संसद के नए भवन में विशेष सत्र के दौरान गुरुवार को लोकसभा में बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी की ओर से बसपा सांसद दानिश अली के लिए अपशब्द कहे गए, जिसे लेकर विपक्ष हमलावर है और कार्रवाई की मांग कर रहा है.
दानिश अली, उत्तर प्रदेश के अमरोहा से बहुजन समाज पार्टी के सांसद हैं. उन्होंने कहा, ''ये हेट स्पीच का मामला है. अब तक ये संसद से बाहर होता रहा है. मगर कल बीजेपी सांसद ने सदन के अंदर हेट स्पीच दी है. बीजेपी सांसद ये सब संघ की शाखा में सीख रहे हैं या पीएम मोदी के नए भारत की नई प्रयोगशाला में ये सीख रहे हैं?''
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बसपा प्रमुख मायावती ने लिखा, ''दिल्ली से भाजपा सांसद का बसपा सांसद दानिश अली के ख़िलाफ़ सदन में आपत्तिजनक टिप्पणी को स्पीकर ने रिकॉर्ड से हटाकर उन्हें चेतावनी भी दी है. वरिष्ठ मंत्री ने सदन में माफ़ी मांगी. लेकिन पार्टी की ओर से उनके ख़िलाफ़ अभी तक समुचित कार्रवाई नहीं करना, दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है.''
समाजवादी पार्टी ने क्या कहा?
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, "लोग केवल चेहरे से ही नहीं पहचाने जाते हैं, बल्कि अपनी ज़बान से भी पहचाने जाते हैं. भारतीय जनता पार्टी के केवल एक नेता के ऐसे विचार नहीं हैं. अगर हम पुराना इतिहास उठाकर देखें तो बहुत से ऐसे नेता मिलेंगे जिन्होंने न जाने कितनी असंसदीय भाषा में टिप्पणियां की हैं... इन पर हमेशा हमेशा के लिए पाबंदी लगा देनी चाहिए ताकि ये कभी चुनाव न लड़ पाएं."
बसपा सांसद दानिश अली को संसद में अपशब्द कहे जाने के विवाद के बीच राहुल गांधी शुक्रवार शाम उनसे मिलने पहुंचे. मुलाक़ात के बाद दानिश अली और राहुल गांधी ने “नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान” का मुहावरा दोहराया.
मुलाक़ात के बाद दानिश अली ने पत्रकारों से कहा, "राहुल जी खाली एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए, मेरा हौसला बढ़ाने के लिए वो यहां आए कि अकेला मत समझिए, इस देश का हर वो व्यक्ति जो लोकतंत्र में विश्वास रखता है, वो आपके साथ खड़ा है. राहुल गांधी ने कहा कि इसे दिल पर मत लीजिए और अपनी सेहत का ख्याल रखिए."
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, “जितनी भी निंदा की जाए, वो कम होगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने माफी मांगी है, वो अपर्याप्त है. ऐसी भाषा मैंने कभी नहीं सुनी, ये भाषा कहीं भी इस्तेमाल नहीं होनी चाहिए. ये सभी सांसदों का अपमान है. नई संसद में पीएम कहते हैं कि इसकी शुरुआत नारी शक्ति बिल से हुई है, मैं कहता हूं इसकी शुरुआत बिधूड़ी के शब्दों से हुई है. ये बीजेपी की मंशा को दर्शाता है. ये बिधूड़ी जो कह रहे हैं, वो बीजेपी की मंशा है… इस सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए."
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, "अब समय आ गया है कि नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत को सार्वजनिक रूप से ऐसे विचारों को ख़ारिज करना चाहिए. इसके बजाय उन्हें भारत को तोड़ने की नहीं बल्कि एकजुट करने की प्रतिज्ञा लेनी चाहिए, नहीं तो नफ़रत का ये ज़हर हमारे समाज और देश को तोड़ देगा."
एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर लिखा, ''मेरा सुझाव है कि नरेंद्र मोदी इस वीडियो को जल्द अरबी में डब करें और अपने हबीबियों को भेजें.’
ओवैसी ने आरोप लगाते हुए लिखा, “इस वीडियो में "चौंकाने वाला" कुछ नहीं है. भाजपा एक अथाह खाई है, इसलिए हर दिन एक नया निचला स्तर मिल जाता है. मुझे भरोसा है कि इनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं होगी. संभावना है कि आगे इन्हें भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा. आज भारत में मुसलमानों के साथ वैसा ही सुलूक हो रहा है, जैसा हिटलर के जर्मनी में यहूदियों के साथ किया जाता था.”
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, “इस वीडियो में बिधूड़ी उग्रवादी, आतंकवादी समेत कई आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल सांसद के लिए कर रहे हैं. गरिमा के रखवाले स्पीकर ओम बिरला और विश्व गुरु पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा - कृपया कार्रवाई करें.”
आप नेता और सांसद संजय सिंह ने कहा, “मैंने सदन में मणिपुर हिंसा का मुद्दा उठाया, तो निलंबित कर दिया, इसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रहा है. कोई कार्रवाई देखी है आपने? ये अजीब बात है कि विपक्ष को तुरंत बर्खास्त करो और जहां बीजेपी का सांसद है, वो किसी को गाली दे, सदन में मां-बहन की गालियां शुरू हो जाएंगी…पीएम इस तरह की भाषा को मंजूरी देते हैं. आरएसएस में यही सिखाया जाता है. यही संस्कार बीजेपी ने दिया है…अगर ओम बिरला जी में जरा सी भी नैतिकता है, तो इस सांसद के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए."
बिहार सरकार के मंत्री तेजप्रताप यादव ने कहा, “सरकार को उनकी सदस्यता रद्द करनी चाहिए. उनका कोई अधिकार नहीं बनता है कि वो किसी सदस्य को इस तरह के शब्द कहें. ये निंदनीय है. भाजपा का जो आचरण है उसे देश के लोग देख रहे हैं, कि किस तरह से ये लोग भारत की भूमि और लोगों को तोड़ने का काम कर रहे हैं. ये लोग संविधान और तिरंगे झंडे को नहीं मानते. इसके ऊपर प्रधानमंत्री को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. इस तरह की भाषा, लोकतंत्र पर हमला है.”
आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा, “मुझे दुख जरूर हुआ, लेकिन आश्चर्य नहीं हुआ, प्रधानमंत्री जी के वसुधैव कुटुंबकम की सच्चाई यही है. गोडसे को देशभक्त बताने वाला सांसद कौन है? किस पार्टी का है? टिम्बकटू में नहीं है. भोपाल से सांसद है. कल जो भाषा सदन के अंदर बोली गई सांसद के लिए, अगर सदन में ये भाषा बोली जा रही है."
"सोचिए सड़कों, गलियों, नुक्कड़ और गांवों में मुसलमानों, दलितों और वंचितों के खिलाफ किस तरह की जुबान को वैधता दी गई है. प्रधानमंत्री जी सबका साथ, सबका विकास को जीना पड़ता है. रमेश बिधूड़ी जी आपके माननीय सांसद है और उनके लिए आप एक शब्द नहीं बोल पाए अभी तक, कुछ भी नहीं. मैं मानूंगा ना कि ये आपकी मर्जी से हो रहा है. आपके मर्जी के बिना तो आपके दल में पत्ता नहीं हिलता है, तो बिधूड़ी कैसे हिल गए?
पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने लोकसभा में दक्षिण दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी के बयान की ओर इशारा करते हुए ट्वीट किया है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद डॉ. हर्षवर्धन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''मैंने देखा कि ट्विटर पर मेरा नाम ट्रेंड कर रहा है. लोकसभा में दो सांसदों का एक-दूसरे के ख़िलाफ़ असंसदीय भाषा इस्तेमाल किए जाने के मामले में मेरा नाम घसीटा जा रहा है.''