबी भाषी व्यक्ति को यह कहते हुए दिखाया गया है कि उसने ईश्वर के नाम पर हमला किया और उसने तीन लोगों को मार डाला.

    बीबीसी को जानकारी मिली है कि हमले के दौरान अपलोड किए गए इस वीडियो की पुलिस द्वारा पुष्टि की जा रही है.

    संघीय अभियोजकों का कहना है कि गोलीबारी को लेकर ‘टेरररिज़्म एंक्वायरी’ शुरू कर दी गई है.