खालिस्तान समर्थक अलगाववादी नेता
हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के बीच चल रहे राजनयिक विवाद के
बीच गुरुवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की मुलाक़ात
हुई.
वॉशिंगटन स्थित अमेरिका के
विदेश मंत्रालय में हुई इस द्विवपक्षीय मुलाक़ात के बाद जयशंकर ने कहा, “यहां वापस आकर अच्छा लगा. बीते दिनों हमारे प्रधानमंत्री यहां आए थे. जी20 शिखर सम्मेलन में सभी मुद्दों पर समर्थन के लिए अमेरिका का धन्यवाद."
वहीं, ब्लिंकन
ने कहा कि इस मुलाक़ात में दोनों के बीच "बहुत अच्छी चर्चा" हुई.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ दोनों ही नेताओं ने
मुलाक़ात के बाद मीडिया से सवाल नहीं लिये.
बैठक से पहले दोनों पक्षों के अधिकारी बैठक के एजेंडे के बारे में चुप्पी साधे हुए थे. लेकिन माना जा रहा था कि बैठक में अमेरिका अपने दो करीबियों (भारत-कनाडा) के बीच कल रहे राजनयिक संकट के मुद्दे पर चर्चा करेगा.
इस बैठक से पहले जब अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर से ये पूछा गया कि क्या बैठक में दोनों देशों के नेता कनाडा पर भी बात करेंगे? तो उन्होंने कहा, “ मैं उस बैठक होने वाली बातचीत का पूर्वावलोकन नहीं करना चाहता, लेकिन जैसा कि हमने स्पष्ट कर दिया है, हमने ये मुद्दा भारत के अपने समकक्षों के साथ उठाया है और कनाडा की जांच में सहयोग करने की अपील की है.”
बीते सप्ताह कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने देश की संसद में आशंका जताई थी कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ हो सकता है.
भारत ने कनाडा के इस आरोप के ख़ारिज करते हुए इसे 'बेतुका' और प्रेरित बताया था.
इसके बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया. दोनों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया. भारत ने कनाडा के नागरिकों के लिए वीज़ा सेवा भी फिलहाल रोक दी है.
कनाडा इस मामले की जांच कर रहा है. अमेरिका का कहना है कि ये आरोप गंभीर हैं और भारत को इस जांच में सहयोग करना चाहिए.
हालांकि कनाडा के पास किस तरह के सबूत हैं इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.