बिहार के अररिया में पत्रकार की हत्या पर क्या बोली कांग्रेस

बिहार के अररिया ज़िले में पत्रकार विमल कुमार यादव की हत्या के मामले में कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया आई है.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and अनंत प्रकाश

  1. बिहार के अररिया में पत्रकार की हत्या, चार हमलावर फरार

      • Author, विष्णु नारायण
      • पदनाम, बिहार से बीबीसी हिंदी के लिए
    पत्रकार विमल कुमार यादव

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    इमेज कैप्शन, पत्रकार विमल कुमार यादव

    बिहार के अररिया ज़िले में शुक्रवार की सुबह हिन्दी अख़बार 'दैनिक जागरण' के स्थानीय संवाददाता विमल कुमार यादव को अज्ञात अपराधियों ने घर में घुसकर गोली मार दी.

    गोली लगने से पत्रकार की मौक़े पर ही मौत हो गई.

    साल 2019 में विमल के भाई की भी हत्या अपराधियों ने कर दी थी.

    उस मामले में विमल इकलौते गवाह थे और प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ उन पर लगातार गवाही बदलने का दबाव बनाया जा रहा था.

    मालूम हो कि दो दिन पहले भी अररिया के पलासी थाना क्षेत्र के रहने वाले और समस्तीपुर के मोहनपुर थाना के प्रभारी की हत्या भी अपराधियों ने उनके पैतृक घर में घुसकर कर दी थी.

    अररिया के एसपी अशोक कुमार सिंह ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, ''चार अपराधी विमल कुमार यादव के घर के बाहर आते हैं. आवाज़ मारकर बाहर बुलाते हैं. जब वो बाहर निकलते हैं तो अपराधी उनको गोली मारकर फरार हो जाते हैं. घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो जाती है. उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. अपराधियों को पकड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं.''

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    राज्य में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति और विपक्षी दल बीजेपी की ओर से लगातार हमलों को लेकर गुरुवार को सीएम नीतीश कुमार से सवाल पूछा गया तो उनका कहना था, ''कहाँ है अपराध.''

  2. झारखंड: बछड़ा बचाने के लिए कुएँ में उतरे 5 ग्रामीणों की मौत, कुआँ धँसने से हुआ हादसा

      • Author, रवि प्रकाश
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, रांची से
    राँची

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    झारखंड की राजधानी राँची के पास स्थित पिस्का गाँव में कुएँ में गिरे एक बछड़े को बचाने के दौरान हुए एक हादसे में पाँच ग्रामीणों की मौत हो गई है.

    वहीं इस हादसे में ज़िंदा बचे दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी हालत भी चिंताजनक बनी हुई है.

    राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है.

    उन्होंने ट्वीट करके कहा, “सिल्ली के मुरी क्षेत्र स्थित पिस्का गांव में कुएँ में 5 लोगों की मरने की दुःखद ख़बर से मन व्यथित है. परमात्मा दिवगंत आत्माओं को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवारजनों को दुःख की यह विकट घड़ी सहन करने की शक्ति दे.”

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    घटनास्थल पर मौजूद रहे एक चश्मदीद ने बीबीसी को बताया, “गुरुवार की शाम आनंद मांझी का बछड़ा उनके पड़ोसी के कुएँ में गिर गया था. उसे बचाने के लिए गाँव के 7 लोग कुएँ में उतरे थे. आठवाँ व्यक्ति कुएँ के किनारे खड़ा होकर उनकी मदद कर रहा था. इस दौरान कुएँ के ऊपरी सतह की मिट्टी अचानक धँसने लगी और उसमें उतरे सातों लोग मिट्टी और वहाँ मौजूद पत्थरों से दब गए.”

    राँची

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    “ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दी और खु़द भी उन्हें बचाने की कोशिशें करने लगे. इस बीच राँची से एनडीआरएफ की टीम भी पहुँची. लेकिन, आधी रात तक चले राहत एवं बचाव कार्य के बावजूद 5 लोगों को जिंदा नहीं निकाला जा सका. कुएँ के अंदर ही उनकी मौत हो गई. राहतकर्मियों ने उनके शव निकाले.”

    सिल्ली के थाना प्रभारी आकाशदीप ने इसकी पुष्टि की है.

    उन्होंने मीडिया से कहा है कि बारिश के कारण कुएँ के पास की मिट्टी पहले से ही गिली हो हई थी. राहतकर्मियों को भी बारिश के कारण दिक़्क़तें हुईं.

  3. कश्मीर के अलगाववादी नेता यासिन मलिक की पत्नी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की सहायक बनीं

    यासिन मलिक की पत्नी मिशाल हुसैन मलिक
    इमेज कैप्शन, यासिन मलिक की पत्नी मिशाल हुसैन मलिक

    भारत प्रशासित जम्मू और कश्मीर के अलगाववादी नेता यासिन मलिक की पत्नी मिशाल हुसैन मलिक को पाकिस्तान के अंतरिम प्रधानमंत्री अनवारुल हक़ काकड़ का एक विशेष सहायक नियुक्त किया गया है.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज़ में गुरुवार को बताया गया कि मिशाल हुसैन मलिक को 'मानवाधिकार और महिला स​शक्तीकरण' मामलों का सहायक बनाया गया है.

    मिशाल पाकिस्तान की नागरिक हैं और वहीं रहती हैं.

    अं​तरिम प्रधानमंत्री

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    यासिन मलिक को पिछले साल मई में एनआईए की एक अदालत ने टेरर फ़ंडिंग के मामलों में उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी. उसके बाद उनकी पत्नी मिशाल ने बीबीसी से कहा था कि वे इस मामले को आगे लेकर जाएंगी.

    यासिन मलिक पर देश के विरुद्ध युद्ध छेड़ने, आपराधिक साज़िश रचने और ग़ैरक़ानूनी गतिविधियों में शामिल होने जैसे संगीन आरोप थे. हालांकि उन्होंने अदालत में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को स्वीकार कर लिया था.

    गुरुवार को ही अं​तरिम प्रधानमंत्री के वि​भिन्न मंत्रियों के बीच मंत्रालयों का बंटवारा कर दिया गया. इसके तहत, शमशाद अख़्तर को वित्त मंत्री, जलील अब्बास जिलानी को विदेश मंत्री और सेना से रिटायर्ड ले जनरल अनवर अली हैदर को रक्षा मंत्री बनाया गया है.

  4. रूस के विपक्षी नेता नवेलनी को ज़हर देने के मामले में अमेरिका ने चार लोगों पर लगाए प्रतिबंध

    नवेलनी

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    अमेरिका ने जेल में बंद रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी को 2020 में ज़हर देने में कथित रूप से शामिल रूस के चार लोगों पर वीजा और अन्य प्रतिबंध लगाने का एलान किया है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, बाइडन प्रशासन ने रूस के एलेक्सी अलेक्जेंद्रोव, कोंस्टेन्टिन कुद्रियावत्सेव, ईवान ओसिपोव और व्लादिमीर पन्याएव पर ये प्रतिबंध लगाए हैं.

    अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने एक बयान जारी करके कहा है कि ये चारों लोग रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस से जुड़े हैं. दावा किया गया है कि इनमें से दो लोग उस घटना के मुख्य अपराधी थे.

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    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

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    ट्रेजरी विभाग के चरमपंथ और वित्तीय ख़ुफ़िया मामलों के अंडर सेक्रेटरी ब्रायन नेल्सन ने कहा, ''आज हम व्लादिमीर पुतिन और उनके शासन को याद दिलाना चाहते हैं कि न केवल यूक्रेन के ख़िलाफ़ नृशंस और बिना उकसावे की लड़ाई छेड़ने के नतीजे झेलने होंगे, बल्कि रूसी लोगों के मानवाधिकारों के उल्लंघन के भी परिणाम उठाने होंगे.''

    अगस्त 2020 में साइबेरिया से मॉस्को की उड़ान के दौरान नवेलनी की तबीयत ख़राब हो गई थी, जिसकी वजह से विमान को रास्ता बदलकर, रूस के ओम्स्क शहर में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी थी.

    इसके बाद उन्हें एयरलिफ़्ट करके जर्मनी ले जाया गया था, जहाँ उनका इलाज हुआ और उनकी जान बच पाई.

  5. चीन और रूस की बढ़ती गोलबंदी के सामने भारत के पास क्या है रास्ता?- प्रेस रिव्यू

  6. तीस्ता सीतलवाड़ को आईआईएससी बेंगलुरु में आने से रोकने की कोशिश करने का आरोप

    तीस्ता सीतलवाड़

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    बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) में बुधवार को तब ज़ोरदार ड्रामा देखने को मिला, जब सुरक्षा कर्मियों ने मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को ​परिसर में घुसने से रोकने की कथित तौर पर कोशिश की.

    तीस्ता सीतलवाड़, आईआईएससी के छात्रों के एक समूह 'ब्रेक द साइलेंस' द्वारा 'सांप्रदायिक सद्भाव और न्याय' पर आयोजित एक वार्ता में भाग लेने संस्थान में स्थित केंद्रीय विद्यालय के गेट पर पहुंची थीं.

    हालांकि वहां मौजूद एक सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया.

    इस कार्यक्रम के आयोजन से जुड़े एक छात्र के अनुसार, उन्होंने लगभग सात दिन पहले इस कार्यक्रम के लिए सीसीई हॉल बुक किया था और तब आईआईएससी के प्रशासन ने उसकी अनुमति देने से मना नहीं किया था.

    हालांकि, तय कार्यक्रम से केवल कुछ घंटे पहले उन्हें बताया गया कि अब वे सीसीई हॉल में कार्यक्रम का आयोजन नहीं कर सकते. ऐसे में आयोजन स्थल बदलना पड़ा.

    तीस्ता सीतलवाड को उसके बाद अगले गेट पर ले जाया गया, जहां उन्हें फिर से रोक दिया गया. लेकिन आईआईएससी के एक प्रोफेसर ने जब उच्च अधिकारियों को बुलाया, तब उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिली.

    अंत में यह कार्यक्रम संस्थान में स्थित एक कैंटीन के बाहर आयोजित हुआ.

    इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सीतलवाड़ ने कहा है कि 21वीं सदी के भारत के एक प्रमुख संस्थान और किसी सार्वजनिक स्थान पर सांप्रदायिक सद्भाव, न्याय, शांति स्थापना और नफ़रत वर्जित विषय नहीं हो सकते.

    एक प्रोफ़ेसर ने एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से जानकारी दी कि उन्हें सीतलवाड़ को रोकने के निर्देश दिए गए थे.

  7. बीजेपी ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में उम्मीदवारों की घोषणा इतनी जल्दी क्यों की?

    बीजेपी

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    भारतीय जनता पार्टी ने नवंबर और दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों के लगभग तीन महीने पहले ही गुरुवार को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अपने प्रत्याशियों की पहली सूची का एलान कर दिया.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इन उम्मीदवारों के नामों का फ़ैसला किया गया. यह बैठक बुधवार देर रात संपन्न हुई थी, जिसमें दोनों राज्यों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.

    बीजेपी ने 230 सदस्यों की मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए 39 सीटों और 90 सदस्यों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए 21 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है. ये सभी वे सीटें हैं जो 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी हार गई थी.

    चुनाव के पिछले रिकॉर्ड और पार्टी की ताक़त के आधार पर, ये सीटें 'सी' और 'डी' श्रेणी की हैं, जहां पार्टी या तो दो बार से अधिक हार गई है या वहां से कभी नहीं जीती है.

    अभी तक इन दोनों राज्यों में चुनावों का एलान भी नहीं हुआ है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, कमज़ोर सीटों पर उम्मीदवारों का पहले से एलान करके बीजेपी अपने उम्मीदवारों को स्थानीय चुनौतियों से परिचित होने के लिए पर्याप्त समय देने की कोशिश कर रही है.

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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    इमेज कैप्शन, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

    चाचा-भतीजा मुकाबला

    बीजेपी की छत्तीसगढ़ की पहली सूची का मुख्य आकर्षण दुर्ग के मौजूदा सांसद और कांग्रेस के पूर्व नेता विजय बघेल को उनके चाचा और राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ख़िलाफ़ पाटन से मैदान में उतारा जाना रहा है.

    ऐसा करके सीएम भूपेश बघेल को घेरने की कोशिश हो रही है. विजय बघेल ने 2008 के विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल को हराया था, लेकिन 2013 में वे उनसे हार गए थे.

    विजय बघेल को 2018 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने टिकट देने से इनकार कर दिया था. उस चुनाव में, भूपेश बघेल ने बीजेपी के मोतीलाल साहू को हराया था. हालांकि, विजय बघेल को 2019 के लोकसभा चुनाव में दुर्ग से टिकट दिया गया, जिसमें वे जीतने में कामयाब रहे.

    छत्तीसगढ़ के लिए घोषित प्रत्याशियों में 10 अनुसूचित जनजाति (एसटी) और एक अनुसूचित जाति (एससी) के उम्मीदवार हैं. छह उम्मीदवार ओबीसी हैं और पांच महिलाएं हैं.

    फूल

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    नमस्कार

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