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बागपत: संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत, पुलिस पर पीट-पीटकर हत्या का आरोप, क्या बोले एसपी

बागपत पुलिस ने बताया है कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मौक़े पर शांति व्यवस्था बनी हुई है.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and अंशुल सिंह

  1. अजीत पवार के डिप्टी सीएम बनने पर एनसीपी बोली- इसे हमारा आधिकारिक समर्थन नहीं

    नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता महेश भारत तपासे ने स्पष्ट किया है कि अजीत पवार के शपथ ग्रहण को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) पार्टी का कोई आधिकारिक समर्थन नहीं है.

    उन्होंने कहा, "राष्ट्रवादी कांग्रेस के पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, तालुका अध्यक्ष, महिला पदाधिकारी सभी शरद पवार के साथ हैं."

    उन्होंने कहा कि "शपथ ग्रहण समारोह दरअसल ऑपरेशन लोटस का हिस्सा था. इस शपथ ग्रहण समारोह को एनसीपी का कोई आधिकारिक समर्थन नहीं है. यह शपथ लेने वालों का निजी फैसला है. ये फैसला एनसीपी का नहीं है."

  2. अजीत पवार के डिप्टी सीएम बनने के बाद शरद पवार संजय राउत से क्या बोले

    महाराष्ट्र के सियासी घटनाक्रम पर शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है.

    राउत ने शरद पवार से बातचीत का दावा करते हुए ट्वीट किया, "कुछ लोगों ने महाराष्ट्र की राजनीति को साफ़ करने का बीड़ा उठाया है. उन्हें अपने तरीके से चलने दो. मेरी अभी शरद पवार जी से बात हुई."

    उन्होंने कहा, "मैं मजबूत हूं. हमें लोगों का समर्थन प्राप्त है. हम उद्धव ठाकरे के साथ फिर से सब कुछ सही करेंगे. जी हां, लोग इस गेम को ज्यादा दिनों तक बर्दाश्त नहीं करेंगे."

    महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लीडर अजीत पवार ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है.

    आज राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में अजीत पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. अजीत पवार के साथ एनसीपी के कुल 9 मंत्रियों ने भी शपथ ली.

    इनमें छगन भुजबल, दिलीप वलसे-पाटिल, हसन मुश्रीफ, धनंजय मुंडे, धर्मरावबाबा अत्राम, अदिति तटकरे, संजय बनसोडे, अनिल पाटिल शामिल हैं.

  3. COVER STORY: गुजरात में बढ़ता रेगिस्तान, बंजर हो रही है धरती

    गुजरात के पश्चिमी हिस्से में किसी ज़माने में उपजाऊ रही ज़मीन. अब बंजर होती जा रही है.

    जानकार इसके लिए इंसानी गतिविधियों और प्राकृतिक वजहों को ज़िम्मेदार मानते हैं. जिसका ख़ामियाज़ा वहां रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है.

    बीबीसी संवाददाता पार्थ पंड्या ने पश्चिमी गुजरात के कुछ ऐसे ही गांवों का जायज़ा लिया और वहां के लोगों की मुश्किलों को समझने की कोशिश की.

  4. ब्रेकिंग न्यूज़, महाराष्ट्र में बड़ा सियासी उलटफेर, अजीत पवार ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ

    महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लीडर अजीत पवार ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है.

    आज राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में अजीत पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. अजीत पवार के साथ एनसीपी के कुल 9 मंत्रियों ने भी शपथ ली.

    इनमें छगन भुजबल, दिलीप वलसे-पाटिल, हसन मुश्रीफ, धनंजय मुंडे, धर्मरावबाबा अत्राम, अदिति तटकरे, संजय बनसोडे, अनिल पाटिल शामिल हैं.

    आज सुबह एनसीपी नेता अजीत पवार अपने आवास पर बैठक कर रहे थे. लेकिन उन्होंने साफ किया था कि शरद पवार को इस मुलाकात का अंदाजा नहीं था.

    इसके बाद खबर सामने आई कि अजीत पवार राजभवन के लिए रवाना हो गए हैं.

    आखिरकार आज अजीत पवार ही नहीं बल्कि एनसीपी के 9 मंत्री भी शपथ लेंगे ये साफ हो गया था.

    शरद पवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस

    अजीत पवार के राजभवन रवाना होने की खबर आने से पहले एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ''मुझे मुंबई में बैठक के बारे में कोई जानकारी नहीं है. विपक्षी दल के नेता के रूप में, उन्हें विधायकों की बैठक बुलाने का अधिकार है. सुप्रिया सुले मुंबई से पुणे के लिए रवाना हो गई हैं.''

    उन्होंने कहा, ''मैंने क्षेत्रीय अध्यक्ष और संगठन में बदलाव को लेकर 6 जुलाई को बैठक बुलाई है. मैंने पार्टी के प्रमुख लोगों को आमंत्रित किया है.''

    ''मैं अकेले ही फैसले लेता हूं. सभी को विश्वास में लेकर निर्णय लिया जाएगा. हम साथ बैठ कर कोई रास्ता निकाल सकते हैं. मैं अकेले प्रदेश अध्यक्ष का फैसला नहीं ले सकता.''

    इससे पहले अजित पवार ने कहा था कि उन्हें विपक्ष के नेता पद में कोई दिलचस्पी नहीं है. कार्यकर्ताओं की जिद के कारण वह विपक्ष के नेता बने.

  5. रूस: प्रिगोज़िन की बग़ावत के बाद इस रूसी जनरल की चर्चा क्यों?

    येवगेनी प्रिगोज़िन और वागनर ग्रुप के विद्रोह के बाद रूस के राष्ट्रपति पुतिन कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिख रहे हैं. उनकी कोशिश ये दिखाने की है कि सत्ता पर उनका नियंत्रण है.

    वहीं रूसी जनरल सर्गेई सुरोविकिन प्रिगोज़िन के समर्थक माने जाते थे. पिछले शनिवार को शुरू हुए विद्रोह के बाद से उन्हें नहीं देखा गया है.

    देखिए बीबीसी रूसी सेवा के एडिटर स्टीव रोज़नबर्ग की रिपोर्ट.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, महाराष्ट्र में हो सकता है बड़ा राजनीतिक उलटफेर, अजीत पवार पहुंचे राजभवन

    महाराष्ट्र में अचानक बदले राजनीतिक घटनाक्रम में विपक्ष के नेता और शरद पवार के भतीजे अजीत पवार राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे हैं.

    दिलचस्प तथ्य ये है कि इस बार मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस भी राजभवन पहुंचे हैं.

    ऐसे में राज्य में कोई बड़ी राजनीतिक गतिविधि होने का अनुमान लगाया जा रहा है.

    इससे पहले एनसीपी नेता अजीत पवार आज सुबह अपने आवास पर बैठक कर रहे थे. लेकिन उन्होंने साफ किया है कि शरद पवार को इस मुलाकात का अंदाजा नहीं था.

    शरद पवार की प्रेस काॅन्फ्रेन्स

    अजीत पवार के राजभवन रवाना होने से पहले एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.

    इस दौरान उन्होंने कहा, ‘‘मुझे मुंबई में बैठक के बारे में कोई जानकारी नहीं है. विपक्षी दल के नेता के रूप में उन्हें विधायकों की बैठक बुलाने का अधिकार है. सुप्रिया सुले मुंबई से पुणे के लिए रवाना हो गई हैं.’’

    ‘‘मैंने क्षेत्रीय अध्यक्ष और संगठन में बदलाव को लेकर 6 जुलाई को बैठक बुलाई है. मैंने पार्टी के प्रमुख लोगों को आमंत्रित किया है.’’

    वहीं अजीत पवार ने कहा कि उन्हें विपक्ष के नेता पद में कोई दिलचस्पी नहीं है. कार्यकर्ताओं की जिद के कारण वे विपक्ष के नेता बने.

  7. तमिलनाडु: दस हज़ार से ज़्यादा बच्चों की डिलिवरी कराने वाली नर्स

  8. यूक्रेन युद्ध के बाद रूस से गैस खरीद जारी रखने के शेल के फ़ैसले पर विवाद, बेन किंग, बिजनेस रिपोर्टर, बीबीसी न्यूज़

    तेल और गैस के कारोबार में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक 'शेल' अभी भी रूसी गैस का कारोबार कर रही है.

    हालांकि साल भर पहले शेल ने ये एलान किया था कि वो रूस के एनर्जी मार्केट से अपना कारोबार समेट रही है.

    कैम्पेन ग्रुप 'ग्लोबल विटनेस' के विश्लेषण में ये बात सामने आई है कि साल 2022 में रूस से जहाजों के जरिए जितना गैस निर्यात किया गया, उसका आठवां हिस्सा शेल के पास गया.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेंस्की के एडवाइजर ओलेक उस्तेंको ने शेल पर आरोप लगाया है कि कंपनी 'ब्लड मनी' ले रही है.

    शेल का कहना है कि 'लंबे समय तक के लिए की गई व्यापारिक प्रतिबद्धताओं' के चलते उसे रूसी गैस का कारोबार जारी रखना पड़ा है और उसने किसी क़ानून या प्रतिबंध का उल्लंघन नहीं किया है.

    नौ मई को रूस के उत्तरी छोर पर यमाल प्रायद्वीप के साबेट्टा बंदरगाह से एक विशाल जहाज रवाना हुआ जिसमें 160,000 क्यूबिक मीटर लिक्विफाइड नैचुरल गैस (एलएनजी) लदा हुआ था.

    इस गैस की खरीदार कंपनी शेल थी. यमाल बंदरगाह से ये जहाज हांगकांग के लिए रवाना हुआ था.

    कैम्पेन ग्रुप 'ग्लोबल विटनेस' का कहना है कि यमाल पोर्ट से इस साल रवाना होने वाले एलएनजी लदे जहाजों में आठ कार्गो शिप्स शेल के लिए थे जिसमें नौ मई वाला जहाज भी एक था.

    पिछले साल रूस के समुद्री जहाजों के जरिए होने वाले एलएनजी ट्रेड में शेल की हिस्सेदारी 12 फीसदी की रही है और वो रूस के पांच बड़े व्यापारिक साझीदारों में से एक है.

    यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद के हफ़्तों में पिछले साल मार्च के महीने में शेल ने रूसी तेल खरीदने के लिए माफी मांगी थी और कहा था कि वो रूसी तेल और गैस के काराबोर से अपन कदम वापस खींच रहा है.

    उसने कहा था कि वो रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा और रूस में अपने सर्विस स्टेशन और अन्य बिजनेस को बेच देगा. हालांकि कंपनी ने ये भी कहा था कि ऐसा करना एक जटिल चुनौती है.

    उसके बाद से शेल के लिए रूस के दो बंदरगाहों यमाल और साखलिन से एलएनजी लदे कार्गो शिप्स रवाना होते रहे.

    साखलिन गैस प्रोजेक्ट में शेल की माइनरिटी हिस्सेदारी हुआ करती थी लेकिन पिछले साल सितंबर में जब रूसी सरकार ने अपने शेयर स्थानीय कंपनियों को ट्रांसफर कर दिए तो शेल इससे अलग हो गया था.

    शेल का दावा है कि उसके बाद से कंपनी ने साखलिन गैस प्रोजेक्ट से कोई गैस नहीं ली है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी एलएनजी कंपनी नोवाटेक के साथ उसका अनुबंध अभी भी जारी है और वो साल 2030 तक हरेक साल नौ लाख टन गैस खरीदने के लिए बाध्य है.

    नोवाटेक रूस की दूसरी सबसे बड़ी गैस कंपनी है और कंपनी जो टैक्स देती है, उसका रूस की सरकार के बजट में एक बड़ा योगदान रहता है.

    व्लादिमीर ज़ेलेंस्की के एडवाइजर ओलेक उस्तेंको का कहना है कि "ये बहुत साफ़ है कि रूसी गैस का कारोबार जारी रखकर शेल पुतिन की जेब में पैसे पहुंचा रही है और यूक्रेन पर रूस के बर्बर हमले में यूक्रेनी लोगों के ख़िलाफ़ उसकी मदद कर रही है."

    उन्होंने ये भी कहा, "शेल और पूरे तेल उद्योग ने रूस में जो पैसा कमाया है, उसका इस्तेमाल उनके शेयर होल्डर्स को कमाई कराने के बजाय यूक्रेन के पुनर्निमाण में होना चाहिए."

    शेल के एक प्रवक्ता ने कंपनी का पक्ष रखते हुए कहा, "शेल ने रूसी एलएनजी की खरीद स्पॉट मार्केट में बंद कर दी है लेकिन उसे कुछ दीर्घकालीन व्यापारिक प्रतिबद्धताओं को पूरा करना है. ये पूरी तरह से प्रतिबंधों और जिन देशों में हम कारोबार करते हैं, वहां लागू कानूनों के दायरे में है."

  9. मुंबई की इकलौती अंडरग्राउंड मेट्रो, कब तक हो जाएगी तैयार?

    देश की वित्तीय राजधानी की आबादी लगातार बढ़ रही है. मुंबई देश के सबसे ज़्यादा घनी आबादी वाले शहरों में से एक है. रहने और ट्रेवल के लिए ये जगह बहुत महंगी है.

    बढ़ती आबादी के लिए मुंबई बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है. मेट्रो और रोड नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है. मुंबई के लोगों को पहली अंडरग्राउंड मेट्रो भी मिलने वाली है.

    बीबीसी की टीम को इसके अंडरग्राउंड कंस्ट्रक्शन वर्क को फिल्माने का एक्सक्लूसिव मौक़ा मिला.

  10. मायावती ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया पर बीजेपी को लिया आड़े हाथ

    बसपा प्रमुख मायावती ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का विरोध न करते हुए भी केंद्र की सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार की आलोचना की है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, रविवार को लखनऊ में आयोजित एक प्रेस काॅन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी यूसीसी लागू करने के ख़िलाफ़ नहीं है, बल्कि भाजपा और इनकी सरकार द्वारा इसे देश में लागू करने के तरीके से सहमत नहीं है."

    मायावती ने कहा, "संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता बनाने का लक्ष्य तो रखा गया है, लेकिन इसे थोपने के लिए नहीं कहा गया है. इसलिए इन सभी बातों को ध्यान में रखकर ही भाजपा को देश में यूसीसी लागू करने के लिए कोई क़दम उठाना चाहिए."

    उनके अनुसार, "यूसीसी लागू करने से देश मजबूत होगा और इससे भारत के लोग एकजुट होंगे. इससे लोगों में भाईचारे का भाव बढ़ेगा. लेकिन इसे जबरदस्ती लागू करना सही नहीं है. इसका राजनीतिकरण करने से समस्याएं पैदा होंगी. सरकार को अभी महंगाई, बेरोज़गारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर फ़ोकस करना चाहिए."

  11. फ्रांस आख़िर क्यों जल रहा है?

    फ्रांस के अलग-अलग शहरों में बीते कुछ दिनों से भीषण हिंसा भड़की है. यहां प्रदर्शनकारियों ने आगजनी और आतिशबाज़ी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया है.

    उन्होंने कई कारों और सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया. दरअसल बीते मंगलवार को फ्रांस में पुलिस ने एक 17 साल के युवक को ट्रैफिक चेक के लिए न रुकने पर गोली मार दी थी.

    फ्रांस की मीडिया के मुताबिक़, पुलिस ने पहले ये कहा कि युवक चोट पहुंचाने के इरादे से पुलिसकर्मियों की ओर गाड़ी ला रहा था. हालांकि इस हादसे की फुटेज भी सामने आई है.

    जिसमें एक पुलिस अधिकारी को गाड़ी की खिड़की से युवक पर पिस्तौल तानते और फिर नज़दीक से गोली मारते देखा गया है.

  12. मुथु राजा: 29 साल का हाथी जो अब श्रीलंका से थाईलैंड वापस लौट आ रहा है, लेकिन क्यों

    श्रीलंका ने उस हाथी को घर वापस भेज दिया है जो दो दशक पहले उसे थाईलैंड के शाही परिवार से तोहफे में मिला था.

    थाईलैंड में 'साक सुरीन' के नाम से मशहूर 'मुथु राजा' अब 29 साल का है.

    इस हाथी के साथ होने वाले कथित बुरे बर्ताव को लेकर थाईलैंड ने शिकायत की थी जिसके बाद श्रीलंका की सरकार ने उसे वापस भेजने का फ़ैसला किया.

    थाईलैंड का कहना था कि दक्षिणी श्रीलंका के एक बौद्ध मंदिर रह रहे मुथु राजा को यंत्रणा दी जा रही है, इसलिए उसे ये हाथी वापस लौटा दिया जाए.

    चार टन के मुथु राज को कोलंबो एयरपोर्ट लाया गया जहां से उसे एक चार्टर्ड कार्गो प्लेन के जरिए ले जाया गया.

    उसके साथ हाथी के केयरटेकर और पशु चिकित्सक भी थे.

    मुथु राजा की घर वापसी में 7 लाख डॉलर के खर्च होने का अनुमान है जिसका वहन थाईलैंड की सरकार करेगी.

    वहीं इसके मेडिकल केयर और खाने-पीने के खर्च का इंतजाम श्रीलंका पर रहेगा.

    श्रीलंका में पशु अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि जिन लोगों ने मुथु राज के साथ बुरा बर्ताव किया, उनके ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जाए.

  13. कुरान जलाने पर प्रदर्शन, अब क्या बोले स्वीडन के पीएम

    स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम की सेंट्रल मस्जिद के बाहर 28 जून को एक व्यक्ति ने क़ुरान की एक प्रति को फाड़ा और जला दिया. इस घटना पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन दिख रहा है.

    इस बीच इराक की सरकार ने स्वीडन से क़ुरान फाड़ने वाले को सौंपने की बात कही है.

    इराक की सरकार का कहना है कि अभियुक्त इराक का नागरिक है इसलिए इराकी क़ानून के हिसाब से उस पर केस चलना चाहिए.

    इराक में स्वीडिश दूतावास पर भी सुरक्षा बढ़ गई है. अब स्वीडन के प्रधानमंत्री ने विरोध प्रदर्शनों पर अपनी बात रखी है.

  14. मणिपुर में जारी हिंसा के बीच भारत के रक्षा सचिव का म्यांमार दौरा कितना अहम

    मणिपुर में पिछले दो महीने से जारी हिंसा के बीच भारत के रक्षा सचिव गिरिधर अरमने ने म्यांमार का दौरा किया है.

    भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय के अनुसार, रक्षा सचिव शुक्रवार और शनिवार को म्यांमार के दौरे पर थे. वहां उन्होंने म्यांमार के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा की है.

    दोनों देशों के बीच सीमावर्ती इलाकों में शांति बनाए रखने, सीमा पार होने वाली अवैध आवाजाही, हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई है.

    दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ किसी भी शत्रुतापूर्ण गतिविधियों में शामिल न होने की अपनी पुरानी प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराई है.

    रक्षा सचिव ने अपने इस दौरे के दौरान म्यांमार के रक्षा मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) म्या तुन ऊ और स्टेट एडमिनिस्ट्रेटिव काउंसिल के अध्यक्ष जनरल मिन आंग लाइंग से मुलाकात की.

    उन्होंने म्यांमार नौसेना के कमांडर-इन-चीफ एडमिरल मो आंग के साथ भी बैठक की.

    मणिपुर में पिछले दो महीने से जारी हिंसा में म्यांमार के कुछ संगठनों की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में रक्षा सचिव का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है.

    भारत और म्यांमार के बीच लगभग 1,700 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा है.

  15. मणिपुर दौरे पर राहुल गांधी ने क्या-क्या किया?

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी दो दिन के मणिपुर दौरे पर हैं. 30 जून को उनके दौरे का दूसरा दिन रहा.

    मणिपुर के मोइरांग में राहुल गांधी राहत शिविरों में गए और वहां रह रहे पीड़ितों का हालचाल जाना.

    अपने दो दिन के दौरे में राहुल कई पार्टी के नेताओं और सामाजिक संगठनों से भी मुलाक़ात कर रहे हैं.

    राहुल गांधी के दौरे पर बीजेपी हमलावर है, पार्टी का कहना है कि राहुल राजनीति कर रहे हैं.

    वहीं कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी को लोकतंत्र में भरोसा नहीं है.

  16. कुरान जलाए जाने के मुद्दे पर मुस्लिम देशों के संगठन ओआईसी की जेद्दाह में बैठक

    स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में कुरान जलाए जाने के मुद्दे पर 'ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन' रविवार को जेद्दाह में एक आपातकालीन बैठक कर रहा है.

    इस बैठक का मक़सद स्वीडन की घटना पर 'ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन' के सदस्य देशों की ओर से दी जाने वाली साझा प्रतिक्रिया पर चर्चा करना है.

    पिछले बुधवार को स्टॉकहोम के सेंट्रल मॉस्क के बाहर एक व्यक्ति ने कुरान की बेअदबी की और उसे जला दिया.

    सऊदी अरब समेत कई मुस्लिम देशों ने इस घटना को 'निंदनीय कृत्य' करार दिया है.

    सऊदी अरब की मेजबानी में होने वाली इस बैठक में इस बात पर विचार किया जाएगा कि इस तरह की घटना को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएं.

    स्टॉकहोम के सेंट्रल मॉस्क के बाहर जिस शख़्स ने इस घटना को अंजाम दिया था, वो इराक़ी मूल का व्यक्ति है.

    ज़्यादातर मुस्लिम देशों ने स्वीडन के राजदूत को बुलाकर इस घटना के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया है.

  17. महाराष्ट्र में क्यों बढ़ रही है सांप्रदायिक हिंसा, देखिए यह रिपोर्ट

    पिछले चार महीने में महाराष्ट्र से सांप्रदायिक हिंसा की कई ख़बरें आईं.

    ख़ास बात यह रही कि उन इलाक़ों में भी हिंसा हुई, जो अब तक सांप्रदायिक हिंसा से अछूते रहे हैं.

    आख़िर क्या है इसकी वजह, कवर स्टोरी में इसी की बात.

  18. आईआईटी खड़गपुर में आग लगने से छात्रों का सामान जल कर राख

      • Author, प्रभाकर मणि तिवारी
      • पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    पश्चिम बंगाल के खड़गपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) परिसर में शनिवार देर रात लगी आग से एक कॉमन रूम में रखा छात्रों का सामान जल कर राख हो गया.

    फायर ब्रिगेड ने घंटे भर की कोशिशों के बाद आग पर काबू पा लिया. आग लगने की वजह का तो अभी तक पता नहीं लग पाया है, लेकिन फायर ब्रिगेड के शुरुआती अनुमान के मुताबिक आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी. इससे आईआईटी जैसे संस्थान में अग्निरोधी उपायों पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

    आईआईटी के एक अधिकारी ने बताया कि आग लाल बहादुर शास्त्री हॉल के कॉमन रूम में लगी. वहां छात्रों के बिस्तर और दूसरे सामान रखे थे. इस वजह से वह तेजी से फैल गई.

    आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के दो इंजन मौक़े पर पहुंच गए. आग इतनी भयावह थी कि पूरा परिसर काले धुएं से ढंक गया.

    आईआईटी खड़गपुर के डिविजनल फायर ऑफिसर राम कुमार चौधरी ने बताया, "आईआईटी के लाल बहादुर शास्त्री हॉल के कॉमन रूम में रात के करीब तीन बजे आग लगी थी. फायर ब्रिगेड के दो इंजनों ने आग पर काबू पा लिया. इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है."

    इस घटना के बाद आईआईटी जैसे संस्थान में अग्निरोधी उपायों पर सवाल खड़े हो रहे हैं. इससे पहले 2021 में भी यहां आग लगी थी, तब वह परिसर के बड़े हिस्से में फैल गई थी.

  19. यूनिफॉर्म सिविल कोड: कांग्रेस क्यों अपना रही है 'इंतजार करो और देखो' की रणनीति- प्रेस रिव्यू

  20. दिल्ली में मंदिर और मजार तोड़ने पर 'आप' ने उप-राज्यपाल को घेरा

    पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाक़े में रविवार की सुबह सड़क पर बने हनुमान मंदिर और मजार हटाने के बाद राजनीति ज़ोर पकड़ने लगी है.

    आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली सरकार की वित्त और शिक्षा मंत्री आतिशी ने इस कार्रवाई के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल विनय सक्सेना को घेरा है.

    आतिशी ने उपराज्यपाल को संबोधित करते हुए अपने ट्वीट में लिखा, ‘‘एलजी साहबः मैंने कुछ दिनों पहले आपसे पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि दिल्ली में मंदिरों एवं अन्य धार्मिक स्थलों को तोड़ने का जो आपका निर्णय है, वो आप वापस ले लें. परंतु आज फिर से आपके आदेश पर भजनपुरा में एक मंदिर तोड़ दिया गया.’’

    उन्होंने उपराज्यपाल से अनुरोध किया है कि दिल्ली में मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों को न तोड़ा जाए, क्योंकि इनसे लोगों की आस्था जुड़ी हुई है.

    इस ट्वीट के साथ आतिशी ने 22 जून को उपराज्यपाल को लिखा वो पत्र भी ट्वीट किया है, जिसका ज़िक्र उन्होंने आज के ट्वीट में किया है.

    इस पत्र में आतिशी ने उपराज्यपाल से मांग की थी कि 11 मंदिरों और तीन मजारों सहित कुल 14 धार्मिक स्थानों को तोड़ने का जो आदेश दिया गया है, उसे वापस ले लिया जाए.

    इससे पहले रविवार की सुबह पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा में सड़क पर बने एक हनुमान मंदिर और मजार को प्रशासन ने हटा दिया.

    पुलिस ने दावा किया है कि यह अभियान शांतिपूर्ण रहा. उसके अनुसार, दोनों धार्मिक स्थल हटाने का काम स्थानीय लोगों की सहमति से हुआ.