इसराइली सेना ने कहा, लेबनान की ओर से इसराइल के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ का शक
इसराइली सेना ने कहा है कि उन्हें लेबनान से इसराइली हवाईक्षेत्र में संदिग्ध घुसपैठ की जानकारी मिली है.
लाइव कवरेज
कीर्ति दुबे and स्नेहा
इसराइली सेना ने कहा, लेबनान की ओर से इसराइल के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ का शक
इमेज स्रोत, Reuters
इसराइली सेना ने कहा है कि उन्हें लेबनान से इसराइली हवाईक्षेत्र में संदिग्ध घुसपैठ की जानकारी मिली है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, उत्तरी इसराइल के कई इलाके में लोगों को अलर्ट किया गया है. यहां अलर्ट साउंड की आवाज सुनी जा सकती है.
रॉयटर्स ने इसराइली ब्रॉडकास्टर के हवाले से बताया है कि उत्तरी इसराइल में मिसाइल गिरा है.
इस इलाके के सभी लोगों को कहा गया है कि वे शेल्टर में चले जाएं और अगले आदेश तक वहीं रहें.
इसी बीच ब्रिटिश एयरवेज ने लंदन से तेल अवीव जाने वाले सभी विमानों को सुरक्षा चिंता की वजह से हीथ्रो की तरफ मोड़ दिया है.
ब्रिटिश एयरवेज ने कहा है कि वे तेल अवीव जाने वाली सभी उड़ानें सस्पेंड कर रहे हैं.
इसराइली सेना के मुताबिक, हमास के हमले में 1200 लोगों की मौत हुई है और 2700 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.
वहीं, फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि चार दिन से ग़ज़ा में इसराइल के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1100 हो गई है और करीब 4500 लोग घायल हुए हैं.
इसराल में जो कुछ हो रहा है, वो 'भयानक' है लेकिन इसमें ईरान की भूमिका नहीं: पुतिन
इमेज स्रोत, Getty Images
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि इसराइल में जो कुछ हो रहा है वो 'भयानक' है.
उन्होंने दोनों ही पक्षों से नागरिकों की मौतें को कम करने का आह्वान किया है.
मॉस्को में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उन्होंने कहा, "पता नहीं क्यों अमेरिका एयरक्राफ़्ट कैरियर ग्रुप्स को इस इलाके में ला रहा है."
वो अमेरिका की इसराइल को अतिरिक्त सैन्य सहायता भेजे जाने का हवाला दे रहे थे.
पुतिन ने ये भी कहा कि हमास के हमले में इरान की भूमिका का आरोप भी 'निराधार' है.
ईरान और रूस के रिश्ते अच्छे हैं और ऐसी ख़बरें आई हैं कि ईरान रूस को सैन्य सहायता भी दे रहा है.
ईरान में इसराइल पर हमास के हमले का जश्न मना था लेकिन कल ईरान के शीर्ष नेता ने इसमें देश की भूमिका होने से इनकार किया.
ईरान लंबे समय से हमास का समर्थक रहा है और उसे आर्थिक सहायता देने के साथ ही हथियारों की आपूर्ति भी की है.
इसराइली सेना के मुताबिक, हमास के हमले में 1200 लोगों की मौत हुई है और 2700 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.
वहीं, फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि गज़ा में जारी इसराइल के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1055 हो गई है.
विराट कोहली और नवीं-उल-हक़ ने मिलाया हाथ, लखनऊ की तकरार पर लगा विराम
इमेज स्रोत, Getty Images
आईपीएल के
दौरान अफ़ग़ानिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ नवीं-उल-हक़ और भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली
के बीच पहले हो चुकी कहासुनी पर विराम लग गया है.
बुधवार
को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में वर्ल्ड कप में भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच
मैच था और इस दौरान दोनों खिलाड़ी मैदान पर थे.
इस दौरान जब
दोनों खिलाड़ियों ने मैदान पर हाथ मिलाया जिसे देखकर क्रिकेट प्रशंसकों ने खुशी का इजहार
किया और स्टेडियम शोर से गूंज उठा.
अफ़ग़ानिस्तान की बल्लेबाज़ी के दौरान नवीं-उल-हक़ जब क्रीज़ पर उतरे तो स्टेडियम
में बैठे दर्शकों ने कोहली-कोहली के नारे लगाने शुरू कर दिए.
फ़िर जब भारतीय बल्लेबाज़ी के दौरान कोहली पिच पर आए तो अफ़ग़ानिस्तान टीम ने
नवीं-उल-हक़ को गेंद थमाई.
नवीं ने जब अपना यह ओवर ख़त्म किया तो वो विराट कोहली के साथ हाथ मिलाते देखे गए. विराट कोहली ने उनसे हाथ मिलाया और दोनों खिलाड़ी मुस्कुराते हुए देखे गए.
इसके बाद दोनों की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए क्रिकेट प्रशंसक अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. साथ ही #NaveenUlHaq ट्रेंड भी करने लगा.
इन दोंनों खिलाड़ियों के बीच इसी साल आईपीएल के एक मुक़ाबले के दौरान तनातनी की ख़बर सुर्खियों में थी. वो मुक़ाबला रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच
खेला गया था.
वर्ल्ड कप: रोहित शर्मा की रिकॉर्ड तोड़ पारी, विराट के अर्धशतक से लगातार दूसरा मैच जीता भारत
तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने ग़ज़ा पर इसराइली हमले को 'सामूहिक नरसंहार' बताया
इमेज स्रोत, Turkish President Tayyip Erdogan
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने कहा कि इसराइल पर हमास के हमले के बाद इसराइल की ग़ज़ा की घेराबंदी और बमबारी 'सामूहिक नरसंहार' है.
तुर्की ने इसराइल-हमास के संघर्ष के बीच मध्यस्थता करने में भूमिका निभाने की बात कही है.
अर्दोआन और उनके विदेश मंत्री ने इस क्षेत्र के नेताओं, अमेरिका और अन्य से इस संबंध में बातचीत की है. हालांकि, तुर्की में इसराइल के राजदूत का कहना है कि ये मध्यस्थता के बारे में बात करना जल्दबाजी है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अर्दोआन ने संसद में कहा कि यहां तक कि युद्ध में भी 'नैतिकता' होती है लेकिन शनिवार के बाद से जो हुआ उसने उस नैतिकता का 'उल्लंघन' किया.
अर्दोआन ने गज़ा में बिजली ठप करने, पानी की आपूर्ति रोकने और ढांचों को नुकसान पहुंचाने की इसराइली कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा, "लोगों को उनकी बुनियादी ज़रूरतें भी पूरा नहीं करने देना और नागरिकों के घरों को निशाना बनाना युद्ध नहीं है बल्कि नरसंहार है."
तुर्की पूर्व में भी फ़लस्तीन का समर्थन करता रहा है और हमास के सदस्यों की मेजबानी भी की है. लेकिन इसराइल के साथ इस बीच संबंधों को ठीक करने की कोशिशें भी हुई है.
यूरोपीय यूनियन और अमेरिका की तरह तुर्की हमास को चरमपंथी संगठन नहीं मानता है.
अर्दोआन ने कहा कि हमास के हमले के बाद इसराइल ने 'जिस पैमाने पर हमला किया' वो किसी भी नैतिक आधार से परे' है.
इसराइली सेना के मुताबिक, 1200 लोगों की मौत हुई है और 2700 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.
वहीं, फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि चार दिन से गज़ा में इसराइल के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1055 हो गई है और करीब 4500 लोग घायल हुए हैं.
किंग चार्ल्स ने इसराइल पर हमले को 'आतंकवाद का बर्बर कृत्य' बताया
इमेज स्रोत, PA Media
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स ने इसराइल में हमले की निंदा की है.
बकिंघम पैलेस के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि किंग चार्ल्स इसराइल में हुए हमले से बेहद दुखी हैं और वो बर्बरतापूर्ण इस आतंकवादी कृत्य की निंदा करते हैं.
बयान में कहा गया है कि किंग चार्ल्स ने पीड़ितों के प्रति संवेदनाएं भी प्रकट की हैं.
शनिवार को इसराइल पर हमास के हमले के बाद से इसराइल में सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है.
इसराइली सेना के मुताबिक, 1200 लोगों की मौत हुई है और 2700 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.
वहीं, फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि गज़ा में जारी इसराइल के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1055 हो गई है.
इसराइल पर हमास के हमले के बाद ब्रिटेन का भी बयान आया था.
ब्रिटेन ने कहा था, "हमास आतंकवादियों के इसराइल पर किए हमले से हम स्तब्ध हैं. इसराइल के पास अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है. हम इसराइली अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं."
इसराइल में इमरजेंसी सरकार के गठन पर बनी सहमति
इमेज स्रोत, Getty Images
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और विपक्षी नेता बेन्नी गंट्ज़ ने आपात सरकार के गठन पर सहमति जताई है.
नेतन्याहू, गंट्ज़ और देश के रक्षा मंत्री के साथ एक 'युद्ध मंत्रिमंडल' का भी गठन किया जाएगा.
इसका मतलब ये है कि युद्ध अवधि के दौरान 'किसी भी बिल या सरकारी फ़ैसलों को तरजीह नहीं दी जाएगी जिसका संबंध युद्ध से न हो."
सभी शीर्ष नियुक्तियों की अवधि इस दौरान खुद ब खुद आगे बढ़ जाएगी.
ममता बनर्जी ने प्रस्तावित भारतीय न्याय संहिता को लेकर जताई चिंता, ये कहा
इमेज स्रोत, ANI
पश्चिम बंगाल
की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘प्रस्तावित
भारतीय न्याय संहिता’ के ड्राफ्ट को लेकर चिंता ज़ाहिर की है.
उन्होंने कहा
है कि क़ानून में सुधार होने चाहिए लेकिन ये भी तय किया जाना चाहिए कि ‘औपनिवेशिक दौर का अधिनायकवाद पिछले दरवाजे से दाखिल न हो जाए.'
ममता बनर्जी ने
कहा है कि उनकी पार्टी के सांसद ‘स्टैंडिंग कमेटी के सामने ये मुद्दा उठाएंगे.’
सोशल
प्लेटफ़ॉर्म एक्स (ट्विटर) पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए ममता बनर्जी ने लिखा, “केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इंडियन पीनल कोड (भारतीय
दंड संहित), कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीज़र (सीआरपीसी या दंड प्रक्रिया संहिता)
और इंडियन एविडेंस एक्ट (भारतीय साक्ष्य अधिनियम) के विकल्प के तौर पर जो ड्राफ्ट
तैयार किए हैं, मैं उन्हें पढ़ रही थी.”
उन्होंने
आगे लिखा,“मैं ये जानकर सन्न रह गई कि इन प्रयासों में बड़ी खामोशी से काफी
कड़े और सख़्त नागरिक विरोधी प्रावधानों को लाने का गंभीर प्रयास हो रहा है.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
ममता
बनर्जी ने लिखा, “पहले राजद्रोह का क़ानून था, अब उन
प्रावधानों को बदलने के नाम पर प्रस्तावित भारतीय न्याय संहिता में वो कहीं
ज़्यादा कड़े और मनमाने प्रावधान ला रहे हैं, ये नागरिकों को ज़्यादा गहरे तौर पर
प्रभावित कर सकता है.”
उन्होंने
लिखा, “मौजूदा क़ानूनों को औपनिवेशिक दौर की छाया से बाहर लाना चाहिए
लेकिन सिर्फ़ कहने भर के लिए नहीं बल्कि इसकी भावना भी ऐसी होनी चाहिए.”
ममता बनर्जी ने कहा, “मैं देश के क़ानूनविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अनुरोध करती
हूं कि वो इन ड्राफ्ट को गंभीरता से पढ़ें ताकि देश के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में
लोकतांत्रिक योगदान दे सकें.”
उन्होंने
बताया, “संसद के मेरे सहयोगी इस मुद्दे को स्टैंडिंग
कमेटी के सामने रखेंगे. अनुभव के आधार पर क़ानून में सुधार होना चाहिए लेकिन दिल्ली
में औपनिवेशिक अधिनायकवाद को पिछले दरवाजे से दाखिल होने की इजाज़त नहीं मिलनी
चाहिए.”
दिनभर: गज़ा में गहरा रहा है मानवीय संकट
ब्रेकिंग न्यूज़, तीन लापता ऑस्ट्रिया-इसराइल नागरिकों में से एक की मौत
इमेज स्रोत, Getty Images
ऑस्ट्रिया और इसराइल की दोहरी नागरिकता रखने वाले तीन लोग शनिवार को इसराइल पर हुए हमास के हमले के बाद से लापता थे. ऑस्ट्रिया ने बताया है कि उनमें से एक की मौत हो गई है.
ऑस्ट्रिया ने ही पहले उनके लापता होने की जानकारी दी थी.
ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्रालय ने लापता नागरिकों में से एक मौत को लेकर बयान जारी किया है.
बयान में कहा गया है, "हम दुख के साथ ये घोषणा करने के कर्तव्य को पूरा कर रहे हैं कि ऑस्ट्रिया और इसराइल की दोहरी नागरिकता रखने वाले लापता तीन लोगों में से एक मृत मिले हैं."
बयान में मरने वाले का नाम या उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. दो लोग अब भी लापता हैं.
गज़ा का आखिरी पावर स्टेशन भी हुआ बंद, बिजली आपूर्ति ठप
इमेज स्रोत, Getty Images
गज़ा के आखिरी पावर स्टेशन ने भी ईंधन की कमी की वजह से काम करना बंद कर दिया, जिसके बाद यहां बिजली की आपूर्ति ठप हो गई.
शनिवार को चरमपंथी संगठन हमास के हमले के बाद इसराइल ने गज़ा की पूरी तरह से घेरेबंदी की घोषणा की थी और बिजली, ईंधन, खाने-पीने का सामान, पानी और अन्य सामग्रियों की आपूर्ति पर रोक लगा दी.
आखिरी पावर स्टेशन के भी बंद होने का मतलब है कि गजा के लोगों को बिजली के लिए अब जेनरेटर पर निर्भर होना पड़ेगा और जेनरेटर भी तभी काम करेगा जब उनके पास इसे चलाने के लिए ईंधन हो.
गज़ा के आख़िरी बिजली की आपूर्ति ठप हो गई.
गज़ा में रहनेवाले कमाल मशारावी ने कुछ देर पहले बीबीसी से बात की थी. वे 45 लोगों के साथ एक बेसमेंट में थे.
उन्होंने बताया था, "बहुत ही ख़राब स्थिति है. हमारे पास न पानी है, न इंटरनेट और न बिजली."
मशारावी ने बताया था कि उनके बच्चे घायल हैं और हमले में वे परिवार के कई सदस्यों को खो चुके हैं लेकिन किसी से उनका संपर्क नहीं हो पा रहा है क्योंकि इंटरनेट नहीं है.
उन्होंने फ़ोन पर बताया, "मैं कांप रहा हूं. नागरिकों को इस तरह से मरना बहुत बुरा है. उन्हें इस संघर्ष से बाहर रखना चाहिए था. हम नागरिक इसका हिस्सा नहीं हैं लेकिन हम ही प्रभावित हैं."
वर्ल्ड कप में आईपीएल विवाद की छाया: नवीं उल हक़ को देख दर्शकों ने लगाए 'कोहली-कोहली' के नारे
इमेज स्रोत, Getty Images
आईपीएल 2023 को बीते भले ही लंबा अर्सा हो गया है लेकिन भारतीय क्रिकेट फैन्स शायद अब तक आईपीएल के एक मैच के दौरान भारत के स्टार बल्लेबाज़ विराट कोहली और अफ़ग़ानिस्तान के गेंदबाज़ नवीं उल हक के बीच हुई 'कहासुनी' को नहीं भूले. हैं.
वर्ल्ड कप में भारत के ख़िलाफ़ दिल्ली में जारी मैच में जिस वक़्त अफ़ग़ानिस्तान के नवीं उल हक़ बल्लेबाज़ी कर रहे थे तब मैदान में मौजूद दर्शक 'कोहली-कोहली' के नारे लगा रहे थे.
हालांकि, नवीं की बल्लेबाज़ी पर इसका ज़्यादा असर नहीं दिखा. दसवें नंबर पर बल्लेबाज़ी के लिए नवीं उल हक़ ने आठ गेंद में नाबाद नौ रन बनाए. उन्होंने एक चौका भी लगाया.
आईपीएल में नवीं लखनऊ की टीम का हिस्सा रहे हैं और कोहली बेंगुलरू की टीम की ओर से खेलते हैं. 2023 में दोनों टीमों के बीच लखनऊ में हुए एक मैच में नवीं और विराट कोहली के बीच 'कहासुनी' हो गई थी.
असल मामला क्या था, इसे लेकर दोनों ही खिलाड़ियों ने अलग-अलग मौकों पर अपना पक्ष रखा है लेकिन उस घटना के बाद से नवीं उल हक भारत के जिस भी मैदान पर खेलने उतरे हैं, उन्हें दर्शकों की अलग प्रतिक्रिया मिलती रही है.
ब्रेकिंग न्यूज़, वर्ल्ड कप: अफ़ग़ानिस्तान ने भारत को दी जीत के लिए 273 रन की चुनौती
इमेज स्रोत, Getty Images
कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी और अज़मतुल्लाह उमरजई के अर्धशतकों की मदद से अफ़ग़ानिस्तान ने भारत के ख़िलाफ़ आठ विकेट पर 272 रन बनाए हैं. दिल्ली में खेले जा रहे वर्ल्ड कप के इस मैच में भारत को जीत के लिए 273 रन बनाने हैं.
अफ़ग़ानिस्तान के कप्तान शाहिदी ने टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी चुनी. कप्तान शाहिदी ने भारतीय गेंदबाजों का डटकर मुक़ाबला किया और 80 रन बनाए. उन्हें उमरजई से अच्छा साथ मिला. उन्होंने 62 रन बनाए.
भारत के लिए जसप्रीत बुमराह ने 39 रन देकर चार विकेट लिए. हार्दिक पांड्या ने दो विकेट लिए. शार्दुल ठाकुर और कुलदीप यादव ने एक-एक विकेट लिया.
भारत ने पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को छह विकेट से हराया था.
ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली पहुंचे इसराइल
इमेज स्रोत, Rex Features
ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली इसराइल पहुंच गए हैं.
सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया, " हमास के हमले के बाद इसराइल के लोगों के प्रति अपनी एकजुटता प्रकट करने के लिए विदेश मंत्री आज इसराइल पहुंच गए हैं."
उन्होंने बताया कि वे हमले से प्रभावित लोगों और इसराइल के नेताओं से मिलेंगे.
शनिवार को इसराइल पर हमास के हमले के बाद से इसराइल में सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है. इसराइली सेना के मुताबिक, 1200 लोगों की मौत हुई है और 2700 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.
वहीं, फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि गज़ा में जारी इसराइल के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1055 हो गई है.
इसराइल पर हमास के हमले के बाद ब्रिटेन का भी बयान आया था. ब्रिटेन ने कहा था, "हमास आतंकवादियों के इसराइल पर किए हमले से हम स्तब्ध हैं. इसराइल के पास अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है. हम इसराइली अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं."
गज़ा में अस्पताल बने शरणार्थी कैंप, डॉक्टर बोले- ‘2500 बिस्तर और घायल हैं 4500’
इमेज स्रोत, Getty Images
इसराइल के लगातार हमलों के बीच गज़ा में स्थिति लगातार मुश्किल होती
जा रही है. गज़ा के एक अस्पताल में काम करने वाले एक डॉक्टर ने बीबीसी को वहां के हालात के बारे में जानकारी दी है.
उन्होंने बताया है कि अस्पताल क्षमता से ज़्यादा भर चुके हैं लेकिन घायलों का आना लगातार जारी है.
फ़लस्तीनी सर्जन ग़ासन अबु सित्ता ने बताया है कि वो गज़ा के जिस
अस्पताल में काम कर रहे हैं, वो शरणार्थी कैंप बन चुका है.
डॉक्टर सित्ता ने बीबीसी को बताया, “लोग डरे हुए हैं और वो अपने परिवारों
को अस्पताल के अहाते में रहने के लिए ला रहे हैं. वो इसे सुरक्षित जगह मान रहे
हैं.”
उन्होंने बताया, “अस्पताल में घायल लोगों के आने की कतार
लगी हुई है.”
डॉक्टर सित्ता ने बताया कि ये अस्पताल अपनी
क्षमता से ज़्यादा भर चुका है. गज़ा के दूसरे अस्पतालों को भी यही हाल है.
उन्होंने बताया, “गज़ा के अस्पतालों में 2200 से 2500 तक
बिस्तर हैं और हमारे पास 4500 घायल हैं.”
ब्रेकिंग न्यूज़, राजस्थान चुनाव: मतदान की तारीख बदली, अब 25 नवंबर को होगी वोटिंग
इमेज स्रोत, Getty Images
चुनाव आयोग ने राजस्थान विधानसभा चुनाव में मतदान की नई तारीख का एलान किया है. राज्य में एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे. तारीख में बदलाव की वजह 23 नवंबर को बड़े पैमाने पर 'शादियां और सामाजिक आयोजन' होने को बताया गया है.
चुनाव आयोग ने पहले राज्य में 23 नवंबर को वोटिंग कराने का एलान किया था लेकिन अब मतदान की तारीख बदलकर 25 नवंबर कर दी गई है.
चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर बताया है, "राजस्थान चुनाव में मतदान की तारीख 23 नवंबर से 25 नवंबर कर दी गई है. उस दिन बड़े पैमाने पर शादियां और सामाजिक कार्यक्रम होने की वजह से ऐसा किया गया है. "
चुनाव आयोग ने सोमवार को पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान किया था.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
इसराइली वायु सेना ने ग़ज़ा की इस्लामिक यूनिवर्सिटी पर हमले की पुष्टि की
इमेज स्रोत, Reuters
इसराइली वायु सेना ने ग़ज़ा सिटी की इस्लामिक यूनिवर्सिटी पर हमले की पुष्टि की है. बीबीसी ने कल शाम एक ख़बर में बताया था कि इस्लामिक यूनिवर्सिटी का कुछ हिस्सा इसराइल के हवाई हमले मे नष्ट हो गया है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
अब इसराइली वायु सेना ने एक ट्वीट में बमबारी की पुष्टि करते हुए कहा, "हमने विश्वविद्यालय पर इसलिए हमला किया क्योंकि ये हमास के इंजीनियर्स के लिए एक बड़ा ट्रेनिंग सेंटर है और उनकी राजनीतिक और सैन्य शक्ति के लिए एक महत्वपूर्ण सेंटर है."
सेना ने बयान में ये भी बताया है कि हमास इसका इस्तेमाल हथियार तैयार करने के लिए भी करता था.
फ़लस्तीनी क्षेत्र में रहने वाले भारतीय इस नंबर पर मांग सकते हैं मदद
इमेज स्रोत, ANI
फ़लस्तीनी क्षेत्र में भारत के प्रतिनिधि ने मौजूदा सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं.
रिप्रजेंटेटिव ऑफ़िस ऑफ इंडिया की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि किसी भी आपात स्थिति या मदद मांगने के लिए वे 0592-916-418, व्हाट्सऐप-970-592916418 पर मैसेज और कॉल कर सकते हैं.
ये हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे उपलब्ध है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
इसराइल और चरमपंथी संगठन हमास के बीच जारी संघर्ष में सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है.
इसराइल की सेना ने बताया है कि शनिवार को हुए हमले में अब तक 1200 लोगों की मौत हुई है और 2700 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. वहीं, हमले में गज़ा में अब तक 1055 लोगों की मौत हुई है.
ब्रेकिंग न्यूज़, गज़ा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1055 हुई, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी जानकारी
इमेज स्रोत, Reuters
फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि गज़ा में जारी इसराइल
के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1055 हो गई है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है, “1055 लोग मारे गए हैं और 5100 से ज़्यादा
लोग घायल हुए हैं.”
शनिवार को हमास के हमले के बाद से इसराइल जवाबी
कार्रवाई कर रहा है. इसराइल की सेना के मुताबिक बीती रात उसने दो सौ से ज़्यादा
ठिकानों पर हमले किए.
फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले जानकारी
दी थी कि गज़ा में जो लोग घायल हुए हैं, उनमें करीब 60 फ़ीसदी महिलाएं और बच्चे
हैं.
पाकिस्तान को जीत दिलाने वाले रिज़वान बोले, ‘ये गज़ा के भाइयों और बहनों के लिए है'
इमेज स्रोत, Getty Images
पाकिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज़ मोहम्मद रिज़वान ने श्रीलंका के
ख़िलाफ़ अपने मैच जिताने वाले शतक को गज़ा के लोगों के नाम किया है.
उन्होंने सोशल प्लेटफ़ॉर्म एक्स (ट्विटर) पर लिखा, “ये गज़ा के हमारे भाइयों और बहनों के
लिए है.”
रिज़वान ने ये पोस्ट करीब तीन घंटे पहले किया
था और इसे अब तक 11 हज़ार से ज़्यादा बार रिपोस्ट किया जा चुका है.
रिज़वान ने श्रीलंका के ख़िलाफ़ नाबाद 131 रन बनाए और अपनी टीम को रिकॉर्ड
जीत दिलाई. उन्हें मैन ऑफ़ द मैच चुना गया.
श्रीलंका ने मंगलवार को खेले गए मैच में पाकिस्तान को जीत के लिए 345
रन की चुनौती दी थी. वर्ल्ड कप इतिहास में कभी किसी टीम ने इतना बड़ा लक्ष्य हासिल
नहीं किया था.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
मैच जिताने वाली पारी
रिज़वान जब क्रीज पर आए तब पाकिस्तान की टीम मुश्किल में थी. पाकिस्तान की टीम कप्तान बाबर आज़म के विकेट समेत 37 रन पर दो विकेट गंवा चुकी थी.
इसके बाद रिज़वान ने अब्दुल्लाह शफीक़ के साथ 176, सऊद शकील के साथ 95 और इफ़्तखार अहमद के साथ नाबाद 37 रन जोड़े.
इमेज स्रोत, Getty Images
हैदराबाद को कहा- शुक्रिया
रिज़वान ने आगे लिखा है, “जीत में योगदान देकर खुश हूं. पूरी टीम को इसका श्रेय जाता है. ख़ासकर अब्दुल्लाह शफ़ीक और हसन अली को जिन्होंने इसे आसान बनाया.”
हसन अली ने श्रीलंका के चार विकेट झटके थे.
रिज़वान ने अच्छी मेजबानी के लिए हैदराबाद के लोगों की तारीफ की है.
उन्होंने लिखा है, “शानदार मेजबानी और लगातार समर्थन करने के लिए हैदराबाद के लोगों का एहसानमंद हूं.”
पाकिस्तान की टीम अब तक हैदराबाद में थी. उसे अगला मैच भारत के ख़िलाफ़ गुजरात के अहमदाबाद में खेलना है.
इमेज स्रोत, Getty Images
हमास के हमले पर पाकिस्तान के नेताओं ने क्या कहा?
पाकिस्तान की सरकार ने इसराइल और हमास के बीच
जारी संघर्ष पर सधी प्रतिक्रिया दी है. हालांकि, कुछ नेता हमास का समर्थन भी करते
दिखे.
पाकिस्तान के पीएम काकड़ ने शनिवार को
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्मएक्सपर कहा, “हम सब्र दिखाने और
आम नागरिकों की हिफ़ाजत किए जाने की गुजारिश करते हैं.”
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ का रुख अलग
था.उन्होंनेइसराइल के ‘अवैध कब्ज़े को ख़त्म
करने’ की अपील की.
पाकिस्तान की सीनियर नेता शिरीन
मज़ारी ने इसराइल पर हमास के हमले को ‘ऐतिहासिक लम्हा’ बताया.
उन्होंने सोशल प्लेटफ़ॉर्मएक्सपर लिखा, “अब ये इंसानी जांबाज़ी और निडरता के जज्बे बनाम हाईटेक
मिसाइलों और बमों के बीच की जंग है. ”
शनिवार को हुए हमास के हमले में इसराइल के अब तक 1200 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. इसराइल की जवाबी कार्रवाई में गज़ा में 950 लोग मारे गए हैं.