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ईरान में महिलाओं के ड्रेस कोड पर विवादित बिल पारित, 10 साल की सज़ा का प्रावधान

ईरान की संसद ने एक ऐसा विवादित बिल पारित किया है जिससे ड्रेस कोड का उल्लंघन करनेवाली लड़कियों और महिलाएं को अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and स्नेहा

  1. भारत सरकार ने कनाडा में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए जारी की एडवाइज़री

    भारत सरकार ने कनाडा में रहने वाले भारतीय नागरिकों और छात्रों के लिए 'एडवाइज़री' जारी की है.

    भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसे साझा किया है.

    भारत सरकार ने अपनी एडवाइजरी में कहा है, " कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियों, राजनीति से प्रेरित हेट क्राइम और आपराधिक हिंसा में वृद्धि के मद्देनजर वहां रह रहे सभी भारतीयों या वहां की यात्रा करने की योजना बना रहे लोगों से सतर्क रहने की अपील की जाती है."

    भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है, "कनाडा में हाल में भारत विरोधी एजेंडे के खिलाफ आवाज उठानेवाले भारतीय डिप्लोमेट्स और भारतीय समुदाय के लोगों को निशाना बनाने वाले खतरे सामने आए हैं. इसलिए भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वो कनाडा के ऐसे इलाकों में जाने से बचें, जहां इस तरह की घटनाएं हुई हैं."

    छात्रों को सतर्क रहने की सलाह

    बयान में कहा गया, "हमारा उच्चायोग/कॉन्सुलेट जनरल कनाडा में भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कनाडा के अधिकारियों के संपर्क में हैं."

    भारत सरकार ने कहा है कि कनाडा में सुरक्षा की दृष्टि से खराब होते माहौल में भारतीय छात्रों को खास तौर पर बेहद सतर्क रहने की सलाह दी जाती है. एडवाइज़री में कनाडा में रहनेवाले भारतीय नागरिकों और छात्रों को ये भी सलाह दी गई है कि वे ओटावा में भारतीय उच्चायोग में और टोरंटो और वैंकूवर में भारतीय कॉन्सुलेट जनरल के पास मदद पोर्टल madad.gov.in पर रजिस्टर करें.

    सरकार ने कहा है, "ऐसा करने से ये तय किया जा सकेगा कि किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में उच्चयोग उनसे सीधे संपर्क कर सके."

  2. सचिन पायलट का दावा 'राजस्थान में झगड़े में फंसी बीजेपी के साथ नहीं जुड़ रही जनता'

    कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने दावा किया है कि राजस्थान में बीजेपी के मुक़ाबले सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी की स्थिति मजबूत है.

    उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी तमाम कोशिशों के बाद भी जनता को अपने साथ नहीं जोड़ पा रही है.

    राजस्थान में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं.

    बुधवार को मीडिया से बात करते हुए सचिन पायलट ने कहा, "कर्नाटक और हिमाचल में चुनाव जीतने के बाद (कांग्रेस) कार्यकर्ताओं में उत्साह है. भाजपा तमाम कोशिश करने के बाद भी राजस्थान में अपने चुनाव अभियान को उठा नहीं पा रही है. जनता उनके साथ जुड़ नहीं रही है."

    बीजेपी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, " पौने पांच साल आप गायब रहो, सदन के अंदर और सदन के बाहर, लोगों की बात उठा न पाओ, आपसी झगड़ों में फंसे रहो, पब्लिक सब समझती है. इसलिए जनता जुड़ नहीं रही."

    सचिन पायलट ने कहा, "हैदराबाद में हमने (कांग्रेस पार्टी ने) निर्णय लिया है कि पूरी ताक़त से मैदान में उतरेंगे. एकजुटता से चुनाव लड़ेंगे. राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बनेगी. 2024 का लोकसभा चुनाव होगा तब एनडीए को हरा पाएंगे और इंडिया अलायंस चुनाव जीतेगा."

    राजस्थान में सरकार चला रही कांग्रेस के दो बड़े नेताओं सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच बीते सालों में तकरार की ख़बरें आती रही थीं.

    इसे बीजेपी की कमज़ोर कड़ी माना जाता रहा. हालांकि, कांग्रेस का दावा है कि अब पूरी पार्टी एकजुट है.

  3. दिल्ली हाई कोर्ट ने अनिल कपूर की आवाज़ और तस्वीर के बिना इजाज़त इस्तेमाल पर लगाई रोक

    दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेता अनिल कपूर की इजाज़त के बिना उनके नाम, तस्वीर और आवाज़ के कारोबारी इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है.

    दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को अपने अंतरिम आदेश में सोशल मीडिया चैनल्स, ई-कॉमर्स वेबसाइट्स और अन्य लोगों की ओर से बॉलीवुड अभिनेता के पब्लिसिटी राइट्स का उल्लंघन करने पर रोक लगा दी.

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती ने इस आदेश की कॉपी देखी है.

    कपूर का आरोप था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर कई लोग, कई सोशल मीडिया चैनल्स उनकी आवाज और तस्वीर का इस्तेमाल कर उनकी छवि खराब कर रहे हैं.

    वकील प्रवीण आनंद बुधवार को अनिल कपूर की तरफ से अदालत में पेश हुए. उन्होंने अदालत को बताया कि वे कपूर की तस्वीर और 'झकास' डायलॉग का इस्तेमाल उनकी मर्जी के बिना नहीं करने को लेकर कोर्ट से आदेश देने की अपील कर रहे हैं.

  4. महिला आरक्षण बिल पर बोले रविशंकर, 'पीएम वो कर रहे हैं जो बाकी सरकारें नहीं कर सकीं'

    बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष की आपत्तियों को ख़ारिज किया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष को ये बताना चाहिए कि 'वो आरक्षण चाहते हैं या नहीं.'

    उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत ही ऐतिहासिक काम कर रहे हैं. जो बाकी सरकारें नहीं कर सकीं. हिम्मत नहीं कर सकीं या पास नहीं कर सकीं. आप जब आरक्षण दे रहे हैं तो एक नीतिगत निर्णय है, जो संविधान में संशोधन करके होगा."

    उन्होंने कहा, "फिर इस आरक्षण को ज़मीन पर कैसे लाया जाए. उसकी प्रक्रिया भी संविधान और क़ानून में तय है. अभी जो डिलिमिटेशन (परिसीमन) है, वो 2026 तक प्रतिबंध है. दूसरा डिलिमिटेशन एक्ट में लिखा है कि एससी एसटी को वहीं पर आरक्षण मिलेगा, जहां उनकी आबादी का प्रतिशत बाकी की तुलना में ज़्यादा है."

    रविशंकर प्रसाद ने कहा, "जहां महिलाओं की संख्या ज़्यादा है, ये तय करेगा डिलिमिटेशन कमीशन."

  5. कनाडा के नेता जगमीत सिंह ने कहा- 'भारत के दख़ल की जांच हो'

    कनाडा की न्यू डेमोक्रैटिक पार्टी के नेता जगमीत सिंह ने कनाडा की ओर से भारत पर लगाए गए आरोपों को लेकर विदेशी दखलंदाज़ी की जांच करने वाले आयोग को चिट्ठी लिखी है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ये चिट्ठी शेयर करते हुए लिखा, “मैंने विदेशी हस्तक्षेप की जांच करने वाले आयोग के आयुक्त को खत लिखा है कि वो कनाडा में भारत के (विदेशी) हस्तक्षेप की जांच करें.”

    “मैं हर कनाडाई नागरिक की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार जो कुछ भी कर सकता हूं करूंगा.”

    जस्टिन ट्रूडो की सरकार को जगमीत सिंह की पार्टी एनडीपी का समर्थन है.

    सोमवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आशंका जाहिर की थी कि भारत सरकार का हाथ हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में हो सकता है और कनाडा सरकार ने एक भारतीय राजनयिक को निष्कासित कर दिया.

    बदले में भारत ने भी एक कनाडाई राजनयिक को निष्कासित करते हुए उन्हें भारत छोड़ने के लिए पांच दिन का वक़्त दिया.

    भारत सरकार ने कनाडा के आरोपों को ख़ारिज किया है और इसे 'बेतुका' बताया है.

    अपने देश की संसद में भारत पर आरोप लगाने वाले ट्रूडो ने मंगलवार को एक और बयान दिया.

    उन्होंने कहा कि वह भारत को उकसाना नहीं चाहते बल्कि चाहते हैं कि भारत इस मुद्दे को गंभीरता से ले.

  6. मायावती ने महिला आरक्षण बिल को लेकर उठाया सरकार की मंशा पर सवाल

    बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाया है.

    मायावती ने आज (बुधवार को) एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "ये विधेयक महिलाओं को आरक्षण देने की नीयत से नहीं बल्कि वोट हासिल करने की नीयत से लाया गया है. "

    उन्होंने कहा, "अगले काफी वर्षों तक अर्थात अगले 15-16 वर्षों तक देश की महिलाओं को आरक्षण प्राप्त नहीं हो पाएगा."

    मायावती ने कहा, "महिला आरक्षण विधेयक पास होने के बाद पहले पूरे देश में जनगणना कराई जाएगी. ये पास तो हो जाएगा लेकिन तुरंत लागू नहीं होगा. जब जनगणना पूरी हो जाएगी तब लोकसभा और विधानसभाओं को परिसीमन कराया जाएगा. उसके बाद ये बिल लागू होगा."

    उन्होंने कहा, "ये बात किसी से छिपी नहीं है कि देश भर में नए सिरे जनगणना कराने में अनेक वर्ष लग जाते हैं. परिसीमन के बाद ही महिला आरक्षण बिल लागू होगा. ये स्पष्ट है कि ये संशोधन विधेयक महिलाओं को आरक्षण देने की साफ़ नीयत से नहीं लाया गया है. बल्कि आने वाली विधानसभाओं और लोकसभा चुनाव में देश की भोली भाली महिलाओं का वोट हासिल करने की नीयत से लाया गया है."

  7. महिलाएं जान गईं हैं, आप भारी जुमलेबाज़ हैं: ललन सिंह

    जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह ने महिला आरक्षण के लिए लाए गए नारी शक्ति वंदन बिल का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को 'महिला सशक्तिकरण से कोई मतलब नहीं है.'

    उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें (केंद्र सरकार को) 'कुर्सी से मतलब है.'

    लोकसभा में आज (बुधवार को) ललन सिंह ने कहा, "कुर्सी बचाने के लिए ये कोई भी जुमलेबाज़ी कर सकते हैं. आप महिलाओं को छलने का काम करेंगे. महिलाएं जान गई हैं कि आप भारी जुमलेबाज़ हैं."

    ललन सिंह ने कहा कि आप गंभीर होते तो " 2021 में जाति आधारित जनगणना कराते. आपने जनगणना शुरू कराया होता तो अभी तक हो गया होता."

    उन्होंने कहा, "बिहार पहला राज्य है जहां 2005 में सरकार बनी और महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया."

    ललन सिंह ने कहा, " 2015 में महागठबंधन की सरकार बनी और 2016 में राज्य सरकार की सारी सेवाओं में 35 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया. आपकी तरह साढ़े चार महीने इंतज़ार नहीं करते रहे."

    उन्होंने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि इसमें पिछड़ों और अति पिछड़ों को आरक्षण मिलना चाहिए.

  8. कनाडा-भारत के सैन्य रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा, मेजर जनरल अभिनय राय ने दिया जवाब

    भारतीय सेना के मेजर जनरल अभिनय राय ने कहा है कि भारत कनाडा के साथ कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर इंगेज करना (संपर्क) जारी रखेगा.

    सेना के एडिशनल डायरेक्टर जनरल (स्ट्रैटजिक प्लानिंग) मेजर जनरल अभिनय राय ने एक सवाल के जवाब में कहा, “भारत और कनाडा के बीच जो चल रहा है उसका असर इस पर नहीं पड़ेगा.”

    नई दिल्ली में इंडो-पैसेफिक आर्मी चीफ़ कॉन्फ्रेंस 26 और 27 सितंबर को होनी है.

    उन्होंने कहा, “कनाडाई प्रमुख यहां आ रहे हैं उनका पूरा डेलीगेशन भी आ रहा है. हम अपने उन पड़ोसी के साथ भी सभी स्तर पर इंगेज करते हैं जिसके साथ हमारा टकराव है, यहां मैं चीन की बात कर रहा हूं. कनाडा के साथ हमारा कूटनीति और सैन्य स्तर पर इंगेज करना जारी रहेगा.”

    सोमवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आशंका जाहिर की थी कि भारत सरकार का हाथ हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में हो सकता है और कनाडा सरकार ने एक भारतीय राजनयिक को निष्कासित कर दिया.

    बदले में भारत ने भी एक कनाडाई राजनयिक को निष्कासित करते हुए उन्हें भारत छोड़ने के लिए पांच दिन का वक़्त दिया.

    भारत सरकार ने कनाडा के आरोपों को ख़ारिज किया है और इसे 'बेतुका' बताया है.

    अपने देश की संसद में भारत पर आरोप लगाने वाले ट्रूडो ने मंगलवार को एक और बयान दिया.

    उन्होंने कहा कि वह भारत को उकसाना नहीं चाहते बल्कि चाहते हैं कि भारत इस मुद्दे को गंभीरता से ले.

  9. निशिकांत दुबे ने किया सुषमा स्वराज का ज़िक्र, सोनिया गांधी से पूछा सवाल

    बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महिलाओं को आरक्षण दिए जाने को लेकर सुषमा स्वराज के योगदान का ज़िक्र किया और सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने इन दोनों का नाम क्यों नहीं लिया?

    निशिकांत दुबे ने कहा कि महिला आरक्षण बिल के लिए गीता मुखर्जी और सुषमा स्वराज ने काफ़ी संघर्ष किया.

    उन्होंने कहा, "सोनिया गांधी जब बोल रहीं थी तब लगा कि वो राजनीति से ऊपर उठकर बोलेंगी."

    उन्होंने कहा कि इस मामले में सबसे ज़्यादा आवाज़ उठाने वालों में 'बंगाल की गीता मुखर्जी और भारतीय जनता पार्टी की सुषमा स्वराज थीं, अगर वो नहीं होती तो आज ये दिन नहीं देखने को मिलता.'

    निशिकांत दुबे ने कहा, " लेकिन सोनिया जी ने (अपने भाषण में) गीता मुखर्जी और सुषमा स्वराज का नाम नहीं लिया."

    उन्होंने कहा, "ये बिल आपका (सोनिया गांधी का) नहीं है. आपने ये नहीं बोलकर राजनीति की. ये प्रधानमंत्री जी (नरेंद्र मोदी) का बिल है."

    उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस बिल को लटकाए रखा.

    निशिकांत दुबे आज लोकसभा में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के बाद बोलने के लिए खड़े हुए. उनके बोलना शुरू करते ही हंगामा होने लगा. कांग्रेस की ओर से आपत्ति की गई.

    इस पर मामले को शांत करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह भी खड़े हुए.

    अमित शाह ने कहा, "पुरुषों को भी महिलाओं की चिंता है."

  10. सोनिया गांधी ने किया महिला बिल का समर्थन, कहा- पिछड़े तबके की महिलाओं को मिले आरक्षण

    महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण देने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम को समर्थन देते हुए कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने कहा कि ये 'मेरे साथी राजीव गांधी का ये सपना था, लेकिन मैं सरकार से जानना चाहती हूं कि महिलाओं को इसके लिए कितना लंबा इँतज़ार करना होगा?'

    सोनिया गांधी ने लोकसभा में लंबे अर्से बाद भाषण दिया.

    उन्होंने कहा, “मैं नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में बोल रही हूं, महिला ने असीम धीरज के साथ खुद को हारते हुए लेकिन आखिरी बाज़ी में जीतते हुए देखा. भारत की स्त्री के हृदय में सागर सा धीरज है, उसने अपने साथ हुई बेइमानी की शिकायत नहीं की. वो हिमायल की तरह अड़िग रही, वो आराम को नहीं पहचानती और थक जाना भी नहीं जानती. स्त्री ने हमें सिर्फ़ जन्म नहीं दिया उसने हमें सोचने लायक और शक्तिशाली बनाया है. हम स्त्री के त्याग को पहचान कर ही मनुष्य होने को सफल बना सकते है.”

    सोनिया गांधी ने कहा, “वो घर-गृहस्थी के तले नहीं दबी और आज़ादी की लड़ाई लड़ी. सरोजनी नायडू से लेकर अरुणा आसफ़ अली तक ने महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू और आंबेडकर के सपने को हकीकत बनाया. इंदिरा गांधी का योगदान इसमें बेहद महत्वपूर्ण रहा.”

    उन्होंने कहा, “ये मेरे लिए मार्मिक क्षण है, मेरे जीवनसाथी राजीव गाँधी का ये सपना था, उन्होंने निकाय चुनाव में महिलाओं की भागीदारी के लिए बिल लाया और पास कराया. आज हमारे पास 15 लाख निकाय चुनाव में चुनी गई महिलाएं हैं, ये राजीव गांधी का सपना था जो अधूरा ही रहा. कांग्रेस इस बिल के समर्थन में हैं, सालों से महिलाएं अपने हक़ के लिए इंतज़ार कर रही हैं लेकिन अब उनसे और भी इंतज़ार करने को कहा जा रहा है. दो साल -चार साल- पांच साल? कितान लंबा होगा ये इंतज़ार.”

    “इसके साथ ही जनगणना करा कर पिछड़े तबके से आने वाली महिलाओं को आरक्षण मिलना ही चाहिए. महिलाओं के प्रति आभार प्रकट करने का ये सबसे अहम समय है.”

    “मैं सरकार से मांग करती हूं कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम की सारी दिक़्क़तें दूर कर इसे जल्द से जल्द लागू किया जाए.”

  11. महिला आरक्षण बिल और राजीव गांधी को लेकर क्या बोलीं सोनिया गांधी

    कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज (बुधवार को) महिला आरक्षण विधेयक को पूर्व प्रधानमंत्री 'राजीव गांधी का बिल' बताया.

    संसद के विशेष सत्र के तीसरे दिन पत्रकारों ने सोनिया गांधी से विधेयक को लेकर सवाल किया. इसके जवाब में उन्होंने ये बात कही.

    पत्रकारों ने सोनिया गांधी से पूछा, " ये आपका ड्रीम बिल है, आप आज इस पर बोलेंगी"

    इस पर सोनिया गांधी ने कहा, "ये राजीव गांधी का बिल था. "

    सोनिया गांधी अभी लोकसभा में बिल पर बोल रही हैं.

    सोनिया गांधी ने लोकसभा में क्या कहा?

    सोनिया गांधी ने लोकसभा में कहा कि उनकी पार्टी (कांग्रेस) इस बिल का समर्थन करती है.

    उन्होंने कहा, "मेरे जीवनसाथी राजीव गांधी ये बिल लाए थे जो राज्यसभा में सात वोटों से गिर गया था. "

    उन्होंने कहा, "नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के रास्ते की सभी रुकावटों को दूर करते हुए तुरंत लागू किया जाए."

  12. प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा- महिला आरक्षण बिल मोदी सरकार का नया जुमला है

    शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा है कि सरकार ने महिला आरक्षण बिल के नाम पर जुमला दिया है. इस तरह की शर्ते रखी गई हैं कि हमें इसके लिए लंबा इंतज़ार रखना होगा.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “सत्ता पक्ष हो या विपक्षी पार्टियां हम सभी इस ऐतिहासिक बिल का इंतज़ार कर रहे थे. उम्मीद यही थी कि नरेंद्र मोदी जी ने देश की महिलाओं के साथ जो वादा 2014 में किया था वो पूरा होगा. बीजेपी के घोषणापत्र में भी था कि सरकार बनते ही महिला आरक्षण बिल पास करेंगे,आज साढ़े नौ साल बाद वो बिल लाया गया है. जो भी बिल क़ानून बनता है वो तत्काल प्रभाव से लागू किया जाता है.”

    “दुख इस बात का है कि जब बिल पेश हुआ तो उसमें एक शर्त रखी गई है, वो ये है कि बिल तो हम पास कर देंगे लेकिन ये लागू तब होगा जब परिसीमन हो जाएगा. परिसीमन को लेकर पहले ही दक्षिणी राज्यों की लड़ाई जारी है. ये भी कहा गया है कि नए जनगणना के आंकड़ों पर लागू होगा, साल 2021 मों जो जनगणना होनी थी वो अब तक नहीं हुई है. तो आपने महिलाओं को जुमला दे दिया है.”

    “महिलाओं के लिए दरवाज़ा खोल दिया है और कहा जा रहा है कि दरवाज़े पर ही खड़े रहो, क्योंकि आप अंदर तब आ सकती हैं जब ये-ये शर्ते पूरी हो जाएं. ये जुमला है और दुखद है कि 30 साल से हम लड़ाई लड़ रहे हैं, जो हमें संवैधानिक रूप से मिलना चाहिए वो अधिकार हमें नहीं दिए जा रहे हैं.”

    मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण देने वाला नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश किया.

    विपक्षी पार्टियों का कहना है इस बिल में जो शर्ते रखी गई हैं उसके आधार पर ये क़ानून लागू होने में सालों का समय लगेगा और 2024 चुनाव में इसका कोई फ़ायदा महिलाओं को नहीं मिलेगा.

  13. तुर्की के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठाया

    तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठाया.

    अर्दोआन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा 78वें सत्र में दुनिया भर के नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, “दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि लाने के लिए कश्मीर में शांति बहाल करनी होगी. ये शांति भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत और सहयोग के ज़रिए ही स्थापित होगी.”

    “इस दिशा में उठाए गए क़दमों को तुर्की का समर्थन मिलता रहेगा. ”

    बीते साल भी अर्दोआन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कुछ ऐसा ही बयान दिया था.

    उन्होंने कहा था कि आज़ादी के 75 साल बाद भी भारत-पाकिस्तान के बीच शांति और सहयोग स्थापित नहीं हो सका है. हम चाहते हैं कि कश्मीर में स्थायी शांति और समृद्धि स्थापित हो.

  14. ब्रिटेन के सांसद तनमनजीत सिंह ने कनाडा के भारत पर आरोप को लेकर क्या कहा

    ब्रिटेन की लेबर पार्टी के सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने कनाडा के उस आरोप पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें कहा गया है कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार के एजेंटों का हाथ हो सकता है.

    भारत सरकार ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है और इसे बेतुका बताया है.

    कनाडा ने इस आरोप के बाद भारत के राजनयिक को निष्कासित कर दिया, बदले में मंगलवार को भारत ने भी कनाडा के एक राजनयिक को निकाल दिया.

    तनमनजीत सिंह ने इस पूरे मामले पर कहा है कि कनाडा से आने वाली रिपोर्ट चिंताजनक है.

    उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-“कनाडा से आने वाली ख़बर परेशान करने वाली है."

    “स्लओ (ब्रिटेन का शहर) और उसके बाहर के कई सिखों ने मुझसे संपर्क किया है. लोग चिंतित हैं गुस्से में है और डरे हुए हैं.”

    “कनाडाई पीएम ट्रूडो ने कहा है कि वे अपने करीबी सहयोगियों के साथ काम कर रहे हैं, हम ब्रिटेन की सरकार के संपर्क में हैं ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके.”

    अपने देश की संसद में भारत पर आरोप लगाने वाले ट्रूडो ने मंगलवार को एक और बयान दिया.

    उन्होंने कहा- “ सिख अलगाववादी नेता की हत्या से भारतीय एजेंटों का संबंध होने की आशंका ज़ाहिर करने के पीछे कनाडा का मकसद भारत को उकसाना नहीं था, बल्कि कनाडा चाहता है कि भारत इस मामले को ठीक से संभाले. ”

    “ भारत सरकार को इस मामले में बेहद गंभीरता दिखाने की ज़रूरत है. हम यही कर रहे हैं. हम किसी को उकसाना या मामले को खींचना नहीं चाहते. यह बेहद गंभीर है, और अंतरराष्ट्रीय कानून में इसके दूरगामी परिणाम होंगे, हम शांत रहेंगे. हम अपने लोकतांत्रिक सिद्धांतों और मूल्यों पर कायम रहेंगे. हम सबूतों का पालन करेंगे.”

  15. भारत चांद पर पहुंच गया, जी20 की मेज़बानी की लेकिन पाकिस्तान पैसे मांग रहा- नवाज़ शरीफ़

    पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने पाकिस्तान के आर्थिक संकट के लिए देश के पूर्व जनरलों और न्यायाधीशों को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि हम देश दुनिया से पैसे मांग रहे हैं लेकिन भारत चांद पर पहुंच गया है और जी20 शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है.

    पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पिछले कई सालों से संकट में है, देश की मुद्रास्फ़ीति दर दहाई अंकों में हैं और देश में गरीबी बढ़ रही है.

    शरीफ़ ने सोमवार शाम को वीडियो के जरिए लंदन से लाहौर में एक पार्टी बैठक को संबोधित करते हुए कहा- "आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री फ़ंड मांगने के लिए देश-देश घूम रहे हैं, जबकि भारत चांद पर पहुंच गया है और जी20 बैठकें कर रहा है. भारत ने जो उपलब्धि हासिल की, वह पाकिस्तान क्यों हासिल नहीं कर सका, इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?"

    उन्होंने कहा कि भारत ने 1990 में उनकी सरकार द्वारा शुरू किए गए आर्थिक सुधारों का पालन किया है.

    भारत कहां पहुंच गया और पाकिस्तान कहां रह गया इस पर ज़ोर देते हुए शरीफ़ ने कहा, ''जब अटल बिहारी वाजपेयी भारत के प्रधानमंत्री बने थे, तब भारत के पास केवल एक अरब डॉलर थे, लेकिन अब भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 600 अरब डॉलर हो गया है. पाकिस्तान पीछे रह गया दुनिया से पैसे मांगने पड़ रहे हैं.''

  16. अधीर रंजन ने कहा- संसद में जो संविधान दिया गया उसकी प्रस्तावना में सेक्यूलर, सोशलिस्ट शब्द नहीं

    कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि नए संसद भवन में प्रवेश के समय जो संविधान की कॉपी केंद्र सरकार की ओर से दी गई उसकी प्रस्तावना में सेक्यूलर, सोशलिस्ट शब्द नहीं थे.

    अधीर रंजन ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा- “ हमें जो नया संविधान दिया गया, जिसे हाथ में लेकर संसद भवन में प्रवेश किया, उस संविधान की प्रस्तावना में सेक्यूलर, सोशलिस्ट ये शब्द नहीं हैं.”

    उन्होंने आगे संविधान की प्रस्तावना का ज़िक्र करते हुए कहा- “ संविधान की प्रस्तावना है- हम भारत के लोग, भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए.... जो संविधान हमें मिला है उसमें सेक्यूलर और सोशलिस्ट शब्द है ही नहीं.”

    “हम जानते हैं कि दोनों शब्द शामिल हुए थे 1976 में, लेकिन आज की तारीख़ में अगर कोई संविधान हमें दे और अगर उसमें सेक्यूलर और सोशलिस्ट दोनों शब्द ना हों तो ये गहरी चिंता की बात है.”

    “अगर आप कुछ बोलने की कोशिश करेंगे तो वो (मोदी सरकार) कहेंगे कि शुरू में तो यही था, जो शुरुआत से था वही दे रहे हैं, लेकिन अंदर की मंशा अलग है. इरादे में खोट है. मैं इससे बहुत चिंता में हूं कि संविधान से बेहद चालाकी के साथ सेक्यूलर और सोशलिस्ट शब्द हटा दिए गए हैं. मैं बोलने की कोशिश कर रहा था ताकि ये मुद्दा उठा सकूं, लेकिन बोलने का मौका नहीं दिया गया.”

    संविधान की प्रस्तावना को संविधान की आत्मा माना जाता है, ये वो मूल आदर्श है जिस पर पूरा संविधान लिखा गया है.

    मंगलवार को देश के नए संसद भवन में कार्यवाही का पहला दिन था. सदन में इस दौरान महिला आरक्षण बिल पेश किया गया.

    इसे लेकर भी विपक्ष सरकार की आलोचना कर रहा है क्योंकि बिल के मुताबिक़ आने वाले चुनाव में ये आरक्षण लागू नहीं हो पाएगा. इसे लागू होने मे सालों लगेंगे.

  17. कनाडा और भारत के बीच बढ़ते तनाव पर ऑस्ट्रेलिया का बयान

    ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो की ओर से भारत पर लगाए गए आरोपों के मुद्दे को उसने भारत के साथ उठाया है.

    संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंची ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कनाडा में हुई हत्या में भारत के शामिल होने का संदेह "चिंताजनक" है.

    वोंग ने कहा- “ अभी मामले की जांच चल रही है.”

    “लेकिन ज़ाहिर है कि ये रिपोर्ट्स चिंताजनक हैं, हम अपने सहयोगियों के साथ इस पूरे मामले को क़रीब से देख रहे हैं.”

    क्या ऑस्ट्रेलिया ये मुद्दा जापान के साथ भी उठाएगा क्योंकि वो क्वाड का सदस्य है?

    इस सवाल पर विदेश मंत्री ने कहा- “ एक विदेश मंत्री के तौर पर मैं आपको ये नहीं बता सकती कि हम कौन सा मुद्दा कब और किस तरह उठाएंगे.”

    "ऑस्ट्रेलिया का रुख़ ये है कि हमारा मानना है कि देश की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए. हमारा मानना है कि क़ानून के शासन का सम्मान किया जाना चाहिए.”

    सोमवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार का हाथ हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में होने की आशंका जताई और कनाडा सरकार ने एक भारतीय राजनयिक को निष्कासित कर दिया.

    बदले में भारत ने भी एक कनाडाई राजनयिक को निष्कासित करते हुए उन्हें भारत छोड़ने के लिए पांच दिन का वक़्त दिया.

    भारत सरकार ने कनाडा के आरोपों को ख़ारिज किया है और इसे बेतुका बताया है.

    अपने देश की संसद में भारत पर आरोप लगाने वाले ट्रूडो ने मंगलवार को एक और बयान दिया.

    उन्होंने कहा कि वह भारत को उकसाना नहीं चाहते बल्कि चाहते हैं कि भारत इस मुद्दे को गंभीरता से ले.

  18. कनाडा ने भारत को लेकर अपडेट की ट्रैवेल एडवाइज़री, जुलाई में भी की थी ऐसी ही एडवाइज़री जारी

    कनाडा ने भारत को लेकर ट्रैवेल एडवाइज़री में अपडेट जारी की है जिसमें उसने अपने नागरिकों को ‘अत्यधिक सावधान’ रहने को कहा है. इससे पहले जुलाई में भी ऐसी ही एडवाइज़री जारी की गई थी.

    कनाडाई सरकार ने अपने नागरिकों से "अप्रत्याशित सुरक्षा स्थिति के कारण" केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की यात्रा से बचने के लिए कहा है.

    मंगलवार को जारी इस एडवाइज़री में कहा गया है, “ जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, उग्रवाद, अशांति और अपहरण का ख़तरा है. इसमें लद्दाख की यात्रा शामिल नहीं है.”

    इसके अलावा भारत के पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों में भी नागरिकों को ना जाने की सलाह दी गई है. गुजरात, पंजाब और राजस्थान के पाकिस्तान की सीमा वाले इलाकों में भी ना जाने की सलाह दी गई है.

    कनाडा की ओर से ये ट्रैवेल एडवाइज़री ऐसे समय आई है जब दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है.

    हालांकि इस अपडेटेड एडवाइज़री में कुछ भी नया नहीं है, कुछ महीने पहले जारी की गई

    एडवाइज़री में भी यही बात कही गई थी.

    सोमवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार का हाथ हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में होने की आशंका जताई और कनाडा सरकार ने एक भारतीय राजनयिक को निष्कासित कर दिया.

    बदले में भारत ने भी एक कनाडाई राजनयिक को निष्कासित करते हुए उन्हें भारत छोड़ने के लिए पांच दिन का वक़्त दिया.

    भारत सरकार ने कनाडा के आरोपों को ख़ारिज किया है और इसे बेतुका बताया है.

    अपने देश की संसद में भारत पर आरोप लगाने वाले ट्रूडो ने मंगलवार को एक और बयान दिया.

    उन्होंने कहा- “ सिख अलगाववादी नेता की हत्या से भारतीय एजेंटों का संबंध होने की आशंका ज़ाहिर करने के पीछे कनाडा का मकसद भारत को उकसाना नहीं था, बल्कि कनाडा चाहता है कि भारत इस मामले को ठीक से संभाले. ”

    “ भारत सरकार को इस मामले में बेहद गंभीरता दिखाने की ज़रूरत है. हम यही कर रहे हैं. हम किसी को उकसाना या मामले को खींचना नहीं चाहते. यह बेहद गंभीर है, और अंतरराष्ट्रीय कानून में इसके दूरगामी परिणाम होंगे, हम शांत रहेंगे. हम अपने लोकतांत्रिक सिद्धांतों और मूल्यों पर कायम रहेंगे. हम सबूतों का पालन करेंगे.”

  19. नमस्कार!

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