नई दिल्ली जी20 घोषणापत्र में युद्ध पर रूस का नहीं किया गया है ज़िक्र, यूक्रेन ने क्या कहा

भारत ने कहा है कि इस बयान को जारी करने में विकासशील देशों की अग्रणी भूमिका रही है.

लाइव कवरेज

मानसी दाश and दीपक मंडल

  1. जी-20 शिखर सम्मेलन: भारत और अमेरिका ने डब्ल्यूटीओ में अपना आख़िरी विवाद सुलझाया

    मोदी और बाइडन

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    विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में भारत और अमेरिका ने पॉल्ट्री उत्पादों के मुद्दे पर अपना आख़िरी विवाद सुलझा लिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इसके साथ ही दोनों देशों ने वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन में लंबित सभी सातों व्यापार विवादों को आपसी सहमति से सुलझा लिया है.

    दोनों देशों ने एक साझा बयान भी जारी किया है जिसमें कहा गया है, "विश्व व्यापार संगठन में भारत और अमेरिका के बीच लंबित सातवें और आख़िरी विवाद के निपटारे का दोनों देशों ने स्वागत किया है. जून, 2023 में छह द्विपक्षीय व्यापार विवादों के निपटारे के बाद ये हुआ है."

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडन की दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद दोनों देशों की ओर से ये साझा बयान जारी किया गया है.

    राष्ट्रपति जो बाइडन जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए दो दिनों के लिए भारत दौरे पर आए हुए हैं.

  2. जी-20: भारत के सामने होंगी ये चुनौतियां

    वीडियो कैप्शन, COVER STORY: जी-20: भारत के सामने होंगी ये चुनौतियां

    18वें जी-20 सम्मेलन के लिए भारत पूरी तरह तैयार है. बैठक को लेकर सुरक्षा के चाक चौबंद इंतज़ाम हैं.

    जी-20 के मेज़बान भारत के पास पश्चिमी देशों और विकासशील देशों के बीच संतुलन बनाने के अलावा और कौन कौन से चुनौतियां हैं?

    देखिए बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद की रिपोर्ट.

  3. जी-20 शिखर सम्मेलन: बाइडन की भारत यात्रा के बीच अमेरिकी संसद में पेश हुआ ये क़ानून

    भारत और अमेरिका

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    राष्ट्रपति जो बाइडन की नई दिल्ली यात्रा के बीच अमेरिकी संसद के हाउस ऑफ़ रीप्रेजेंटेटिव के दो प्रमुख सदस्यों ने भारत के पक्ष में एक क़ानून बनाने का मसौदा पेश किया है.

    इस क़ानून का मक़सद भारत को हाई टेक चीज़ों के निर्यात पर लगी रोक हटाना है ताकि संवेदनशील टेक्नोलॉजी का निर्यात बेरोकटोक हो और द्विपक्षीय तकनीकी सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके.

    शुक्रवार को कांग्रेसमैन ग्रेगोरी मीक्स और कांग्रेसमैन एंडी बार ने इस क़ानून मसौदा हाउस ऑफ़ रीप्रेजेंटेटिव में रखा.

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    ग्रेगोरी मीक्स हाउस ऑफ़ रीप्रेजेंटेटिव की फॉरेन अफ़ेयर्स कमेटी के रैंकिंग मेंबर हैं और एंडी बार इंडिया कॉकस के उपाध्यक्ष हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 'टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट्स टू इंडिया एक्ट' भारत को उच्च क्षमता वाले कम्प्यूटर्स और संबंधित उपकरणों की बिक्री का रास्ता खोल सकता है और इससे भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी सहयोग मजबूत होगा.

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    ग्रेगोरी मीक्स और एंडी बार ने एक साझा बयान में कहा, "हम हाउस ऑफ़ रीप्रेजेंटेटिव में 'टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट्स टू इंडिया एक्ट' को पेश करके खुश हैं."

    "इस विधेयक से अमेरिकी उत्पादों की भारत को बिक्री पर लगी रोक हट जाएगी और डिजिटल कम्प्यूटर्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बिना डिपार्टमेंट ऑफ़ कॉमर्स के लाइसेंस के भी भारत को बेचे जा सकेंगे."

  4. जी-20: क्या जलवायु संकट से निपटने के लिए मिलेगी मदद?

    वीडियो कैप्शन, जी-20: क्या जलवायु संकट से निपटने के लिए मिलेगी मदद?

    भारत चाहता है कि विकसित देश जो प्रदूषण और ग्लोबल वॉर्मिंग के लिए ज़्यादा ज़िम्मेदार हैं, वो उसके जैसे विकासशील देशों के जलवायु संकट और ग्रीन एनर्जी के लक्ष्य को पूरा करने का वित्तीय बोझ उठाएं.

    पिछले तीन सालों में भारत ने जलवायु परिवर्तन से जुड़ी बाढ़, भूस्खलन, सूखे जैसी आपदाओं का सामना किया है. इसने देश के विकास को ख़तरे में डाल दिया है.

    भारत की अर्थव्यवस्था को जलवायु परिवर्तन की क्या क़ीमत चुकानी पड़ी है? देखिए बीबीसी संवाददाता अर्चना शुक्ला की रिपोर्ट.

  5. जी-20 के मंच पर दिखे कोणार्क चक्र का क्या है इतिहास

    मोदी और जो बाइडन

    इमेज स्रोत, PIB

    शनिवार सवेरे प्रधानमंत्री मोदी विदेश से आए राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों का स्वागत करने के लिए प्रगति मैदान में बने भारत मंडपम पहुंचे.

    राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत करने के लिए मोदी जिस मंच पर खड़े थे उसके पीछे कोणार्क चक्र की एक प्रतिकृति थी.

    इस मौक़े पर वो अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को कोणार्क चक्र के बारे में जानकारी देते दिखाई दिए.

    कोणार्क मंदिर

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    कोणार्क चक्र के बारे में और जानकारी

    • ये चक्र कलिंग (आज का ओडिशा) में बने कोणार्क सूर्य मंदिर का है जिसे 13वीं सदी में राजा लांगुला नरसिंहदेव प्रथम के शासन काल में बनाया गया था.
    • नरसिंहदेव प्रथम का शासनकाल 1238 से लेकर 1264 तक था. इस दौरान उन्होंने ओडिशा में समुद्र के किनारे कोणार्क में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया था.
    • इस मंदिर को हिंदू स्थापत्य कला के बेहतरीन उदाहरणों में गिना जाता है. ये मंदिर तीन हिस्सों में बंटा है, मुख्य द्वार से जुड़ा मंदिर, प्रार्थना स्थल और एक अलग नृत्य स्थल.
    • मंदिर और प्रार्थना स्थल दरअसल एक रथ की शक्ल में है जिसके बाहरी हिस्से में 12-12 (कुल 24) पहिए हैं, इन्हें चक्र कहा जाता है.
    • ये सूर्य के रथ का प्रतीक है जिसे सात घोड़े खींचते हैं. मौजूदा वक्त में यहां केवल एक ही घोड़े की मूर्ति बची है. ये मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहरों की सूची में शामिल है.
    • 19वीं सदी में मंदिर के मुख्य हॉल को गिरने से बचाने के लिए उस वक्त के ब्रितानी शासन ने उसे रेल और पत्थरों से भर दिया गया था. 2022 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने मंदिर के भीतर से रेत और पत्थर को निकालने का फ़ैसला किया.
    • ये चक्र भारत के प्राचीन ज्ञान, यहां की सभ्यता और स्थापत्य कला को दर्शाता है. माना जाता है कि कोणार्क चक्र के घूमने की तुलना कालचक्र से की जाती है और इसे आगे बढ़ने और बदलाव के रूप में देखा जाता है.
  6. दिल्ली में स्कूल-ऑफ़िस बंद, भीड़भाड़ वाली राजधानी कैसी दिख रही है?

    वीडियो कैप्शन, दिल्ली में स्कूल-ऑफ़िस बंद, भीड़भाड़ वाली राजधानी कैसी दिख रही है?

    दिल्ली में शनिवार और रविवार को जी20 का आयोजन होना है और दुनिया के दिग्गज नेताओं का आगमन शुक्रवार से ही शुरू हो गया है.

    इस वजह से मध्य दिल्ली को तीन दिन के लिए आम जनता के लिए बंद रखा गया है. कनॉट प्लेस जैसे इलाके, जो आम तौर पर खचाखच भीड़ से भरे नज़र आते हैं, वो आज सुनसान दिख रहे हैं.

  7. अफ़्रीकन यूनियन के जी-20 के स्थायी सदस्य बनने पर क्या बोले सुनील भारती मित्तल

    अज़ाली असौमानी

    इमेज स्रोत, Evan Vucci/Pool via REUTERS

    दिल्ली में हो रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में अफ़्रीकन यूनियन यानी अफ़्रीकी संघ को स्थायी सदस्य के तौर पर इसमें शामिल करने के फ़ैसले का भारती एंटरप्राइज़ेज से संस्थापक सुनील भारती मित्तल ने स्वागत किया है.

    अफ़्रीकन यूनियन अफ़्रीकी महाद्वीप के 55 देशों का संगठन है जो साल 2022 में अस्तित्व में आया था.

    सुनील मित्तल ने कहा, "मुझे यकीन है कि दिल्ली से दुनिया को जाने वाले इस संदेश को दुनिया को समावेशी बनाने की तरफ कदम बढ़ाने वाले मील के पत्थर के रूप में देखा जाएगा."

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    उन्होंने कहा, "मुझे खुशी है कि जी-20 में वैश्विक ऑर्डर में अफ़्रीकन यूनियन की हिस्सेदारी के लिए उसे जी-20 में शामिल करने पर सहमति बनी और इस दिशा में कदम उठाया जा सका."

    शनिवार को अपने स्वागत भाषण में मोदी ने अफ़्रीकन यूनियन के जी-20 का स्थायी सदस्य बनने की घोषणा की और यूनियन के चेयरपर्सन अज़ाली असौमानी से गुज़ारिश की कि वो अपनी जगह लें.

    उन्होंने कहा, "आप सबकी सहमति से आगे की कार्यवाही शुरू करने से पहले मैं अफ़्रीकन यूनियन के अध्यक्ष को जी-20 के स्थायी सदस्य के रूप में अपना स्थान ग्रहण करने के लिए आमंत्रित करता हूं."

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    अफ़्रीकन यूनियन को जी-20 देशों के सदस्य के रूप में शामिल करना भारत की जी-20 अध्यक्षता के मुख्य उद्देश्यों में से एक था.

    इस साल जून में पीएम मोदी ने कहा था कि उन्होंने संगठन के सभी सदस्यों को पत्र लिखकर उनसे गुज़ारिश की है कि वो अफ़्रीकन यूनियन को जी-20 का स्थायी सदस्य बनाने में अपना समर्थन दें.

    सुनील मित्तल की कंपनी एयरटेल अफ्रीका महादेश के कई देशों में अपनी सेवाएं देती है.

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  8. जी-20 में अफ़्रीकन यूनियन शामिल, भारत और चीन के बीच नई होड़ की कहानी

  9. पीएम मोदी के सामने बोर्ड पर लिखा था 'भारत', सोशल मीडिया पर उठे सवाल

    मोदी

    दिल्ली में हो रहे जी-20 देशों के सम्मेलन में पीएम मोदी जब अपना ओपनिंग भाषण दे रहे थे तो कई लोगों का ध्यान उनकी मेज़ पर रखे बोर्ड पर जा रहा था.

    उनके सामने रखे बोर्ड पर 'भारत' लिखा था. अतीत में ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने 'इंडिया' लिखा हुआ देखा जाता रहा है.

    वहीं, बीते साल 15 नवंबर को इंडोनेशिया के बाली में जी-20 देशों का जो सम्मेलन हुआ था उसमें पीएम मोदी के सामने रखे बोर्ड पर 'इंडिया' लिखा था.

    15 नवंबर की तस्वीर

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    बीते दिनों जी-20 सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रम के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के निमंत्रण पत्र में 'इंडिया' की जगह 'भारत' लिखा होने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था.

    कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने कहा कि मोदी सरकार देश का नाम 'इंडिया' से बदल कर 'भारत' करना चाहती है.

    उनका कहना था कि विपक्षी गठबंधन ने अपना नाम 'इंडिया' रखा है जिस वजह से बीजेपी सरकार जानबूझ कर अब 'इंडिया' की जगह 'भारत' नाम का इस्तेमाल कर रही है.

    पीएम मोदी ने इस साल जून में नई दिल्ली में 14वें ब्रिक्स समिट को संबोधित किया था, जिसमें उनके सामने रखे बोर्ड पर इंडिया लिखा हुआ था

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    सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा

    अनुजा जायसवाल ने कहा कि अपने ओपनिंग भाषण के दौरान मोदी के सामने रखे बोर्ड पर भारत लिखा था.

    विपक्ष पर तंज कसते हुए सुनील सेठी ने सोशल मीडिया पर लिखा विपक्ष को इससे परेशानी हो रही होगी.

    हसन अकबर लिखते हैं कि अनौपचारिक तौर पर देश का नाम बदलने को इस तरह औपचारिक जामा पहनाया गया है. ये चौंकाने वाला है कि प्रधानमंत्री ने संसद के अनुमोदन के बिना ही ये करने का फ़ैसला किया.

    अंकुर ने सवाल किया है कि क्या ये आधिकारिक है, क्या हम अब भारतीय हैं?

  10. भारत की राजधानी दिल्ली में हुआ 18वें जी-20 का आग़ाज़, भारत के लिए क्या होगा इसका हासिल?

    वीडियो कैप्शन, भारत की राजधानी दिल्ली में हुआ 18वें जी-20 का आग़ाज़. भारत के लिए क्या होगा इसका हासिल?

    जी-20 सम्मेलन के लिए दिल्ली पहुंचे दुनिया भर के नेता.

    राष्ट्रपति बाइडन से प्रधानमंत्री मोदी की हुई मुलाक़ात.

    भारत के लिए कितना बड़ा है यह मौक़ा और दुनिया की राजनीति में कितना बढ़ेगा भारत का क़द.

    करेंगे चर्चा कवर स्टोरी में.

  11. जी-20 शिखर सम्मेलन: राष्ट्रपति के स्पेशल डिनर में होंगे कितने मेहमान

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

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    इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

    राजधानी दिल्ली में आयोजित हो रहे जी-20 शिखर सम्मेलन के सिलसिले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज रात एक स्पेशल डिनर दे रही हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत मंडपम में दिए जा रहे इस स्पेशल डिनर के लिए 170 मेहमानों को निमंत्रण दिया गया है.

    विदेशी नेताओं और दूसरे देशों से आए प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के अलावा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, कैबिनेट और राज्य मंत्रियों और अन्य जाने-माने मेहमानों को शनिवार रात होने वाली इस दावत के लिए बुलाया है.

    इवेंट की मेजबान राष्ट्रपति मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू भी इस डिनर में शरीक होंगे.

    हालांकि अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं को इस डिनर के लिए निमंत्रण नहीं दिया गया है.

    डिनर में शामिल होने वाले कैबिनेट मंत्रियों में राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, नरेंद्र सिंह तोमर, एस जयशंकर, अर्जुन मुंडा, स्मृति इरानी, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान और प्रल्हाद पटेल शामिल हैं.

    राज्य मंत्रियों के अलावा नियंत्रक और महालेखापरीक्षक गिरीश चंद्र मुर्मू, लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला, एनएसए अजित डोवाल, दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना भी निमंत्रित किए गए हैं. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और एचडी देवेगौड़ा को भी इस ख़ास मौके पर बुलाया गया है.

  12. दिल्ली से LIVE: G20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत आईं अमेरिकी विदेश मंत्रालय की दक्षिण एशिया प्रवक्ता, मार्गरेट मैकलियोड से बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद

  13. जी-20 शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी ने किया विदेशी नेताओं का स्वागत, देखिए तस्वीरें

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का स्वागत करते हुए मोदी. इस दौरान मोदी कोणार्क चक्र के बारे में जो बाइडन को जानकारी देते दिखते हैं.

    शुक्रवार को बाइडन और मोदी की द्विपक्षीय वार्ता हुई जिसके बाद दोनों की तरफ से साझा बयान जारी किया गया.

    साझा बयान में बताया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी पर अपने समर्थन की बात दोहराई.

    जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शोल्तज़

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    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शोल्तज़ का स्वागत किया
    ब्रितानी प्रधानमंत्री ऋषि सुनक

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    इमेज कैप्शन, ब्रितानी प्रधानमंत्री ऋषि सुनक

    जी-20 सम्मेलन के लिए ब्रितानी प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भी शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे थे.

    शुक्रवार को उन्होंने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि वो भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर पीएम मोदी से बात करने चाहते हैं, साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण पैदा हुए अनाज संकट पर भी चर्चा करना चाहते हैं.

    चीनी प्रीमियर ली चियांग

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    इमेज कैप्शन, चीनी प्रीमियर ली चियांग

    चीनी प्रीमियर ली चियांग भी सम्मेलन में शिरकत करने भारत मंडपप पहुंचे हैं, पीएम मोदी ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया.

    चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सम्मेलन में शामिल नहीं हो रहे हैं. उनकी जगह पर चीनी प्रीमियर ली चियांग सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं.

    रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लैवरॉव

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    वहीं रूसी राष्ट्रपति वाल्दिमीर पुतिन भी सम्मेलन के लिए भारत नहीं पहुंचे हैं.

    प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी जगह आए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लैवरॉव का स्वागत किया.

    दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामोफोसा

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    दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामोफोसा भी बैठक में शामिल होने पहुंचे.

    उर्सुला वॉन डेर लेयन

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    यूरोपीय कमिशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन भी सम्मेलन के लिए भारत पहुंची हैं.

    उन्होंने एक दिन पहले कहा था कि अलग-अलग मुद्दों पर दुनिया बंटी हुई है और यूरोपीय संघ की कोशिश रहेगी कि ऐसे वक्त हो रहा ये सम्मेलन सफल हो सके.

  14. शी जिनपिंग की जगह भारत आए चीन के प्रधानमंत्री को क्या साबित करना होगा – प्रेस रिव्यू

  15. जी-20 शिखर सम्मेलन: शुरुआती भाषण में क्या बोले पीएम मोदी

    शुरूआती भाषण में मोदी क्या बोले

    औपचारिक रूप से कार्यक्रम शुरू करने से पहले मोदी ने कहा-

    • कार्यक्रम शुरू करने से पहले मैं कुछ देर पहले मोरक्को में आए भूकंप के प्रभावित लोगों के लिए संवेदना प्रकट करना चाहता हूं. मैं ये कहना चाहता हूं कि पूरा विश्व उनके साथ है और हम उन्हें हरसंभव मदद देने को तैयार हैं.
    • जहां हम एकत्र हुए हैं, वहां से कुछ दूर ढाई हज़ार साल पुराना स्तंभ है जिस पर प्राकृत भाषा में लिखा है - मानवता का कल्याण और सुख ,सवैद सुनिश्चित किया जाएगा.
    • भारत पूरी दुनिया से अपील कर रहा है कि हम मिलकर ग्लोबल ट्रस्ट डेफिसिट को विश्वास, भरोसे में बदलें. ये सभी के साथ मिलकर चलने का वक्त है. हम सभी के लिए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास हमारे लिए पथप्रदर्शक बन सकता है.
    • सबका साथ की भावना से ही भारत ने अफ़्रीकन यूनियन को जी-20 का स्थायी सदस्य बनाने की बात की थी. आप सबकी सहमति से मैं अफ्रीकन यूनियन के अध्यक्ष को जी-20 के स्थायी सदस्य के रूप में अपना स्थान ग्रहण करने के लिए आमंत्रित करता हूं.
    • हमें आने वाली पीढ़ी के लिए वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल, नॉर्थ और साउथ के बीच का फर्क, ईस्ट और वेस्ट के बीच का फर्क, अनाज संकट, खाद संकट जैसी चुनौतियों का सामना करना ही पड़ेगा.
  16. जी-20 शिखर सम्मेलन में साझा बयान जारी करना कैसे भारत के लिए है चुनौती

  17. ब्रेकिंग न्यूज़, जी-20 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने अफ़्रीकी यूनियन के स्थायी सदस्य बनने की घोषणा की

    जी-20, मोदी

    दिल्ली में हो रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में अफ़्रीकन यूनियन यानी अफ़्रीकी संघ को स्थायी सदस्य के तौर पर जी-20 में शामिल कर लिया गया है.

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वागत भाषण में कहा, "आप सबकी सहमति से आगे की कार्यवाही शुरू करने से पहले मैं अफ़्रीकन यूनियन के अध्यक्ष को जी-20 के स्थायी सदस्य के रूप में अपना स्थान ग्रहण करने के लिए आमंत्रित करता हूं."

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    जी20 ग्रुप में 19 देश शामिल हैं- अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, चीन, फ़्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका.

    ग्रुप का 20वां सदस्य यूरोपीय संघ है.

    अफ़्रीकी यूनियन के इस संगठन में स्थायी सदस्य के रूप में शामिल होने के बाद अब 19 देश और दो संघ इसके सदस्य हो गए हैं.

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  18. G20 शिखर सम्मेलन का पहला दिन

    दिल्ली से LIVE: पीएम मोदी ने दुनियाभर से आए मेहमानों का किया स्वागत

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  19. भारत मंडपम पहुंचे जो बाइडन, मोदी ने किया स्वागत

    बाइडन, मोदी

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    जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन भारत मंडपम पहुंच चुके हैं.

    इस दौरान मोदी कोणार्क चक्र के बारे में जो बाइडन को जानकारी देते दिखते हैं.

    बाइडन के अलावा मोदी ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायेद का भी स्वागत किया.

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  20. मोदी ने किया विदेशी नेताओं का स्वागत, मंच पर दिखा कोणार्क चक्र

    विदेशी नेताओं का स्वागत

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    शनिवार सवेरे जी-20 सम्मेलन के लिए सभी विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों के प्रगति मैदान पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद प्रगति मैदान पहुंचे.

    यहां बने भारत मंडपम में उन्होंने एक के बाद एक सभी विदेशी नेताओं का स्वागत किया.

    स्वागत कार्यक्रम के लिए जो मंच तैयार किया गया है उसमें पीछे कोणार्क चक्र की प्रतिकृति लगाई गई है.

    कोणार्क चक्र पहली बार 13वीं सदी में राजा नरसिंहदेव प्रथम के शासन काल में बनाया गया था.

    ये चक्र भारत के प्राचीन ज्ञान, यहां की सभ्यता और स्थापत्य कला को दर्शाता है. माना जाता है कि कोणार्क चक्र के घूमने की तुलना कालचक्र से की जाती है और इसे आगे बढ़ने और बदलाव के रूप में देखा जाता है.

    विदेशी नेताओं का स्वागत

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    पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्तज़, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल-सीसी, कनाडा के प्रधानमंच्री जस्टिन ट्रूडो का स्वागत किया.

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    रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लैवरॉव, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-योल, दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामोफोसा और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी सम्मेलन के लिए भारत मंडपम पहुंचे.

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    इनके अलावा ब्रितानी प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनाथ और चीनी प्रीमियर ली चियांग भी भारत मंडपप पहुंचे, जिनका पीएम मोदी ने गर्मजोशी से स्वागत किया.

    चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सम्मेलन में शामिल नहीं हो रहे हैं. उनकी जगह पर चीनी प्रीमियर ली चियांग सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं.

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