नारी शक्ति वंदन बिल राज्यसभा में भी हुआ पास

नारी शक्ति वंदन विधेयक गुरुवार को राज्यसभा में भी पारित हो गया है. 215 सांसदों ने इसके समर्थन में वोट डाले. विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and स्नेहा

  1. राहुल गांधी पर जेपी नड्डा संसद में बोले- पढ़ोगे नहीं तो शॉक लगेगा ही

    जेपी नड्डा

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    महिला आरक्षण बिल पर राज्यसभा में गुरुवार को चर्चा हो रही है.

    ये बिल लोकसभा में बुधवार को पास हो गया था. लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने सवाल उठाया था कि भारत सरकार के 90 सेक्रेटरी में से सिर्फ़ तीन सेक्रेटरी ओबीसी हैं.

    राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान कहा था कि वो इस आंकड़े से हैरान थे.

    अब बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा से बीजेपी सांसद जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को जवाब दिया है.

    जेपी नड्डा ने कहा, ''लीडर को लीडर बनना पड़ेगा, ट्यूटर से काम नहीं चलेगा. कोई लीडर हो तो समझ आता है. ये एनजीओ को लेकर आ जाता है, जिनको कोई जानकारी नहीं. वो आपको समझाते हैं और आप बोलते हैं- शैटर्ड एंड शॉक. अरे भैया शॉक तो लगेगा ही जब पढ़ोगे नहीं.''

    जेपी नड्डा बोले- ''देश को पहला ओबीसी प्रधानमंत्री बीजेपी ने दिया. आज 27 मंत्री ओबीसी के हैं. 303 बीजेपी सांसदों में से 29 फ़ीसदी ओबीसी हैं.''

    इससे पहले बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह भी लोकसभा में राहुल गांधी को जवाब दे चुके हैं.

    अमित शाह ने कहा था, ''जिन लोगों को यह लगता है कि देश यहाँ के सेक्रेटरी चलाते हैं यह उनकी ‘समझ’ है. हमारे देश की नीतियों का निर्धारण जनता द्वारा चुनी गई सरकार और कैबिनेट करती है.''

    शाह बोले थे, ''बीजेपी सांसदों में 29% यानी 85 सांसद ओबीसी हैं और सरकार में भी 29 मंत्री ओबीसी हैं. बीजेपी के 1358 विधायक में 365 यानी 27% ओबीसी के हैं. वहीं बीजेपी के 163 एमएलसी में से 40% ओबीसी हैं."

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  2. भारत ने कनाडा में वीज़ा सेवा निलंबित की

    भारत-कनाडा

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    भारत के कनाडा स्थित भारतीय मिशन ने कहा है कि ऑपरेशनल वजहों से अगली सूचना तक वीज़ा सेवाएं निलंबित की जा रही हैं.

    थोड़ी देर पहले भारत का वीज़ा एप्लीकेशन का काम देखने वाली कंपनी बीएलएस की वेबसाइट से ये जानकारी शेयर करने के बाद हटा ली गई थी, लेकिन अब ये जानकारी फिर शेयर कर दी गई है.

    कनाडा के भारतीय वीज़ा सेंटर ने अपनी वेबसाइट पर जानकारी दी थी, ''भारतीय मिशन की ओर से ज़रूरी सूचना- आपरेशनल वजहों के चलते 21 सितंबर 2023 से भारतीय वीज़ा सेवाओं को अगली सूचना तक निलंबित कर दिया गया है. कृपया आगे के अपडेट के लिए बीएलएस वेबसाइट चेक करते रहें.''

    बीएलएस इंटरनेशनल कनाडा में भारत के लिए ऑनलाइन वीज़ा एप्लीकेशन केंद्रों का काम संभालती है.

    भारत और कनाडा के बीच राजनयिक विवाद चल रहा है. कनाडा ने पहले भारत के राजनयिक को निष्कासित किया था. इसके बाद भारत ने भी कनाडा के राजनयिक को निष्कासित कर दिया था.

    भारत

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  3. राहुल गांधी ने आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर कुलियों से की मुलाकात

    राहुल गांधी

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    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी कुलियों से मुलाकात करने आनंद विहार रेलवे स्टेशन पहुंचे.

    इस दौरान राहुल गांधी ने कुली जैसे कपड़े पहने और सामान भी उठाया.

    रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कहा- “बहुत खुशी महसूस हुई कि हम आटो ड्राइवरों और कुलियों से मिलने के लिए राहुल गांधी आए. उन्होंने हमारी समस्याएं जानी और कहा कि उसे आगे तक ले जाएंगे ताकि समस्याओं का हल हो सके.”

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    कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इस मुलाकात की तस्वीरें एक्स पर शेयर करते हुए लिखा है- “17 अगस्त को जब राहुल जी आज़ादपुर सब्ज़ी मंडी गये थे, तब आनंद विहार रेलवे स्टेशन के कुलियों ने इच्छा जतायी थी कि राहुल गांधी जी उनसे मिलें, उनकी समस्याओं को सुनें.

    आज सवेरे राहुल गांधी जनता के बीच उनसे मिलने, उनकी परेशानियाँ समझने, उनको ढाँढस बंधाने जा पहुँचे.”

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  4. भारत-कनाडा के बीच चल रहे विवाद पर पाकिस्तान बोला

    पाकिस्तान

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    कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के लगाए आरोप के बाद शुरू हुए तनाव को लेकर पाकिस्तान ने भारत पर हमला बोला है.

    पाकिस्तान ने कहा है कि भारत ने जो किया, वो अंतरराष्ट्रीय क़ानून और देश की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन है.

    पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज़ ज़ेहरा बलोच ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ''कनाडा में हुई एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल हत्या में भारत की भूमिका की ख़बर ने ये दिखा दिया है कि दूसरे देशों में जाकर हत्या करने से जुड़ा भारत का नेटवर्क अब ग्लोबल बन चुका है. भारतीय खु़फ़िया एजेंसी रॉ दशकों से दक्षिण एशिया में अपहरण और हत्याओं में शामिल रही है.''

    बलोच ने कहा, “पाकिस्तान, रॉ द्वारा की गई इन हत्याओं और जासूसी के निशाने पर रहा है. पिछले साल दिसंबर में पाकिस्तान ने एक समग्र डॉज़ियर जारी किया था, जिसमें जून 2021 में लाहौर में हुए हमले में भारत की भूमिका से जुड़े पुख़्ता और विश्वसनीय सबूत थे. इस हमले की योजना भारतीय ख़ुफ़िया विभाग ने बनाई थी और उसी ने इसे अंजाम दिया.”

    इससे पहले पाकिस्तान के विदेश सचिव साइरस काजी ने कहा था कि पाकिस्तान कनाडा के भारत पर लगाए गए आरोप से "हैरान" नहीं है.

    उन्होंने दावा किया, "भारत सरकार पाकिस्तान की धरती पर सिख कार्यकर्ता की हत्या में शामिल थी."

    बीते सोमवार को हाउस ऑफ़ कॉमन्स में कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था, “हमारे पास ठोस सबूत हैं, जिनके आधार पर ये बात सामने आई है कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत के एजेंटों का हाथ हो सकता है."

    "कनाडा की धरती पर किसी कनाडाई नागरिक की हत्या में किसी विदेशी सरकार की संलिप्तता हमारी संप्रभुता का अस्वीकार्य उल्लंघन है.”

    इसके बाद कनाडा ने भारत के एक राजनयिक को निकाल दिया.

    मंगलवार को भारत ने भी बदले की कार्रवाई करते हुए कनाडा के एक राजनयिक को निकाल दिया.

    भारत ने कनाडा के आरोप के ख़ारिज करते हुए कहा- “हम कनाडा के प्रधानमंत्री का उनकी संसद में दिया गया बयान और उनके विदेश मंत्री के बयान को खारिज करते हैं.”

    “कनाडा में हिंसा के किसी भी कृत्य में भारत सरकार की संलिप्तता के आरोप बेतुके हैं. इसी तरह के आरोप कनाडा के प्रधानमंत्री ने हमारे प्रधानमंत्री के सामने भी रखे थे और उन्हें पूरी तरह से खारिज कर दिया गया था.”

    “हम कानून के शासन के प्रति मज़बूत प्रतिबद्धता वाली एक लोकतांत्रिक देश हैं.”

    “इस तरह के निराधार आरोप खालिस्तानी आतंकवादियों और चरमपंथियों से ध्यान हटाने की कोशिश करते हैं, जिन्हें कनाडा में आश्रय दिया गया है और जो भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा बने हुए हैं. इस मामले पर कनाडाई सरकार की निष्क्रियता लंबे समय से चिंता का विषय रही है.”

  5. कनाडा-भारत राजनयिक विवाद पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा

    मैकलियोड

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    कनाडा और भारत के बीच चल रहे राजनयिक विवाद पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मार्गरेट मैकलियोड ने कहा है कि कनाडा की ओर से भारत पर लगाया गए आरोप की जांच होनी चाहिए, उम्मीद है कि भारत जांच में सहयोग देगा.

    मैकलियोड अमेरिकी विदेश मंत्रालय के हिंदुस्तानी भाषा की प्रवक्ता हैं.

    बीबीसी से बात करते हुए मैकलियोड कहा, “कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का आरोप बेहद संजीदा और तफ़्तीशनाक है. सबसे महत्वपूर्ण है कि मुजरिम न्याय का सामना करें. हमें उम्मीद है कि भारत इस जांच में कनाडा का सहयोग करेगा.”

    “ हम कनाडा और भारत दोनों की ही बात सुनेंगे. दोनों हमारे क़रीबी साथी हैं. हर देश के साथ हमारे अलग-अलग रिश्ते हैं.”

    “तफ़्तीश जारी है तो मैं और तफ़्सील से इस पर बात नहीं करूंगी. सबसे ज़रूरी है कि जांच ठीक से आगे बढ़े और मुजरिम न्याय का सामना करे.”

    इससे पहले व्हाइट हाउस के नेशनल सिक्योरिटी के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा था कि ट्रूडो के आरोप ‘बेहद गंभीर’ हैं और अमेरिका कनाडा की इस मामले में जांच का समर्थन करता है. उन्होंने भारत से जांच में सहयोग करने की अपील की थी.

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    बीते सोमवार को हाउस ऑफ़ कॉमन्स में कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था, “हमारे पास ठोस सबूत है जिसके आधार पर ये सामने आया है कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत के एजेंटों का हाथ हो सकता है."

    "कनाडा की धरती पर किसी कनाडाई नागरिक की हत्या में किसी विदेशी सरकार की संलिप्तता हमारी संप्रभुता का अस्वीकार्य उल्लंघन है.”

    भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह ख़रिज किया है और कहा है कि ये आरोप ‘बेतुके’ और ‘प्रेरित’ हैं.

  6. कनाडा के सांसद ने हिंदुओं से की सावधान रहने की अपील, कहा: हिंदू-सिखों को बांटने की कोशिश

    चंद्र आर्या

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    कनाडा में ओंटारियो के नपियन से सांसद चंद्र आर्या ने कनाडा में रह रहे हिंदुओं से अपील की है कि वो सावधान रहें.

    इसके साथ ही कहा है कि ख़ालिस्तान समर्थक नेता कनाडा में हिंदुओं और सिखों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं.

    एक वीडियो अपील जारी करते हुए उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले कनाडा में ख़ालिस्तान आंदोलन के नेता और तथाकथित जनमत संग्रह का आयोजन करने वाले सिख फॉर जस्टिस के अध्यक्ष गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हिंदू-कनाडाई लोगों पर हमला किया और हमें कनाडा छोड़ने और भारत वापस जाने के लिए कहा”

    “मैंने कई हिंदू कनाडाई लोगों से सुना है कि वो इस टारगेटेड हमले के बाद डरे हुए हैं. मैं अपील करता हूं कि हिंदू कनाडाई लोग शांत रहें लेकिन साथ ही सावधान रहें. किसी भी तरह की हिंदूफ़ोबिया की घटना की जानकारी अपने नज़दीकी क़ानून व्यवस्था लागू करने वाली एजेंसी को दें.”

    “ख़लिस्तान समर्थक नेता कनाडाई हिंदूओं को उकसाना चाह रहे हैं और वो सिख और हिंदू समुदाय को कनाडा में बांटना चाह रहे हैं. एक बात मैं साफ़ कर देना चाहता हूं कि कनाडा में ज़्यादातर सिख भाई-बहन ख़लिस्तान आंदोलन का समर्थन नहीं करते. कई सिख खुल कर खलिस्तान आंदोलन की निंदा तो नहीं करेंगे लेकिन वो कनाडाई हिंदू समुदाय के साथ जुड़े हुए हैं.”

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    कनाडा और भारत के बीच राजनयिक विवाद चल रहा है. दोनों देशों ने एक दूसरे के राजनयिकों को निकाल दिया है.

    बीते सोमवार को हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा था कि निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंट शामिल हो सकते हैं.

    उन्होंने देश की संसद में ये बात कही. इसके बाद कनाडा ने भारत के एक राजनयिक को निकाल दिया.

    मंगलवार को भारत ने कनाडा के इस बयान को पूरी तरह ख़ारिज कर इसे बेतुका और प्रेरित बताया और बदले की कार्रवाई करते हुए कनाडा के एक राजनयिक को निकाल दिया.

    इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है.

  7. पीएम मोदी ने बाइडन को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनने का दिया न्योता- गार्सेटी

    बाइडन, मोदी

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    भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को आने वाले गणतंत्र दिवस समारोह के लिए मुख्य अतिथि बनने का न्योता दिया है.

    गार्सेटी ने बताया कि मोदी ने 8 सितंबर को दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति को निमंत्रण दिया था.

    गार्सेटी से पूछा गया कि क्या गणतंत्र दिवस समारोह के आसपास भारत में क्वाड शिखर सम्मेलन के आयोजन की भी योजना है? जिसकी उन्होंने पुष्टि नहीं की.

    एक कार्यक्रम में अमेरिकी राजदूत से उन रिपोर्टों के बारे में पूछा गया था जिसमें कहा गया कि भारत गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए क्वाड देशों के नेताओं को आमंत्रित करने पर विचार कर रहा है.

    इसके जवाब में गार्सेटी ने कहा कि जी20 शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति बिडेन को गणतंत्र दिवस समारोह में आमंत्रित किया है.

    यदि बाइडन निमंत्रण स्वीकार करते हैं, तो वह बराक ओबामा के बाद गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनने वाले दूसरे अमेरिकी राष्ट्रपति होंगे. ओबामा साल 2015 में मुख्य अतिथि बन कर आए थे.

  8. भारत-कनाडा राजनयिक विवाद में अमेरिकी राजदूत गार्सेटी ने क्या बोला

    गार्सेटी

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    कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के भारत लगाए गए आरोपों के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक विवाद पैदा हो गया है.

    दोनों देशों ने एक दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है. इस पूरे मामले में भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा है कि अमेरिका पीएम ट्रूडो के आरोपों की गहन जांच का समर्थन करता है.

    एरिक गार्सेटी ने ये भी कहा कि पीएम ट्रूडो के आरोप "परेशान करने वाले" हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और नॉन-इंटरफ़ेयरेंस के सिद्धांतों के महत्व का ज़िक्र किया.

    बीते सोमवार को हाउस ऑफ़ कॉमन्स में कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था, “हमारे पास ठोस सबूत है जिसके आधार पर ये सामने आया है कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत के एजेंटों का हाथ हो सकता है."

    "कनाडा की धरती पर किसी कनाडाई नागरिक की हत्या में किसी विदेशी सरकार की संलिप्तता हमारी संप्रभुता का अस्वीकार्य उल्लंघन है.”

    भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह ख़रिज किया है और कहा है कि ये आरोप ‘बेतुके’ और ‘प्रेरित’ हैं.

    इस मामले पर एरिक गार्सेटी ने बुधवार को कहा, “ज़ाहिर है, इस तरह के कोई भी आरोप चिंताजनक है. लेकिन सक्रिय आपराधिक जांच से उम्मीद है कि हम यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए.”

    “किसी निर्णय पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतज़ार करना चाहिए. साथ ही संप्रभुता का सम्मान करना सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत है.”

    इससे पहले व्हाइट हाउस के नेशनल सिक्योरिटी के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा था कि ट्रूडो के आरोप ‘बेहद गंभीर’ हैं और अमेरिका कनाडा की इस मामले में जांच का समर्थन करता है. उन्होंने भारत से जांच में सहयोग करने की अपील की थी.

  9. ओवैसी ने बताया आख़िर क्यों किया महिला आरक्षण बिल के ख़िलाफ़ वोट

    ओवैसी

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    ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी के सांसद इम्तियाज़ जलील ने बुधवार को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के ख़िलाफ़ वोट किया.

    ये वो दो सांसद थे जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक के विरोध में थे, इनके अलावा बाकी 454 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में वोट डाला.

    लोकसभा में विधेयक के पास होने के बाद ओवैसी ने बताया कि क्यों उनकी पार्टी ने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया.

    उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा- “बिल का विरोध करने की वजह ये है कि ओबीसी के लिए आरक्षण नहीं है. जो हमारी जनसंख्या के 50 फ़ीसदी से ज़्यादा के हिस्सेदार हैं उनकी लोकसभा में हिस्सेदारी सिर्फ़ 22 फ़ीसदी है."

    "मुस्लिम महिलाओं के लिए भी हमने संशोधन डाला था, सदन में सिर्फ़ चार फ़ीसदी मुस्लिम महिलाएं हैं, उनका भी तो प्रतिनिधित्व होना चाहिए. बिल लाने का मकसद क्या है कि लोकसभा और राज्य की विधानसभाओं में उन्हें मौका मिले. जब उनको प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा तो क्या मतलब है.”

    बुधवार को आठ घंटे चली चर्चा के बाद लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो गया.

    इस विधेयक में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फ़ीसदी आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है. महिला आरक्षण के लिए पेश किया गया विधेयक 128वां संविधान संशोधन विधेयक है.

    इस क़ानून को लागू करने के लिए लोकसभा और राज्यसभा को इस विधेयक को दो-तिहाई बहुमत से पास करना होगा. इसके बाद जनगणना के बाद परिसीमन की कवायद की जाएगी.

    लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि "सभी को इस बिल का समर्थन करना चाहिए क्योंकि जो लोग परिसीमन, जनगणना का हवाला देते हुए बिल का विरोध कर रहे हैं उनसे कहना चाहता हूं कि आप समर्थन नहीं करोगे तो क्या जल्दी आरक्षण आ जाएगा? तो भी 2029 के बाद आएगा.”

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  10. नमस्कार!

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