जनवरी 2024 में
अयोध्या मे राम मंदिर का उद्घाटन होना है. आप में से शायद कुछ लोगों को पता होगा
कि अयोध्या का एक कनेक्शन दक्षिण कोरिया से भी है.
प्राचीन कोरियाई
राज्य कारक के संस्थापक राजा किम सू-रो ने अयोध्या में शादी की थी.
किम सू-रो की
भारतीय पत्नी का नाम महारानी हौ था. महारानी हौ का स्मारक अयोध्या में सरयू नदी के
किनारे पर स्थित है.
2018 में दक्षिण
कोरिया के तत्कालीन राष्ट्रपति मून जे-इन की पत्नी किम जोंग-सूक अकेले भारत आई
थीं. तब वो महारानी हौ के स्मारक में भी गई थीं.
ऐसे में जब
अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन की तारीख़ पास आ रही है, तब भारत में
दक्षिण कोरिया के राजदूत चांग जे बुक से मीडिया ने इस बारे में सवाल किया.
चांग से पूछा
गया कि अगले साल अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन होना है अयोध्या दक्षिण कोरिया
के लिए भी अहम है. ऐसे में क्या मंदिर के उद्घाटन समारोह में दक्षिण कोरिया शीर्ष
नेतृत्व से कोई शामिल होगा?
चांग जे बोले, ''ऐतिहासिक
तौर पर अयोध्या दोनों देशों के लिए बेहद अहम है. भारत में अयोध्या में राम मंदिर
का अहम उद्घाटन होना है. ऐसे में उच्च स्तर पर किसी के शामिल होने के लिए ये
ज़रूरी है कि केंद्र या उत्तर प्रदेश सरकार इस बारे में विस्तार से बताए.''
चांग जे कहते
हैं, ''अगर भारत सरकार की ओर से राम मंदिर के उद्घाटन से जुड़ा कोई निमंत्रण
मिला तो हम उस पर काम करेंगे.''
राजकुमार राम और अयोध्या से उनके 14 साल के वनवास की कथा हज़ारों साल से भारतीय किंवदंतियों का हिस्सा रही हैं.
लेकिन बीते दो दशकों में अयोध्या से एक और शाही व्यक्ति के बाहरी दुनिया में जाने की बात लोगों की ज़बान पर चढ़ी हुई है.
कोरिया के इतिहास में कहा गया है कि भारत के अयोध्या (उस वक़्त साकेत) से 2000 साल पहले 'अयोध्या की राजकुमारी' सुरीरत्ना नी हु ह्वांग ओक-अयुता भारत से दक्षिण कोरिया के ग्योंगसांग प्रांत के किमहये शहर गई थीं.
लेकिन राजकुमार राम की तरह ये राजकुमारी कभी अयोध्या वापस नहीं लौटीं.
चीनी भाषा में दर्ज दस्तावेज़ सामगुक युसा में कहा गया है कि ईश्वर ने अयोध्या की राजकुमारी के पिता को स्वप्न में आकर ये निर्देश दिया था कि वो अपनी बेटी को उनके भाई के साथ राजा किम सू-रो से विवाह करने के लिए किमहये शहर भेजें.