बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के रामचरित मानस पर नए बयान से एक बार फिर से विवाद शुरू हो गया है.
शिक्षा मंत्री ने रामचरितमानस के बारे में कहा है, "रामचरितमानस में बहुत अच्छी-अच्छी बातें है, लेकिन 55 प्रकार का खाना परोसा गया हो और उसमें थोड़ा सा पोटाशियम साइनाइड डाल दिया गया हो तो क्या आप उसे खाएंगे?"
चंद्रशेखर ने यह बयान हिंदी दिवस के मौक़े पर एक कार्यक्रम के दौरान दिया है. उन्होंने एक बार फिर से रामचरितमानस पर डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की लिखी टिप्पणी पढ़ने की सलाह दी है.
चंद्रशेखर ने कहा है कि ग्रंथों में इस तरह के पोटाशियम साइनाइड को लेकर मेरी आपत्ति है और आगे भी रहेगी.
इससे पहले भी चंद्रशेखर रामचरितमानस पर टिप्पणी करते रहे हैं, जिसे बड़ा विवाद हुआ है.
इसी साल की शुरुआत में चंद्रशेखर ने पटना में एक दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए रामचरितमानस की कुछ चौपाइयों का हवाला देते हुए उसे नफ़रत फैलाने वाला ग्रंथ बताया था.
उस वक़्त समारोह के बाद उनसे जब इस बारे में पूछा गया था तो शिक्षा मंत्री ने कहा था, "एक युग में मनुस्मृति, दूसरे युग में रामचरितमानस, तीसरे युग में गुरु गोलवलकर का 'बंच ऑफ़ थॉट्स'', ये सभी देश को, समाज को नफ़रत में बाँटते हैं."
उनके इस बयान पर विवाद इतना बड़ा हो गया था कि बीजेपी ही नहीं, बल्कि महागठबंधन के कई नेता चंद्रशेखर के ख़िलाफ़ हो गए थे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी इस मुद्दे पर सफ़ाई देनी पड़ी थी.
चंद्रशेखर के ताज़ा बयान के बाद एक बार फिर से सियासी पारा चढ़ता नज़र आ रहा है. एनडीए के नेताओं ने बिहार से लेकर दिल्ली तक इस मुद्दे पर 'इंडिया' गठबंधन और चंद्रशेखर को घेरने की कोशिश की है.
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, "मैं उनसे कहना चाहता हूं कि एक अच्छा गुरू रख लें, रामायण की प्रत्येक पंक्ति को पढ़ें, प्रत्येक शब्द के भाव को जानें और फिर रामायण-महाभारत पर टिप्पणी करें. यह उनकी बीमार मानसिकता का परिचायक है, यह तुष्टीकरण का परिचायक है. साइनाइड महाभारत और रामायण नहीं हैं. साइनाइड तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और अपराधियों को शरण देने वाली सरकारें हैं."
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक सवाल के जवाब में कहा है कि राम के नाम को ज़हर बताने की हिम्मत रखने वाले इस देश की मूल आस्था पर सवाल उठाते हैं और उसपर चोट करते हैं.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने चंद्रशेखर के बयान के एक हिस्से को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शेयर करते हुए लिखा है, "यह है इनकी सच्चाई."
बीजेपी के साझेदार और एलजेपी (आर) के सांसद चिराग पासवान ने इस मुद्दे पर कहा है कि शिक्षा मंत्री समाज में बंटवारा करते हैं और इन्हें तत्काल बर्खास्त करना चाहिए, रामचरितमानस में कई लोगों की आस्था है, अगर रामचरितमानस पोटाशियम साइनाइड होता तो अभी तक सब लोग समाप्त हो गए होते.
चंद्रशेखर बिहार की मधेपुरा सीट से लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी के विधायक हैं.
मामले को गर्म होते देख बिहार में सत्ता की साझेदार आरजेडी ने चंद्रशेखर के बयान पर अपनी सफाई भी दी है.
राष्ट्रीय जनता दल प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने बयान जारी कर कहा है कि धर्म और धार्मिक पुस्तकें आस्था का केंद्र हैं, राष्ट्रीय जनता दल हर धर्म का सम्मान करता है.
शक्ति सिंह यादव ने कहा है, "विकृतियों पर चर्चा गाहे बेगाहे कई समाज सुधारक करते रहते हैं, लेकिन उसे धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए. ऐसे बयान जो लोगों को आहत करते हैं, उससे बचना चाहिए."
चंद्रशेखर लगातार तीसरी बार आरजेडी के टिकट पर विधानसभा पहुंचे हैं. वो बिहार में महागठबंधन की पिछली सरकार में आपदा प्रबंधन मंत्री भी बनाए गए थे.