पुतिन ब्रिक्स सम्मेलन में इस कारण नहीं जाएंगे दक्षिण अफ़्रीका
अगस्त में जोहांसबर्ग में होने वाली ब्रिक्स की बैठक में शामिल होने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ऑनलाइन शिरकत करेंगे.
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विकास त्रिवेदी
राजस्थान: छह महीने की बच्ची समेत चार लोगों की हत्या, घर में मिले अधजले शव
....में
Author, मोहर सिंह मीणा
पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
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राजस्थान में जोधपुर ज़िले के चौराई गांव में बुधवार सुबह एक परिवार के चार सदस्यों के अधजले शव घर से मिले हैं.
घटना की जानकारी मिलते ही जोधपुर ग्रामीण एसपी धर्मेंद्र सिंह और कलेक्टर हिमांशु गुप्ता मौके़ पर पहुंचे. पुलिस और फोरेंसिक टीम घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं.
इस घटना के बारे में गांव के लोगों को सुबह छह बजे तब पता चला, जब घर से धुआं उठता दिखा.
पुलिस के मुताबिक़, इस मामले में 55 साल के पुनाराम, उनकी पत्नी, बहू और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई है.
ओसियां से स्थानीय विधायक दिव्या मदेरणा ने बीबीसी से फ़ोन पर बताया, "घटना की जानकारी सुबह छह बजे स्थानीय पुलिस, प्रशासन और ग्रामीणों से मिली है. कलेक्टर और एसपी से बात हुई है. मैं जयपुर से घटनास्थल के लिए निकल गईं हूं."
विधायक मदेरणा ने कलेक्टर, एसपी और स्थानीय पुलिस चौकी से मिली जानकारी देते हुए बीबीसी को बताया, "पुनाराम और उनकी पत्नी घर के बाहर आंगन में और बहू और बच्ची अंदर सो रहे थे. बाहर पूनाराम और उनकी पत्नी की धारदार हथियार से हत्या की गई और फिर घसीटकर अंदर ले गए. अंदर सो रही बहू और बच्ची की भी पहले हत्या की गई, फिर आग लगा दी गई.''
उन्होंने कहा, "यह दिल दहलाने वाली घटना है. पुलिस जांच कर रही है. हम चाहते हैं कि जल्द ही दोषी गिरफ्तार हों."
सीमा हैदर मामले में जांच के सवाल पर बोले उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
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पाकिस्तान से भारत आईं सीमा हैदर से यूपी एटीएस लगातार पूछताछ कर रही है.
सीमा हैदर मामले में उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रतिक्रिया दी है.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश में हम लॉ एंड ऑर्डर को बनाकर रखेंगे. किसी भी प्रकार के गैर-कानूनी गतिविधि को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो रही है. केंद्रीय एजेंसियां भी जांच कर रही हैं."
उन्होंने कहा, "हर स्थिति में हम उत्तर प्रदेश राज्य में प्रतिबद्धता के साथ अपराध और गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकेंगे."
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पाकिस्तान की रहने वाली सीमा हैदर की शादी साल 2014 में जकोबाबाद के गुलाम हैदर से हुई थी. शादी के बाद दोनों कराची आकर रहने लगे और 2019 में गुलाम हैदर काम के सिलसिले से सऊदी अरब चले गए.
2019 में ऑनलाइन गेम पब्जी खेलते हुए सीमा हैदर की जान पहचान ग्रेटर नोएडा के रहने वाले सचिन मीणा से हुई. सीमा का दावा है कि यह बातचीत धीरे धीरे प्रेम में बदल गई.
सीमा ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वह पहली बार 10 मार्च 2023 को सचिन मीणा से मिलने नेपाल आई थीं और सात दिन वहां रहकर वापस पाकिस्तान चली गई थीं.
सीमा के मुताबिक़, 11 मई 2023 को वह एक बार फिर शारजाह होते हुए नेपाल पहुंची, लेकिन इस समय उसके साथ चार बच्चे थे. सीमा अपने चार बच्चों के साथ अवैध तरीके से बिना वीजा के भारत में दाखिल हुई और ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा इलाके में सचिन मीणा के साथ रहने लगी.
नोएडा पुलिस ने दोनों को चार जुलाई की सुबह गिरफ्तार किया था और सात जुलाई को जेवर कोर्ट ने उन्हे सशर्त ज़मानत पर रिहा कर दिया.
वो ‘ग़लती’ जिससे पकड़ी गईं पाकिस्तान की सीमा ग़ुलाम हैदर
सीमा हैदर के गले में 'राधे-राधे' का दुपट्टा और मंगलसूत्र, सचिन के घर में गूंजते 'जय श्री राम' के नारे- ग्राउंड रिपोर्ट
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एनडीए और विपक्षी गठबंधन पर बरसी मायावती, बोलीं- ऐसी स्थिति में बसपा सत्ता में आ सकती है
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बसपा प्रमुख मायावती ने बुधवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
इस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने एनडीए गठबंधन और विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' पर निशाना साधा.
मायावती ने कहा कि एनडीए और विपक्षी दलों का गठबंधन आज सत्ता में आने के लिए अपने-अपने दावे ठोक रहा है.
बसपा प्रमुख बोलीं, ''कांग्रेस अपनी
जैसी जातिवादी सोच रखने वाली पार्टियों के साथ सत्ता में आने का सपना देख रही है. वहीं सत्ताधारी बीजेपी भी दोबारा केंद्र की सत्ता में आने के लिए एनडीए गठबंधन को मजबूत बनाने में लगी है...इनकी कथनी और करनी में कांग्रेस पार्टी की ही तरह कोई ख़ास अंतर नहीं है.''
मायावती ने और क्या कुछ कहा?
जनता को किए इनके वादे
सत्ता में रहते हुए खोखले ही साबित हुए हैं.
बीजेपी और कांग्रेस के गठबंधन की अब तक की रही सरकार की कार्यशैली, सोच, नियत, यही बताती है कि इनकी नीति दलितों, मुस्लिमों और
अन्य अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव वाली ही रही है. ज़्यादातर मामलों में इन्होंने खानापूर्ति ही की है.
ज़मीनी हकीकत
रही है कि इन्होंने कोई ठोस काम नहीं किया है
जब ये सत्ता से
बाहर हो जाते हैं तो वोट के ख़ातिर वंचितों के हितों के लिए लंबी चौड़ी बात करते हैं.
जैसे कांग्रेस
का गरीबी हटाओ और बीजेपी का गरीबों के खाते में 20 लाख रुपये पहुंचाने का वादा खोखला ही
साबित हुआ. इसी वजह से बसपा ने सत्ताधारी गठबंधन और विपक्षी गठबंधन से दूरी बनाकर रखी है.
ऐसे में कमज़ोर वर्गों के लोगों को आपसी भाईचारे के आधार पर अपनी हितैषी पार्टी बसपा को ही मज़बूती देनी है. जिसके आधार पर इनकी मज़बूत
नहीं मजबूर सरकार ही बनेगी.
हमारी कोशिश यही होनी चाहिए ताकि बीएसपी के सत्ता में आ पाने की स्थिति में ये लोग दबे कुचले यानी कमज़ोर लोगों का शोषण ना कर सकें.
ऐसी स्थिति में बसपा को सत्ता में आसीन होने का मौक़ा मिल सकता है. इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए लोकसभा चुनाव और उससे पहले राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ चुनाव में अकेले चुनाव लड़कर बेहतर रिजल्ट लाना होगा.
पंजाब, हरियाणा में
क्षेत्रीय पार्टियों के साथ चुनाव लड़ सकते हैं, बशर्ते एनडीए या विपक्षी गठबंधन के
साथ गठजोड़ ना हो.
सत्ता और विपक्ष
के गठबंधन के हथकंडों से बसपा नेताओं को दूर रहना होगा.
कश्मीर पुलिस बोली- ''सेना, बीएसएफ के साथ चलाए ऑपरेशन में दो आतंकवादी मारे गए''
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जम्मू कश्मीर
पुलिस ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, ''कश्मीर के मच्छल सेक्टर में सेना, कुपवाड़ा पुलिस
और बीएसएफ के चलाए साझा ऑपरेशन के दौरान दो आतंकवादी मारे गए हैं.''
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कश्मीर के एडीजीपी ने कहा कि ये ऑपरेशन मच्छल सेक्टर में हुआ है.
पुलिस ने बताया, ''दो आतंकवादियों के शव हथियारों के साथ बरामद कर लिए गए हैं. ऑपरेशन अब भी जारी है.''
मंगलवार को भी पुंछ सेक्टर में सेना के चलाए ऑपरेशन में चार चरमपंथी मारे गए थे.
अखिलेश यादव का एनडीए की बैठक पर तंज- 38 में दो और जोड़ लेते तो...
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समाजवादी पार्टी
प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को हुई एनडीए
की बैठक पर तंज कसा है.
दिल्ली में हुई
एनडीए की बैठक में 38 राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया था.
इस बैठक के बाद
इन दलों ने पीएम मोदी की अगुवाई में 2024 का चुनाव लड़ने की बात कही.
अब अखिलेश यादव
ने मंगलवार रात ट्वीट किया, ''वो दो और जोड़ लेते तो 38+2 = 40
पूरे हो जाते. सबने वो पुरानी कहानी तो सुनी होगी?''
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समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता जीतेंद्र वर्मा ने इस ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए लिखा, ''38 + 2= 40 चोर.''
अखिलेश यादव के इस ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए बहुत सारे लोग इसे 'अली बाबा चालीस चोर' वाली कहावत से जोड़कर देख रहे हैं.
विपक्षी दलों की बेंगलुरु में हुई बैठक में विपक्ष के गठबंधन को इंडिया नाम दिया गया था.
इस बैठक में शामिल होने के लिए अखिलेश यादव भी बेंगलुरु पहुंचे थे.
अखिलेश यादव ने मीडिया से कहा था, ''देश की दो तिहाई जनता बीजेपी के खिलाफ हैं तो इस बार बीजेपी का सफाया करने के लिए सब एक हैं.''
सपा प्रमुख बोले थे- देश और लोगों को बचाना ज़रूरी है.
बीजेपी नेताओं का दावा- विपक्ष की बैठक से नाराज़ होकर लौटे नीतीश कुमार
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बेंगलुरु में
विपक्षी दलों की बैठक के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई.
इस प्रेस
कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी नेताओं का नाम लेते
हुए शुक्रिया अदा किया.
खड़गे ने कहा कि
फ्लाइट की वजह से नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव को जाना पड़ा.
बैठक के बाद हुई
कॉन्फ्रेंस से बिहार के प्रमुख नेता ग़ायब दिखे तो इस पर आम लोगों से लेकर बिहार
बीजेपी के नेताओं का ध्यान भी गया.
बिहार से बीजेपी
सांसद गिरिराज सिंह ने एक ख़बर को साझा करते हुए ट्वीट किया,''अपनी इज़्ज़त का ख़्याल नहीं था तो कम से कम
बिहार की इज़्ज़त का ख़्याल रखते. बेंगलुरु की बैठक से नाराज़ होकर पटना लौटे
नीतीश कुमार, मीडिया से बनाई दूरी.''
बिहार के पूर्व
उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी इस बारे में ट्वीट किया.
सुशील कुमार
मोदी ने लिखा, ''बेंगलुरु में सबसे बड़ी किरकिरी तो नीतीश कुमार
की हुई है. उन्हें फर्जी "इंडिया' का संयोजक ना बनाए जाने से नाराज़ होकर
पहले ही बैठक से निकलना पड़ा. वे प्रेस कांफ्रेंस में नहीं थे. बेंगलुरु में
नीतीश-विरोधी पोस्टर भी लगाए गए थे, जबकि वहाँ सरकार कांग्रेस की है.''
सुशील मोदी ने
ट्वीट किया, ''इन दलों की पटना बैठक में इसी तरह नाराज़ होकर
दिल्ली लौट गए थे. जो लोग चुनाव से पहले न मन मिला पा रहे हैं, न एक चेहरा तय
कर पाए, वे देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोई चुनौती नहीं दे
पाएँगे.''
बेंगलुरु में
हुई बैठक के बाद नीतीश कुमार का कोई ट्वीट नहीं आया है.
हालांकि जेडीयू
के ऑफिशियल हैंडल से विपक्षी गठबंधन का नाम ट्वीट किया गया था- विपक्षी एकता का
नया नाम... इंडिया.
इंडिया नाम एलान
होने के बाद जेडीयू की ओर से ट्वीट किया गया- ''विपक्षी गठबंधन के नाम की घोषणा होते
ही बीजेपी नेता बौखलाहट में देश के संघीय ढांचे को ही भूल गए हैं.''
उमर अब्दुल्ला का सवाल- बीजेपी को अचानक एनडीए की याद क्यों आई?
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इमेज कैप्शन, उमर अब्दुल्लाह
एक तरफ़
बेंगलुरु में विपक्षी दल मिले और दूसरी तरफ़ दिल्ली में बीजेपी की अगुवाई में एनडीए के सहयोगी
दल मिले.
ये दोनों बैठकें
एक ही दिन हुईं. दोनों तरफ़ के नेताओं ने 2024 चुनाव को लेकर अपने-अपने दावे किए और
विरोधियों पर सियासी हमले किए.
विपक्षी गठबंधन
ने अपने आप को 'इंडिया' नाम दिया है. इस गठबंधन में शामिल नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व
सीएम उमर अब्दुल्ला ने बैठक के बाद मीडिया से बात की.
उमर अब्दुल्ला ने कहा, ''बैठक में नाम पर सहमति बनी है. 11 सदस्यों की एक कमेटी पर बात बनी है.
भविष्य में होने वाली बैठकों पर भी बात हुई.''
जब एनडीए पर
सवाल पूछा गया तो उमर बोले, ''आख़िरी बार एनडीए की बैठक कब हुई थी.
ये एक अहम बात है, पत्रकारों को ये सवाल पूछना चाहिए. अचानक बीजेपी को एनडीए की याद
क्यों आई.2024 में बीजेपी का अकेले जीतना मुश्किल
है. ऐसे में गठबंधन उनके लिए ज़रूरी बन गया है.''
उमर ने कहा, ''अब
तक जब गठबंधन की बैठक होती थी तो वो कहते थे कि बीजेपी बनाम एक की लड़ाई है और सब
पार्टियां पीएम मोदी के ख़िलाफ़ एकजुट हो रही हैं. सच ये है कि अब बीजेपी भी
सहयोगियों की तलाश कर रही है क्योंकि वो 2024 चुनाव में अकेले लड़ने को लेकर सहज
नहीं है.''
विपक्ष के गठबंधन इंडिया में शामिल नहीं होने पर ओवैसी ने क्या कहा?
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बेंगलुरु में
बीजेपी के ख़िलाफ़ एकजुट हुई पार्टियों की दो दिन चली बैठक मंगलवार को ख़त्म हुई.
बैठक में इस गठबंधन को इंडिया नाम दिया गया.
इस बैठक में जो
राजनीतिक दल शामिल हुए, वो कभी एक-दूसरे के विरोधी थे मगर अब साथ आने को तैयार दिख रहे हैं.
इस लिस्ट में
अहम नाम कभी कांग्रेस के विरोधी रही अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का भी है.
विपक्षी दलों के
इस गठबंधन में असदउद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम शामिल नहीं है. न ही ओवैसी
पटना या बेंगलुरु वाली बैठक में गए थे.
ऐसे में सवाल ये
है कि अक्सर बीजेपी को घेरने वाले ओवैसी इस विपक्षी गठबंधन इंडिया का हिस्सा क्यों
नहीं हैं?
एआईएमआईएम
प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, ''जो तथाकथित सेक्युलर पार्टियां हैं, वो दिन बेंगलुरु
में रहीं. हमको तो नहीं बुलाया. हम तो इनके लिए राजनीतिक रूप से अछूत हैं. देखने वाली बात
ये है कि वहां महबूबा मुफ्ती, उद्धव ठाकरे, नीतीश कुमार
बैठे हुए हैं, ये सब बीजेपी के साथ थे. अब अचानक से सब सेक्युलर हो गए.''
वारिस पठान बोले, ''गुजरात
चुनाव में कांग्रेस को गाली देने वाले अरविंद केजरीवाल वहां बैठे दिख रहे हैं. ये
बोल रहे हैं कि संविधान बचाना है, बीजेपी को हराना है. हमारी भी तो यही
कोशिश है कि बीजेपी हारे और 2024 में मोदी प्रधानमंत्री ना बनें. हम
पूरी तरह से लगे हुए हैं. मगर आप हमको नज़रअंदाज़ कैसे कर सकते हैं? जो एक आदमी पूरे
देश में समान नागरिक संहिता के ख़िलाफ़ लड़ रहा है आपको वो असदउद्दीन ओवैसी साब
नहीं दिखते. आपको मुसलमानों का वोट तो चाहिए लेकिन उनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व
नहीं चाहिए.''
वारिस पठान बोले, ''आप
हमारे साथ आओ या ना आओ, हम तो लड़ाई लड़ते रहेंगे.''
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विपक्ष की बैठक पर असदउद्दीन ओवैसी ने भी एक दिन पहले एक निजी चैनल को इंटरव्यू दिया था.
ओवैसी ने विपक्ष की बैठक पर कहा, ''बेंगलुरु में तमाम बड़े-बड़े चौधरियों (नेताओं) की बैठक हो रही है. क्या वो यूसीसी पर एक शब्द बोलेंगे? नहीं बोलेंगे.''
विपक्ष की बैठक में केजरीवाल को बुलाए जाने पर ओवैसी ने कहा- केजरीवाल और बीजेपी में कोई फर्क नहीं है. दिल्ली दंगों के वक्त केजरीवाल गायब थे. विकास के लिहाज़ से देख लीजिए दिल्ली में कुछ काम नहीं हो रहा है.
असदउद्दीन ओवैसी विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए बोले, ''जो सच्चाई को बयां करता है उसे ये लोग बी टीम कह देते हैं. देश ये सब देख रहा है. आपको मोदी को हराना है तो आपको वैकल्पिक कार्यक्रम देना होगा. नहीं देंगे तो बीजेपी को फायदा होगा. चेहरे पर मोदी से मुकाबला करेंगे तो बहुत मुश्किल होगी. चेहरे पर मुकाबला मत कीजिए मोदी से, 540 सीट पर मुकाबला कीजिए.''
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कांग्रेस की सुप्रिया श्रीनेत क्यों बोलीं- जिनको 'इंडिया' से दिक़्क़त है वो पाकिस्तान चले जाएं
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इमेज कैप्शन, सुप्रिया श्रीनेत
बेंगलुरु में
बीजेपी के ख़िलाफ़ मंगलवार को 26 विपक्षी दलों की बैठक ख़त्म हो गई है.
इस बैठक में विपक्षी गठबंधन को इंडिया नाम दिया गया है.
इंडिया यानी
इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस.
इस नाम के सामने
आने के बाद से ही कांग्रेस समेत विपक्षी दल बीजेपी पर आक्रामक नज़र आ रहे हैं.
हालांकि असम के
सीएम हेमंता बिस्वा सरमा ने इस इंडिया नाम को औपनिवेशिक पहचान से जोड़कर कांग्रेस
को घेरते हुए ट्वीट किया.
इस ट्वीट के बाद
जब लोगों ने सरमा से ये कहा कि वो अपने बायो में लिखे इंडिया को भी हटाएं तो कुछ
देर बाद सरमा के ट्विटर बायो में इंडिया की जगह भारत लिखा हुआ था.
इस नाम के एलान
के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत समाचार चैनलों और सोशल मीडिया पर भी
सक्रिय रहीं और बीजेपी को घेरा.
सुप्रिय श्रीनेत
ने बीजेपी के प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी से सवाल पूछते हुए कहा, ''जिनको
इंडिया से दिक़्क़त है, वो पाकिस्तान चले जाएं दो जवाब देकर. अपने सोशल मीडिया पर इंडिया
क्यों लिखा? स्टार्ट अप इंडिया, डिज़िटल इंडिया, स्किल इंडिया, खेलो इंडिया
नारे क्यों दिए? क्या ये इंडिया ग़लत है. हम भारत भी जोड़ रहे हैं, इंडिया भी
जीतेगा. आप तो देश के ख़िलाफ़ हैं.''
सुप्रिय श्रीनेत
बोलीं, ''इनको इंडिया से दिक़्क़त है, चिढ़ है तो चले जाइए पाकिस्तान. वैसे
भी मुंह उठाकर चले जाते हैं पाकिस्तान बिरयानी खाने, सेवईं खाने.''
सुधांशु
त्रिवेदी इसी टीवी चैनल की डिबेट में सुप्रिया श्रीनेत से कहा, ''अंग्रेज़ों
के ज़माने में हिंदी में नाम नहीं होता था. हम इंग्लिश और हिंदी दोनों में ही
भारतीय जनता पार्टी हैं. आज भी वही इंडिया की मानसिकता वाले लोग हैं. इन्हें
इंडिया नाम पर ही गर्व आज भी है.''
सुधांशु
त्रिवेदी ने जवाब दिया, ''हमारे गठबंधन का नाम एनडीए है. हिंदी में नाम
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन है. आपका जो गठबंधन है इंडिया, इसका हिंदी में
नाम बताइए. या बस अभी भी अंग्रेज़ी मानसिकता ही है.''
नमस्कार
आपका दिन शुभ
हो.
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