तेल और गैस के कारोबार में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक 'शेल' अभी भी रूसी गैस का कारोबार कर रही है.
हालांकि साल भर पहले शेल ने ये एलान किया था कि वो रूस के एनर्जी मार्केट से अपना कारोबार समेट रही है.
कैम्पेन ग्रुप 'ग्लोबल विटनेस' के विश्लेषण में ये बात सामने आई है कि साल 2022 में रूस से जहाजों के जरिए जितना गैस निर्यात किया गया, उसका आठवां हिस्सा शेल के पास गया.
यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेंस्की के एडवाइजर ओलेक उस्तेंको ने शेल पर आरोप लगाया है कि कंपनी 'ब्लड मनी' ले रही है.
शेल का कहना है कि 'लंबे समय तक के लिए की गई व्यापारिक प्रतिबद्धताओं' के चलते उसे रूसी गैस का कारोबार जारी रखना पड़ा है और उसने किसी क़ानून या प्रतिबंध का उल्लंघन नहीं किया है.
नौ मई को रूस के उत्तरी छोर पर यमाल प्रायद्वीप के साबेट्टा बंदरगाह से एक विशाल जहाज रवाना हुआ जिसमें 160,000 क्यूबिक मीटर लिक्विफाइड नैचुरल गैस (एलएनजी) लदा हुआ था.
इस गैस की खरीदार कंपनी शेल थी. यमाल बंदरगाह से ये जहाज हांगकांग के लिए रवाना हुआ था.
कैम्पेन ग्रुप 'ग्लोबल विटनेस' का कहना है कि यमाल पोर्ट से इस साल रवाना होने वाले एलएनजी लदे जहाजों में आठ कार्गो शिप्स शेल के लिए थे जिसमें नौ मई वाला जहाज भी एक था.
पिछले साल रूस के समुद्री जहाजों के जरिए होने वाले एलएनजी ट्रेड में शेल की हिस्सेदारी 12 फीसदी की रही है और वो रूस के पांच बड़े व्यापारिक साझीदारों में से एक है.
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद के हफ़्तों में पिछले साल मार्च के महीने में शेल ने रूसी तेल खरीदने के लिए माफी मांगी थी और कहा था कि वो रूसी तेल और गैस के काराबोर से अपन कदम वापस खींच रहा है.
उसने कहा था कि वो रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा और रूस में अपने सर्विस स्टेशन और अन्य बिजनेस को बेच देगा. हालांकि कंपनी ने ये भी कहा था कि ऐसा करना एक जटिल चुनौती है.
उसके बाद से शेल के लिए रूस के दो बंदरगाहों यमाल और साखलिन से एलएनजी लदे कार्गो शिप्स रवाना होते रहे.
साखलिन गैस प्रोजेक्ट में शेल की माइनरिटी हिस्सेदारी हुआ करती थी लेकिन पिछले साल सितंबर में जब रूसी सरकार ने अपने शेयर स्थानीय कंपनियों को ट्रांसफर कर दिए तो शेल इससे अलग हो गया था.
शेल का दावा है कि उसके बाद से कंपनी ने साखलिन गैस प्रोजेक्ट से कोई गैस नहीं ली है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी एलएनजी कंपनी नोवाटेक के साथ उसका अनुबंध अभी भी जारी है और वो साल 2030 तक हरेक साल नौ लाख टन गैस खरीदने के लिए बाध्य है.
नोवाटेक रूस की दूसरी सबसे बड़ी गैस कंपनी है और कंपनी जो टैक्स देती है, उसका रूस की सरकार के बजट में एक बड़ा योगदान रहता है.
व्लादिमीर ज़ेलेंस्की के एडवाइजर ओलेक उस्तेंको का कहना है कि "ये बहुत साफ़ है कि रूसी गैस का कारोबार जारी रखकर शेल पुतिन की जेब में पैसे पहुंचा रही है और यूक्रेन पर रूस के बर्बर हमले में यूक्रेनी लोगों के ख़िलाफ़ उसकी मदद कर रही है."
उन्होंने ये भी कहा, "शेल और पूरे तेल उद्योग ने रूस में जो पैसा कमाया है, उसका इस्तेमाल उनके शेयर होल्डर्स को कमाई कराने के बजाय यूक्रेन के पुनर्निमाण में होना चाहिए."
शेल के एक प्रवक्ता ने कंपनी का पक्ष रखते हुए कहा, "शेल ने रूसी एलएनजी की खरीद स्पॉट मार्केट में बंद कर दी है लेकिन उसे कुछ दीर्घकालीन व्यापारिक प्रतिबद्धताओं को पूरा करना है. ये पूरी तरह से प्रतिबंधों और जिन देशों में हम कारोबार करते हैं, वहां लागू कानूनों के दायरे में है."