यूपी के सोनभद्र में बिजली कनेक्शन जोड़ने पर दलित युवक से चप्पल चटवाई, अभियुक्त गिरफ़्तार
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में बिजली कनेक्शन जोड़ने को लेकर हुए विवाद में एक लाइनमैन ने एक दलित समुदाय के व्यक्ति से पहले मारपीट की
लाइव कवरेज
दिलनवाज़ पाशा and स्नेहा
COVER STORY: बिजली संकट से जूझता पाकिस्तान
वीडियो कैप्शन, COVER STORY: बिजली संकट से जूझता पाकिस्तान
पाकिस्तान की सरकार बिजली की क़िल्लत की वजह से ऐसे फ़ैसले कर रही है, जो लोगों को रास नहीं आ रहे हैं.
लेकिन पाकिस्तान बिजली संकट से क्यों जूझ रहा है.
क्यों पाकिस्तान उतनी बिजली पैदा नहीं कर पाता, जितनी उसे ज़रूरत है.
देखिए बीबीसी संवाददाता शुमाएला जाफ़री की ये रिपोर्ट.
शाहरुख की एक्टिंग पर इस पाकिस्तानी एक्ट्रेस ने उठाया सवाल, हुईं ट्रोल...
इमेज स्रोत, Mahnoorbaloch.official/Instagram
इमेज कैप्शन, पाकिस्तानी अभिनेत्री महनूर बलोच
पाकिस्तानी अभिनेत्री महनूर बलोच की भारतीय अभिनेता शाहरूख़ पर की गई टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस हो रही है.
महनूर बलोच ने कहा है कि शाहरुख़ ख़ान ना ही हैंडसम हैं और ना ही उन्हें अभिनय करना आता है.
महनूर बलोच ने समा टीवी चैनल के टॉक शो 'हद कर दी' पर बातचीत के दौरान ये टिप्पणी की.
बलोच पाकिस्तानी फ़िल्मों और धारावाहिकों में काम करती हैं.
महनूर बलोच ने कहा, "जैसे शाहरुख़ ख़ान हैं, उनकी पर्सनैलिटी बहुत अच्छी है, लेकिन अगर आप, जो दुनिया में हैंडसम कहते हैं, तो वो ऐसे नहीं हैं, लेकिन उनकी पर्सनैलिटी इतनी मज़बूत है, उनका औरा ऐसा है कि वो अच्छे लगते हैं. बहुत ख़ूबसूरत लोग होते हैं, लेकिन उनका औरा स्ट्रॉन्ग नहीं होता तो कोई उन पर ध्यान भी नहीं देता."
इमेज स्रोत, ANI
इसी शो के दौरान महनूर बलोच ने कहा कि शाहरुख़ ख़ान एक बड़े कारोबारी हैं और अपने आप को मार्केट करना जानते हैं.
महनूर बलोच ने कहा, "मुझे लगता है कि शाहरुख़ ख़ान एक बड़े कारोबारी हैं, वो अपने आप को मार्केट करना जानते हैं. उनके बहुत से फ़ैंस है जिन्हें लगता है कि मेरी राय ग़लत हो सकती है, मैं ग़लत भी हो सकती हूं, लेकिन मेरी यही राय है."
53 वर्षीय महनूर बलोच ने शाहरुख़ ख़ान की अभिनय क्षमता पर भी सवाल उठाए हैं.
बलोच ने कहा, "शाहरुख़ ख़ान की पर्सनैलिटी बहुत अच्छी है, वो बहुत अच्छे कारोबारी हैं, वो जानते हैं कि अपने आप को मार्केट कैसे करना हैं. बहुत से और अभिनेता हैं जो बहुत अच्छा अभिनय करते हैं, लेकिन वो उनके जितने कामयाब नहीं हैं."
इमेज स्रोत, Mahnoorbaloch.official/Instagram
सोशल मीडिया पर आलोचनाएं
हालांकि महनूर बलोच के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर शाहरुख खान के फैंस उनकी आलोचना करने लगे.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, एक यूजर ने लिखा है कि "प्लास्टिक का डब्बा महनूर एसआरके पर कमेंट करेगी."
एक अन्य यूजर ने लिखा है, "क्या बकवास कर रही हैं वो... शाहरुख खान एक बेहतरीन अदाकार और लीजेंड हैं."
एक अन्य फैन ने लिखा है कि महनूर शाहरुख ख़ान पर कमेंट करके लोकप्रियता हासिल करना चाहती हैं.
पेसमेकर ने इस गधे को दी नई ज़िंदगी
वीडियो कैप्शन, पेसमेकर ने इस गधे को दी नई ज़िंदगी
इंग्लैंड में एक गधे को डॉक्टरों ने दी नई ज़िंदगी. यह मामला है इंग्लैंड के नॉर्थ यॉर्कशायर का.
आख़िर गधे को क्या हुआ था और डॉक्टरों ने उन्हें कैसे दी नई ज़िंदगी बता रही हैं बीबीसी संवाददाता लिज़ी रोस.
अदानी समूह की कंपनी का 6000 किलो का लोहे का पुल चोरी, चार गिरफ़्तार
इमेज स्रोत, ANI
अदानी समूह की एक कंपनी द्वारा लगाए गए एक लोहे के पुल के चोरी हो जाने के मामले में मुंबई पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है.
लोहे के इस पुल का वजन 6000 किलो बताया जा रहा है. समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार मुंबई के मलाड (वेस्ट) में ये नाले के ऊपर ये पुल बना हुआ था.
बांगड़ नगर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि अदानी इलेक्ट्रिसिटी ने बड़े स्तर पर बिजली के तार ले जाने के लिए 90 फुट का ये पुल बनाया था.
कुछ महीने पहले जब उस नाले के ऊपर एक स्थाई ब्रिज बन गया तो उस अस्थाई ढांचे को कहीं और शिफ्ट कर दिया गया.
हालांकि 26 जून को ये बात सामने आई कि वो अस्थाई पुल अपनी जगह से गायब था जिसके बाद बिजली कंपनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि पुल को आखिरी बार 6 जून को देखा गया था.
घटनास्थल पर किसी सीसीटीवी कैमरे के न होने की वजह से पुलिस ने आस-पास के इलाकों के सर्विलेंस कैमरे खंगाले.
इस पड़ताल में पुलिस के सामने ये बात आई कि 11 जून को एक बड़ी गाड़ी पुल की दिशा में गई थी.
फिर पुलिस ने गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसका पता लगाया.
पुलिस अधिकारी का कहना है कि उस गाड़ी में गैस कटिंग मशीनें लगी थीं जिनका इस्तेमाल पुल को तोड़ने के लिए किया गया था.
पुलिस ने बताया है कि चोरी हुए लोहे के पुल को बरामद कर लिया गया है.
रूस के ख़िलाफ़ कैसी चल रही है यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई?
वीडियो कैप्शन, रूस के ख़िलाफ़ कैसी चल रही यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई?
यूक्रेन के जवाबी हमले का दूसरा महीना शुरू हो गया है.
इस अभियान में उसे रूस से कड़ी चुनौती मिल रही है.
कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि किसी बड़ी रणनीतिक कामयाबी के लिए यूक्रेन को और वक़्त लगेगा.
देखिए बीबीसी संवाददाता एंड्रयू हार्डिंग की रिपोर्ट.
मध्य प्रदेश पेशाब प्रकरण: पीड़ित ने कहा- 'वो हमारे गांव के पंडित हैं, उन्हें अब माफ़ कर दो'
इमेज स्रोत, SOCIAL MEDIA
मध्य प्रदेश के पेशाब कांड में अब पीड़ित दशमत ने कहा है कि वो चाहते हैं कि अभियुक्त प्रवेश शुक्ला को छोड़ दिया जाए.
शुक्रवार को स्थानीय पत्रकारों से बात करते हुए दशमत ने कहा कि वो अब आगे कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं.
पत्रकारों के सवालों के जवाब में दशमत ने कहा, "इससे आगे हम नहीं चाहते हैं, हमारी मांग यही है सरकार से कि जो गलती हो गई है वो हो गई है, अब प्रवेश शुक्ला को छोड़ दिया जाए. वो भी अपनी ग़लती महसूस कर लिए हैं. वो हमारे गांव के पंडित हैं, इसलिए हम ज़्यादा नहीं कह रहे हैं, हमारी मांग है कि अब सरकार उसको छोड़ दे."
इमेज स्रोत, ANI
दशमत ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता राशि भी दी है. उन्होंने कहा, "आर्थिक सहायता राशि भी मुख्यमंत्री ने दी है, सब हो गया है."
मध्य प्रदेश के सीधी ज़िले का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक खड़ा हुआ व्यक्ति एक अन्य बैठे हुए व्यक्ति पर पेशाब करता हुआ दिख रहा है.
वीडियो सामने आने और कथित रूप से पेशाब कर रहे व्यक्ति प्रवेश शुक्ला के सत्ताधारी बीजेपी से संबंध सामने आने के बाद इसे लेकर काफ़ी हंगामा हुआ.
विवाद बढ़ने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने अभियुक्त पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत कार्रवाई करने का दावा किया और अभियुक्त के घर के अवैध हिस्से को बुलडोज़र से तोड़ भी दिया.
इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना के पीड़ित बताये जा रहे दशमत रावत को मुख्यमंत्री आवास में आमंत्रित किया और उनके पैर धोकर घटना के लिए उनसे माफ़ी मांगी.
ये वीडियो कब का है, किन परिस्थितियों में रिकॉर्ड किया गया, इसे किसने रिकॉर्ड किया, ये अभी स्पष्ट नहीं हो सका है.
प्रीतम सिंह: वो कारोबारी जिनके चलते नेपाली पीएम प्रचंड विवादों में
मध्य प्रदेश से एक और अमानवीय वीडियो वायरल: मुसलमान युवक को पीटा, पैर चटवाए
इमेज स्रोत, Social Media
मध्य प्रदेश के ग्वालियर ज़िले से जुड़े एक वायरल वीडियो के संबंध में पुलिस ने मुक़दमा दर्ज कर दो अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया है.
ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल ने बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा को बताया, "पुलिस को शुक्रवार शाम वीडियो की जानकारी हुई जिसके बाद मुक़दमा दर्ज कर दो अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. कुल चार अभियुक्तों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज हुआ है जिसमें बाक़ी दो को गिरफ़्तार किया जाना बाक़ी है."
इस वीडियो में एक कार के भीतर कुछ युवक एक युवक को पीट रहे हैं और उससे अपने पैर दबवाने के अलावा उसे पैर चाटने के लिए मजबूर करते हैं और धार्मिक रूप से अभद्र गालियां देते हैं.
वीडियो की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा, "मोहसिन नाम के एक युवक के साथ मारपीट की गई है. उसे अमानवीय तरीक़े से प्रताड़ित किया जा रहा है. पुलिस ने वीडियो के आधार पर मुक़दमा दर्ज किया है. अभी पुलिस को इस संबंध में शिकायत नहीं मिली है."
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मई में मारपीट के एक मामले में मोहसीन और तीन अन्य युवाओं को गिरफ़्तार किया गया था. अब मोहसीन के साथ मारपीट किए जाने का वीडियो सामने आया है.
उन्होंने कहा, ये वीडियो कब और किन परिस्थितियों में रिकार्ड किया गया है, इसकी जांच की जा रही है.
यूक्रेन को अमेरिका वो बम देगा जिस पर 100 देश लगा चुके हैं बैन
प्यार के लिए पाकिस्तान से भारत आने वाली सीमा हैदर को मिली जमानत
पाकिस्तान से अपने चार बच्चों के साथ भारत आईं सीमा ग़ुलाम हैदर और उनके प्रेमी सचिन मीणा को अदालत से ज़मानत मिल गई हैं.
सीमा ग़ुलाम हैदर पबजी गेम पर सचिन मीणा से मिलीं थीं और उनसे मिलने के लिए दुबई और नेपाल के रास्ते अवैध तरीक़े से भारत आ गईं थीं.
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक किराये के कमरे में सचिन के साथ रह रहीं सीमा को पुलिस ने इसी सप्ताह गिरफ़्तार किया था. अब अदालत ने उन्हें ज़मानत दे दी है.
ग्रेटर नोएडा के रब्बूपुरा थाने के एसएचओ अध्यक्ष सुधीर कुमार ने बीबीसी संवाददाता अभिनव गोयल से बातचीत में बताया कि सीमा गुलाम हैदर और सचिन मीणा की ज़मानत हो गई है और दोनों अपने घर आ गए हैं.
उन्होंने कहा कि अगर वे घर को छोड़कर कहीं जाएंगे तो उन्हें कोर्ट को सूचित करना होगा.
सीमा हैदर और सचिन मीणा की प्रेम कहानी की भारतीय मीडिया में चर्चा हो रही है.
इसी बीच सऊदी अरब में रह रहे सीमा के पति ग़ुलाम हैदर ने बीबीसी से बात करते हुए कहा है कि वो अपनी पत्नी और बच्चों को वापस चाहते हैं.
पाकिस्तान के कराची में रहने वाली सीमा हैदर की की जान-पहचान सचिन मीणा से पबजी गेम के ज़रिए हुई थी. इसके बाद वो उनके साथ रहने के लिए पाकिस्तान से अपने चार बच्चों के साथ भारत आ गईं थीं.
इन देशों में आज ख़ालिस्तान समर्थकों की रैली, भारतीय मिशन भी तैयार
पश्चिम बंगालः बड़े पैमाने पर हिंसा के बीच मतदान जारी, पांच की मौत
....में
Author, प्रभाकर मणि तिवारी
पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, Sanjay Das
पश्चिम बंगाल में शनिवार को पंचायत चुनाव के दौरान राज्य के विभिन्न इलाकों में हुई बड़े पैमाने पर हिंसा में अब तक कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है.
इसके अलावा शुक्रवार को हुई हिंसक झड़पों में घायल दो लोगों ने शनिवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया.
राज्य के विभिन्न इलाकों में सुबह से हुई हिंसा में दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. पुलिस के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है. हालांकि गैर-सरकारी सूत्रों ने मृतकों की तादाद नौ होने का दावा किया है.
चुनाव आयोग के मुताबिक, पहले दो घंटे के दौरान महज 10.26 प्रतिशत मतदान हुआ. इस बीच, राज्यपाल सी.वी.आनंद बोस उत्तर 24-परगना और नदिया ज़िलों के संवेदनशील इलाक़ों का दौरा कर रहे हैं.
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने अपने एक ट्वीट में इस हिंसा का ज़िक्र करते हुए केंद्रीय बलों की कार्यकुशलता पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आख़िर केंद्रीय बलों की तैनाती के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर हिंसा क्यों हो रही है? दूसरी ओर, भाजपा ने इस चुनाव को एक नाटक करार दिया है.
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के विभिन्न इलाक़ों से बड़े पैमाने पर हिंसा, आगजनी और मतदान केंद्रों पर क़ब्जे की शिकायतें मिल रही हैं. इलाके में तैनात राज्य पुलिस और केंद्रीय बल के जवान परिस्थिति पर काबू पाने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं.
पुलिस ने बताया कि मुर्शिदाबाद में हिंसक झड़पों में तृणमूल कांग्रेस के दो समर्थकों की मौत हो गई जबकि कूच बिहार में भाजपा उम्मीदवार के पोलिंग एजेंट की गोली मार कर हत्या कर दी गई.
पूर्व बर्दवान ज़िले में कल तृणमूल कांग्रेस के साथ हिंसक झड़प में घायल सीपीएम के समर्थक ने शनिवार को कोलकाता के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया. मालदा और नदिया और उत्तर 24-परगना ज़िले में भी एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
सोशल मीडिया और स्थानीय टीवी चैनलों पर विभिन्न इलाक़ों से हिंसा की तमाम तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं. कुछ जगह मतदान केंद्रों में तोड़-फोड़ और आगजनी की गई तो कई जगह बैलेट बॉक्स में पानी डाल दिया गया.
मतदाताओं पर हमले और बैलट बॉक्स लूटने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. सीपीएम के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम ने अपने एक ट्वीट में खेत में पड़े बैलेट बॉक्स का वीडियो शेयर करते हुए दावा किया है कि यह हालत कोलकाता से सटे डायमंड हार्बर की है. हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है.
राज्य में केंद्रीय बलों की छह सौ कंपनियां तैनात हैं. कई संवेदनशील मतदान केंद्रों पर केंद्रीय बल के जवानों की तैनाती नहीं हो सकी है. हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य चुनाव आयोग ने केंद्र से 822 कंपनियां मांगी थीं. लेकिन आख़िर तक छह सौ कंपनियां ही राज्य में पहुंच सकी हैं.
पुलिस ने बताया कि शुरू से ही हिंसा के लिए सुर्खियों में रहे दक्षिण 24-परगना ज़िले के भांगड़ में शनिवार को गोलीबारी में डियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के दो समर्थक घायल हो गए.
तृणमूल कांग्रेस ने इस हिंसा के लिए भाजपा, कांग्रेस और सीपीएम की मिलीभगत को ज़िम्मेदार ठहराया है.
राज्य सरकार में मंत्री शशि पांजा ने आरोप लगाया कि तीनों पार्टियां मिल कर हमारी पार्टी के लोगों पर हमले कर रही है. इसलिए मरने वालों में तृणमूल समर्थकों और कार्यकर्ताओं की तादाद ही ज्यादा है.
दूसरी ओर, भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग में मिलीभगत का आरोप लगाते हुए इस चुनाव को नाटक करार दिया है.
मणिपुर में फिर हिंसा, पुलिस कमांडो और छात्र समेत चार की मौत
....में
Author, दिलीप कुमार शर्मा
पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, Dilip Kumar Sharma
मणिपुर के मैतेई बहुल बिष्णुपुर और कुकी जनजाति बहुल चुराचांदपुर ज़िलों में लगातार जारी हिंसा में आए दिन लोगों की जान जा रही है.
इस दौरान शुक्रवार को लगातार हुई गोलीबारी की घटना में मणिपुर पुलिस के एक कमांडो और एक स्कूली छात्र समेत कम से कम चार लोगों की मौत हो गई.
विष्णुपुर ज़िले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इलाक़े में पिछले कई दिनों से संदिग्ध चरमपंथी लगातार गोलीबारी कर रहे हैं. इस अशांत ज़िले के कई जगहों पर शुक्रवार को भी दिनभर गोलीबारी जारी रही.
इस गोलीबारी में पुलिस कमांडो पुखरामबाम रणबीर को गोली लग गई जिनकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई. जबकि चुराचांदपुर ज़िले के कांगवई में हुई एक गोलीबारी की घटना में दो लोगों की मौत हो गई और तीन लोग घायल हुए है.
मणिपुर में 3 मई से शुरू हुई हिंसा के बाद से कांगवई इलाक़ा एक संवेदनशील क्षेत्र रहा है.
राजधानी इंफाल से महज़ 30 किलोमीटर दूर बिष्णुपुर ज़िले के फौगाकचाओ इखाई पुलिस स्टेशन के क्वाक्टा में शुक्रवार को संदिग्ध चरमपंथियों द्वारा किए गए हमले में एक स्कूली छात्र की मौत हो गई.
17 साल के छात्र मायांगलमबम रिकी ने इस साल बारहवीं कक्षा पास की थी. इस घटना के बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने हाथों में प्ले कार्ड लिए मोइरांग मल्टीपर्पज हायर सेकेंडरी स्कूल के सामने विरोध प्रदर्शन किया. इन लोगों की तख्तियों पर लिखा था, "छात्रों को मारना बंद करो, हम शांति चाहते हैं."
मणिपुर पुलिस का दावा है कि पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, चुराचांदपुर, बिष्णुपुर और काकचिंग ज़िलों में 18 बंकरों को नष्ट कर दिया है. जबकि पिछले 24 घंटों में सुरक्षाबलों ने इंफाल पूर्व ज़िले से पांच हथियार, 74 गोला-बारूद, पांच एचई हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए हैं.
मणिपुर में इस जातीय हिंसा को भड़के दो महीने से ज्यादा समय बीत चुका है और इस हिंसा में अब तक 140 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. जबकि तीन हजार से से अधिक लोग घायल हुए है.
आदिपुरुष विवादः मनोज मुंतशिर ने कहा- बिना शर्त माफ़ी मांगता हूं
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, वाराणासी में फ़िल्म का विरोध करते लोग (फ़ाइल तस्वीर)
फ़िल्म आदिपुरुष के डायलॉग लेखक मनोज मुंतशिर ने माफ़ी मांग ली है.
शनिवार सुबह किए एक ट्वीट में मनोज मुंतशिर ने कहा है, “मैं बिना शर्त क्षमा मांगता हूं.”
मनोज मुंतशिर ने कहा, “मैं स्वीकार करता हूँ कि फ़िल्म आदिपुरुष से जन भावनायें आहत हुईं हैं. अपने सभी भाइयों-बहनों, बड़ों, पूज्य साधु-संतों और श्री राम के भक्तों से, मैं हाथ जोड़ कर, बिना शर्त क्षमा माँगता हूँ. भगवान बजरंग बली हम सब पर कृपा करें, हमें एक और अटूट रहकर अपने पवित्र सनातन और महान देश की सेवा करने की शक्ति दें!”
फ़िल्म आदिपुरुष के डायलॉग पर हुए विवाद के बाद मनोज मुंतशिर अपने लेखन का बचाव करते रहे थे.
इस फ़िल्म पर प्रतिबंध को लेकर हिंदू सेना नाम के संगठन ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की है जिस पर सुनवाई हो रही है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
फ़िल्म के कई डायलॉग को लेकर विवाद हुआ था और इसकी काफ़ी आलोचना भी हुई थी.
हिंदू संगठनों ने फ़िल्म के ख़िलाफ़ कई शहरों में प्रदर्शन भी किए थे.
बड़े बजट की इस फ़िल्म ने पहले तीन दिनों में बॉक्स ऑफ़िस पर तीन सौ करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी लेकिन उसके बाद ये फ़िल्म धड़ाम हो गई.
इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज ने भी फ़िल्म को लेकर सख़्त टिप्पणी की थी. नेपाल में भी इस फ़िल्म को प्रतिबंधित किया गया है.
राहुल गांधी अचानक किसानों के बीच पहुंचे, धान रोपा
इमेज स्रोत, @srinivasiyc
कांग्रेस नेता राहुल गांधी हरियाणा के सोनीपत पहुंचे हैं और किसानों के साथ धान की रोपाई करते हुए नज़र आए हैं.
यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने राहुल गांधी के ट्रैक्टर चलाते हुए और धान रोपते हुए तस्वीरें साझा की हैं.
राहुल गांधी हाल ही में दिल्ली के करोल बाग में बाइक मैकेनिक के साथ भी नज़र आए थे.
इससे पहले वो ट्रक चालकों, गिग इकोनॉमी में काम करने वाले राइडरों और अलग-अलग पेशे के लोगों के बीच नज़र आ चुके हैं.
राहुल गांधी की तस्वीरें साझा करते हुए श्रीनिवास बीवी ने लिखा है, “हरियाणा के सोनीपत में जब किसानों के मन की बात जानने अचानक उनके खेत मे पहुंचे राहुल गांधी जी..”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
प्रवासी मुद्दे पर गिर गई नीदरलैंड्स की सरकार, प्रधानमंत्री ने इस्तीफ़ा दिया
इमेज स्रोत, EPA
नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री मार्क रूटे ने अपनी कैबिनेट के साथ इस्तीफ़ा दे दिया है.
तीन दिन तक चली लंबी वार्ता के बाद सरकार के चार गठबंधन सहयोगी दल प्रवासियों की संख्या रोकने के लिए उठाये जाने वाले क़दमों पर सहमत नहीं हो सके.
प्रधानमंत्री मार्क रूटे ने बताया है कि प्रवासी नीति को लेकर सहमति न बन पाने के कारण नीदरलैंड्स की सरकार गिर गई है.
उन्होंने कहा कि अगले चुनाव होने तक गठबंधन कार्यवाहक सरकार चलाता रहेगा.
मार्क रूटे के नेतृत्व में डेढ़ साल पहले सरकार का गठन किया गया था. लेकिन गठबंधन की सहयोगी पार्टियों में प्रवासी नीतियों को लेकर विरोध था.
स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक नीदरलैंड्स में इस साल नवंबर में चुनाव हो सकते हैं.
मार्क रूटे की वीवीडी पार्टी नीदरलैंड्स में पनाह लेने वालों की संख्या को सीमित करना चाहती है. हालांकि गठबंधन की अन्य पार्टियों ने उनकी योजनाओं का विरोध किया.
नीदरलैंड्स में पिछले साल 47 हज़ार लोगों ने प्रवास के लिए आवेदन दिया था. सरकार का अनुमान है कि इस साल 70 हज़ार तक आवेदन आ सकते हैं.
केंद्रीय बलों की निगरानी में शुरू हुआ पश्चिम बंगाल में मतदान
....में
Author, प्रभाकर मणि तिवारी
पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, PM Tewari/BBC
करीब एक महीने तक चली हिंसा, राज्यपाल और चुनाव आयोग के बीच टकराव, आरोप-प्रत्यारोप के दौर और रिकार्ड संख्या में अदालती मामलों के बाद पश्चिम बंगाल में शनिवार को पंचायत चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं.
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले आखिरी चुनाव होने के कारण तमाम राजनीतिक दलों के लिए इसकी अहमियत काफी बढ़ गई है.
राज्य में ग्रामीण इलाक़ों में मज़बूत पकड़ को सत्ता तक पहुंचने का पैमाना माना जाता है. चुनाव अभियान के दौरान होने वाली राजनीतिक हिंसा में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है. वोटों की गिनती 11 जुलाई को की जाएगी.
पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के तहत राज्य में 3,317 ग्राम पंचायतें हैं. ग्राम पंचायतों की 63,229, पंचायत समितियों की 9,730 सीटों और 22 जिला परिषदों की 928 सीटों यानी कुल 73,887 सीटों के लिए मतदान होना है.
इनमें से 9,013 सीटों पर मैदान में उतरे उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं. इससे पहले वर्ष 2018 में कुल सीटों की तादाद 58,692 थी. उसमें से तृणमूल कांग्रेस ने 20,078 यानी 34.2 प्रतिशत सीटें निर्विरोध जीत ली थी.
पंचायत चुनाव में होने वाली हिंसा, इसे कई चरणों में कराने और समुचित तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में इतने मामले दायर थे कि एक बार तो इस चुनाव पर ही सवाल खड़ा हो गया था.
विपक्षी दलों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने वर्ष 2013 के पंचायत चुनाव की तर्ज़ पर इस बार भी भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती करने का निर्देश दिया था.
राज्य चुनाव आयोग ने केंद्र से कुल 822 कंपनियां मांगी थीं. लेकिन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार रात तक करीब छह सौ कंपनियां ही राज्य में पहुंच सकी हैं.
यह चुनाव ग्रामीण इलाक़ों में वर्चस्व की लड़ाई है. चुनाव चाहे पंचायत का हो या फिर विधानसभा और लोकसभा का, ग्रामीण इलाक़ों के मतदाता ही निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं.
ऐसे में जिस पार्टी का पंचायतों पर क़ब्जा हो, उसे बाक़ी दोनों चुनावों में काफी मदद मिल जाती है. ऐसे में जहां जिसकी लाठी उसकी भैंस की तर्ज पर पंचायतों पर काबू पाने के लिए तमाम राजनीतिक पार्टियां अपनी पूरी ताक़त झोंक देती हैं.
राज्य चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा ने कहा है, "मुक्त और निष्पक्ष मतदान के लिए तमाम उपाय किए गए हैं. केंद्रीय बल के जवानों के साथ राज्य पुलिस के जवानों को भी मतदान केंद्रों और उसके आस-पास के इलाकों में तैनात कर दिया गया है."
नमस्कार! बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज से जुड़ने के लिए आपका शुक्रिया. हम यहाँ आपको दिन भर की सभी बड़ी ख़बरें और लाइव अपडेट्स देते रहेंगे. यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है. 07 जुलाई के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.