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मणिपुर वायरल वीडियोः दो गिरफ़्तारियां, पीएम का बयान, जानिए अब तक क्या-क्या हुआ?

सात जुलाई को गुजरात हाईकोर्ट ने आपराधिक मानहानि के मामले में सज़ा पर स्टे देने से इनकार कर दिया गया था.

लाइव कवरेज

विकास त्रिवेदी

  1. मणिपुर में महिलाओं का यौन उत्पीड़न: ओवैसी बोले- 'पीएम मोदी वीडियो देखकर देश चलाएंगे?'

    एआईएमआईएम के सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने मणिपुर में महिलाओं के यौन उत्पीड़न वाले वीडियो और पीएम मोदी के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    ओवैसी ने कहा, ''हम पुकार-पुकार कर कह रहे थे कि मणिपुर में नरसंहार हो रहा है. लूटपाट हुई. चर्चों को आग लगा दी गई. महिलाओं का रेप हुआ. 50 हज़ार लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा.''

    अल्पसंख्यकों पर बात करते हुए ओवैसी ने कहा, ''बीते नौ सालों से हम देख रहे हैं कि अल्पसंख्यक समाज, ख़ासकर ईसाइयों और मुसलमानों पर ज़ुल्म हो रहा है, उनको निशाना बनाया जा रहा है.''

    पीएम मोदी को घेरते हुए ओवैसी ने कहा, ''प्रधानमंत्री वीडियो देखकर देश कैसे चलाएंगे? पीएम को तो वहां जाना चाहिए था. जब तक वो (बीरेन सिंह) मणिपुर के सीएम रहेंगे तब तक इंसाफ़ नहीं होगा. उनको हटाया जाए, सीबीआई से जांच करवाई जाए. संसद से बाहर बोलते हैं, अंदर आकर बोलिए न. हम भी बोलेंगे ताकि वहां(मणिपुर) के लोगों को मालूम हो सके कि हम चिंतित हैं.''

    मणिपुर में महिलाओं के यौन उत्पीड़न मामले में पीएम मोदी ने गुरुवार सुबह संसद पहुंचकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी.

    पीएम मोदी ने कहा, ''इस घटना से देश की बेइज़्ज़ती हो रही है. गुनहगार लोगों को बख़्शा नहीं जाएगा.''

    इस मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 28 जुलाई शुक्रवार को सुनवाई करेगा.

    चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, ''सरकार को इस मामले में दखल देना चाहिए और एक्शन लेना चाहिए. ये पूरी तरह अस्वीकार्य है. ये घटना बेहद परेशान करने वाली है. ये संविधान और मानवाधिकारों का उल्लंघन है.''

    चार मई की इस घटना में गुरुवार सुबह एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है. मणिपुर सीएम बीरेन सिंह ने इस बारे में जानकारी दी थी और कहा था कि दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा.

  2. मणिपुर की महिलाओं के यौन उत्पीड़न का वीडियो: अखिलेश यादव ने बीजेपी को घेरा

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मणिपुर में महिलाओं के यौन उत्पीड़न वाले वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    अखिलेश यादव ने गुरुवार को ट्वीट कर आरोप लगाया, ''मणिपुर के हालात के लिए आरएसएस की नफ़रत की नीति और बीजेपी की वोट की राजनीति ज़िम्मेदार है. बहन-बेटियों के परिवार वाले अब तो भाजपा की ओर देखने से पहले एक बार ज़रूर सोचेंगे.''

    मणिपुर में चार मई की एक घटना का वीडियो बुधवार रात से वायरल हुआ है.

    इस वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ दो महिलाओं को बिना कपड़ों के दौड़ा रही है और यौन उत्पीड़न कर रही है.

    इस मामले में पीएम मोदी ने भी गुरुवार को कहा कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा और सख़्त से सख़्त सज़ा दी जाएगी.

    सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया है और सुप्रीम कोर्ट 28 जुलाई को इस केस में सुनवाई करेगा.

  3. कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत बोलीं- 'पीएम मोदी के पास मणिपुर के लिए बस 36 सेकेंड थे?'

    मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र करके दौड़ाने और यौन उत्पीड़न वाले वीडियो पर पीएम मोदी और सुप्रीम कोर्ट ने सख़्ती दिखाई है.

    मॉनसून सत्र शुरू होने के पहले दिन पीएम मोदी ने कहा, ''मैं मुख्यमंत्रियों से अपील करता हूं कि वो मां-बहनों की रक्षा के लिए कदम उठाएं.''

    राजस्थान, छत्तीसगढ़, मणिपुर का ज़िक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ''घटना चाहे किसी भी राज्य की हो, सरकार चाहे किसी की भी हो, नारी के सम्मान के लिए राजनीति से ऊपर उठकर काम करें.''

    राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है.

    अब इस मुद्दे पर कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी को घेरने की कोशिश की है.

    सुप्रिया ने अपना एक वीडियो ट्विटर पर शेयर किया. इस वीडियो में सुप्रिया कहती हैं, ''मणिपुर से आने वाले वीडियो को देखकर लगता है कि इस देश में चलती फिरती और सड़ी गली लाशें हैं. असलियत ये है कि मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने आठ मिनट 25 सेकेंड का संबोधन किया. उनके पास मणिपुर के लिए सिर्फ़ 36 सेकंड थे?''

    कांग्रेस प्रवक्ता बोलीं, ''मणिपुर पर पीएम कहते हैं कि उनका दिल दुख से भरा है और क्रोध है. वो कहते हैं कि इससे 140 करोड़ लोगों की बेइज़्ज़ती हो रही है. इससे बाद वो राजस्थान और छत्तीसगढ़ पर गंदी और घिनौनी राजनीति करने लगते हैं. शर्म आनी चाहिए आपको मोदी जी.''

    पीएम मोदी ने संसद के बाहर से महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर लगभग दो मिनट तक बात की थी. इससे पहले पीएम मोदी संसद सत्र में पेश किए जाने वाले बिलों के बारे में बता रहे थे.

    इस पर घेरते हुए सुप्रिया बोलीं, ''उस वीडियो को देखने के बाद आपके पास बस 36 सेकेंड का वक्त है तो ये देश का दुर्भाग्य है कि आप भारत के पीएम हैं. अगर आपने वक्त रहते मणिपुर के मुद्दे पर कार्रवाई की होती या बोले होते तो 77 दिनों के पुराने वीडियो को देखकर देश की आत्मा कांप नहीं उठती.''

    सुप्रिया ने कहा, ''संस्थाएं, पुलिस आपके पास है. बीरेन सिंह को बर्खास्त करना आपके हाथ में है. सच ये है कि आज इस देश की हर औरत निर्वस्त्र महसूस कर रही है. लगता है कोई शरीर ही नहीं आत्मा को भी नोच रहा हो. प्रधानमंत्री जी, चार मई के इस वीडियो की खबर आपको अब लग रही है.''

    इस मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 28 जुलाई, शुक्रवार को सुनवाई करेगा.

  4. मणिपुर यौन उत्पीड़न केस: पीएम मोदी के बयान के बाद सीएम बीरेन सिंह ने क्या कहा?

    संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन गुरुवार को पीएम मोदी ने मणिपुर में महिलाओं के साथ हुए यौन उत्पीड़न की निंदा की.

    पीएम मोदी ने कहा, ''ये घटना चाहे जहां कहीं भी हुई हो, किसी ने भी की हो पर बेइज़्ज़ती देश की हुई है. इसके लिए जो भी गुनहगार हैं उन लोगों को बख़्शा नहीं जाएगा.''

    मणिपुर के मसले पर जब पीएम मोदी बयान दे रहे थे, उसी वक़्त मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह ने ट्वीट किया.

    बीरेन सिंह ने लिखा, ''वायरल वीडियो में जिन दो औरतों के साथ ये अमानवीय और अपमानजनक घटना हुई, मेरी संवेदनाएं उनके साथ हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद मणिपुर पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई तेज की थी और इस मामले में गुरुवार सुबह पहली गिरफ़्तारी हुई है.''

    मुख्यमंत्री ने कहा, ''इस मामले में जांच जारी है और जो लोग भी दोषी हैं, उनके ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाएगी. दोषियों को मौत की सज़ा देने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा. मैं ये साफ़ कर दूं कि समाज में ऐसे जघन्य अपराध के लिए कोई जगह नहीं है.''

    समाचार एजेंसी एएनआई से सीएम बीरेन सिंह ने कहा, ''ये इंसानों वाला काम नहीं है. हमने इसकी निंदा की. पुलिस से कहा कि जहां भी शक हो, वहां ऑपरेशन चलाकर सबूत जुटाकर ऐसे अपराध करने वालों को पकड़ा जाए. ऐसे दोषियों को मौत की सज़ा दी जाए.''

    पीएम मोदी की निंदा और सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान पर बीरेन सिंह से जब पूछा गया तो वो बोले- ''दुनिया में जो मानवता है, मानव हैं वो इस घटना की निंदा करेंगे.''

    इस मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वत: संज्ञान लिया है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 28 जुलाई, शुक्रवार को सुनवाई करेगा.

    चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, ''सरकार को इस मामले में दखल देना चाहिए और एक्शन लेना चाहिए. ये पूरी तरह अस्वीकार्य है. ये घटना बेहद परेशान करने वाली है. ये संविधान और मानवाधिकारों का उल्लंघन है.''

    मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने केंद्र और मणिपुर सरकार से इस मामले में क्या कदम उठाए गए, इस बारे में 28 जुलाई तक बताने के लिए कहा है.

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार बताए कि ऐसी घटनाएं फिर ना हो, इसके लिए क्या कदम उठाए गए.''

    चंद्रचूड़ ने कहा कि वीडियो भले ही मई का हो पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र दौड़ाने वाले वीडियो पर पीएम मोदी के बाद सुप्रीम कोर्ट भी हुआ सख़्त

    मणिपुर में चार मई को दो महिलाओं के साथ हुए यौन उत्पीड़न का भयावह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.

    गुरुवार को पीएम मोदी मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले मीडिया से बात करने आए तो मणिपुर की घटना पर भी अपनी राय रखी . पीएम मोदी ने कहा, ''इस घटना से देश की बेइज़्ज़ती हो रही है. गुनहगार लोगों को बख़्शा नहीं जाएगा.''

    अब इस मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 28 जुलाई शुक्रवार को सुनवाई करेगा.

    चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, ''सरकार को इस मामले में दखल देना चाहिए और एक्शन लेना चाहिए. ये पूरी तरह अस्वीकार्य है. ये घटना बेहद परेशान करने वाली है. ये संविधान और मानवाधिकारों का उल्लंघन है.''

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने केंद्र और मणिपुर सरकार से इस मामले में क्या कदम उठाए गए, इस बारे में 28 जुलाई तक बताने के लिए कहा है.

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार बताए कि ऐसी घटनाएं फिर ना हो, इसके लिए क्या कदम उठाए गए.''

    चंद्रचूड़ ने कहा कि वीडियो भले ही मई को हो पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.

    देखिए संसद से लाइव

  6. मणिपुर के यौन उत्पीड़न वाले वीडियो पर पीएम मोदी बोले- देश की बेइज्जती हो रही है, दोषी बख़्शे नहीं जाएंगे

    पीएम नरेंद्र मोदी ने मॉनसून सत्र शुरू होने के पहले दिन गुरुवार को संसद पहुंचकर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    पीएम मोदी ने कहा, ''मणिपुर की घटना से मेरा हृदय दुख से भरा है. ये घटना शर्मसार करने वाली है. पाप करने वाले कितने हैं, कौन हैं वो अपनी जगह है, पर बेइज्जती पूरे देश की हो रही है. 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार होना पड़ रहा है. मैं मुख्यमंत्रियों से अपील करता हूं कि वो मां-बहनों की रक्षा के लिए कदम उठाएं.''

    राजस्थान, छत्तीसगढ़, मणिपुर का ज़िक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ''घटना चाहे किसी भी राज्य की हो, सरकार चाहे किसी की भी हो, नारी के सम्मान के लिए राजनीति से ऊपर उठकर काम करें.''

    पीएम मोदी ने कहा, ''मैं देशवासियों को यकीन दिलाना चाहता हूं कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा. मणिपुर की बेटियों के साथ जो हुआ है उसे कभी माफ नहीं किया जाएगा.''

    मणिपुर में लगभग हिंसा तीन महीनों से जारी है.

    इस बीच बुधवार रात से सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने लोगों का ध्यान फिर मणिपुर की ओर खींचा.

    इस वीडियो में देखा जा सकता है कि मणिपुर में पुरुषों की एक भीड़ दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके सड़क पर दौड़ाते दिख रहे हैं.

    मणिपुर पुलिस ने बताया है कि इस मामले में यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कर लिया गया है, जांच जारी है और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा.

    इस मामले में कांग्रेस पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठा रही थी और सरकार की आलोचना कर रही थी.

    गुरुवार से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है.

    पीएम मोदी ने क्या कुछ कहा?

    • मॉनसून सत्र में आप सबका स्वागत. सावन का पवित्र मास चल रहा है. इस बार तो डबल सावन है. सावन का महीना पवित्र कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है.
    • पीएम मोदी ने मीडिया से बात करते हुए उन बिलों का ज़िक्र किया, जो संसद में इस मॉनसून सत्र में पेश किए जाने हैं.
    • मुझे उम्मीद है कि सब इस समय का उपयोग करेंगे.
    • संसद में हर सांसद की जो जिम्मेदारी है, जो बिल हैं उसकी चर्चा करना अनिवार्य है.
    • चर्चा जितनी ज्यादा पैनी होती है, उतना जनहित में दूरगामी परिणाम देने वाली होती है.
    • संसद में हमारे जो सांसद आते हैं वो संसद से जुड़े होते हैं. जनता के दुख दर्द समझने वाले होते हैं. ऐसे में जब चर्चा होती है तो ज़ड़ों से जुड़े विचार आते हैं.
    • इस सत्र में लाए जा रहे बिल जनता से जुड़े हुए हैं.
    • परंपरा रही है कि जब विवाद हो तो संवाद से सुलझाया जाएगा.
  7. कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे क्यों बोले- पीएम मोदी भारत आपकी चुप्पी को कभी माफ़ नहीं करेगा

    मणिपुर में जारी हिसंक संघर्ष पर कांग्रेस ने पीएम मोदी पर हमला बोला है.

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ''मणिपुर में मानवता मर गई है. राज्य के सामाजिक ताने-बाने को बर्बाद करके मोदी सरकार और बीजेपी ने लोकतंत्र को भीड़तंत्र बना दिया है.''

    खड़गे ने कहा, ''नरेंद्र मोदी जी, भारत आपकी चुप्पी को कभी माफ़ नहीं कर पाएगा.''

    खड़गे ने कहा, ''आपके अंदर अंतरआत्मा की आवाज़ और सरकार में शर्म बची हो तो आपको मणिपुर के मुद्दे पर संसद में बोलना चाहिए. राज्य और केंद्र में ख़ुद की नाकामियों के लिए दूसरों को ज़िम्मेदार ठहराने की बजाय आपको देश को बताना चाहिए कि मणिपुर में हुआ क्या है.''

    पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए खड़गे बोले, ''आप अपनी संवैधानिक ज़िम्मेदारियों से भाग रहे हैं. ऐसे मुश्किल वक़्त में हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं.''

    मणिपुर में हिंसा लगभग तीन महीनों से जारी है.

    इस बीच बुधवार रात से सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने लोगों का ध्यान फिर मणिपुर की ओर खींचा.

    इस वीडियो में देखा जा सकता है कि मणिपुर में पुरुषों की एक भीड़ दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके सड़क पर दौड़ाते दिख रहे हैं.

    मणिपुर पुलिस ने बताया है कि इस मामले में यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कर लिया गया है, जांच जारी है और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा.

  8. मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र करने का मामला क्या है? मोदी बोले- दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा

  9. अहमदाबाद: एक्सीडेंट देखने जुटे लोगों पर चढ़ी जगुआर कार, नौ लोगों की मौत

    गुजरात के अहमदाबाद के पास सड़क दुर्घटना में नौ लोगों की मौत हो गई है.

    गुरुवार तड़के ये हादसा सरखेज-गांधीनगर हाईवे पर हुआ है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, पुलिस ने बताया है कि आधी रात को इस्कॉन ब्रिज पर दो गाड़ियां हादसे का शिकार हो गईं. इस हादसे को देखने कुछ लोग जुटे.

    ये लोग जब हादसे की जगह पर मौजूद थे, तभी 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से आ रही जगुआर कार ने टक्कर मार दी.

    हादसे में 12 लोग घायल भी हुए हैं.

    अहमदाबाद में डीसीपी ट्रैफिक नीता देसाई ने कहा- ''बीती रात एक जगुआर कार के चढ़ने से नौ लोगों की मौत हो गई है. जगुआर के ड्राइवर को फिलहाल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है और डॉक्टरों की सलाह के बाद ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.''

  10. मणिपुर में महिलाओं का यौन उत्पीड़न: 'पीएम मोदी की चुप्पी' पर राहुल गांधी ने उठाया सवाल

    मणिपुर में हिंसा लगभग तीन महीनों से जारी है.

    इस बीच बुधवार रात से सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने लोगों का ध्यान फिर मणिपुर की ओर खींचा.

    इस वीडियो में देखा जा सकता है कि मणिपुर में पुरुषों की एक भीड़ दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके सड़क पर दौड़ाते दिख रहे हैं.

    मणिपुर पुलिस ने बताया है कि इस मामले में यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कर लिया गया है, जांच जारी है और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा.

    मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर ही संसदीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक थी. इस बैठक में कांग्रेस ने संसद में मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा किए जाने की मांग की है.

    माना जा रहा है कि मॉनसून सत्र के पहले दिन मणिपुर पर चर्चा हो सकती है.

    इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ''पीएम मोदी की चुप्पी और निष्क्रियता ने मणिपुर को अराजकता की ओर धकेल दिया है. जब भारत के विचार पर ही मणिपुर में हमला किया जा रहा है, तब INDIA चुप नहीं बैठेगा. हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं और सिर्फ़ शांति ही एक विकल्प है.''

    दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया,''मणिपुर की वारदात बेहद शर्मनाक और निंदनीय है. भारतीय समाज में इस तरह की घिनौनी हरकत बर्दाश्त नहीं की जा सकती. मणिपुर के हालात बेहद चिंताजनक बनते जा रहे हैं. मैं प्रधानमंत्री जी से अपील करता हूँ कि वे मणिपुर के हालात पर ध्यान दें.''

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर केजरीवाल ने लिखा, ''इस वारदात के वीडियो में दिख रहे दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें. भारत में ऐसे आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए.''

  11. क़ुरान जलाने का मामला: इराक़ में स्वीडन के दूतावास पर फिर हमला

    कुछ वक़्त पहले स्वीडन में इराक़ी मूल के एक व्यक्ति ने क़ुरान जलाई थी.

    इस व्यक्ति ने तब क़ुरान फिर से जलाए जाने की धमकी दी थी.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, क़ुरान फिर से जलाए जाने की आशंका के बीच इराक़ में स्वीडन के दूतावास पर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने धावा बोला है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स लिखता है कि दूतावास के सभी स्टाफ़ सुरक्षित हैं. स्वीडन के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा की है.

    इससे पहले 29 जून को भी बग़दाद स्थित स्वीडन के दूतावास पर प्रदर्शनकारियों ने हमला बोला था.

    स्वीडन में क़ुरान जलाए जाने की घटना की कई देशों ने निंदा की थी और स्वीडन सरकार से नाराज़गी जताई थी.

    28 जून को स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम की सेंट्रल मस्जिद के बाहर एक व्यक्ति ने क़ुरान की एक प्रति को फाड़ा और फिर उसे जला दिया था.

    पुलिस ने जिस व्यक्ति को गिरफ़्तार किया था, उनका नाम सलवान मोमिका था.

    सलवान की उम्र 37 साल है और ख़बरों की मानें तो वो कई साल पहले इराक़ से भागकर स्वीडन आ गए थे.

    सलवान ने कहा था, ''मैं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अहमियत पर ध्यान दिलवाना चाहता था. ये लोकतंत्र है और अगर वो ये कहेंगे कि हम ऐसा नहीं कर सकते हैं तो ये ख़तरे में है.''

  12. महाराष्ट्र: रायगढ़ में भूस्खलन के कारण तबाही, चार लोगों की मौत

    महाराष्ट्र के रायगढ़ ज़िले में इरशालवाड़ी गांव में भूस्खलन की घटना हुई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई और पीटीआई के मुताबिक़, इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई है और अब तक 22 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है.

    मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है.

    घटनास्थल पर महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे भी पहुंच गए हैं.

    एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और बचाव कार्य जारी है.

    रायगढ़ पुलिस ने एएनआई को बताया कि घटनास्थल पर अधिकारी मौजूद हैं और स्थानीय लोगों, एनडीआरएफ से मदद ली जा रही है.

    घटनास्थल पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री उदय सामंत भी पहुंचे हैं.

  13. मणिपुर में महिलाओं के यौन उत्पीड़न के वीडियो पर स्मृति इरानी ने मुख्यमंत्री से की बात

    मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके दौड़ाने और बदसलूकी किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.

    इस मामले में सोशल मीडिया पर काफ़ी ग़ुस्सा देखने को मिल रहा है.

    मणिपुर पुलिस ने वीडियो के बारे में कहा, ''ये घटना चार मई की है. मामले में अपहरण, गैंगरेप और हत्या का मामला अज्ञात हथियारबंद असामाजिक तत्वों के ख़िलाफ़ दर्ज किया गया है. मामले में जांच शुरू हो गई है. पुलिस दोषियों को पकड़ने की पूरी कोशिश कर रही है.''

    लगभग तीन महीने से मणिपुर में हिंसा जारी है.

    ऐसे में जब ये वीडियो सामने आया तो सोशल मीडिया पर आम लोगों से लेकर कांग्रेस नेता भी मोदी सरकार को घेरते नज़र आए.

    कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया, ''मणिपुर से आ रही महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं. महिलाओं के साथ घटी इस भयावह हिंसा की घटना की जितनी निंदा की जाए कम है. समाज में हिंसा का सबसे ज्यादा दंश महिलाओं और बच्चों को झेलना पड़ता है.''

    प्रियंका ने लिखा, ''हम सभी को मणिपुर में शांति के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए हिंसा की एक स्वर में निंदा करनी पड़ेगी. केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री जी आखिर मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर आंख मूंद कर क्यों बैठे हैं? क्या इस तरह की तस्वीरें और हिंसक घटनाएं उन्हें विचलित नहीं करतीं?''

    इस मामले पर काफी सारे लोग केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री स्मृति इरानी की इस मुद्दे पर सक्रियता पर सवाल उठा रहे थे.

    काफ़ी सारे लोगों ने ये भी लिखा कि अमेठी, राहुल गांधी के मुद्दे पर हमेशा सक्रिय रहने वालीं स्मृति इतने दिनों तक मणिपुर के मुद्दे पर क्यों नहीं बोलीं.

    बुधवार देर रात 12 बजे स्मृति इरानी ने इस मुद्दे पर ट्वीट किया.

    स्मृति इरानी ने लिखा, ''मणिपुर में दो महिलाओं के यौन उत्पीड़न का भयानक वीडियो अमानवीय और निंदनीय है. मैंने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से बात की है. मुख्यमंत्री ने मुझे बताया कि मामले में जांच चल रही है. उन्होंने मुझे भरोसा दिलाया है कि दोषियों को पकड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.''

  14. मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र कर दौड़ाने का वीडियो, सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल

    मणिपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.

    इस वीडियो में देखा जा सकता है कि पुरुषों की भीड़ दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके सड़क पर दौड़ा रही है.

    आरोप है कि इन महिलाओं का गैंगरेप भी किया गया है.

    मणिपुर पुलिस ने बताया, ''ये घटना चार मई की है. मामले में अपहरण, गैंगरेप और हत्या का मामला अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ दर्ज किया गया है. मामले में जांच शुरू हो गई है. पुलिस दोषियों को पकड़ने की पूरी कोशिश कर रही है.''

    न्यूज़ वेबसाइट स्क्रॉल के मुताबिक़, इन दो महिलाओं में से 21 साल की एक महिला के साथ गैंगरेप किया गया था.

    स्क्रॉल ने इन महिलाओं में से एक महिला से बात की है.

    महिला ने बताया, ''हमने सुना कि पास के गांव में मैतई लोगों के घर जला रहे हैं. हम लोग ये सुनकर भाग गए. तभी भीड़ ने हमें पकड़ लिया. भीड़ ने हमारा उत्पीड़न करना शुरू किया. हमने मना किया तो भीड़ ने कहा कि कपड़े उतारो, वरना जान से मार देंगे.''

    40 साल की इस महिला ने बताया- अपनी जान बचाने के लिए हमने अपने सारे कपड़े उतार दिए. इस दौरान पुरुष हमें थप्पड़ मारते रहे.

    वो बोलीं, ''मुझे पास के खेत में ले गए. पर मेरी किस्मत अच्छी थी कि मेरा रेप नहीं हुआ.''

    इस वीडियो और खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर काफ़ी ग़ुस्सा देखने को मिल रहा है.

    लोग मणिपुर के मुद्दे पर पीएम मोदी की चुप्पी और महिला बाल कल्याण विकास मंत्री स्मृति इरानी पर भी सवाल उठा रहे हैं.

  15. नमस्कार

    आपका दिन शुभ हो.

    ये लाइव पेज 24 घंटे के लिए उपलब्ध रहेगा.

    19 जुलाई के लाइव अपडेट्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.