बीबीसी ने बताया है कि वो अपने एक प्रेज़ेंटर की ओर से अश्लील फोटो के लिए एक टीनएजर को 35 हज़ार पाउंड का भुगतान करने से जुड़े मामले में पुलिस के साथ संपर्क में है.
बीबीसी ने कहा है कि वो सच का पता लगाने के लिए तेज़ी से काम कर रहा है और जिस प्रेज़ेंटर पर आरोप लगे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
हालांकि, प्रेज़ेंटर की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है.
इस बारे में पहली बार शुक्रवार को 'द सन' अखबार ने रिपोर्ट प्रकाशित की थी.
पुलिस ने कहा कि बीबीसी हमसे संपर्क में था लेकिन अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं की गई है.
बीबीसी न्यूज़ के अनुसार कॉर्पोरेशन सोमवार को इस मामले पर चर्चा के लिए मेट्रोपॉलिटन पुलिस से मिलेगा.
हालांकि, बीबीसी और द सन दोनों ने ही प्रेज़ेंटर की पहचान उजागर नहीं की है.
द सन ने रविवार को एक और रिपोर्ट में दावा किया कि ख़बर सामने आने के बाद प्रज़ेंटर ने घबराकर टीनएजर को दो बार फ़ोन किया. उन्होंने सवाल किया, "ये तुमने क्या कर दिया"? इतना ही नहीं प्रेज़ेंटर ने टीनएजर से ये भी कहा कि वो अपनी मां से इस मामले की जाँच रोकने को कहे.
इससे पहले बीबीसी ने रविवार को जारी बयान में कहा था कि वो तथ्य सामने लाने के लिए जितना जल्दी हो सकता है, उतना जल्दी काम कर रहा है.
बीबीसी ने ये भी बताया कि उसे इस मामले के बारे में पहली बार मई में पता चला था. इस बयान के अनुसार, "गुरुवार को सामने आए आरोप नए तरह के हैं और हमारे प्रोटोकॉल के अनुसार, अंदरूनी स्तर पर जाँच के अलावा हम बाहर अधिकारियों के साथ भी संपर्क में हैं."
बीबीसी ने ये भी कहा है कि वो आने वाले दिनों में इस मामले पर अधिक जानकारी देने की स्थिति में होगा.
हालांकि, द सन की रिपोर्ट में ये कहा गया है कि किशोर का परिवार बीबीसी के ताज़ा बयान से नाखुश है.
इसके अनुसार, "शुरुआत में की गई शिकायत के बाद बीबीसी से किसी ने भी इंटरव्यू के लिए उनसे संपर्क तक नहीं किया."
बीबीसी कल्चर एडिटर केटी रैज़ल की ओर ने कहा, "हमें आरोपों की सच्चाई के बारे में नहीं पता है."
उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेशन के बयान से ये संकेत मिलते हैं कि उसकी शुरुआती जांच किशोर के परिवार से पर्याप्त प्रतिक्रिया न मिलने की वजह से प्रभावित हुई है.