श्रीनगर में एक पत्रकार को 'आपराधिक साज़िश' और 'ज़बरन उगाही' करने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को गिरफ़्तार कर लिया गया.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के हवाले से शुक्रवार को यह जानकारी दी है.
पुलिस ने बताया है कि स्थानीय अदालत के आदेश पर श्रीनगर के पीरबाग़ मोहल्ले के निवासी माजिद हैदरी के ख़िलाफ़ कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर श्रीनगर पुलिस ने इस बारे में एक ट्वीट किया.
इसमें पुलिस ने लिखा, "जेएमआईसी श्रीनगर की माननीय अदालत की ओर से जारी आदेश के आधार पर सदर थाने में भारतीय दंड संहिता की एफ़आईआर संख्या 88/2023 यू/एस 120-बी, 177, 386, 500 दर्ज की गई है. पीरबाग़ निवासी माजिद हैदरी को आपराधिक साज़िश, धमकी, जबरन वसूली, झूठी सूचना देने, मानहानि आदि के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है."
पुलिस की इस कार्रवाई पर राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने निशाना साधा है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, "पिछली रात माजिद हैदरी की गिरफ़्तारी से ठग और कुछ ख़ुफ़िया अधिकारियों के बीच की सांठगांठ उजागर हो गई."
उनके अनुसार, "बिना किसी क़ानूनी औपचारिकता पूरी किए उन्हें एक वांछित आतंकवादी की तरह घर से खींचकर ले जाया गया. उनकी मां और बहन वारंट दिखाने की मांग करती रहीं पर उनकी नहीं सुनी गई."
उन्होंने राज्य के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को टैग करते हुए आरोप लगाया है कि इस तरह से घोटाले उजागर करने वाले पत्रकारों को धमकाया और प्रताड़ित किया जा रहा है.
हालांकि महबूबा के आरोपों का जवाब देते हुए पुलिस ने एक अन्य ट्वीट किया है. इसमें कहा गया है कि गिरफ़्तारी के लिए ज़रूरी क़ानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया.