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मणिपुर संकटः कुकी विधायकों की पीएम मोदी से मांग, 5 ज़िलों के लिए हो अलग डीजीपी और मुख्य सचिव

पीएम मोदी को भेजे गए ज्ञापन में इन विधायकों ने मणिपुर की एन. बीरेन सिंह सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and अनुराग कुमार

  1. बीजेपी ने राजस्थान में बनाई दो चुनाव समितियां, वसुंधरा राजे दोनों से गायब

    भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को राजस्थान चुनाव को ध्यान में रखकर दो चुनाव समितियां गठित करने की घोषणा की है.

    लेकिन इन दोनों समितियों में शीर्ष बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को जगह नहीं मिली है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओर से बनाई गई इन समितियों में से एक समिति चुनाव प्रबंधन का काम संभालेगी. वहीं, दूसरी समिति चुनाव के घोषणापत्र को तैयार करने पर काम करेगी.

    चुनाव प्रबंधन को ध्यान में रखकर बनाई गई 21 सदस्यीय समिति का नेतृत्व पूर्व सांसद नारायण पंचारिया करेंगे.

    वहीं, चुनाव घोषणापत्र के लिए बनाई गई समिति का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल करेंगे.

    इसकी घोषणा राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष सीपी जोशी और इनचार्ज अरुण सिंह ने की है.

  2. बिहार के लोगों को लेकर हिमाचल सीएम क्यों घिरे विवादों में

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को बिहारी राज मिस्त्रियों पर दिए अपने विवादित बयान पर स्पष्टीकरण दिया है.

    अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कथित रूप से कहा था - 'माइग्रेंट आर्किटेक्ट जिन्हें मैं बिहारी आर्किटेक्ट कहता हूं, यहां आते हैं और एक के ऊपर एक मंजिल चढ़ाते चले जाते हैं. हमारे यहां स्थानीय राज मिस्त्री नहीं हैं."

    सुक्खू की ओर से ये बयान एक ऐसे समय पर आया है जब प्रदेश में भूस्खलन की वजह से घर घिरने के डरावने वीडियो सामने आए हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इस बयान पर विवाद खड़ा होने के बाद उन्होंने स्पष्टीकरण दिया है.

    उन्होंने कहा, "मैंने ऐसी कोई बात नहीं कही है. बिहार के लोग भी यहां फंसे हुए हैं. मैंने उन्हें हेलिकॉप्टर के ज़रिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. कम से कम 200 बिहारी लोग यहां फंसे हुए हैं. वे हमारे भाई जैसे हैं. ये स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग का दोष है. वे तो सिर्फ़ मजदूर हैं."

  3. बजरंग दल: नरोत्तम मिश्रा बोले – ‘कांग्रेस को हिंदुओं की ताक़त समझ आने लगी है...’

    बजरंग दल पर बैन ना लगाने के दिग्विजय सिंह के बयान पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा कि अच्छा हुआ जो कांग्रेस को हिंदुओं की ताक़त समझ में आने लगी.

    मीडिया से बात करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “दिग्विजय सिंह के बयान के बारे में मैं पहले बोल चुका हूं कि मध्य प्रदेश में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाना तो दूर, उसके बारे में सोच भी नहीं सकते. मैंने पहले ही इस बारे में कहा है.

    किसी का आईफ़्लू दूर हो रहा है...धीरे धीरे उसे राष्ट्रवादी संगठन में अच्छे लोग नज़र आ रहे हैं. थोड़े दिनों में आई फ़्लू का जाला हट जाएगा. तो उन्हें पूरा समझ आ जाएगा कि बजरंग दल राष्ट्रभक्तों का ही संगठन है. जो अभी कुछ-कुछ पर आए हैं...वो पूरे पर आएंगे."

    इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि “अच्छा है इनको (कांग्रेस) हिंदुओं की ताकत समझ में आने लगी है तो कोई भागवत कर रहा है तो कोई महाकाल की सवारी में जा रहा है, कोई कांवड़ यात्रा कर रहा है. अच्छा है, अभी तो एक बात अच्छी कही है धीरे-धीरे सारी बातें अच्छी कहेंगे. देखते रहिए.”

    कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को ही भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “हम बजरंग दल पर प्रतिबंध नहीं लगाएंगे, इसमें कुछ अच्छे लोग भी हैं लेकिन जो लोग गुंडा तत्व हैं और दंगा फ़साद करते हैं उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा.”

    इससे पहले कमल नाथ भी अपने प्रभाव वाले क्षेत्र छिंदवाड़ा में तीन दिवसीय राम कथा में शामिल हुए थे. ये राम कथा धीरेंद्र शास्त्री की ओर से कराई गई थी.

  4. गुलाम नबी आज़ाद बोले...'भारत के सारे मुसलमान पहले हिंदू ही थे...'

    पूर्व केंद्रीय मंत्री और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आज़ाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आज़ाद ने कहा है कि भारत में सभी मुसलमान पहले हिंदू ही थे.

    इसके साथ ही उन्होंने कश्मीर में रहने वाले मुसलमान समुदाय के लोगों पर भी टिप्पणी की है.

    उन्होंने कहा है कि 'कश्मीर में जो भी मुसलमान रहते हैं वो हिंदू धर्म से ही कन्वर्ट हुए हैं.'

    आज़ाद ने कहा, "इस्लाम तो आया ही है 1500 साल पहले, हिंदू धर्म बहुत पुराना है. बाहर से आए होंगे 10-20 लोग...जो मुग़लों की फौज में थे. बाकी सब तो हिंदू से ही कन्वर्ट हुए हैं मुसलमान हिंदुस्तान में. इसकी मिसाल हमारे कश्मीर में है. कश्मीर में कौन था 600 साल पहले मुसलमान? सब कश्मीरी पंडित थे."

  5. मिजोरम हवाई हमले पर अशोक गहलोत को अमित मालवीय ने दिया ये जवाब

    बीजेपी की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने गुरुवार को पूर्व कांग्रेस नेता राजेश पायलट के बचाव में उतरे राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत को घेरने की कोशिश की है.

    पिछले गुरुवार संसद भवन में पीएम मोदी के भाषण के साथ मिज़ोरम के आइजॉल में 1966 में वायुसेना की ओर से बमबारी किए जाने पर शुरू हुई बहस थमने का नाम नहीं ले रही है.

    बीते रविवार को बीजेपी की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा था कि राजेश पायलट और सुरेश कलमाड़ी भारतीय वायुसेना के उन विमानों को उड़ा रहे थे जिन्होंने 5 मार्च 1966 को मिज़ोरम की राजधानी आइज़ॉल पर बम गिराये.

    इस पर सचिन पायलट ने जवाब देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “राजेश पायलट दिनांक 29 अक्टूबर, 1966 को भारतीय वायु सेना में कमीशन हुए थे. यह कहना कि उन्होंने 5 मार्च 1966 में मिज़ोरम में बमबारी करी थी - काल्पनिक है, तथ्यहीन है और पूर्ण तरह भ्रामक है.

    हाँ, 80 के दशक में एक राजनेता के रूप में मिज़ोरम में युद्ध विराम करवाने और स्थाई शांति संधि स्थापित करवाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका ज़रूर निभाई थी.”

    अमित मालवीय के ट्वीट पर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा, “कांग्रेस नेता श्री राजेश पायलट भारतीय वायुसेना के वीर पायलट थे.

    उनका अपमान करके भाजपा भारतीय वायुसेना के बलिदान का अपमान कर रही है. इसकी पूरे देश को निंदा करनी चाहिए”

    अमित मालवीय ने अशोक गहलोत के ट्वीट पर प्रतिक्रिया ज़रूर दी है.

    अमित मालवीय ने अशोक गहलोत को जवाब देते हुए लिखा है- “चलिए, आपको राजेश पायलट जी के सम्मान की चिंता तो हुई, लेकिन अगर आप सच में उनके प्रति श्रद्धा का भाव रखते तो उनके बेटे सचिन पायलट को अपने मंत्रिमंडल से बेइज्जत करके बर्खास्त नहीं करते, और सार्वजनिक रूप से उनके लिए अमर्यादित निकम्मा-नकारा-कोरोना-ग़द्दार जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल नहीं करते.”

    “हर बार जब आपने सचिन पायलट का अपमान किया, तब-तब क्या आपको राजेश पायलट जी के सम्मान की चिंता नहीं हुई?

    “1966 में मिज़ोरम में इंदिरा गांधी के आदेश पर भारतीय वायु सेना द्वारा किए गये हवाई हमले में राजेश पायलट और सुरेश कलमाड़ी के नाम 2011 में इंडियन एक्सप्रेस और टाइम्स ऑफ़ इंडिया जैसे प्रतिष्ठित अख़बारों में तत्कालीन असम विधानसभा की कार्यवाही में सांसद जीजी स्वेल और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डेंगहुआना का हवाला देते हुए प्रकाशित हुए थे.”

    “उसके बाद लगातार मीडिया में ये खबर आती रही. उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और सचिन पायलट मंत्री थे लेकिन इस खबर का कभी खंडन नहीं किया गया.”

    “वैसे, राजस्थान से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला की महिलाओं और बेटियों के लिए इस्तेमाल की गई घटिया भाषा के बारे में आपको क्या कहना है?”

  6. अशोका यूनिवर्सिटी का पॉलिटिकल साइंस विभाग प्रोफेसर दास के साथ हुआ खड़ा

    अशोका यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर सब्यसाची दास के एक रिसर्च पेपर को लेकर शुरू हुआ विवाद थमता नज़र नहीं आ रहा.

    दास के इस्तीफ़े के बाद अब यूनिवर्सिटी का राजनीति विज्ञान विभाग उनके साथ खड़ा होता दिख रहा है.

    इससे पहले एक अन्य प्रोफ़ेसर ने भी सब्यसाची दास के समर्थन में इस्तीफ़ा दिया था.

    अशोका यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर इलियान येन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर इंटरनल मेल का एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा है - 'राजनीति विज्ञान विभाग का अशोका यूनिवर्सिर्टी में शैक्षणिक आज़ादी को लेकर बयान.'

    इस ईमेल में लिखा है, “राजनीति विज्ञान विभाग एकजुटता के साथ प्रोफ़ेसर सब्यसाची दास के साथ खड़ा है. प्रोफ़ेसर दास ने अर्थशास्त्र विभाग से इसलिए इस्तीफ़ा दिया क्योंकि यूनिवर्सिटी ने खुद को उनके काम से अलग कर लिया. साथ ही उनके रिसर्च पेपर पर जांच कराने का फ़ैसला लिया गया. हम चाहते हैं कि दास के इस्तीफ़े और यूनिवर्सिटी की ओर उनका इस्तीफ़ा मंज़ूर करने में दिखाई गई जल्दबाज़ी के पीछे की वजहों को सामने लाया जाए."

    हरियाणा के सोनीपत में अशोका यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के पूर्व असिस्टेंट प्रोफ़ेसर सब्यसाची दास ने एक पेपर लिखा है जिसका शीर्षक 'डेमोक्रेटिक बैकस्लाइडिंग इन द वर्ल्ड्स लार्जेस्ट डेमोक्रेसी' है.

    ये पेपर अब तक प्रकाशित नहीं किया गया है. इस शोध पत्र में साल 2019 के आम चुनावों से जुड़े आंकड़ों का अध्ययन किया गया है.

    इस शोध पत्र में दिखाया गया है कि जहां बीजेपी की सरकार थी वहां उन सीटों पर बीजेपी जीत गई जहां मुकाबला काफ़ी क़रीब था. जबकि इससे पिछले आम चुनावों में या एक साथ और उसके बाद हुए राज्य चुनावों में ऐसा कोई पैटर्न नहीं दिखता.

  7. नेहरू मेमोरियल का नाम बदले जाने पर राहुल गांधी बोले – ‘नेहरू जी की पहचान...’

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को नेहरू मेमोरियल का नाम बदले जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा है – "नेहरू जी की पहचान उनके कर्म हैं...उनका नाम नहीं."

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी इस मामले पर कड़ी टिप्पणी की है.

    उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है - "आज से एक प्रतिष्ठित संस्थान को नया नाम मिल गया है. विश्व प्रसिद्ध नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी (NMML) अब प्रधानमंत्री मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी (PMML) बन गया है.प्रधानमंत्री मोदी भय, हीन भावना और असुरक्षा से भरे नज़र आते हैं, विशेष रूप से तब, जब बात हमारे पहले और सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री की आती है."

    "उनका एकमात्र एजेंडा नेहरू और नेहरूवादी विरासत को ग़लत ठहराना, बदनाम करना, तोड़ मरोड़कर पेश करना और नष्ट करना है. उन्होंने N को मिटाकर उसकी जगह P लगा दिया है. यह P वास्तव में (Pettiness) ओछापन और (Peeve) चिढ़ को दर्शाता है.लेकिन वह स्वतंत्रता आंदोलन में नेहरू के व्यापक योगदान और भारतीय राष्ट्र-राज्य की लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष, वैज्ञानिक और उदार नींव डालने में उनकी महान उपलब्धियों को कभी भी कम नहीं कर सकते."

    "चाहे इन उपलब्धियों पर पीएम मोदी और उनके लिए ढोल पीटने वाले जितना हमला करते रहें.लगातार हो रहे हमलों के बावजूद, जवाहरलाल नेहरू की विरासत दुनिया के सामने जीवित रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी."

  8. सिंगापुर पुलिस ने मारा छापा, ज़ब्त की एक अरब की संपत्ति

    सिंगापुर पुलिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के ख़िलाफ़ जारी अभियान के तहत मारे गए छापे में एक अरब डॉलर की संपत्ति ज़ब्त की है.

    इसमें महंगी कारें, आलीशान घर, डिज़ाइनर हैंडबैग समेत नकदी शामिल है.

    इस मामले में अब तक दस लोगों को गिरफ़्तार किया है. इन लोगों के पास से पुलिस को विदेशी पासपोर्ट मिला है.

    ये लोग चीन, कंबोडिया, तुर्की और वनुआतू जैसे देशों के नागरिक बताए जा रहे हैं.

    लेकिन सिंगापुर में इस तरह की छापेमारी काफ़ी दुर्लभ है क्योंकि सिंगापुर में दुनिया के दूसरे देशों की अपेक्षा अपराध दर काफ़ी कम है.

    सिंगापुर पुलिस के कमर्शियल अफेयर्स डिपार्टमेंट के निदेशक डेविड च्वी ने कहा है, “हमें ये कतई स्वीकार नहीं है कि सिंगापुर का इस्तेमाल अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाने के रूप में किया जाए."

    "अपराधियों के लिए हमारा संदेश स्पष्ट है - अगर हम आपको पकड़ेंगे तो गिरफ़्तार करेंगे. अगर हमें आपकी नाजायज़ संपत्ति मिलेगी तो हम उसे ज़ब्त करेंगे. और आपके ख़िलाफ़ क़ानूनन कड़ी कार्रवाई करेंगे.”

  9. चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर आज स्पेसक्राफ़्ट से होगा अलग

    चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर आज अंतरिक्ष यान के प्रणोदन मॉड्यूल से अलग होगा.

    चंद्रयान-3 चांद की पांचवी और अंतिम कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर गया है और आज लैंडर विक्रम के अलग होने की प्रक्रिया शुरू होगी.

    लैंडर और रोवर प्रज्ञान के 23 अगस्त को चंद्रमा पर उतरने की उम्मीद है. चंद्रमा पर उतरने के बाद विक्रम लैंडर प्रज्ञान रोवर की तस्वीर लेगा, ये रोवर चंद्रमा की सतह पर भूकंपीय गतिविधि का अध्ययन करेगा.

    भारत के महत्वाकांक्षी चांद मिशन चंद्रयान-3 ने बुधवार को पांचवें और आखिरी लूनर-बाउंड ऑर्बिट का चक्कर पूरा कर लिया है और इसके साथ ही स्पेस क्राफ्ट चांद की सतह के और करीब आ गया.

    अब सारी परिक्रमा पूरी करने का बाद स्पेस क्राफ्ट प्रणोदन मॉड्यूल से विक्रम लैंडर अलग होगा.

    इससे पहले इसरो की तरफ से ट्वीट कर बताया गया था कि ‘‘चंद्रमा की 153 किलोमीटर x 163 किलोमीटर की कक्षा में चंद्रयान-3 स्थापित हो गया, जिसका पहले से अनुमान लगाया गया था. इसके साथ ही चंद्रमा की सीमा में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो गई."

    चंद्रयान-3 ने 14 जुलाई को लॉन्चिंग के बाद के बाद पांच अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था. इसके बाद इसने छह, नौ और 14 अगस्त को चंद्रमा की अगली कक्षाओं में प्रवेश किया और चांद के और नजदीक पहुंचता गया.

  10. हिमाचल प्रदेश: अब तक 71 लोगों की मौत, राज्य में स्कूल-कॉलेज बंद

    हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन और बाढ़ में कम के कम 71 लोगों की मौत हो चुकी है.

    तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण पैदा हुए हालात में अब तक 13 लोग लापता है. राज्य के निचले इलाके बाढ़ की चपेट में हैं तो वहीं ऊंचे पहड़ों पर भूस्खलन हो रहे हैं.

    सूबे के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि बुनियादी ढांचे को दोबारा बनाने का काम "पहाड़ जैसी बड़ी चुनौती" होने वाला है.

    राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान गुरुवार को बंद हैं.

    अधिकारियों ने कहा कि भूस्खलन और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बुधवार को बढ़ गई क्योंकि बचावकर्मियों ने ढही हुई इमारतों के मलबे से और शव निकाले.

    सीएम ने राज्य के मौजूदा हालात पर ट्वीट किया, “ आज हवाई सर्वेक्षण के माध्यम से जिला कांगड़ा के फतेहपुर और इंदौरा विधानसभा के क्षेत्रों में बाढ़ से प्रभावित स्थलों का जायजा लिया. बाढ़ प्रभावित डमटाल और शेखपुरा का दौरा भी किया जहां राहत शिविर स्थापित किए गए हैं. अधिकारियों को प्रभावितों को खाद्य पदार्थों, चिकित्सा सुविधा और एंटी-वेनम दवाई पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाने को कहा गया है.”

    “बाढ़ के कारण इंदौरा और फतेहपुर क्षेत्र की 27 पंचायतें प्रभावित हुई हैं और इन क्षेत्रों से अब तक लगभग 1150 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.राज्य सरकार इन क्षेत्रों के लिए राहत और मुआवजे के तौर पर एक विशेष पैकेज प्रदान करेगी. ”

  11. आरपीएफ जवान चेतन ने बुर्के वाली महिला पर बंदूक तान क्यों छोड़ दिया था?- प्रेस रिव्यू

  12. मणिपुर हिंसा मामलों की जांच के लिए सीबीआई ने बनाई 53 सदस्यों की टीम

    सीबीआई ने बुधवार को मणिपुर हिंसा मामलों की जांच के लिए विभिन्न रैंकों की 29 महिला अधिकारियों सहित 53 अधिकारियों की टीमें बनाई हैं. इन टीमों को जांच की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

    ये जानकारी सीबीआई अधिकारियों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दी है.

    सीबीआई मणिपुर के वायरल वीडियो के मामले में भी जांच कर रही है.

    अधिकारी ने कहा कि तीन उप महानिरीक्षक रैंक के अधिकारी, जिनमें महिला अधिकारी लवली कटियार और निर्मला देवी भी शामिल हैं, राज्य में हिंसा के मामलों की जांच के लिए अपनी-अपनी टीमों का नेतृत्व करेंगे.

    उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी ज्वाइंट डायरेक्टर घनश्याम उपाध्याय को रिपोर्ट करेंगे जो विभिन्न मामलों में जांच करेंगी.

    इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि सीबीआई पीड़ित महिलाओं से जुड़ी 12 एफआईआर की जांच करेगी, और वह जांच के दौरान अगर नए केस सामने आए जो उनकी जांच भी करेगी.

    जून में, फोरेंसिक टीम के साथ सीबीआई अधिकारियों ने हिंसा के छह मामलों के सिलसिले में राज्य में विभिन्न स्थानों का दौरा किया था.

  13. दिल्ली में सभी सात सीटों पर चुनाव लड़ने को लेकर अलका लांबा के बयान से विवाद

    कांग्रेस नेतृत्व ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में दिल्ली कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक की. बैठक के बाद कांग्रेस नेता अलका लांबा ने कहा कि कांग्रेस दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है.

    अलका लांबा के इस बयान के बाद ही इंडिया गठबंधन का हिस्सा आम आदमी पार्टी ने इसपर कड़ी आपत्ति जलाई और गठबंधन छोड़ने तक की धमकी दे डाली.

    विवाद बढ़ता देख अब कांग्रेस ने कहा है कि अलका लांबा ऐसे महत्वपूर्ण मसलों पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं हैं. इस तरह की कोई चर्चा नहीं हुई.

    कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी दीपक बाबरिया ने कहा है, “अलका लांबा एक प्रवक्ता हैं लेकिन ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात करने के लिए वह अधिकृत प्रवक्ता नहीं हैं. मैंने प्रभारी के तौर पर कहा है कि बैठक में ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई. तो आम आदमी को भी ये समझना चाहिए कि मीडिया उन्हें उकसा रहा है और वो उकसावे में आ रहे हैं. ये दुर्भाग्यपूर्ण है. उस महिला (अलका लांबा) ने बताया था कि उसने ये नहीं कहा, उसके मुंह में शब्द रखे गए. मीडिया को मुझसे ब्रीफ़िंग में इस पर बात करनी चाहिए थी. मीडिया ये सब कुछ बीजेपी के लिए कर रहा है और आम आदमी पार्टी उस पर प्रतिक्रिया दे कर अपना नुकसान कर रही है.”

    अलका लांबा ने क्या कहा

    बैठक के बाद अलका लांबा ने मीडिया के सवाल पर कहा, “तीन घंटे तक चली बैठक में राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और दीपक बाबरिया मौजूद थे. संगठन को मजबूत करने, आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी करने पर बात हुई. 7 महीने और 7 सीटें (दिल्ली लोकसभा) हैं. सभी सीटों पर हर नेता को आज से अभी से निकलना है मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाना है.”

    “ये सीटें कैसे जीतनी हैं, इसको लेकर हमें आदेश दिया गया है. इन सभी सातों सीटों पर संगठन के नेताओं को काम करना है. सभी सातों सीटों पर तैयारी रखने को कहा है. संगठन की तरफ से जो जिम्मेदारियां तय की जाएंगी उस पर हम लोग काम करेंगे.”

    आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया

    इस पर आम आदमी पार्टी ने इंडिया गठबंधन छोड़ने तक की धमकी दे डाली.

    पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा, “जब कांग्रेस गठबंधन नहीं करना चाहती तो फिर मुंबई में 31 अगस्त और एक सितंबर को होने वाली विपक्षी गठबंधन की बैठक में आप के शामिल होने का कोई मतलब नहीं है. यह समय की बर्बादी है. हमारी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करेगा कि इंडिया गठबंधन की अगली बैठक में शामिल होना है या नहीं.”

  14. तीखी आलोचना के बाद इमरान ख़ान पर झुका पीसीबी

    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक वीडियो को लेकर आलोचना झेलने के बाद इसमें सुधार कर लिया है. अब इमरान ख़ान को भी इस वीडियो में शामिल किया है.

    पाकिस्तान के 77वें आज़ादी की सालगिरह के मौक़े पर क्रिकेट बोर्ड ने कुछ सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के योगदान को याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, लेकिन इस वीडियो में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इमरान ख़ान का कोई ज़िक्र नहीं था.

    जब इस वीडियो पर लोग बोर्ड की आलोचना करने लगे तब बाद में इमरान ख़ान की कप्तानी में 1992 में जीते गए विश्व कप मैच की क्लिप जोड़ी गई.

    पाकिस्तान क्रिक्रेट टीम के पूर्व स्किपर वसीम अकरम ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.

    उन्होने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर लिखा, “पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास पर पीसीबी की छोटी क्लिप देखी और मुझे अपने जीवन का सबसे बड़ा झटका कि इसमें महान क्रिकेटर इमरान ख़ान को शामिल नहीं किया गया. राजनीतिक मतभेद अलग हैं लेकिन इमरान ख़ान दुनिया में क्रिकेट के एक प्रतीक हैं. अपने समय में पाकिस्तान को उन्होंने मज़बूत बनाया, हमें एक रास्ता दिया. पीसीबी को वीडियो हटा देना चाहिए और माफ़ी मांगनी चाहिए. ”

    सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद बुधवार देर रात पीसीबी ने एक नया वीडियो जारी किया जिसमें इमरान ख़ान की तस्वीरों के साथ 1992 के विश्व कप मैच की झलकियों को शामिल किया गया.

    इमरान खान इस समय जेल में हैं और तोशाखाना मामले में सज़ा काट रहे हैं.

  15. पश्चिमी अफ़्रीका में प्रवासियों से भरी नाव पलटी, 60 से अधिक लोगों की मौत की आशंका

    पश्चिम अफ़्रीका में केप वर्दे देश के पास प्रवासियों की एक नाव पलटने से 60 से अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका है.

    इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फ़ॉर माइग्रेशन (आईओएम) ने कहा कि 38 लोगों को बचाया गया, जिनमें 12 से 16 साल के बच्चे भी शामिल हैं.

    ऐसा कहा जा है कि नाव पर लगभग 100 लोग सवार थे, जिनमें अधिकतर सेनेगल और सिएरा लियोन के थे और एक महीने से समुद्र का रास्ता तय कर रहे थे.

    ये हादसा कब हुआ ये अभी स्पष्ट नहीं है.

    पुलिस ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि जहाज को पहली बार सोमवार को देखा गया था. प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चला कि नाव डूब गई थी, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि नाव बहती हुई पाई गई थी.

    पुलिस ने कहा कि लकड़ी की नाव को साल द्वीप से लगभग 320 किमी (200 मील) दूर देखा गया, जिसके बाद अधिकारी सतर्क हो गए.

    सेनेगल के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार देर रात जारी एक बयान में कहा कि नाव 10 जुलाई को 101 यात्रियों के साथ सेनेगल से रवाना हुई थी.

    मंत्रालय ने कहा कि वह जीवित बचे लोगों की वापसी के लिए केप वर्दे में अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं.

    केप वर्दे पश्चिम अफ़्रीका के तट से लगभग 600 किलोमीटर दूर स्पेनिश कैनरी द्वीप समूह का समुद्री मार्ग है,जिसे अक्सर यूरोपीय संघ में घुसने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

    आईओएम की प्रवक्ता सफ़ा मसेहली ने कहा, "माइग्रेशन के लिए सुरक्षित और नियमित रास्तों की बेहद कमी है, जिससे तस्करों को लोगों को इस तरह के जोखिम भरे रास्ते पर भेजने की गुंजाइश मिल जाती है."

    आईओएम के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में कैनरी द्वीप तक पहुंचने की कोशिश में कम से कम 559 लोगों की मौत हो गई, जबकि इस साल के पहले छह महीनों में इसी मार्ग 15 जहाज डूबने की घटनाएं हो चुकी है और इसमें 126 लोग मारे गए या लापता हो गए.

  16. नमस्कार

    आपका दिन शुभ हो.

    ये लाइव पेज 24 घंटे के लिए उपलब्ध रहेगा.

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