इसराइल-हमास संघर्ष के बीच मलाला यूसुफ़ज़ई ने कहा-युद्ध बच्चों को भी नहीं छोड़ता है

नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित मलाला यूसुफ़ज़ई ने इसराइल-हमास संघर्ष के बीच युद्धविराम की अपील की है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and स्नेहा

  1. 9/11 से भी बड़ा हमास का हमला: इसराइल के एक डॉक्टर ने बताया आंखों देखा हाल

    डॉक्टर बोआज़ हसीद

    इसराइल के एक डॉक्टर ने हमास के हमले को अमेरिका पर साल 2001 में हुए हमले से भी बड़ा बताया है.

    डॉक्टर बोआज़ हसीद ने बीबीसी को बताया कि स्थिति बहुत ही भयावह है और तमाम लोग डर के साए में रह रहे हैं.

    डॉक्टर हसीद ने कहा, “यहां बहुत ही नाटकीय स्थिति है और मैं कभी सोच नहीं सकता था कि हम इन हालात में पहुंच सकते हैं.”

    हमास के हमले में प्रभावित इलाक़े की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “इसराइल के दक्षिणी हिस्से की बात करें तो अभी तक साफ़ नहीं है कि कितने लोगों की मौत हुई है. लेकिन ये उम्मीद से ज़्यादा भयावह है.”

    डॉक्टर हसीद ने कहा, “हम जो डरावनी कहानियां सुन रहे हैं, उन्हें यहां बयान करना भी मेरे लिए मुश्किल है.”

    उन्होंने बताया कि उनकी पार्टनर पेर्ले के एक दोस्त और एक सहकर्मी की किबबुत्ज़ में हत्या कर दी गई.

    डॉक्टर हसीद ने आगे कहा, “हमारे कई दोस्तों के रिश्तेदारों को अगवा करके गज़ा ले जाया गया है. इस आपदा में ऐसा कोई इसराइली घर नहीं है, जो अनछुआ रह गया हो. ये 9/11 (अमेरिका के न्यूयॉर्क में हुआ हमला) से भी बड़ा है.”

    डॉक्टर बोआज़ हसीद

    डर का साया

    उन्होंने बताया, “फ़िलहाल हम तेल अवीव में कुछ हद तक सुरक्षित हैं. पेर्ले घर पर बच्चों के साथ हैं. जब कभी अलर्ट जारी होता है वो सीढ़ियों के नीचे छुप सकते हैं.”

    डॉक्टर हसीद ने कहा, “मैं स्वास्थ्य सेवा में इमर्जेंसी वर्कर के तौर पर काम कर रहा हूं. मैं क्लीनिक की देखभाल कर रहा हूं. मेरे बॉस को सेना ने बुला लिया है तो एक तरह से मैं ही क्लीनिक चला रहा हूं.”

    “पूरा परिवार रात के बाद इकट्ठा होता है. हमारे इर्द गिर्द के कई परिवारों के मुक़ाबले में हम खुद को खुशनसीब मानते हैं और सिर ऊपर करके रहते हैं.”

    डॉक्टर हसीद ने कहा कि आने वाले दिनों में स्थिति और खराब होने की आशंका है.

    उन्होंने कहा, “हम उत्तरी क्षेत्र के हालात को भी चिंता के साथ देख रहे हैं. अगर एक और मोर्चा खुल गया तो हालात और खराब हो सकते हैं. तब शायद हमें किसी सुरक्षित जगह की तलाश में अपने घर को छोड़कर जाना पड़े. ख़ासकर अपने बच्चों को बचाने के लिए.”

  2. इलेक्टोरल बॉन्ड को चुनौती देने वाली याचिका पर 31 को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट

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    सुप्रीम कोर्ट इलेक्टोरल बॉन्ड को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 31 अक्टूबर को सुनवाई करेगा.

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती ने बताया कि चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच 31 अक्टूबर को मामले की सुनवाई करेगी और अगर उस दिन सुनवाई पूरी नहीं हुई तो एक नवंबर को भी सुनवाई जारी रहेगी.

    इलेक्टोरल बॉन्ड केंद्र सरकार की योजना है जिसमें राजनीतिक दलों को बेनामी फंड हासिल करने की अनुमति है.

    इलेक्टोरल बॉन्ड कोई व्यक्ति, कंपनी, फर्म या लोगों का समूह खरीद सकता है, बशर्ते वो व्यक्ति भारत का नागरिक हो या फिर कंपनी भारत में स्थापित हो. ये बॉन्ड राजनीतिक दलों को चंदा देने के उद्देश्य से लाए गए हैं.

    एजीओ एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफ़ॉर्म्स की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने बेंच से कहा कि बेनामी फंडिंग भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है. इससे सरकार और खास दलों से खास तरह के लाभ हासिल करने वाली कंपनी उन राजनीतिक दलों को बेनामी दान दे सकती हैं.

  3. इसराइल-हमास संघर्ष: गज़ा के लोगों के पास यहां से निकलने का क्या विकल्प है?

      • Author, रश्दी अबु ओलॉफ़
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, गज़ा
    गज़ा

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    गज़ा पर इसराइल के लगातार हमलों के बाद कई लोग यहां से निकलने की कोशिश में हैं. इसराइल की सेना ने पहले बताया था कि ऐसे लोग मिस्र क्रॉसिंग के रास्ते निकल सकते हैं लेकिन बाद में बताया कि इसे बंद कर दिया गया है.

    दरअसल, मिस्र के साथ सीमा पूरी तरह से बंद नहीं की गई है,लेकिन एक दिन में केवल 400 लोगों को सीमा पार करने की इजाज़त है, लोगों की वेटिंग लिस्ट काफ़ी लंबी है.

    बहुत लंबे समय से आम लोगों के लिए गज़ा से बाहर निकलना आसान नहीं रहा है.खासकर जब से इसराइल ने यह जवाबी कार्रवाई शुरू की है, तब से गज़ा के लोगों के लिए बाहर निकलने की राह और मुश्किल हो गई है.

    लोगों के लिए एकमात्र विकल्प संयुक्त राष्ट्र के स्कूल ही हैं जिन्हें शेल्टर होम बनाया गया है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस अस्थायी शरणस्थली में पहले से ही 90 फ़ीसदी जगह भर चुकी है और अब बहुत लोगों को जगह नहीं दी जा सकती.

    ऐसे में लोगों का यहां से निकला बहुत मुश्किल है. कुछ लोग अपने घरों के बेसमेंट में रह रहे हैं लेकिन अगर इमारत ढह गई तो वह इसके नीचे ही फंस जाएंगे.

    लोग स्थानीय मीडिया को मदद के लिए फोन कर रहे हैं. बीती रात एक बेसमेंट में 30 परिवार फंसे हुए थे.

    यहां आम लोगों के पास कोई खास विकल्प नहीं है.

  4. ब्रेकिंग न्यूज़, ईरान के सुप्रीम नेता ख़ामनेई बोले- 'हमले की योजना बनाने वालों के चूमते हैं हाथ'

    ख़ामनेई

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    ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामनेई ने कहा है कि शनिवार को चरमपंथी संगठन हमास ने इसराइल पर जो हमला किया था, उसमें उनके देश का कोई हाथ नहीं है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने उनके बयान का जो अनुवाद जारी किया है उसके मुताबिक ख़ामनेई ने कहा, "यहूदी शासन पर जिन लोगों ने हमले की योजना बनाई, हम उनके हाथों को चूमते हैं. "

    ये माना जाता है कि ईरान हमास को मदद मुहैया कराता है और हमास के चरमपंथियों को ट्रेनिंग देता है और उन्हें हथियार मुहैया कराता है.

    हमास ने इसराइल पर शनिवार को हज़ारों रॉकेट दागे थे. हमास के लड़ाके इसराइल के कई लोगों को अपने साथ बंधक बनाकर भी ले गए थे.

    अब तक इसराइल के 900 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.

  5. गज़ा: बीती रात मेरे 20 सालों की सबसे मुश्किल रात थी- बीबीसी संवाददाता की आंखों देखी

      • Author, रश्दी अबु ओलॉफ़
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, गज़ा
    गज़ा

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    बीती रात बहुत बड़े पैमाने पर एयर स्ट्राइक होती रही. मैं गज़ा सिटी में था, जहां कई इमारतें अब मलबा बन चुकी हैं.

    रूह हिला देने वाले धमाकों की आवाज़, आसमानों में ब्लास्ट, रात भर धुओं का गुबार और आग की लपटें देखते बीती.

    मैं एक आवासीय इमारत में रहता हूं जहां मेरे अलावा 20 और परिवार रहते हैं. पूरी रात बच्चों के चीखने की आवाज़ें आती रही और कोई भी एक पल के लिए सो नहीं सका.

    बीते 20 साल से मैं बतौर पत्रकार गज़ा को कवर कर रहा हूं लेकिन बीती रात जो मैंने देखा वो पहले कभी नहीं देखा. ये मेरी सबसे मुश्किल रात थी.

    आज सुबह मैं किसी तरह घर से बाहर निकला और मैं जब घर से निकला तो मैं सड़क पर नहीं मलबे के ऊपर से अपनी कार चला रहा था.

    सरकारी इमारत, यूनिवर्सिटी, बुनियादी ढाँचे, एक मस्जिद और एक पुलिस स्टेशन बीती रात तबाह हो गए.

    इनमें से कुछ इमारतों को मैं पहचान पाया, लेकिन कुछ को तो मैं पहचान भी नहीं सका.

  6. अमेरिकी विदेश मंत्री ने इसराइल के विदेश मंत्री से बात की, किस मुद्दे पर हुई चर्चा?

    व्हाइट हाउस

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    इमेज कैप्शन, इसराइल में हुए हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए अमेरिका में व्हाइट हाउस पर नीले और सफेद रंग की रोशनी की गई.

    अमेरिकी विदेशी मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इसराइल के विदेश मंत्री एली कोहेन से बात की है.

    ब्लिंकन ने मौजूदा संघर्ष के दौरान इसराइल को समर्थन देने को लेकर चर्चा की.

    दोनों विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत के बाद एक बयान जारी किया गया है.

    बयान में कहा गया है, “ब्लिंकन ने सभी बंधकों की रिहाई तय करने के लिए तमाम प्रयास करने का भरोसा दिया.”

    शनिवार को चरमपंथी समूह हमास ने इसराइल पर हमला किया था और कई इसराइलियों को बंधक बनाकर अपने साथ ले गए थे. इनमें से ज़्यादातर को गज़ा में रखा गया है.

    हमास ने चेतावनी दी है कि अगर गज़ा पर हमले जारी रहे तो बंधकों को मार दिया जाएगा.

    क़तर ने सोमवार को जानकारी दी थी कि वो बंधक मामले को सुलझाने के लिए हमास और इसराइल के अधिकारियों के बीच मध्यस्थता कर रहा है.

    क़तर ने बताया था कि इस बातचीत को अमेरिका कोऑर्डिनेट कर रहा है.

    उधर, सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि हमास के हमले में अमेरिका के 11 नागरिकों की मौत हो गई.

    अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, “इसराइल को अपने लोगों की हिफ़ाजत के लिए जो कुछ चाहिए अमेरिका तय करेगा कि उसे वो मुहैया हो सके.”

  7. गज़ा में बीती रात हुए हवाई हमलों से हुई तबाही की अनदेखी तस्वीरें

    गज़ा

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    इमेज कैप्शन, गज़ा में हुए ताज़ा हमलों के बाद तबाही का मंज़र

    इसराइल की एयरफ़ोर्स ने बताया है कि उसने बीती रात गज़ा में चरमपंथियों के 200 ठिकानों को निशाना बनाया.

    गज़ा के लोग हमले से हुए नुक़सान का जायज़ा ले रहे हैं. गज़ा के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि शनिवार से जारी हमलों में अब तक करीब 700 लोगों की मौत हुई है.

    बीती रात हुए नुक़सान से जुड़ी तस्वीरें बीबीसी को मिली हैं. देखिए ये तस्वीरें

    गज़ा

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  8. इसराइल-हमास संघर्ष पर अब क्या बोले तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन

    रेचेप तैय्यप अर्दोआन

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    तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने इसराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष को लेकर दोनों पक्षों से अपील की है कि वो 'युद्ध के नियमों का सम्मान करें.'

    अर्दोआन ने कहा है कि फ़लस्तीनियों को चाहिए कि वो इसराइलियों का 'उत्पीड़न' करना बंद करे और इसराइल को फ़लस्तीनी इलाके में बम गिराना बंद करना चाहिए.

    हालिया बयान में अर्दोआन ने कहा, “ इसराइल फ़लस्तीनी क्षेत्र पर बमबारी बंद करने और फ़लस्तीनी इसराइली नागरिकों का उत्पीड़न बंद करे.”

    उन्होंने कहा, “ युद्ध का एक तरीका और उसकी नैतिकता होती है.”

    अर्दोआन ने कहा, “हम इसराइलियों के फ़लस्तीनी लोगों का उत्पीड़न करने के ख़िलाफ़ हैं. इसी तरह हम इसराइली नागरिकों के खिलाफ़ की गई हिंसा का भी विरोध करते हैं. गज़ा में जिस तरह अंधाधुंध बमबारी से संपत्तियां, आम लोगों,महिलाओं और बच्चों को मारा जा रहा है वो मंजूर नहीं किया जा सकता है.”

    अर्दोआन ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की पेशकश भी की है.

    उन्होंने कहा, “ हम इसराइल-फ़लस्तीन के संघर्ष में दोनों पक्षों से युद्धविराम की अपील करते हैं. इससे शांतिपूर्ण समाधान का रास्ता खुलेगा.हम कैदियों की अदला-बदली सहित संघर्ष को रोकने में किसी भी तरह की मध्यस्थता के लिए तैयार हैं.”

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    इसराइली सेना का कहना है कि उसने बीती रात हमास के 200 ठिकानों पर हमले किए. अब तक 1500 हमास चरमपंथी मारे गए हैं.

    शनिवार से जारी इस संघर्ष में गज़ा में 700 लोगों की मौत अब तक हो चुकी है. 900 इसराइली मारे गए हैं.

    इसराइल ने गज़ा में बिजली, पानी, खाने और ईंधन की आपूर्ति रोक दी है.

    गज़ा पट्टी में 23 लाख लोग रहते हैं, जिनमें से 80 फ़ीसदी लोग इसराइल के साथ चल रहे दशकों के तनाव के कारण मुख्य रूप से मानवीय सहायता पर निर्भर हैं.

    गज़ा पर हमास चरमपंथियों का कब्ज़ा है लेकिन इसका एयर स्पेस और समुद्री तट इसराइल के कब्ज़े में हैं. जो ये तय करता है कि यहां क्या आ सकता है और यहां से कौन सी चीज़ बाहर जा सकती है.

  9. इसराइल-हमास संघर्ष: अब तक क्या-क्या हुआ है, जानिए ताजा अपडेट

    गज़ा

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    इसराइल ने जानकारी दी है कि उसने गज़ा से लगती पूरी सीमा को सील कर दिया है.

    • शनिवार को चमरपंथी संगठन हमास के लड़ाकों ने इसी रास्ते इसराइल पर हमला किया था.
    • इसराइल की वायुसेना ने बताया है कि उसने बीती रात गज़ा पट्टी में हमास के 200 ठिकानों को निशाना बनाया.
    • सोमवार की शाम हमास ने चेतावनी दी थी कि अगर इसराइल के हवाई हमले जारी रहे तो वो इसराइल के बंधकों को मार देगा. हर हमले के बदले एक बंधक मारा जाएगा.
    • इसराइल ने कहा है कि शनिवार को हमला शुरू होने के बाद से उसे 1500 चरमपंथियों के शव मिले हैं.
    • इसराइल की सेना ने गज़ा के लोगों को सलाह दी थी कि वो मिस्र के नियंत्रण वाली क्रॉसिंग के जरिए बाहर निकल सकते हैं. बाद में सेना ने कहा कि ये क्रॉसिंग बंद कर दी गई है.
    • इसराइल ने गज़ा की पूरी तरह नाकेबंदी कर दी है. उसने ईंधन, बिजली और पानी की सप्लाई रोक दी है.
    • यूनिसेफ़ ने गज़ा के प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए मानवीय कॉरिडोर तैयार करने की मांग की है.
  10. ब्रेकिंग न्यूज़, इसराइली सेना ने कहा- हमास के 15 सौ चरमपंथियों के शव बरामद

    इसराइली सेना

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    इसराइली सेना का कहना है कि 1500 हमास चरमपंथी इसराइल और गज़ा पट्टी के आसपास के इलाकों में मारे गए हैं.

    इसराइल और गज़ा पट्टी के आसपास से उनके शव बरामद किए गए हैं.

    सेना के प्रवक्ता रिचर्ड हेट ने कहा है कि गज़ा के आसपास के इलाकों में रह रहे सभी इसराइली लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.

    गज़ा के स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक शनिवार से अब तक गज़ा में करीब 700 लोगों की मौत हो चुकी है.

    इसराइल ने गज़ा में ‘पूरी घेराबंदी’ करते हुए बिजली, पानी, खाने और ईंधन की आपूर्ति रोक दी है.

    शनिवार सुबह हमास के हमले शुरू होने के बाद से इसराइल ने गज़ा में खाने और दवा सहित सभी इमरजेंसी चीज़ों की सप्लाई रोकने का फैसला लिया.

    अधिकारियों का कहना है कि अगर आपूर्ति की अनुमति नहीं दी गई तो गज़ा पट्टी नए मानवीय संकट के कगार पर पहुंच जाएगी.

    गज़ा में रह रहे लोगों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर हिंसा पहले कभी नहीं देखी गई.

  11. ब्रेकिंग न्यूज़, इसराइल ने कहा- बंद है मिस्र क्रॉसिंग, पहले दी थी इसके रास्ते बाहर निकलने की सलाह

    नाकेबंदी

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    इसराइल डिफेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) ने कहा है कि मिस्र क्रॉसिंग अब बंद हो चुकी है. गज़ा से बाहर जाने की कोशिश में लगे फ़लस्तीनियों को आईडीएफ़ ने पहले इसी रास्ते बाहर निकलने की सलाह दी थी. अब ये सलाह बदल दी गई है.

    आईडीएफ़ ने पहले कहा था कि जो लोग गज़ा से बाहर जाना चाहते हैं, वो मिस्र के नियंत्रण वाली क्रॉसिंग के जरिए निकल सकते हैं.

    आईडीएफ़ ने अब अपनी इस सलाह को बदल दिया है. उन्होंने कहा है कि ये क्रॉसिंग बंद हो चुकी है.

  12. 'साथ रहते हैं ताकि मरें तो साथ में': इसराइल के हमले के बीच गज़ा में रहने वालों की आपबीती

    प्रभावित इलाक़ा

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    इसराइल की ओर से जारी हमलों के बीच गज़ा में रहने वालों का कहना है कि उन्होंने ‘इतने बुरे हालात पहले नहीं देखे.’

    वेस्ट बैंक में मौजूद ऑक्सफैम के सहायता कर्मियों ने बीबीसी को गज़ा के हालात की जानकारी दी.

    बुशा ख़ालिदी ने बताया कि उनका परिवार बरसों से गज़ा में ‘तनाव’ की स्थितियों के बीच रह रहा है.

    उन्होंने बताया, “बरसों से हम इसराइल की सेना की ओर से की जाने वाली नाकेबंदी झेल रहे हैं. वो हमें बाहर नहीं जाने देते हैं. पढ़ाई के लिए भी बाहर जाने की इजाज़त नहीं मिलती है.”

    बुशा ने बीबीसी ब्रेकफास्ट कार्यक्रम में बताया, “यहां पानी नहीं है. बिजली नहीं है. ईंधन नहीं है. आपूर्ति ख़त्म होती जा रही है.”

    उन्होंने बताया कि गज़ा में मोबाइल इंटरनेट सर्विस डाउन है. उन्हें अपने रिश्तेदारों से संपर्क करने में भी दिक्कत हो रही है.

    बुशा ने कहा कि नाकेबंदी का सामना कर रहे क्षेत्र की ‘स्थिति बहुत बुरी है.’

    बुशा ने कहा, मेरा परिवार कहता है कि हमें एक साथ सोना चाहिए जिससे अगर हम मरते हैं तो साथ में मरेंगे

    उन्होंने कहा कि इसराइल का ‘पूरी आबादी को दंडित करने का फ़ैसला बहुत क्रूर है और हमें आम नागरिकों पर हो रहे इसके असर के बारे में सोचना चाहिए.’

  13. इसराइल-हमास संघर्ष के बीच फ़लस्तीनी राष्ट्रपति जा सकते हैं रूस

    फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास

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    इमेज कैप्शन, फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास

    इसराइल और हमास के खूनी संघर्ष के बीच फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास रूस के दौरे पर जाने वाले हैं. उनके दौरे को लेकर दोनों पक्षों की ओर से कोशिशें जारी हैं.

    रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने रूस के आरबीसी समाचार के हवाले से ये जानकारी दी है.

    फ़लस्तीनी नेतृत्व दो हिस्सों में बटा हुआ है. एक है फ़लस्तीनी प्राधिकरण (पीए) जिसका नेतृत्व राष्ट्रपति महमूद अब्बास करते हैं. पीए वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों को नियंत्रित करता है. वहीं दूसरा है हमास चरमपंथी समूह जिसके पास ग़जा का नियंत्रण है.

    रूस में फ़लस्तीनी दूत अब्देल हाफ़िज़ ने कहा है, "एक सहमति बनी है कि राष्ट्रपति अब्बास मॉस्को आएंगे. हम क्रेमलिन के आधिकारिक बयान का इंतज़ार कर रहे हैं कि कब ये दौरा होगा."

    शनिवार को हमास ने इसराइल पर हमला किया. इसराइल की जवाबी कार्रवाई जारी है. इस संघर्ष में अब तक गज़ा में 700 लोगों की मौत हुई है. वहीं 900 इसराइली मारे गए हैं.

    रूस ने इसराइल और हमास के संघर्ष पर पश्चिमी देशों से बिलकुल अलग प्रतिक्रिया दी है.

    रूस ने गज़ा और इसराइल में हो रही हिंसा की निंदा की है और कहा है कि इसे लेकर अमेरिका की प्रतिक्रिया ‘विनाशकारी’ है.

    रूस ने हमास की सीधे निंदा नहीं की है.

    रूस ने इस मामले में अमेरिका के अप्रोच पर आपत्ति जताई है. रूस ने कहा है कि अमेरिका की प्रतिक्रिया एक विनाशकारी तरीका है, वह एक स्वतंत्र फ़लस्तीनी राज्य की ज़रूरत को नजरअंदाज कर रहा है.

  14. इसराइल पर हमला करने वाला ‘हमास’ क्या है? जानिए ज़रूरी सवालों के जवाब

  15. इसराइल और हमास की हिंसा में 18 थाई नागरिकों की मौत

    इसराइल और हमास

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    इसराइल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष में अब तक 18 थाई नागरिकों की मौत हो गयी है.

    थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है.

    सोमवार को ख़बर आई थी कि 12 थाई नागरिकों की मौत हुई है और 11 को किडनैप किया गया है.

    नेपाल के इसराइल में रहने वाले 10 छात्रों की भी इस संघर्ष में मौत हो गई है.

    इस संघर्ष में भारत के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और कनाडा सहित पश्चिमी देशों ने इसराइल को समर्थन किया है. अमेरिका ने मध्य-पूर्व सागर में वॉरशिप भेजी है.

    वहीं रूस और चीन ने हिंसा की निंदा की है लेकिन फ़लस्तीन की आज़ादी की भी वकालत की है.

  16. इसराइल-हमास संघर्ष को लेकर अब चीन ने क्या कहा

    चीन

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    इसराइल और हमास के बीच बीते शनिवार से खूनी संघर्ष जारी है. दोनों ओर से हो रहे लगातार हमले में 1600 से अधिक लोगों की मौत हो गई है.

    इस मामले पर चीन ने बयान जारी कर हिंसा की निंदा की है.

    चीन ने कहा है, "इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच चल रहे संघर्ष से हम काफ़ी चिंतित हैं. दोनों ओर से किए गए हमलों में बड़ी संख्या में आम लोग मारे गए हैं, जिससे हम दुखी हैं. हम आम लोगों के खिलाफ़ हो रहे इस हिंसा का विरोध करते हैं."

    "हमें उम्मीद है कि ये जंग जल्द रोकी जाएगी और शांति बहाल की जाएगी."

    इससे पहले अमेरिकी सीनेट में मेजॉरिटी लीडर चक शूमर ने कहा था कि इसराइल पर हमास के हमले के बाद चीन के बयान से वह "बहुत निराश" हैं. चक शुमर इस समय चीन के दौरे पर हैं.

    रविवार को चीन ने इस संघर्ष को लेकर दिए गए बयान में कहा था कि "संबंधित पक्ष" तनाव ख़त्म करें ताकि इस क्षेत्र में नागरिकों सुरक्षित हों साथ ही समाधान के लिए "टू स्टेट सॉल्यूशन" पर काम करना चाहिए.

    शनिवार को हमास के इसराइल पर किए गए सुनियोजित हमले के बाद से दोनों देशों के बीच जारी खूनी संघर्ष में अब तक 900 इसराइलियों की मौत हो चुकी है.

    इसराइल के जवाबी हमले में गज़ा के 700 लोगों की मौत हो गई.

  17. इसराइल-हमास संघर्ष पर रूस का आया बयान, कहा- अमेरिका की प्रतिक्रिया ‘विनाशकारी’

    रूस

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    इसराइल और हमास के बीच जारी खूनी संघर्ष में रूस का बयान आया है.

    रूस ने गज़ा और इसराइल में हो रही हिंसा की निंदा की है और कहा है कि इसे लेकर अमेरिका की प्रतिक्रिया ‘विनाशकारी’ है.

    रूस ने हमास की सीधे निंदा नहीं की है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ रूस ने इसराइल और हमास संघर्ष में अमेरिका के अप्रोच पर आपत्ति जताई है. रूस ने कहा है कि अमेरिका की प्रतिक्रिया एक विनाशकारी तरीका है, वह एक स्वतंत्र फ़लस्तीनी राज्य की ज़रूरत को नजरअंदाज कर रहा है.

    रूस के विदेश विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने हिंसा की निंदा की और कहा, "ये पश्चिमी देशों की ​​अदूरदर्शिता है कि वह केवल इसराइल के ख़िलाफ़ हमलों की निंदा कर रहे हैं और उन्हें लगता है कि फ़लस्तीन की समस्या को हल किए बिना इसराइल की जीत हो सकती है."

    “ खास कर अमेरिका की विनाशकारी नीति का ज़िक्र करना चाहूंगा कि वह अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थों के फ़ेमवर्क में रह कर हल तलाशने की कोशिशों को मुश्किल कर रहा है.”

    क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सोमवार को पत्रकारों से ब्रीफिंग के दौरान कहा, “हमारा मानना है कि स्थिति का जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान होना चाहिए, क्योंकि हिंसा का ऐसा चक्र जारी रहने से संघर्ष और भी बढ़ सकता है.”

  18. 128 साल बाद ओलंपिक में हो सकती है क्रिकेट की वापसी

    क्रिकेट

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    क्रिकेट फैंस के लिए अच्छी ख़बर है. अमेरिका के लॉस एंजिल्स में साल 2028 में होने वाले ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल किया जा सकता है.

    आईसीसी ने इसे लेकर जानकारी दी है.

    आईसीसी के बयान के मुताबिक़, लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के आयोजकों ने खेल की श्रेणी में क्रिकेट को शामिल करने का सुझाव दिया है.

    आईसीसी के चेयरमैन ग्रेग बार्कले ने कहा, “हमें खुशी है कि लॉस एंजिल्स 2028 के आयोजकों ने क्रिकेट को ओलंपिक में शामिल करने की सिफ़ारिश की है.”

    आईसीसी ने बताया है कि दो साल तक उसने एलए-28 के आयोजकों के साथ मिलकर इसके लिए काम किया और अब जा कर आयोजकों ने जिन खेलों को ओलंपिक में शामिल करने के सुझाव की सूची जारी की है उसमें क्रिकेट का नाम है.

    क्रिकेट के अलावा इस सूची में फ्लैग फुटबॉल, बेसबॉल और सॉफ्टबॉल का भी नाम है जिसे ओलंपिक में शामिल किया जा सकता है.

    हालांकि इस सिफ़ारिश पर आखिरी मुहर इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी लगाएगी. जिसका फ़ैसला भारत में चल रहे पुरुष क्रिकेट विश्वकप मुकाबले के दौरान अगले हफ़्ते तक लिया जाएगा.

    इससे पहले महज एक बार ओलंपिक में क्रिकेट खेला गया है. ओलंपिक 1900 में क्रिकेट खेला गया था.

    माना जा रहा है कि ओलिंपिक में स्पर्धा टी20 प्रारूप में होगी.

  19. इसराइल ने गज़ा में बिजली, पानी, खाने सहित सभी इमरजेंसी सप्लाई पर लगाई रोक

    इसराइल

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    इसराइल ने गज़ा में ‘पूरी घेराबंदी’ करते हुए बिजली, पानी, खाने और ईंधन की आपूर्ति रोक दी है.

    शनिवार सुबह हमास के हमले शुरू होने के बाद से इसराइल ने गज़ा में खाने और दवा सहित सभी इमरजेंसी चीज़ों की सप्लाई रोकने का फैसला लिया.

    अधिकारियों का कहना है कि अगर आपूर्ति की अनुमति नहीं दी गई तो गज़ा पट्टी नए मानवीय संकट के कगार पर पहुंच जाएगा.

    बीबीसी की गज़ा से कवरेज में साफ़ नज़र आ रहा है कि पूरे इलाके की सड़कें मलबे में बदल गई हैं.

    फ़लस्तीन टावर से लेकर कई अहम रेंज़िडेंशियल बहुमंजिला इमारत पर इसराइल ने हमला किया है.

    इन हमलों में गज़ा में करीब 700 लोगों की मौत हो गई है और हजारों लोगों के घायल होने की ख़बर है.

    गज़ा पट्टी में 23 लाख लोग रहते हैं, जिनमें से 80 फ़ीसदी लोग इसराइल के साथ चल रहे दशकों के तनाव के कारण मुख्य रूप से मानवीय सहायता पर निर्भर हैं.

    गज़ा पर हमास चरमपंथियों का कब्ज़ा है लेकिन इसका एयर स्पेस और समुद्री तट इसराइल के कब्ज़े में हैं. जो ये तय करता है कि यहां क्या आ सकता है और यहां से कौन सी चीज़ बाहर जा सकती है.

    वहीं, जो सीमा मिस्र से लगती है उसे रफ़ाह सीमा कहते हैं, वहां मिस्र के कड़े नियम है कि कौन और क्या चीज़ें उस सीमा से गज़ा में आ सकती हैं.

  20. हमास ने दी चेतावनी अगर आम लोगों पर हमला हुआ तो इसराइली बंधको को मार देंगे

    गज़ा

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    इसराइल ने कहा है कि वह हमास के साथ जारी संघर्ष में 'बेशुमार ताकत' का इस्तेमाल कर उसे हराएगा.

    गज़ा पर लगातार हो रहे इसराइली हमलों पर हमास के सेना विंग के प्रवक्ता ने कहा है कि अगर इसराइल ने आम लोगों को बिना चेतावनी दिए हुए हमले किए जो वह इसराइली बंधकों को जान से मार देगा.

    सोमवार को जारी एक ऑडियो बयान में क़सम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू ओबैदा ने कहा कि गज़ा में आम लोगों के इलाकों में इसराइल के हमले तेज़ हुए हैं.

    उन्होंने बयान में कहा, “हम एलान करते हैं कि बिना किसी चेतावनी के अपने घरों में सुरक्षित हमारे लोगों को निशाना बनाया गया तो हम अपने दुश्मन (इसराइल) के बंधकों को मार देंगे.”

    इससे पहले इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने हमास के हमले के बाद अपने देश के जवाब को 'महज शुरुआत' बताया था.

    उन्होंने कहा था, "ये सिर्फ़ शुरुआत है. हम सब आपके साथ हैं. हम ताक़त के दम पर उन्हें हराएंगे. बेशुमार ताक़त आजमाएंगे. हम मिडिल ईस्ट को बदल देंगे."

    गज़ा

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    ऐसी रिपोर्ट सामने आई है कि क़तर हमास से इसराइल के बंधकों को छोड़ने को लेकर बातचीत कर रहा है.

    गज़ा की स्याह रात

    गज़ा में इस वक़्त देर रात है.

    बिजली काट दी गई और बुनियादी ढांचों पर हमले हुए हैं, जिससे ये क्षेत्र गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है.

    ये तस्वीर गज़ा में आज रात की है जिसमें इमारतों के ऊपर धुएं का बड़ा गुबार दिख रहा है. गज़ा इसराइली हवाई हमले से भड़की आग की लपटों से जल रहा है.

    शनिवार को हमास के इसराइल पर किए गए सुनियोजित हमले के बाद से दोनों देशों के बीच जारी खूनी संघर्ष में अब तक 900 इसराइलियों की मौत हो चुकी है. इसराइल के जवाबी हमले में गज़ा के 700 लोगों की मौत हो गई.

    यूके, यूएस, फ्रांस, इटली और जर्मनी के नेताओं ने एक संयुक्त बयान भी जारी किया गया. जिसमें उन्होंने इसराइल के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है.

    हमास ने इसराइल के दर्जनों लोगों को बंधक बनाया हुआ है. इनमें से ज़्यादातर लोग गज़ा में हैं.