बहुजन समाज पार्टी के सांसद दानिश अली ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के आरोपों का जवाब दिया है.
गुरुवार को संसद के विशेष सत्र के दौरान बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने दानिश अली के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था.
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने दानिश अली पर आरोप लगाए थे कि उन्होंने संसद में पीएम मोदी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है, जिसकी जांच होनी चाहिए.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए दानिश अली ने कहा, "ये बात कौन कह रहे हैं, वो निशिकांत दुबे, जिन्होंने एक पिछड़ी जाति के अपने कार्यकर्ता से पैर धुलवाकर पानी पिलाया था. वही निशिकांत दुबे, जिन पर पीएचडी की फर्जी डिग्री का आरोप है. बीजेपी का क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप 48 घंटे बैठने के बाद भी ढंग का आरोप नहीं लगा पाया है."
उन्होंने कहा, "दानिश अली अभी इतना नहीं गिरा है कि वो प्रधानमंत्री के बारे में ऐसी कोई टिप्पणी करे. हमारा वो चरित्र और संस्कार नहीं हैं. सच्चाई ये है कि जब रमेश बिधूड़ी, प्रधानमंत्री पद की गरिमा को तार-तार कर रहे थे, उस पर मैंने आपत्ति जताई थी और कहा था कि माननीय प्रधानमंत्री जी के बारे में ऐसा कोई रेफरेंस और असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और सभापति से मैंने उसे रिकॉर्ड से निकालने के लिए कहा था. अगर यह कहना मेरा अपराध है तो मैं सज़ा भुगतने के लिए तैयार हूं."
दानिश अली ने कहा कि पिछले दो दिनों से बीजेपी का पूरा तंत्र उनके खिलाफ लगा हुआ कि कहीं से कोई आवाज़ निकाल लें, लेकिन सब कुछ रिकॉर्ड पर है.
रमेश बिधूड़ी को भड़काने के सवाल पर उन्होंने कहा, "नई संसद का परिसर, इतना शानदार है कि जहां मैं बैठा था और जहां से रमेश बिधूड़ी जी बोल रहे थे, उसमें इतना फर्क था कि बिना माइक के आवाज़ आ ही नहीं सकती, कि वो मेरे कहने से भड़क गए. ये आरोप निराधार हैं और मैं इन्हें सीरियस नहीं लेता, क्योंकि बीजेपी, आरएसएस में ट्रेनिंग ही यही दी जाती है कि एक झूठ को सौ बार बोलो, और फिर उसे सच बना दो और उनकी कार्यप्रणाली यही है."
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, "दानिश अली के लिए बीजेपी के सांसद रमेश बिधूड़ी जी ने गलत शब्दों का इस्तेमाल किया. उसे पूरी दुनिया देख रही है. सभ्य समाज में कोई भी व्यक्ति इन चीजों को स्वीकार नहीं करेगा. मुझे लगता है कि प्रजातंत्र में विरोध करने के अपने महत्व हैं, लेकिन शब्दों की मर्यादा बनी रहनी चाहिए."
उन्होंने कहा, "उस दिन मैं सदन में मौजूद था. बार-बार दानिश अली प्रधानमंत्री जी के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल कर रहे थे. गरीब का बेटा प्रधानमंत्री बन गया तो क्या आप उनके लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करेंगे. आप नाम के पीछे कुंवर लगाते हैं, आप राजा हो गए हैं तो क्या आप किसी को भी कीड़ा-मकोड़ा समझने लगेंगे."
निशिकांत दुबे ने कहा, "स्वाभिवक है कि बीजेपी के लोग, मोदी जी के कारण ही जीतकर आते हैं. जनता वोट मोदी जी को वोट देती है. बार-बार रमेश बिधूड़ी जी को छेड़ रहे हो, उसमें भी प्रधानमंत्री जी को आपत्तिजनक शब्द कहेंगे, तो स्वाभाविक है वो प्रतिक्रिया होगी."