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छत्तीसगढ़: टीएस सिंहदेव होंगे उपमुख्यमंत्री, चुनावी साल में कांग्रेस का फ़ैसला

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे टीएस सिंहदेव को उप मुख्यमंत्री बनाने का फ़ैसला किया है.

लाइव कवरेज

  1. यूसीसी: नरोत्तम मिश्रा ने ओवैसी को लेकर कहा- कांग्रेस और अंग्रेज़ों की भाषा बोल रहे हैं

    मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि एआईएमआईएम के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी कांग्रेस और अंग्रेज़ों की भाषा बोल रहे हैं.

    जिस संविधान संशोधन का हवाला ओवैसी दे रहे हैं उसका निर्माण आदरणीय बाबा साहब आम्बेडकर जी के द्वारा किया गया है और वो हमेशा समान नागरिक संहिता के पक्षधर रहे हैं.

    उन्होंने कहा, ''ओवैसी जैसे लोग अपने ही समुदाय की महिलाओं का पक्ष नहीं लेते. ये ट्रिपल तलाक़ का विरोध करने लगे, इन्होंने कॉमन सिविल कोड के विरोध की शुरुआत कर दी है. ये बहुत छद्म मानसिकता है.''

    ''हमने तो जब कश्मीर का मुद्दा आया था, तब भी कहा था कि एक देश में दो विधान, दो संविधान, दो निशान नहीं होना चाहिए. हम प्रारंभ से उसके पक्षधर थे.''

    ओवैसी ने क्या कहा था?

    समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड पर पीएम नरेंद्र मोदी के बयान के बाद एआईएमआईएम के नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया है.

    ओवैसी ने ट्वीट कर कहा था, ''नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक़, यूनिफॉर्म सिविल कोड और पसमांदा मुसलमानों पर कुछ टिप्पणी की है. लगता है मोदी जी ओबामा की नसीहत को ठीक से समझ नहीं पाए.''

    उन्होंने आगे कहा, ''मोदी जी ये बताइए कि क्या आप ''हिन्दू अविभाजित परिवार" (HUF) को ख़त्म करेंगे? इसकी वजह से देश को हर साल 3 हजार 64 करोड़ रुपये का नुक़सान हो रहा है.''

  2. हिमंता बिस्वा सरमा ने पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव को किया याद, कहा- उनके मार्गदर्शन में लड़ा था पहला चुनाव

    अपने बयानों के कारण हमेशा चर्चा में बने रहने वाले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के एक हालिया ट्वीट ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है.

    इस ट्वीट में बीजेपी नेता पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी नरसिम्हा राव की जयंती पर उन्हें याद करते नज़र आ रहे हैं.

    सरमा ने अपने ट्वीट में पूर्व प्रधानमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता को एक असाधारण विद्वान और कुशल प्रशासक बताया है.

    वो लिखते हैं, ''पूर्व प्रधान मंत्री पीवी नरसिम्हा राव जी ने कठिन चुनौतियों के बीच हमारे देश का नेतृत्व किया. उनके मार्गदर्शन में, मैं प्रारंभिक चुनाव में हार का सामना करने के बावजूद अपने निर्वाचन क्षेत्र की सेवा में लगा रहा. उनकी जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ.''

    हिमंता बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफ़र

    अगस्त, 2015 में सरमा ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के घर पर भाजपा की सदस्यता ली थी.

    इससे पहले वे क़रीब 14 साल तक तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में असम के वित्त, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बड़े विभागों के मंत्री रहे.

    कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बाद सरमा दूसरे सबसे ताक़तवर और प्रभावी नेता बन गए थे.

    लेकिन फिर परिस्थितियां बदलीं और उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ले ली.

  3. काठमांडू में भारतीय फ़िल्मों पर प्रतिबंध लगाने वाले मेयर को हाई कोर्ट से फटकार

    नेपाल के पाटन हाई कोर्ट ने राजधानी काठमांडू के मेयर को फटकार लगाई है.

    पाटन उच्च न्यायालय ने भारतीय फ़िल्मों की स्क्रीनिंग रोकने के मामले में फै़ैसला सुनाते हुए कहा है कि काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी के मेयर बालेन शाह के पास ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है.

    उच्च न्यायालय ने मंगलवार को एक अंतरिम आदेश जारी कर मेयर बालेन को भारतीय फ़िल्मों पर प्रतिबंध लगाने से परहेज करने का निर्देश दिया है.

    कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अंतिम फैसला आने तक लाइसेंस प्राप्त भारतीय फ़िल्मों की स्क्रीनिंग निर्बाध रूप से जारी रहनी चाहिए.

    कोर्ट फ़िल्म एसोसिएशन ऑफ नेपाल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. अभी इस मामले में अंतिम फ़ैसला आना बाकी है.

    क्या है मामला?

    भारत में फ़िल्म आदिपुरुष पर विवाद के बाद नेपाल की राजधानी काठमांडू के मेयर ने सभी भारतीय फ़िल्मों पर रोक लगाने की घोषणा की थी.

    नेपाल के लोगों में फ़िल्म में सीता को लेकर फ़िल्माये गए एक सीन को लेकर आक्रोश है.

    नेपाल के मेयर बालेन शाह ने फ़िल्म के निर्माताओं को तीन दिन के भीतर फ़िल्म में सुधार करने की चेतावनी दी थी. ये समय बीत जाने के बाद काठमांडू में भारतीय फ़िल्मों पर रोक लगा दी गई थी.

  4. पुतिन के ख़िलाफ़ बग़ावत करने वालों का अब क्या होगा?

  5. चिदंबरम: परिवार और देश एक नहीं, यूसीसी को जबरन नहीं किया जा सकता लागू

    कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने प्रधानमंत्री मोदी के यूनिफॉर्म सिविल कोड पर दिए बयान को पूरी तरह ग़लत बताया है.

    वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने ट्वीट कर लिखा कि समान नागरिक संहिता को सही ठहराने के लिए एक परिवार और राष्ट्र के बीच तुलना करना ग़लत है.

    व्यापक परिप्रेक्ष्य में ये तुलना भले ही सही लग सकती है लेकिन वास्तविकता बहुत अलग है.

    उन्होंने लिखा, ''एक परिवार जहां खून के रिश्तों के सूत्र में बंधा होता है. वहीं एक देश संविधान के सूत्र में बंधा होता है, जो कि एक राजनीतिक-कानूनी दस्तावेज़ है. यहां तक कि एक परिवार में भी विविधता होती है. वहीं भारत के संविधान ने भी विविधता और बहुलता को मान्यता दी है.''

    ''यूसीसी एक महत्वाकांक्षा है. इसे एजेंडा-संचालित बहुसंख्यकवादी सरकार द्वारा लोगों पर थोपा नहीं जा सकता.''

    ''माननीय प्रधानमंत्री यह दिखाना चाहते हैं कि यूसीसी एक सरल अभ्यास है. पर उन्हें पिछले विधि आयोग की रिपोर्ट पढ़नी चाहिए जिसमें बताया गया था कि इस समय इसे लागू करना संभव नहीं है. बीजेपी की कथनी और करनी के कारण आज देश बँटा हुआ है. लोगों पर थोपा गया यूसीसी केवल इस विभाजन को बढ़ाएगा.''

    चिदंबरम का कहना है कि यूसीसी के लिए प्रधानमंत्री की मज़बूत वकालत का उद्देश्य मुद्रास्फीति, बेरोज़गारी, हेट क्राइम, भेदभाव और राज्यों के अधिकारों को नकारने जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाना है. लोगों को सतर्क रहना होगा.

    ''सुशासन में विफल होने के बाद, बीजेपी मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने और अगला चुनाव जीतने का प्रयास करने के लिए यूसीसी को लेकर दृढ है.''

  6. इस बदलाव के बाद एक साल छोटे हो जाएंगे दक्षिण कोरिया के लोग

    साल दर साल हम सबकी उम्र बढ़ती है, हम एक साल और बड़े होते हैं, लेकिन दक्षिण कोरिया के लोग अब एक या कहें दो साल छोटे हो गए हैं.

    असल में दक्षिण कोरिया ने उम्र गिनने की अपनी सदियों पुरानी व्यवस्था को बदल दिया है. पुरानी व्यवस्था के तहत यहां के लोग गर्भ से ही बच्चे की उम्र जोड़ना शुरू कर देते थे. यानी जब बच्चा जन्म लेता है, तो वह एक साल का होता है.

    वहीं आमतौर पर भारत या दूसरे अन्य देशों में हम अपनी उम्र अपने जन्मदिवस और साल के आधार पर तय करते हैं. लेकिन दक्षिण कोरिया के लोग एक साथ साल के पहले दिन, यानी एक जनवरी को एक साल बड़े हो जाते हैं. इसके लिए उन्हें अपने जन्मदिन का इंतज़ार या उसे फॉलो नहीं करना पड़ता.

    आज से लागू होगी नई व्यवस्था

    हालांकि आज से दक्षिण कोरिया में अब नई व्यवस्था लागू हो गई है, जिसके तहत जन्मदिन के आधार पर ही लोग अपनी उम्र तय करेंगे.

    देश के राष्ट्रपति ने पिछले साल सत्ता संभालने के बाद से इस बदलाव के लिए ज़ोर देते रहे हैं. उनके मुताबिक़ पुरानी व्यवस्था को कायम रखने में ''अनावश्यक सामाजिक और आर्थिक लागतें" लग रही थीं.

  7. वर्ल्ड कप 2023: पाकिस्तान क्या भारत खेलने आएगा?

    वर्ल्ड कप 2023 के लिए पाकिस्तान की टीम को भारत का दौरा करना होगा.

    टूर्नामेंट के तय कार्यक्रम के मुताबिक़ भारत-पाकिस्तान के बीच एक मैच आगामी 15 अक्टूबर को अहमदाबाद में खेला जाएगा.

    दोनों ही टीमें अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आमने-सामने होंगी.

    इससे पहले पाकिस्तान ने पहले विश्व कप का बहिष्कार करने की बात कही थी. इसे भारत के उस फ़ैसले की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा गया था, जिसमें बीसीसीआई ने एशिया कप के लिए पाकिस्तान का दौरा करने से मना कर दिया था.

    बीसीसीआई ने तब मैच को किसी और जगह आयोजित करने की मांग की थी.

    जिसके बाद एशिया कप को अब हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित किया जाएगा, यानी कुछ मैच पाकिस्तान में खेली जाएंगी और भारत के मैच श्रीलंका में खेले जाएंगे.

    ऐसे में भले ही एशिया कप के मैच के लिए भारत को पाकिस्तान का दौरा न करना पड़े, लेकिन मंगलवार को वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के आए शिड्यूल के बाद ये तय हो गया है कि पाकिस्तान की टीम को भारत का दौरा करना पड़ेगा.

    वो भी केवल एक बार नहीं बल्कि अलग-अलग टीमों के साथ भारत के अलग-अलग शहरों में पाकिस्तान के कुल 9 मैच शिड्यूल हैं.

    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का पक्ष

    शिड्यूल पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि भारत में मैच खेलने के लिए उन्हें पाकिस्तान सरकार की इजाज़त लेनी होगी. सरकार जब इस बारे में फ़ैसला करेगी, तभी हम किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं.

    पाकिस्तान के आख़िरी बार साल 2016 का वर्ल्ड कप भारत में खेला था.

  8. बिहार में शिक्षक भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव, लोगों का फूटा ग़ुस्सा- प्रेस रिव्यू

  9. हज के लिए अब तक 150 देशों से 18 लाख श्रद्धालु पहुँचे सऊदी अरब

    हज के लिए बड़े पैमाने पर श्रद्धालु सऊदी अरब पहुंच रहे हैं.

    देश के हज और उमरा मंत्री डॉ तौफ़ीक़ अल-रबिया ने मंगलवार को बताया कि वार्षिक हज यात्रा में अब तक 150 से अधिक देशों के 18 लाख श्रद्धालु शामिल हुए हैं.

    सबसे अधिक यानी दस लाख के क़रीब श्रद्धालु अरब देशों को छोड़ दूसरे एशियाई देशों से आए हैं. कुल पहुंचने वाले हाजियों का यह लगभग 21 प्रतिशत है. वहीं अफ़्रीकी देशों से 13.4 प्रतिशत और यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से 2.1 प्रतिशत श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं.

    अफ़्रीकी देशों से आने वाले हाजियों की संख्या दो लाख 22 हज़ार 863 है.

    तो 36,521 श्रद्धालु यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से यात्रा कर पहुँचे हैं.

    भारत से कुल 1,75,025 हज यात्री जा रहे हैं.

    तीन साल बाद इतने बड़े पैमाने पर श्रद्धालु सऊदी अरब के मक्का में जुट रहे हैं. कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से हज पर कई तरह की पाबंदी लगा दी गई थी.

    किन-किन देशों से लोग मक्का आते हैं?

    सऊदी अरब हर देश के हिसाब से हज का कोटा तैयार करता है. इंडोनेशिया का कोटा सबसे ज्यादा है. इसके बाद पाकिस्तान, भारत, बांग्लादेश, नाइजीरिया का नंबर आता है. इसके अलावा ईरान, तुर्की, मिस्त्र, इथियोपिया समेत कई देशों से हज यात्री आते हैं.

    हज क्या है?

    इस्लाम के 5 फर्ज़ में से एक फर्ज़ हज है. बाकी के चार फर्ज़ हैं- कलमा, रोज़ा, नमाज़ और ज़कात.

    धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक़, शारीरिक और आर्थिक रूप से सक्षम हर मुसलमान को अपनी ज़िंदगी में कम से कम एक बार इस फर्ज़ को निभाने का दायित्व है.

  10. यूसीसी: पीएम मोदी के बयान के कुछ घंटों बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बुलाई आपात बैठक

    मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए बयान के कुछ ही घंटों बाद 'ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड' ने मंगलवार शाम को आपातकालीन बैठक बुलाई.

    बैठक के दौरान इस्लामिक पर्सनल लॉ बॉडी ने यूसीसी के प्रस्तावित क़ानून का विरोध करने का फ़ैसला किया है.

    ऑनलाइन बैठक के दौरान एआईएमपीएलबी के अध्यक्ष सैफ़ुल्लाह रहमानी, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और एआईएमपीएलबी के सदस्य मौलाना ख़ालिद रशीद फरंगी महली, एआईएमपीएलबी के वकील सहित अन्य लोग मौजूद रहे.

    सभी में इस बात पर सहमति बनी कि मुस्लिम निकाय विधि आयोग के सामने इस मुद्दे पर वे अपना पक्ष और प्रभावी तरीक़े से पेश करेंगे.

    ''राजनेता चुनाव से पहले उठाते हैं यूसीसी का मुद्दा''

    आईसीई के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने अंग्रेज़ी न्यूज़ वेबसाइट हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, “एआईएमपीएलबी समान नागरिक संहिता का पुरज़ोर विरोध करेगा. हम विधि आयोग के सामने अपनी बात और मज़बूती से रखकर सरकार के प्रस्तावित क़दम का मुक़ाबला करने की रणनीति बना रहे हैं. मंगलवार को हुई ऑनलाइन बैठक में देश के सभी प्रमुख मुस्लिम नेता मौजूद थे.''

    उन्होंने कहा, ''पिछले कई सालों से राजनेता चुनाव से ठीक पहले समान नागरिक संहिता का मुद्दा उठाते रहे हैं. इस बार भी यह मुद्दा 2024 चुनाव से पहले सामने आया है.''

    ''मैंने हमेशा कहा है कि यूसीसी न केवल मुसलमानों बल्कि देश में रहने वाले हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, यहूदी, पारसी और अन्य छोटे अल्पसंख्यकों को भी प्रभावित करेगा. भारत एक ऐसा देश है जहां हर सौ किमी की दूरी पर भाषा बदल जाती है. तो, हम सभी समुदायों के लिए समान नियम कैसे बना सकते हैं? प्रत्येक समुदाय में प्रार्थना करने, अनुष्ठान करने और विवाह जैसे समारोह आयोजित करने का एक अलग तरीक़ा है. अपनी आस्था और जीवन शैली का पालन करने की स्वतंत्रता संविधान द्वारा सभी को दी गई है.''

    क्या है समान नागरिक संहिता?

    शादी, तलाक़, उत्तराधिकार और गोद लेने के मामलों में भारत में विभिन्न समुदायों में उनके धर्म, आस्था और विश्वास के आधार पर अलग-अलग क़ानून हैं.

    हालांकि, देश की आज़ादी के बाद से समान नागरिक संहिता या यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) की मांग चलती रही है. इसके तहत इकलौता क़ानून होगा जिसमें किसी धर्म, लिंग और लैंगिक झुकाव की परवाह नहीं की जाएगी.

  11. नमस्कार!

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