पश्चिम बंगाल में शनिवार को पंचायत चुनाव के दौरान राज्य के विभिन्न इलाकों में हुई बड़े पैमाने पर हिंसा में अब तक कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है.
इसके अलावा शुक्रवार को हुई हिंसक झड़पों में घायल दो लोगों ने शनिवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया.
राज्य के विभिन्न इलाकों में सुबह से हुई हिंसा में दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. पुलिस के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है. हालांकि गैर-सरकारी सूत्रों ने मृतकों की तादाद नौ होने का दावा किया है.
चुनाव आयोग के मुताबिक, पहले दो घंटे के दौरान महज 10.26 प्रतिशत मतदान हुआ. इस बीच, राज्यपाल सी.वी.आनंद बोस उत्तर 24-परगना और नदिया ज़िलों के संवेदनशील इलाक़ों का दौरा कर रहे हैं.
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने अपने एक ट्वीट में इस हिंसा का ज़िक्र करते हुए केंद्रीय बलों की कार्यकुशलता पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आख़िर केंद्रीय बलों की तैनाती के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर हिंसा क्यों हो रही है? दूसरी ओर, भाजपा ने इस चुनाव को एक नाटक करार दिया है.
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के विभिन्न इलाक़ों से बड़े पैमाने पर हिंसा, आगजनी और मतदान केंद्रों पर क़ब्जे की शिकायतें मिल रही हैं. इलाके में तैनात राज्य पुलिस और केंद्रीय बल के जवान परिस्थिति पर काबू पाने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं.
पुलिस ने बताया कि मुर्शिदाबाद में हिंसक झड़पों में तृणमूल कांग्रेस के दो समर्थकों की मौत हो गई जबकि कूच बिहार में भाजपा उम्मीदवार के पोलिंग एजेंट की गोली मार कर हत्या कर दी गई.
पूर्व बर्दवान ज़िले में कल तृणमूल कांग्रेस के साथ हिंसक झड़प में घायल सीपीएम के समर्थक ने शनिवार को कोलकाता के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया. मालदा और नदिया और उत्तर 24-परगना ज़िले में भी एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
सोशल मीडिया और स्थानीय टीवी चैनलों पर विभिन्न इलाक़ों से हिंसा की तमाम तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं. कुछ जगह मतदान केंद्रों में तोड़-फोड़ और आगजनी की गई तो कई जगह बैलेट बॉक्स में पानी डाल दिया गया.
मतदाताओं पर हमले और बैलट बॉक्स लूटने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. सीपीएम के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम ने अपने एक ट्वीट में खेत में पड़े बैलेट बॉक्स का वीडियो शेयर करते हुए दावा किया है कि यह हालत कोलकाता से सटे डायमंड हार्बर की है. हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है.
राज्य में केंद्रीय बलों की छह सौ कंपनियां तैनात हैं. कई संवेदनशील मतदान केंद्रों पर केंद्रीय बल के जवानों की तैनाती नहीं हो सकी है. हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य चुनाव आयोग ने केंद्र से 822 कंपनियां मांगी थीं. लेकिन आख़िर तक छह सौ कंपनियां ही राज्य में पहुंच सकी हैं.
पुलिस ने बताया कि शुरू से ही हिंसा के लिए सुर्खियों में रहे दक्षिण 24-परगना ज़िले के भांगड़ में शनिवार को गोलीबारी में डियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के दो समर्थक घायल हो गए.
तृणमूल कांग्रेस ने इस हिंसा के लिए भाजपा, कांग्रेस और सीपीएम की मिलीभगत को ज़िम्मेदार ठहराया है.
राज्य सरकार में मंत्री शशि पांजा ने आरोप लगाया कि तीनों पार्टियां मिल कर हमारी पार्टी के लोगों पर हमले कर रही है. इसलिए मरने वालों में तृणमूल समर्थकों और कार्यकर्ताओं की तादाद ही ज्यादा है.
दूसरी ओर, भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग में मिलीभगत का आरोप लगाते हुए इस चुनाव को नाटक करार दिया है.