राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, मोदी सरनेम केस करने वाले पूर्णेश मोदी की कहानी

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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मोदी सरनेम मामले में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को राहत दी है जिसके बाद उनकी संसद सदस्यता बहाल होने का रास्ता साफ होता दिख रहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की सज़ा पर रोक लगाई है.
सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद राहुल गांधी के ख़िलाफ़ केस करने वाले पूर्णेश मोदी की ओर से पहली प्रतिक्रिया आई है.
उन्होंने कहा है, ‘हम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं. अब जब आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट में जो केस लड़ा जाएगा, वहां हम लड़ेंगे.’
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कौन हैं पूर्णेश मोदी
राहुल गांधी के ख़िलाफ़ केस करने वाले पूर्णेश मोदी गुजरात की सूरत पश्चिम विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं.
कॉमर्स में स्नातक और उसके बाद एलएलबी करने वाले पूर्णेश मोदी पेशे से वकील हैं जो साल 2000 से 2005 तक सूरत नगर निगम में पार्षद रहे. इसके साथ ही उन्होंने सूरत नगर निगम में बीजेपी के नेता की भूमिका निभाई.
इसके बाद 2009 से 2012 और 2013 से 2016 तक सूरत शहर में बीजेपी के अध्यक्ष भी रहे.
पूर्णेश मोदी ने पहली बार 2013 में स्थानीय विधायक किशोर वंकावाला के निधन के बाद सूरत पश्चिम सीट से विधानसभा उपचुनाव जीता था. इसके बाद उन्हें सड़क एवं भवन विभाग मंत्रालय का काम सौंपा गया.
लेकिन अगस्त 2022 में उनके 'ख़िलाफ़ काम न करने की शिकायत' के बाद उनसे ये पोर्टफोलियो छीन लिया गया.
बाद में 2022 में हुए गुजरात विधानसभा के चुनाव में पूर्णेश मोदी ने विधायक के रूप में जीत हासिल की. हालांकि, भूपेंद्र पटेल 2.0 सरकार में उन्हें कोई मंत्री पद नहीं दिया गया.
वे विधानसभा में संसदीय सचिव भी रह चुके हैं. बीजेपी में शुरू से सक्रिय रहने वाले पूर्णेश मोदी सूरत नगर निगम में सत्ताधारी पार्टी के नेता के तौर पर भी काम कर चुके हैं.
हालांकि, उनके राजनीतिक करियर में कुछ विवाद और कुछ नेताओं से मतभेद भी हुए.
पूर्णेश मोदी के राजनीतिक सफर और उनकी शख़्सियत के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए क्लिक करें.














