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भारत के कई राज्यों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफ़गानिस्तान में था केंद्र
दिल्ली-एनसीआर समेत भारत के कई राज्यों में शनिवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.
लाइव कवरेज
अभिनव गोयल and अंशुल सिंह
हरियाणा: रोहतक में मस्जिद पर फेंके गए पत्थर, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
....में - Author, अभिनव गोयल
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
हरियाणा के रोहतक ज़िले के आंवल गांव में शुक्रवार रात एक मस्जिद पर पत्थर फेंके गए.
बीबीसी से बातचीत में मस्जिद-ए-मिदा के इमाम इकबाल ने कहा, “रात में साढ़े दस बजे के करीब हम लोग मस्जिद के बरामदे में परिवार के साथ बैठे हुए थे. अचानक कुछ लोगों ने पत्थर और ईंटें फेंकी. मैं अपने बच्चों को लेकर कमरे में चला गया. कमरे की कुंडी लगाकर मैंने पुलिस को फोन किया.”
इमाम के मुताबिक सूचना मिलते ही दस से पंद्रह मिनट में पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और अब आठ से दस पुलिसकर्मी मस्जिद की सुरक्षा में तैनात हैं.
आंवल गांव, रोहतक के कलानौर थाना क्षेत्र में आता है. वहां के एसएचओ रमेश ने बीबीसी से बातचीत में कहा, “हमने शुक्रवार को सुबह से ही एक राइडर लगा रखा था और पूरे सुरक्षा दी हुई थी. शाम को ये लोग सो रहे थे. गेट पर चार-पांच पत्थर किसी ने मारे हैं, कोई तोड़ फोड़ नहीं हुई. प्रथम दृष्टया किसी शराबी का काम लग रहा है.”
रमेश के मुताबिक इमाम की लिखित शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही हैं.
इमाम के मुताबिक, “आंवल गांव में करीब चार हजार लोगों की आबादी है. गांव में हमारे परिवार को छोड़कर सभी परिवार हिंदू हैं और यह गांव की अकेली मस्जिद है जिसके हम इमाम हैं.”
नूंह हिंसा के बारे में इंटेलिजेंस इनपुट पर गृह मंत्री अनिल विज ने क्या कहा
हरियाणा के नूंह में सोमवार को सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी, जो शाम होते होते गुरुग्राम तक आ पहुंची थी.
हिंसा जिस पैमाने पर हुई उसे लेकर विपक्ष हरियाणा की बीजेपी सरकार पर सवाल उठा रहा है.
आरोप लग रहे हैं कि प्रशासन को मालूम था कि यात्रा के दिन माहौल खराब हो सकता है लेकिन उचित व्यवस्था नहीं की गई.
अब राज्य के गृह मंत्री ने अनिल विज ने कहा है, "किसके पास इनपुट था, किसके पास नहीं. इसकी जानकारी कम से कम मुझे तो मालूम नहीं था. मैंने एसीएस (अपर मुख्य सचिव) होम और डीजीपी से भी पूछा था, वो भी कह रहे थे कि हमें जानकारी नहीं है."
उन्होंने कहा, "अब एक वीडियो वायरल हो रहा है, वहां पर एक सीआईडी का इंस्पेक्टर है. वो कह रहा है कि उसे सारा पता था. अगर उसे पता था तो उसने किस अधिकारी को इस बारे में सूचना दी? मैंने वो वीडियो एसीएस होम को जांच करने के लिए भेजी है."
"उस व्यक्ति ने यह जानकारी किस अधिकारी को दी और उस अधिकारी ने इसे रोकने के लिए क्या किया? इस सबकी जांच की जा रही है."
नूंह की हिंसा में छह लोगों की मौत हुई है जिसमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. हिंसा के बाद पुलिस ने अब तक 202 लोगों को गिरफ्तार किया है.
क्राइमिया के पास यूक्रेन ने टैंकर को निशाना बनाया: रूस का दावा
काले सागर में यूक्रेन ने रूस के एक टैंकर को निशाना बनाया है.
यह जानकारी रूस की समाचार एजेंसी तास ने समुद्री अधिकारियों के हवाले से सामने रखी है.
एजेंसी के मुताबिक रातभर चले हमले में जहाज़ का इंजन रूम क्षतिग्रस्त हो गया है, हालांकि चालक दल के 11 सदस्यों में से किसी को भी चोट नहीं आई है.
कई रूसी सैन्य ब्लॉगर्स का कहना है कि यह रूस का सिग तेल टैंकर था जिस पर यूक्रेनी नौसैनिक ड्रोन्स ने क्रीमियन ब्रिज के पास हमला किया.
उनके मुताबिक आसपास के तटीय गांवों के लोगों ने एक बड़े विस्फोट की आवाज़ सुनी है, हालांकि यूक्रेन ने अब तक इस घटना पर सार्वजनिक रूप से कई टिप्पणी नहीं की है.
समाचार एजेंसी तास ने रूस रेस्क्यू कॉर्डिनेशन सेंटर के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि दो टग जहाज़ घटनास्थल पर पहुंच गए थे.
अधिकारी के मुताबिक हमले में इंजन रूम को थोड़ा नुकसान पहुंचा है.
ज्ञानवापी परिसर में एएसआई का सर्वे जारी, टीम पहुंची
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम शनिवार को फिर से वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में सर्वे करने के लिए पहुंची है.
यह सर्वे शुक्रवार को भी किया गया. इससे पहले वाराणसी की अदालत ने 21 जुलाई को एएसआई को सर्वे करने का आदेश दिया था.
इसके बाद एएसआई ने 24 जुलाई दिन सोमवार को सर्वे शुरू किया. इसी दिन सुप्रीम कोर्ट में मस्जिद कमेटी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाई कोर्ट जाने के लिए कहा.
इसके साथ ही इलाहाबाद हाई कोर्ट का फ़ैसला आने तक सर्वे पर रोक लगाई.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद सर्वे पर रोक लगाने से इनकार किया था.
इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और जहां उसकी मांग को ख़ारिज कर दिया गया.
पहले एएसआई को चार अगस्त तक सर्वे की रिपोर्ट को जमा करनी थी. मगर अब जब चार अगस्त के दिन सर्वे फिर से शुरू हुआ है तो वाराणसी की अदालत ने एएसआई को नई डेडलाइन देते हुए एक महीने में रिपोर्ट देने को कहा है.
नूंह हिंसा पर अनिल विज बोले- जो दोषी है उसका इलाज करेंगे और बुलडोज़र भी एक दवाई है
हरियाणा के नूंह में सोमवार को भड़की हिंसा में शुक्रवार तक 202 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
अब जिले में प्रशासन अवैध मकानों पर बुलडोज़र भी चला रहा है. हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज का कहना है, "जिसके ऊपर केस बनता है, उसका इलाज करेंगे. इलाज में बुलडोज़र भी एक दवाई है. जहां ज़रूरी होगा, वहां चलाएंगे."
राज्य के गृह मंत्री अनिल विज ने बताया, "अब तक 102 एफ़आईआर दर्ज की गई हैं. 202 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 80 लोग एहतियातन हिरासत में हैं. गिरफ्तार लोगों को कोर्ट के सामने पेश किया गया था, जहां से एक दिन का रिमांड मिला. पूछताछ में कई बड़ी जानकारियां सामने आई हैं."
उन्होंने कहा कि इसके पीछे एक बड़ा गेम प्लान है. लोग मंदिरों के बगल की पहाड़ियों पर चढ़ गए, उनके हाथों में लाठियां थीं और प्रवेश बिंदुओं पर इकट्ठा हो गए, यह सब एक उचित योजना के बिना संभव नहीं है.
"गोलियां चल रही थीं, कुछ लोगों ने हथियारों का भी इंतजाम कर रखा था. ये सब एक योजना का हिस्सा है. गहन जांच किए बिना हम किसी शीघ्र निष्कर्ष पर नहीं पहुंचेंगे."
जम्मू-कश्मीर: कुलगाम में चरमपंथियों से मुठभेड़ में 3 जवानों की मौत
....में - Author, माजिद जहांगीर
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, श्रीनगर से
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ में भारतीय सेना के तीन जवानों की मौत हो गई है.
चरमपंथियों के ख़िलाफ़ सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है. कुलगाम ज़िले में हलान के ऊंचे इलाकों में चरमपंथियों की सूचना मिलने पर 4 अगस्त को ऑपरेशन शुरू किया गया था.
भारतीय सेना का कहना है कि गोलीबारी में तीन जवान घायल हुए थे, जिनकी बाद में मौत हो गई.
चार साल पहले आज के ही दिन जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को ख़त्म किया गया था.
पुतिन के आलोचक एलेक्सी नवेलनी की जेल की सज़ा 19 साल की गई
जेल में बंद रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी की जेल की सज़ा को 19 साल तक बढ़ा दिया है.
सज़ा बढ़ाए जाने के बाद उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि वे विरोध करना जारी रखें.
उन्हें एक चरमपंथी संगठन को बनाने और उसे चलाने का दोषी पाया गया था. वहीं उन्होंने इन सभी आरोपों से इनकार किया है.
पैरोल, धोखाधड़ी और अदालत की अवमानना के लिए नवेलनी पहले ही 9 साल की सजा काट रहे हैं. उन पर लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित माना जाता है.
उन पर मुकदमा दूर स्थित एक कॉलोनी में चलाया गया था, जहां वे 2021 से हैं.
पुतिन सरकार के सबसे मुखर आलोचक नवेलनी ‘स्पेशल रीजिम कॉलोनी’ में अपना समय बिताएंगे. यह एक ऐसा इलाका है जो किसी हाई सिक्योरिटी जेल से भी ज़्यादा मुश्किल है. यह एक तरह की ऐसी जेल है जहां आम तौर पर खतरनाक अपराधियों और आजीवन कारावास वाले लोगों को रखा जाता है.
यहां नवेलनी को अलगाव का सामना करना पड़ सकता है और बाहरी दुनिया के साथ उनके संपर्क करने पर भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.
वे पहले की तुलना में इस जगह अपने परिवारवालों से कम मिल पाएंगे.
अगस्त 2020 में उन्हें ज़हर भी दिया गया था लेकिन बेहतर इलाज के बाद उनकी जान बच पाई थी.
उन्हें लेकर अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस सहित कई देश चिंता जाहिर कर चुके हैं.
नमस्कार
आपका दिन शुभ हो.
ये लाइव पेज 24 घंटे के लिए उपलब्ध रहेगा.
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