देवेंद्र फडणवीस ने क्यों कहा, 'शरद पवार साहब से आधा सच उगलवा लिया'

फडणवीस ने कहा कि शरद पवार से बातचीत के बाद ही उन्होंने सरकार बनाने की कोशिशें शुरू की थी, लेकिन उन्होंने डबल गेम खेला.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा

  1. मोरक्को ने क़ुरान जलाए जाने पर स्वीडन से अपने राजदूत को वापस बुलाया

    स्वीडन में जलाई गई क़ुरान

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    स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम की सेंट्रल मस्जिद के बाहर क़ुरान को फाड़ने और फिर उसे जलाने पर मोरक्को ने सख्ती दिखाई है.

    मोरक्को ने स्वीडन में अपने राजदूत को अनिश्चितकाल के लिए वापस बुला लिया है.

    मोरक्को की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया है कि वहां के विदेश मंत्रालय ने मोरक्को में मौजूद स्वीडन के प्रतिनिधि को भी तलब किया है.

    विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि "स्वीडन के प्रतिनिधि को इस कृत्य पर हमारी कड़ी आपत्ति और अस्वीकृति के बारे में सूचित कर दिया गया है."

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    बयान में ज़ोर दिया गया है कि, "यह नया आक्रामक और गैर-ज़िम्मेदाराना कृत्य मक्का की महान यात्रा और ईद के इस पवित्र समय के दौरान एक अरब से अधिक मुसलमानों की भावनाओं की उपेक्षा करता है."

    कई रिपोर्ट्स में ये कहा गया है कि स्वीडन प्रशासन ने बुधवार को स्टॉकहोम मस्जिद के बाहर कुरान जलाने वाले एक छोटे प्रदर्शन की अनुमति दी थी. हालांकि, इस प्रदर्शन में केवल एक ही शख्स ने हिस्सा लिया. इसके बाद सऊदी अरब और तुर्की सहित कई इस्लामी देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

  2. फ़्रांस में 17 साल के युवक की मौत के बाद हिंसक हुआ प्रदर्शन, अब तक 150 गिरफ़्तार

    फ़्रांस में हिंसा

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    फ़्रांस में एक युवक की पुलिस की गोली से हुई मौत के बाद हिंसा और गिरफ़्तारी का दौर जारी है.

    फ़्रांस के गृह मंत्री ने बताया है कि बीते रात भर में प्रदर्शन के दौरान कम से कम 150 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

    गृह मंत्री गेराल्ड डारमनिन ने एक ट्वीट में ये भी दावा किया है कि रात भर प्रदर्शनकारियों ने देशभर के स्कूलों, टाउन हॉल और पुलिस स्टेशनों को निशाना बनाया है.

    मंगलवार को फ़्रांस में पुलिस ने एक 17 साल के युवक को ट्रैफ़िक चेक के लिए न रुकने पर गोली मार दी थी.

    इस युवक का नाम नाहेल एम बताया जा रहा है.

    फ़्रांस की मीडिया के अनुसार, पुलिस ने पहले ये कहा कि ये युवक चोट पहुँचाने के इरादे से पुलिसकर्मियों की ओर गाड़ी ला रहा था. लेकिन इस हादसे के फुटेज में एक पुलिस अधिकारी को गाड़ी की खिड़की से युवक पर पिस्तौल तानते और फिर नज़दीक से गोली मारते देखा गया है.

    फ़्रांस में हिंसा

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    समाचार एजेंसी एएफ़पी ने इस फुटेज की सत्यता की पुष्टि की है.

    फ़्रांस के राष्ट्रपति ने कहा है कि ये शूटआउट "माफ़ी योग्य" नहीं है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "कुछ भी एक युवा की मौत को सही नहीं ठहरा सकता."

    वहीं, समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पाया है कि फ़्रांस की पुलिस की गोलीबारी में साल 2017 से लेकर अब तक जान गंवाने वालों में अधिकांश काले या अरब मूल के लोग हैं.

    बीते साल ट्रैफ़िक नियमों का पालन न करने वाले 13 लोगों की जान गई थी.

    रॉयटर्स ने मृतक के पड़ोसियों के हवाले से बताया कि नाहेल भी फ़्रांसिसी-अल्ज़ीरियाई मूल के परिवार से थे.

  3. रूस को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऐसा क्यों कहा?

  4. यूएन की एक अहम रिपोर्ट से हटाया गया भारत का नाम, वजह क्या है?

    संयुक्त राष्ट्र

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    इमेज कैप्शन, एंटोनियो गुटेरेश और पीएम मोदी (फ़ाइल फ़ोटो)

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने बच्चों पर सशस्त्र संघर्ष के प्रभाव को लेकर अपनी एक सालाना रिपोर्ट से भारत का नाम हटा दिया है.

    इसके पीछे 'बच्चों की बेहतर सुरक्षा के लिए सरकार के उठाए क़दमों' का हवाला दिया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार, पिछले साल गुटेरेश ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि उन्होंने अपने विशेष प्रतिनिधि के साथ भारत सरकार की भागीदारी का स्वागत किया है और भविष्य में भारत का नाम रिपोर्ट से हटाया जा सकता है.

    संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर अपनी 2023 की रिपोर्ट में कहा, "बच्चों की बेहतर सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को देखते हुए, भारत का नाम इस रिपोर्ट से हटा दिया गया है."

    गुटेरेश ने इस ओर भी ध्यान दिलाया कि उनके विशेष प्रतिनिधि के कार्यालय की ओर से बीते साल नवंबर में जम्मू-कश्मीर में सरकार की सहायता से एक वर्कशॉप भी आयोजित की गई थी.

    अपनी ताज़ा रिपोर्ट में गुटेरेश ने भारत से उनके बाकी बचे उपायों को भी लागू करने का आह्वान किया है.

    गुटेरेश ने कहा कि इनमें बाल संरक्षण को लेकर सशस्त्र तथा सुरक्षा बलों का प्रशिक्षण, बच्चों पर घातक तथा अन्य बल प्रयोग पर रोक, 'पैलेट गन' का इस्तेमाल बंद करना और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि कोई रास्ता न रह जाने पर ही और कम से कम अवधि के लिए बच्चों को हिरासत में लिया जाए.

    गुटेरेश की विशेष प्रतिनिधि वर्जिनिया गांबा ने मीडिया को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, "बीते दो सालों से हम भारत के साथ करीबी से जुड़े हुए हैं और काम कर रहे हैं."

    पिछले साल की रिपोर्ट में गुटेरेश ने कहा था कि वो 'जम्मू-कश्मीर में बच्चों के ख़िलाफ़ बढ़ते उल्लंघन के मामलों से चिंतित हैं.' उन्होंने भारत सरकार से बच्चों की सुरक्षा को मज़बूत करने का आह्वान भी किया था.

  5. 'विराट कोहली से जलते हैं गौतम गंभीर', पाकिस्तानी क्रिकेटर ने ऐसा क्यों कहा?

    आईपीएल

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    इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के एक मुक़ाबले के दौरान गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच हुई कहासुनी पर अब पाकिस्तानी क्रिकेटर अहमद शहज़ाद ने टिप्पणी की है.

    पाकिस्तान के चर्चित यूट्यूबर नादिर अली के पॉडकास्ट में अहमद शहज़ाद ने कहा है कि गौतम गंभीर ने विराट कोहली के लिए जो हावभाव दिखाए वो सही नहीं थे.

    आईपीएल 2023 के सीज़न में लखनऊ सुपर जाएंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मैच में बड़ा ड्रामा देखने को मिला था. मैच के बाद विराट कोहली और गौतम गंभीर की एक-दूसरे से बहस हुई और इसमें अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाड़ी नवीन उल हक भी शामिल थे.

    पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के लिए ओपनिंग कर चुके अहमद शहज़ाद से पूछा गया कि क्या गौतम गंभीर ने ये सब लाइमलाइट पाने के लिए किया?

    इसपर उन्होंने कहा, "विराट कोहली का अफ़ग़ानिस्तान के खिलाड़ी के साथ जो भी एपिसोड हुआ, वो समझ आता है, क्योंकि कई बार अंदर ऐसी चीज़ें हो जाती हैं. लेकिन ये समझ नहीं आता कि गौतम गंभीर ने अपने ही मुल्क़ के खिलाड़ी, जो अभी आपका सबसे बड़ा प्लेयर है, विराट कोहली, उसके ख़िलाफ़ जो हावभाव आपने दिखाए, वो सही नहीं थे. इस वाकये ने हमारी क्रिकेटरों की दुनिया को बहुत दुखी किया है."

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    अहमद शहज़ाद ने ये भी दावा किया कि गौतम गंभीर के मन में विराट कोहली के लिए जलन की भावना है.

    उन्होंने कहा, "ऐसा लग रहा था जैसे वो (गंभीर) जलन की वजह से ऐसा कर रहे हैं. ऐसा लग रहा था कि वो मौका ढूंढ रहे हैं विराट कोहली के साथ कोई न कोई विवाद पैदा करने का. मैंने कभी विराट कोहली के साथ इतनी बदतमीज़ी करते किसी को नहीं देखा. वो इस खेल के महान खिलाड़ी हैं. मुझे लगता है सम्मान करना चाहिए."

    शहज़ाद ने कहा, "इसके बाद गौतम गंभीर ने टीवी पर आकर सफ़ाई में बोलते हैं कि मैंने अपना पहला मैन ऑफ़ द मैच विराट कोहली को दिया था. तो क्या विराट कोहली ने आपसे ऐसा करने को कहा था? या आपने मैन ऑफ़ द मैच उन्हें देकर सारी ज़िंदगी की अपनी बदतमीज़ियां माफ़ करवा ली हैं? ऐसा नहीं होता है. बात ये है कि लगता है आप विराट कोहली को मिली इज़्ज़त को अभी तक पचा ही नहीं पाए क्योंकि आपको पूरी ज़िंदगी में इतनी इज़्ज़त नहीं मिली है."

  6. 'क़ुरान पर डॉक्यूमेंट्री बनती तो...', इलाहाबाद हाई कोर्ट की आदिपुरुष फ़िल्म पर टिप्पणी

    आदिपुरुष

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    इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने बुधवार को विवादों में घिरी फ़िल्म आदिपुरुष के निर्माताओं को ये कहते हुए फटकारा कि इसमें रामायण के पात्रों को 'बड़े शर्मनाक तरीके' से दिखाया गया है.

    आदिपुरुष पर बैन की मांग वाली याचिकाओं पर दूसरे दिन सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कहा कि रामायण, क़ुरान या बाइबल पर विवादित फ़िल्में बनाई ही क्यों जाती हैं, जो लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जस्टिस राजेश सिंह चौहान और श्री प्रकाश सिंह की वेकेशन बेंच ने कहा, "मान लीजिए, क़ुरान पर एक छोटी डॉक्यूमेंट्री बनाई जाती. क्या आप सोच सकते हैं कि उससे किस तरह कानून व्यवस्था की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती? लेकिन हिंदुओं की सहिष्णुता के कारण ही चीज़ें फ़िल्मकारों की भयंकर भूलों के बाद भी बुरी स्थिति तक नहीं जाती. "

    पीठ ने कहा, "एक फ़िल्म में भगवान शंकर को त्रिशूल लेकर दौड़ते दिखाया गया है. अब भगवान राम और रामायण के अन्य पात्रों को बड़े शर्मनाक ढंग से दिखाया गया है. क्या ये नहीं रुकना चाहिए?"

    लाइव लॉ की ख़बर के अनुसार पीठ ने कहा कि ऐसी फ़िल्में चलने पर निर्माता कमाई करते हैं. पीठ ने इस मामले में सूचना और प्रसारण मंत्रालय, सेंसर बोर्ड को निर्देश दिया है कि वो अपने हलफ़नामें दायर करें.

  7. भारत और पाकिस्तान के मैच वाले दिन अहमदाबाद में होटलों का किराया आसमान पर पहुँचा

    भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच

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    भारत और पाकिस्तान के बीच इस साल प्रस्तावित वर्ल्ड कप के मुक़ाबले के दिन अहमदाबाद में होटलों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया है कि कुछ मामलों में दाम दस गुना तक बढ़ गए हैं.

    आईसीसी की ओर से जारी शेड्यूल के मुताबिक़ भारत और पाकिस्तान के बीच 15 अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मुक़ाबला होना है.

    पीटीआई ने बताया है कि अलग-अलग होटल बुकिंग वेबसाइटों पर होटल कमरों की बढ़ी मांग को कीमतों में इज़ाफ़े की वजह बताया गया है.

    कुछ कमरों का किराया एक लाख रुपये तक पहुंच गया है, तो वहीं कुछ 15 अक्टूबर के लिए अभी से पूरे भर चुके हैं.

    सामान्य दिनों में शहर के जिन लग्ज़री होटलों के कमरे का किराया एक दिन के लिए 5 हज़ार से 8 हज़ार रुपये तक होता है, वो बढ़कर 40 हज़ार से एक लाख रुपये तक पहुंच गए हैं.

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    बुकिंग डॉट कॉम पोर्टल के हवाले से पीटीआई ने बताया है कि 2 जुलाई के लिए आईटीसी होटल की ओर से संचालित वेलकम होटल के डिलक्स रूम का किराया 5,699 रुपये हैं. लेकिन इसी होटल में अगर 15 अक्टूबर को कोई रुकना चाहे तो उसे इस कमरे के लिए 71,999 रुपये देने होंगे.

    गुजरात के होटल एंड रेस्ट्रॉन्ट एसोसिएशन (एचआरए) के सदस्यों ने बताया कि नॉन-रेज़िडेंट इंडियंस (एनआरआई) और अन्य राज्यों में रहने वाले अपर मिडिल क्लास के लोगों की तरफ़ से बढ़ती मांग के मद्देनज़र कीमतें बढ़ी हैं.

    एचआरए- गुजरात के प्रवक्ता अभिजीत देशमुख ने पीटीआई से कहा, "अगर होटल वालों को लगता है कि किसी ख़ास समय पर मांग बहुत ज़्यादा है तो वो इससे कुछ कमाई करने की कोशिश करते हैं क्योंकि उन्हें भरोसा होता है कि कीमतें कितनी भी ऊंची हो, होटल के कमरे बुक हो जाएंगे. मांग गिरते ही कीमतें भी घट जाएंगी."

  8. फ़्रांस में 17 साल के युवक की मौत के बाद बवाल, कई जगह हिंसक प्रदर्शन

    फ़्रांस में हिंसा

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    फ़्रांस की राजधानी पेरिस में ट्रैफ़िक चेकिंग के दौरान एक 17 साल के ड्राइवर की पुलिस की गोली लगने से हुई मौत के बाद लगातार दूसरे दिन भी हिंसक प्रदर्शन जारी है.

    इस किशोर का नाम नाहेल एम बताया गया है. युवक गाड़ी चलाने के कुछ ही देर बाद दुर्घटना का शिकार हुआ था. कहा जा रहा है कि पुलिस ने उसे नज़दीक से गोली मारी.

    पेरिस पुलिस ने कहा है कि उन्होंने ताज़ा हिंसा की 'छिटपुट घटनाओं' पर काबू पा लिया है.

    टूलूज़ में प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी और इसे बुझाने में लगे दमकल कर्मियों पर पथराव किया.

    फ़्रांस के उत्तरी शहर लिले में भी प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हुई.

    स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी शहर रेने में भी मारे गए युवक को श्रद्धांजलि देने के लिए करीब 300 लोग इकट्ठा हुए. इनमें से कई लोगों ने आगजनी भी की. हालांकि, पुलिस ने इन्हें तितर-बितर कर दिया.

    फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि नाहेल को गोली मारने वाली घटना "माफ़ी के योग्य" नहीं है.

    लेकिन पुलिस यूनियनों ने राष्ट्रपति के इस बयान पर नाराज़गी ज़ाहिर की है. पुलिस यूनियन का दावा है कि राष्ट्रपति पुलिसवालों के ख़िलाफ़ जल्दबाज़ी में राय बना रहे हैं.

  9. ब्रेकिंग न्यूज़, सऊदी अरब में अमेरिका के वाणिज्यिक दूतावास के पास गोलीबारी, दो की मौत

    सऊदी में गोलीबारी

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    इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर

    सऊदी अरब के जेद्दा में अमेरिका के वाणिज्यिक दूतावास के पास एक इमारत में हुई गोलीबारी से दो लोगों की मौत हो गई है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया है कि मरने वालों में एक सुरक्षा गार्ड और दूसरा बंदूकधारी हैं.

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    इस घटना में किसी अमेरिकी नागरिक को नुक़सान नहीं पहुँचा है.

    सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, गोलीबारी में अमेरिका के वाणिज्यिक दूतावास में काम करने वाले एक नेपाली सुरक्षाकर्मी घायल हुआ, जिसकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई.

    सऊदी अरब की मीडिया रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि एक अज्ञात व्यक्ति ने अमेरिकी वाणिज्यिक दूतावास के सामने गाड़ी रोकी और बंदूक के साथ सुरक्षाबलों के सामने पहुंच गया.

    सुरक्षाकर्मियों और बंदूकधारी शख्स के बीच हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई.

    फिलहाल अमेरिकी विदेश मंत्रालय वाणिज्यिक दूतावास और सऊदी अरब प्रशासन के साथ मिलकर इस मामले की जाँच कर रहा है.

  10. समान नागरिक संहिता को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहा है विपक्ष: राजनाथ सिंह

    राजनाथ सिंह

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    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी पार्टियों पर समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया है.

    भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ये भी कहा कि समाज को बाँटकर राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज और देश को एक साथ लेकर करनी चाहिए.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बुधवार को राजस्थान के एक जोधपुर में एक सभा को संबोधित करने के दौरान राजनाथ सिंह ने ये बातें कहीं.

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    उन्होंने कहा, "हम जो करने जा रहे हैं वो संविधान में लिखा है. हम उस वादे को पूरा करने जा रहे हैं. क्या एक देश एक विधान नहीं होना चाहिए?"

    राजनाथ सिंह ने कहा, "मैं ये कह सकता हूं कि किसी को देश में जितनी बार मन चाहे उतनी बार शादी करने की इजाज़त नहीं मिल सकती है." राजनाथ सिंह ने कहा कि पीएम मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

    उन्होंने सवाल किया, "हम ग़लत क्या कर रहे हैं? हम महिलाओं को सम्मान दे रहे हैं. हमने अपने घोषणापत्रों में भी ये कहा है. इसका विरोध क्यों हो रहा है? हर चीज़ को सांप्रदायिक रंग देने के प्रयास किए जा रहे हैं. हम देश को ऐसे नहीं चलने देंगे."

  11. नमस्कार!

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