इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर के बेटे जस्टिन ट्रुडो के बारे में क्या बोले
इमेज स्रोत, REUTERS/Chris Helgren
इमेज कैप्शन, खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर
खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में कनाडा के बयान के बाद भारत और कनाडा के रिश्ते में दूरियां बढ़ गई हैं.
सोमवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने आरोप लगाया है कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार का हाथ हो सकता है. ट्रुडो के इस बयान पर अब निज्जर के बेटे बलराज निज्जर की प्रतिक्रिया आई है.
कनाडा के ग्लोबल न्यूज़ के अनुसार, बलराज ने कहा, "वो ट्रुडो के बयान से चौंक गए क्योंकि परिवार को अब तक यही लगता था कि हत्या के तीन महीने बीत चुके हैं लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
उन्होंने कहा, "ये अच्छी बात है कि मिस्टर ट्रुडो और कनाडा के अन्य नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया.''
ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में बलराज निज्जर ने कहा कि इस मौत से परिवार सदमे में था.
उन्होंने कहा, "आप कभी ये नहीं सोच पाते हैं कि आपके परिवार के साथ ऐसा होगा. अगर उम्र के लिहाज से भी सोचें तो वो मात्र 45 साल के थे. अगर उनकी मौत प्राकृतिक कारणों से मौत होती तो परिवार के लिए विश्वास कर पाना आसान होता लेकिन जिस तरह से उनकी मौत हुई, उस पर विश्वास करना कठिन है.''
लीबिया में अंतरराष्ट्रीय मदद हुई तेज़
वीडियो कैप्शन, लीबिया में एक हफ़्ते पहले आई बाढ़ में 11 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है.
लीबिया में एक हफ़्ते पहले आई बाढ़ में 11 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है और करीब दस हज़ार लोग लापता हैं.
ऐसा कहना है संयुक्त राष्ट्र का. सबसे ज़्यादा प्रभावित दरना शहर में ना बिजली है और ना पीने का साफ़ पानी.
हालांकि राहत की बात ये है कि अब अंतरराष्ट्रीय मदद धीर-धीरे वहां पहुंचने लगी है.
देखिए बीबीसी संवाददाता एना फोस्टर की रिपोर्ट. इसके कुछ हिस्से आपको परेशान कर सकते हैं.
भारत और कनाडा के ख़राब होते रिश्तों का इन चीजों पर पड़ सकता है असर
इमेज स्रोत, Getty Images
खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में कनाडा के भारत पर लगाए आरोप के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. इसका असर कारोबारी रिश्तों पर भी पड़ रहा है.
सोमवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने आरोप लगाया है कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार का हाथ हो सकता है.
इसके बाद कनाडा ने भारतीय राजनयिक को निकाल दिया. इसके जवाब में भारत ने मंगलवार को कनाडा के राजनयिक को निष्कासित कर दिया.
भारत ने इस आरोप को ख़ारिज किया है और कहा है कि कनाडा अपनी जमीन पर भारत विरोधी तत्वों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे. दोनों देशों के बीच संबंध खराब होने से कई चीजें दांव पर हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
यहां जानिए ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में-
कनाडा ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि उसने भारत के साथ द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते पर होने वाली बातचीत रोक दी है. जबकि तीन महीने पहले ही दोनों देशों ने कहा था कि वे इस साल इस बारे में शुरुआती समझौते को अंजाम दे देंगे. इस बारे में उद्योग जगत का अनुमान था कि 'कॉम्प्रिहेंसिव इकोनोमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीईपीए)' से द्विपक्षीय व्यापार में 6.5 अरब अरब डॉलर की वृद्धि होती और कनाडी की जीडीपी में 2035 तक 3.8 अरब डॉलर से 5.9 अरब डॉलर की वृद्धि हो सकती थी.
दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़कर 2022 में आठ अरब डॉलर तक हो गया. भारत का कनाडा में निर्यात चार अरब डॉलर का है जबकि आयात भी इतने ही डॉलर का है. भारत में आयातित दाल की मांग में वृद्धि से कनाडा के किसानों को फ़ायदा पहुंचा है जबकि भारत की दवा और सॉफ्टवेयर कंपनियों ने कनाडा में अपने पांव पसारे हैं. कनाडा से आयात होने वाली चीजों में कोल, कोक, ब्रिकेट (कोयले की ईंट), खाद समेत कई अन्य चीजें हैं जबकि भारत कपड़े, ऑटो पार्ट्स, एयरक्राफ़्ट उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक सामान निर्यात करता है.
इमेज स्रोत, Getty Images
अगर निवेश की बात करें तो कनाडा भारत में निवेश करनेवाला 17वां बड़ा देश है. 2000 के बाद से अब तक कनाडा ने 3.6 अरब डॉलर का निवेश किया है जबकि भारत के स्टॉक मार्केट और डेट मार्केट में कनाडा के पोर्टफोलियो इंवेस्टरों ने अरबों डॉलर के निवेश किए हुए हैं. कनाडा पेंशन फंड ने भारत के बाजार में करीब 15 अरब डॉलर का निवेश रियल इस्टेट, फाइनेंशियल सेक्टर समेत कई अन्य चीजों में किया हुआ है.
दोनों देश के बीच कारोबार से कॉर्पोरेट कंपनियों को काफी फ़ायदा हुआ है. बॉम्बार्डियर और एसएनसी लावलीन की भारत के बाज़ार में अच्छी पकड़ है जबकि भारत की 30 से ज़्यादा कंपनियां-टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो ने कनाडा में अरबों डॉलर के निवेश किए हैं और इससे हजारों लोगों को नौकरियां मिली हैं.
ऑडियो कैप्शन, कनाडा में खालिस्तान की आवाज़
2018 के बाद से कनाडा में पढ़ने आने वाले विदेशी स्टूडेंट्स में भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ी है. 2022 में स्टूडेंट्स की संख्या में करीब 47 प्रतिशत की वृद्धि हुई और ये संख्या 320,000 तक पहुंच गई.
कई विश्लेषकों को मानना है कि दोनों देशों के बीच खराब होते रिश्ते का असर भारत में सिख बहुसंख्यक राज्य पंजाब के हजारों सिख परिवार पर पड़ सकता है. बड़ी संख्या में इस राज्य की सिख आबादी कनाडा में रहती है जो अपने परिवार को पैसे भेजती है. कनाडा में सिख समुदाय की संख्या पिछले 20 वर्षों में बढ़ी है. कनाडा की कुल आबादी का ये दो प्रतिशत हिस्सा हैं.
इंडिया-भारत की बहस के बीच मनोज झा ने जम्बूद्वीप क्यों याद दिलाया
वीडियो कैप्शन, इंडिया-भारत की बहस के बीच मनोज झा ने जम्बूद्वीप क्यों याद दिलाया
संसद के विशेष सत्र के पहले दिन आरजेडी सांसद मनोज झा ने सरकार को इंडिया-भारत, महंगाई और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर घेरा.
मनोज झा का भाषण उनकी पार्टी की तरफ़ से वर्तमान संसद भवन के लिए विदाई भाषण था.
हरदीप सिंह निज्जर के मामले में कनाडा के आरोपों पर क्या बोला ऑस्ट्रेलिया, भारत से क्या कहा...
इमेज स्रोत, Saeed Khan-Pool/Getty Images
इमेज कैप्शन, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पीएम मोदी के साथ हाथ मिलाती हुईं, साथ में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री (फाइल फोटो)
ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि खालिस्तानी सिख नेता की हत्या के मामले में कनाडा ने भारत पर जो आरोप लगाए हैं, उसे लेकर वो 'बेहद चिंतित' है.
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को देश की संसद में कहा कि उन्होंने नई दिल्ली में जी-20 सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मामला उठाया था.
उन्होंने कनाडा के सांसदों से कहा, "कनाडा की ज़मीन पर कनाडा के नागरिक की हत्या में किसी विदेशी सरकार का शामिल होना हमारी संप्रभुता का उल्लंघन है और ये अस्वीकार्य है."
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेन्नी वॉन्ग के प्रवक्ता ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया इन आरोपों को लेकर बेहद चिंतित है और इस मामले की चल रही जांच पर वो नज़र बनाए हुए है."
उन्होंने कहा, "हम इस घटनाक्रम पर अपने सहयोगी देशों के साथ क़रीबी संपर्क बनाए हुए हैं. हमने भारत में उच्चतम स्तर पर अपनी चिंताओं के बारे में बताया है."
कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून को हत्या कर दी गई थी.
अंटार्कटिक के चारों ओर कम होती समुद्री बर्फ़
वीडियो कैप्शन, अंटार्कटिक से दुनियाभर की जलवायु जुड़ी हुई है, वहां क्यों कम हो रही है समुद्री बर्फ़?
सैटेलाइट्स से मिली नई तस्वीरों से पता चला है कि इस साल अंटार्कटिक के चारों ओर समुद्री बर्फ़ काफ़ी कम हो गई है.
कम होती समुद्री बर्फ़ ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.
वैज्ञानिक इस घटनाक्रम पर चिंता जता रहे हैं, क्योंकि इससे सारी दुनिया की जलवायु पर बुरा असर पड़ सकता है.
देखिए बीबीसी संवाददाता जस्टिन रॉलेट की रिपोर्ट.
कनाडा-भारत के राजनयिक टकराव पर अमेरिका के बाद आई ब्रिटेन की प्रतिक्रिया
इमेज स्रोत, Leon Neal/PA Wire
इमेज कैप्शन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ (फाइल फोटो)
कनाडा और भारत के बीच चल रहे राजनयिक टकराव पर ब्रिटेन ने मंगलवार को कहा है कि वो अपने कनाडाई सहयोगी के साथ करीबी संपर्क बनाए हुए हैं.
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को देश की संसद में कहा कि उन्होंने नई दिल्ली में जी-20 सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मामला उठाया था.
उन्होंने कनाडा के सांसदों से कहा, "कनाडा की ज़मीन पर कनाडा के नागरिक की हत्या में किसी विदेशी सरकार का शामिल होना हमारी संप्रभुता का उल्लंघन है और ये अस्वीकार्य है."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
ब्रिटिश सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, "इन गंभीर आरोपों को लेकर हम कनाडा के साथ करीबी संपर्क बनाए हुए हैं."
हालांकि ब्रिटेन ने ये भी कहा है कि कनाडा की सरकार इस मामले की फिलहाल जांच कर रही है. इस मामले पर और कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा.
ब्रिटेन से पहले मंगलवार को व्हाइट हाउस ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों को 'बेहद चिंताजनक' बताया था.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
भारत ने पहले ही निज्जर की हत्या में अपनी किसी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है. मंगलवार को भारत ने कनाडा पर आरोप लगाया कि वो भारत की सुरक्षा को धमकी देने वाले 'खालिस्तानी चरमपंथियों और आतंकवादियों' को पनाह दे रहा है.
दोनों देशों ने एक दूसरे के राजनयिकों को अपने यहां से निष्कासित करने का फ़ैसला भी किया है.
महिला आरक्षण बिल 2024 या 2029 में, कब से लागू होगा, क्या है सरकार की योजना- प्रेस रिव्यू
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पेश, पीएम मोदी बोले- ऐसे कई पवित्र कार्यों के लिए ईश्वर ने मुझे चुना है...
इमेज स्रोत, LOKSABHA
लोकसभा
में महिलाओं को आरक्षण देने वाला 'नारी
शक्ति वंदन अधिनियम' के लिए संवैधानिक संशोधन का प्रस्ताव पेश किया गया है.
नई
संसद की कार्यवाही के पहले दिन केंद्र सरकार ने ये पहला बिल पेश किया है.
पीएम मोदी ने कहा, "महिला आरक्षण को लेकर संसद में पहले भी कुछ प्रयास हुए हैं.
1996 में इससे जुड़ा बिल पहली बार पेश हुआ था. अटल जी के कार्यकाल में कई बार
महिला आरक्षण का बिल पेश किया गया. लेकिन उसे पारित कराने के लिए आंकड़े नहीं जुटा
पाए और सपना अधूरा रह गया. महिलाओं को अधिकार देने के और ऐसे कई पवित्र काम के लिए
ईश्वर ने मुझे चुना है."
"एक बार फिर हमारी सरकार
ने इस दिशा में कदम बढ़ाया. कल ही कैबिनेट में महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी दी
गई. आज 19 सितंबर की ये तारीख इसीलिए इतिहास में अमरत्व को प्राप्त करने जा रही
है. ये बहुत ज़रूरी है कि नीति निर्धारण में शारी शक्ति अधिकतम योगदान दे. महत्वपूर्ण
भूमिका निभाए. आज नए संसद भवन में सदन की पहली कार्यवाही के रूप में देश के इस नए
बदलाव का आह्वान किया है."
"हमारी सरकार संविधान
संशोधन विधेयक प्रस्तुत कर रही है. इसका लक्ष्य लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं की
भागीदारी बढ़ाना है. हम नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश कर रहे हैं."
"सिर्फ महिलाओं के विकास की बात पर्याप्त नहीं है, हमें मानव जाति की विकास यात्रा में नए पड़ाव को अगर प्राप्त करना है, राष्ट्र की विकास यात्रा में नई मंजिलों को अगर पाना है, तो ये आवश्यक है कि महिलाओं के नेतृत्व में विकास को हम बल दें."
"महिला सशक्तीकरण की हमारी हर योजना ने महिला नेतृत्व करने की दिशा में बहुत सार्थक कदम उठाए हैं. लोकतंत्र में राजनीति, नीति और शक्ति का इस्तेमाल समाज में प्रभावी बदलाव का एक बहुत बड़ा माध्यम होता है."
महिला आरक्षण बिल क्या है और अब तक क्या-क्या हुआ?
कनाडा और भारत के बीच राजनयिक टकराव पर कांग्रेस ने कहा- देशहित को...
इमेज स्रोत, Getty Images
कनाडा और भारत की ओर से एक
दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित करने के मामले में देश की विपक्षी पार्टी
कांग्रेस ने कहा है कि देशहित को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए.
सोमवार को कनाडा के
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया है कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार
का हाथ हो सकता है. इसके बाद कनाडा ने भारतीय राजनयिक को निकाल दिया. इसके जवाब
में भारत ने मंगलवार को कनाडा के राजनयिक को निष्कासित कर दिया.
भारत ने कनाडा के इन
आरोपों को ख़ारिज किया है और इस बेतुका बताया है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने इस पूरे मामले पर कहा है, "कांग्रेस का हमेशा से मानना रहा है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ हमारे देश की लड़ाई में कोई समझौता नहीं होना चाहिए, खासकर तब जब आतंकवाद से भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को ख़तरा हो."
"हमारे देश के हितों और चिंताओं को हर समय सर्वोपरि रखा जाना चाहिए."
इसी साल 18 जून को निज्जर की कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को कनाडा की संसद में कहा, ''कनाडा की एजेंसियों ने पुख्ता तौर पर पता किया है कि निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार का हाथ हो सकता है.हमारे देश की ज़मीन पर कनाडाई नागरिक की हत्या के पीछे विदेशी सरकार का होना अस्वीकार्य है और ये हमारी संप्रभुता का उल्लंघन है.''
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर कहा है कि "कनाडा में हिंसा के किसी भी कृत्य में भारत सरकार की संलिप्तता के आरोप बेतुके हैं. इसी तरह के आरोप कनाडा के प्रधानमंत्री ने हमारे प्रधानमंत्री के सामने भी रखे थे और उन्हें पूरी तरह से खारिज कर दिया गया था."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 3
भारत ने कहा, "हम कानून के शासन के प्रति मज़बूत प्रतिबद्धता वाली एक लोकतांत्रिक देश हैं."
"इस तरह के निराधार आरोप खालिस्तानी आतंकवादियों और चरमपंथियों से ध्यान हटाने की कोशिश करते हैं, जिन्हें कनाडा में आश्रय दिया गया है और जो भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा बने हुए हैं. इस मामले पर कनाडाई सरकार की निष्क्रियता लंबे समय से चिंता का विषय रही है."
भारत-कनाडा के बिगड़े संबंध, ट्रूडो के बयान पर पूर्व राजनयिक और विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?
संसद के सेंट्रल हॉल में पीएम मोदी बोले- इसी सदन से आर्टिकल 370 हटाने का ऐतिहासिक फ़ैसला लिया...
इमेज स्रोत, LOKSABHA TV
मंगलवार
को पुरानी संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में नेता प्रतिपक्ष से लेकर प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने अपना भाषण दिया.
आज से
संसद की कार्यवाही नए भवन में की जाएगी.
सेंट्रल
हॉल में सभी सांसदों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज नए संसद भवन में हम सब नए भविष्य का श्री गणेश करने जा
रहे हैं. आज हम यहां विकसित भारत का
संकल्प दोहराना, एक बार फिर संकल्प बद्ध होना और उसको परिपूर्ण करने के लिए जी-जान
से जुटने के इरादे से नए भवन की ओर प्रस्थान कर रहे हैं."
"मुस्लिम बहन बेटियों को न्याय की प्रतीक्षा थी. शाहबानो केस
के कारण गाड़ी थोड़ी पलट गई थी. इसी सदन ने हमारी उस गलतियों को ठीक किया, तीन
तलाक क़ानून हम सबने मिलकर पास किया. संसद ने बीते सालों में ट्रांसजेंडरों को
न्याय दिलाने वाला कानून बनाया."
"हमने उन्हें सम्मान के भाव के साथ उन्हें शिक्षा,
स्वास्थ्य, नौकरी एक गरिमा के साथ प्राप्त कर सकें, इस दिशा में हम आगे बढ़े. हम
सभी ने मिल कर हमने दिव्यांग जनों के लिए उज्जवल भविष्य देने वाले क़दम उठाए."
"हमने आर्टिकल 370 हटाया, ऐसा शायद ही कोई दशक रहा हो जिसमें
इसे लेकर चिंता और मांग नहीं हुई. लेकिन
हम सबका सौभाग्य है कि हमें आर्टिकल 370 से मुक्ति पाने, आतंकवाद से मुक्ति पाने
का कदम उठाया. इसे प्राप्त करने में संसद के सदस्यों की बहुत बड़ी भूमिका है.
जम्मू और कश्मीर में इसी सदन में बनाया गया
संविधान जब लागू किया जाता है तो इस मिट्टी को प्रणाम करने का मन चाहता है."
शांति निकेतन: एक अनाम कस्बे से विश्व धरोहर बनने तक का सफ़र
LIVE: नए संसद भवन में लोकसभा की शुरुआत, ऐतिहासिक मौका, देखें सीधा प्रसारण, आज से नए संसद भवन की शुरुआत हो रही है. देखिए इस पल का सीधा प्रसारण.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
हरदीप सिंह निज्जर की मौत के मामले में भारत पर कनाडा के आरोपों को लेकर क्या बोला अमेरिका
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जस्टिन ट्रूडो और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की फाइल फोटो
खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में कनाडा ने भारत पर जो आरोप लगाए हैं, उस पर अमेरिकी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.
मंगलवार को व्हाइट हाउस ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों को 'बेहद चिंताजनक' बताया.
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को देश की संसद में कहा कि उन्होंने नई दिल्ली में जी-20 सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मामला उठाया था.
उन्होंने कनाडा के सांसदों से कहा, "कनाडा की ज़मीन पर कनाडा के नागरिक की हत्या में किसी विदेशी सरकार का शामिल होना हमारी संप्रभुता का उल्लंघन है और ये अस्वीकार्य है."
भारत ने पहले ही निज्जर की हत्या में अपनी किसी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है.
मंगलवार को भारत ने कनाडा पर आरोप लगाया कि वो भारत की सुरक्षा को धमकी देने वाले 'खालिस्तानी चरमपंथियों और आतंकवादियों' को पनाह दे रहा है.
जस्टिन ट्रूडो के बयान और कनाडा से भारतीय राजनयिक को निकालने के बाद भारत ने भी उठाए कड़े क़दम
हरदीप सिंह निज्जर: खालिस्तानी नेता जिन पर भारत कनाडा के बीच तनाव गहराया
इमेज स्रोत, REUTERS/Chris Helgren
इमेज कैप्शन, खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर
खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में 18 जून को सरेबाजार हत्या कर दी गई थी.
इसके बाद सिख अलगावादियों और भारत सरकार के बीच तनाव के मंजर कई देशों में देखा गया.
भारत-कनाडा के बीच ताज़ा तनाव की वजह भी यही है.
निज्जर को सरे में एक गुरुद्वारे के पार्किंग स्पेस के नजदीक दो नकाबपोश बंदूकधारियों ने गोली मार दी थी. उस वक्त वो अपने ट्रक में बैठे थे.
निज्जर को किसने मारा ये पता नहीं चल पाया लेकिन इस हत्याकांड की गूंज कनाडा समेत कई देशों में सुनाई दी.
खालिस्तान समर्थकों ने निज्जर की हत्या के ख़िलाफ़ कनाडा के टोरंटो के अलावा लंदन, मेलबर्न और सैन फ्रांसिस्को समेत कई शहरों जुलाई में प्रदर्शन किए थे.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाए. उनका आरोप था कि भारत सरकार ने ही निज्जर को मरवाया है. और अब यही बात कनाडा ने आधिकारिक तौर पर कही है जिससे भारत सरकार ने सख़्ती से इनकार किया है.
भारत खालिस्तानी आंदोलन का कड़ा विरोध करता रहा है. पंजाब समेत देश की सभी मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियां हिंसा और अलगाववाद की निंदा करती रही हैं.
ब्रिटिश कोलंबिया में रहने वाले प्रमुख सिख नेता निज्जर अलग खालिस्तान देश के मुखर समर्थक थे. उनके समर्थकों का कहना है कि इस मांग की वजह से उन्हें धमकियां मिलती रहती थीं. जबकि भारत ने कहा है वो चरमपंथी और एक अलगाववादी समूह का नेतृत्व कर रहे थे.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
निज्जर के के समर्थकों का कहना है कि ये आरोप बेबुनियाद हैं. निज्जर का इंटरव्यू कर चुके ब्रिटिश कोलंबिया के पत्रकार गुरप्रीत सिंह कहते हैं कि इस आंदोलन को दोबारा रफ्तार देने की कोशिश के बीच ये धारणा बनने लगी है कि पंजाब में लोग अब सिखों के लिए अलग देश की मांग को पीछे छोड़ चुके हैं.
उन्होंने कहा, ''कनाडा में हम जिन सिख प्रदर्शनकारियों को देख रहे हैं वो खालिस्तान के मुखर समर्थक हैं.''
निज्जर तीसरे ऐसे बड़े सिख नेता थे, जिनकी हाल के दिनों में हत्या हुई है. ब्रिटेन में जून में अवतार सिंह खांडा की रहस्यमय हालातों में मौत हो गई. वो खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के चीफ बताए जाते थे.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 3
कहा जाता है कि उन्हें ज़हर देकर मार दिया गया. भारत सरकार की ओर से चरमपंथी घोषित किए गए परमजीत सिंह पंजवाड़ की भी मई में लाहौर में गोली मार दी गई थी.
वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन के प्रवक्ता बलप्रीत सिंह ने कहा निज्जर को लगातार धमकियां मिल रही थीं. उन्होंने कनाडाई सुरक्षा और ख़ुफिया एजेंसियों से कहा था कि उनकी हत्या हो सकती है.
सिंह ने कहा कि निज्जर सितंबर में सरे में खालिस्तान के समर्थन में रेफरेंडम कराना चाहते थे. ये ग्लोबल रेफरेंडम सिरीज के तहत होना था. पिछले साल ओंटारियो के ब्रैम्पटन शहर में भी ऐसा ही रेफरेंडम हुआ था. यहां लगभग 16 हजार सिख रहते हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 4
कनाडा और भारत के बीच वार-पलटवार, जस्टिन ट्रूडो और पीएम मोदी के कैसे रहे हैं संबंध