बीते कई दिनों
से विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' और सरकार के बीच तकरार देखने को मिल रही है.
ये तकरार
मंगलवार को तब और तेज़ हो गई, जब पीएम मोदी ने संसदीय दल की बैठक में
'इंडिया' को घेरने की कोशिश की. पीएम मोदी ने 'इंडिया' की तुलना ईस्ट इंडिया कंपनी और इंडियन
मुजाहिदीन से की.
संसदीय दल की
बैठक के पहले संसद के बाहर बीजेपी नेताओं ने भी यही बातें दोहराईं.
केंद्रीय
मंत्रियों ने संसद के बाहर आकर बयान दिए और 'इंडिया' को घेरने की कोशिश की.
संसद में मणिपुर
के मुद्दे पर हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित और शुरू होने का सिलसिला चलता रहा.
बीजेपी नेताओं
की ओर से 'इंडिया' को घेरने की कोशिशें संसद के बाद सोशल मीडिया पर भी देखने को मिलीं.
बीजेपी शासित
राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने ट्विटर पर 'इंडिया' नाम पर हमला बोला.
मध्य प्रदेश के
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, ''बबूल' ने अपना नाम 'गुलाब' रखा है. I.N.D.I.A. वाले
बाबा से यही पूछना था कि क्या अब 'गुलाब' से 'खुशबू' आएगी?''
उत्तर प्रदेश के
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दो ट्वीट किए.
योगी ने लिखा,''कौवा अपना नाम हंस रख ले तो भी मोती नहीं
चुगेगा. अमावस्या की काली रात को पूर्णिमा का नाम देने से वह शीतल और प्रकाशवान
नहीं हो जाएगी. नाम बदलने से इनका मूल स्वभाव नहीं बदल जाएगा. ऐसे ही I.N.D.I.A. नाम
लगा लेने से आत्मा और संस्कार में रची-बसी विभाजनकारी सोच और भारत विरोधी दृष्टि
समाप्त नहीं हो जाएगी.''
हरियाणा के
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ट्वीट किया, ''गुण, स्वभाव और शक्तियां सिर्फ़ नाम बदल
लेने से नहीं बदल जाती. प्रधानमंत्री मोदी जी के ख़िलाफ़ बनाया गया ठग-बंधन 'फ्यूज बल्बों की
झालर' से ज्यादा कुछ नहीं है. इससे रोशनी भी नहीं हो सकती और न ही ये सूरज
का मुकाबला कर सकता.''
उत्तराखंड के
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट किया, ''बढ़ते देश की उम्मीदों पर वो अंधेरे
जैसा छा जाते हैं. देश ने बोला "कर्म" बदलो, वो
"नाम" बदल कर आ जाते हैं.''
धामी ने आरोप
लगाया,''जिनके डीएनए में "फूट डालो राज
करो" है ऐसी टुकड़े-टुकड़े गैंग की सरगना कांग्रेस आज महाठगबंधन को "I.N.D.I.A" नाम देकर समस्त राष्ट्रभक्तों के विरुद्ध एक छद्म युद्ध छेड़ने का
कार्य कर रही है.''
विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' पर पहले दिन से
आक्रामक रुख अपनाने वाले असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार सुबह ट्वीट
किया.
सरमा ने लिखा, ''भारत
पर हमला बोलने के मकसद से भारत के दुश्मन बार-बार इंडिया टर्म का दुरुपयोग कर रहे
हैं. अंग्रेज़ों ने हमारी मातृभूमि को ईस्ट इंडिया कंपनी नाम दिया, मुजाहिदीन ने भी
इंडिया नाम इस्तेमाल किया. मौजूदा दौर में एक बार फिर भारत का सम्मान ना करने वाले
लोग यही रणनीति अपना रहे हैं. हालांकि भारत एक बार फिर जीतेगा.''
गोवा के सीएम डॉ
प्रमोद सावंत ने ट्वीट किया, ''सच बदलता नहीं है. इंडिया नाम लेने से
विपक्ष की फितरत बदल नहीं जाएगी. विपक्ष जिनकी राजनीति और नीतियां भारत और
भारतीयों के ख़िलाफ़ है.''
गुजरात के सीएम, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की ओर से ख़बर लिखे जाने तक कोई ट्वीट नहीं आया है.
मणिपुर के सीएम
बीरेन सिंह ने भी गृह मंत्री अमित शाह के ट्वीट को री-ट्वीट किया है.
इस ट्ववीट में
शाह ने लिखा था, ''अपने बुरे अतीत से पीछा छुड़ाने के लिए, विपक्षी गठबंधन
ने अपना नाम बदल लिया है. लेकिन महज़ नाम बदलकर I.N.D.I.A कर लेने से लोगों की यादों से पिछला
किया कुछ नहीं मिटेगा. हमारे देश की जनता इतनी समझदार है कि वो इस प्रॉपगैंडा को
समझ ले और इस नए लेबल के साथ पुराने उत्पाद को उसी तरह ख़ारिज कर दे.''
मुख्यमंत्रियों
के अलावा कई केंद्रीय मंत्री भी इंडिया नाम पर आक्रामक रहे. इन नामों में विदेश
मंत्री जयशंकर का नाम भी शामिल है.